Tuesday, February 3, 2026
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35 के बाद शराब पीने से बढ़ता है Heart Attack और लिवर डैमेज का खतरा, जानिए क्यों है ज्यादा खतरनाक?

मिडिल एज यानि कि 35 साल के बाद शराब पीना सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में शराब पचाने और सहन करने की क्षमता कम हो जाती है। यह समय ऐसा होता है जब कई गंभीर बीमारियां जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल और लिवर की बीमारियां पहले से मौजूद हो सकती हैं। शराब इन बीमारियों को और बढ़ा सकती है।

कैंसर और दिल की बीमारियां: मिडिल एज में शराब पीने से कैंसर और दिल की बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।
– लिवर पर असर: लंबे समय तक शराब का सेवन लिवर को कमजोर कर देता है। लिवर सही से काम नहीं कर पाता जिससे शरीर में कई और समस्याएं हो सकती हैं।
– अंदरूनी ब्लीडिंग: इस आयु के लोग अक्सर खून पतला करने वाली दवाइयां लेते हैं। शराब पीने से इन दवाओं का प्रभाव बढ़ सकता है जिससे अंदरूनी खून बहने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

शराब के नशे का असर

– तेज धड़कन और हार्ट फेल का खतरा: मिडिल एज में शराब पीने से दिल की धड़कन असामान्य रूप से बढ़ सकती है जिससे हार्ट अटैक या हार्ट फेल जैसी स्थिति हो सकती है।
– नींद पर असर: शराब नींद के चक्र को बिगाड़ देती है जिससे अगली सुबह थकान और बेचैनी महसूस होती है।

उम्र के साथ बदलता शरीर

– मांसपेशियों पर प्रभाव: 30-35 साल की उम्र के बाद मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। शराब पीने से यह कमजोरी और बढ़ सकती है।
– धीमा मेटाबॉलिज्म: शराब खून में अधिक समय तक बनी रहती है जिससे गिरने और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टरों की सलाह

जॉन्स हॉपकिन्स पब्लिक हेल्थ स्कूल के एसोसिएट प्रोफेसर जोहान्स थुल का कहना है कि युवा अवस्था में शरीर जल्दी रिकवर कर लेता है लेकिन मिडिल एज में ऐसा नहीं हो पाता। इस उम्र में शराब पीने के बाद अगला दिन अधिक कठिन हो जाता है।

क्या करें?

: शराब का सेवन कम से कम करें या पूरी तरह बंद कर दें।
: अगर पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है तो डॉक्टर से सलाह लें।
: स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और शराब की जगह स्वस्थ पेय पदार्थों का सेवन करें।

बता दें कि मिडिल एज में सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। शराब से दूरी बनाकर लंबी और स्वस्थ जिंदगी जीने की ओर कदम बढ़ाएं।

Special Train: महाकुंभ 2025 के तहत 20+ स्पेशल ट्रेनों का संचालन आज से, देखिए ट्रेन नंबर और समय

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आज से महाकुंभ 2025 की शुरुआत हो गई है। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुन और सरस्वती नदियों के संगम पर पवित्र स्नान करने के लिए पहुंचे हैं। महाकुंभ के दौरान विशेष रूप से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए राज्य सरकार और भारतीय रेलवे ने व्यापक तैयारी की है। रेलवे ने यात्रियों को सुगम यात्रा प्रदान करने के लिए कई स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। इस वर्ष, रेलवे महाकुंभ के लिए कुल 13,000 स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने की योजना बना रहा है, जिसमें 10,000 नियमित ट्रेनें और 3,000 विशेष ट्रेनें शामिल होंगी।

रेलवे द्वारा चलाए गए स्पेशल ट्रेनें
महाकुंभ के आयोजन के लिए रेलवे ने आज से 20 से ज्यादा विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। ये ट्रेनें प्रमुख शहरों से प्रयागराज और आसपास के इलाकों के लिए चलेंगी, जिससे श्रद्धालुओं को कुंभ मेला क्षेत्र में पहुंचने में आसानी होगी। इन विशेष ट्रेनों का संचालन प्रमुख स्टेशनों से किया जाएगा, जिनमें बनारस, गोरखपुर, छपरा, थावे, आजमगढ़ और अन्य स्थानों से ट्रेनों का संचालन शामिल है। नीचे दी गई सूची में इन स्पेशल ट्रेनों के विवरण को विस्तार से दिया गया है:

स्पेशल ट्रेनें और उनका समय
1. गाड़ी संख्या 05105: बनारस से प्रयागराज रामबाग, 12:30 बजे
2. गाड़ी संख्या 05107: बनारस से प्रयागराज रामबाग, 8:30 बजे (रात)
3. गाड़ी संख्या 05109: बनारस से झूसी, 08:00 बजे
4. गाड़ी संख्या 05113: बनारस से झूसी, 5:20 बजे (शाम)
5. गाड़ी संख्या 05115: बनारस से झूसी, 8:00 बजे (रात)
6. गाड़ी संख्या 05111: बनारस से झूसी, 4:45 बजे (शाम)
7. गाड़ी संख्या 05112: झूसी से बनारस, 9:00 बजे (रात)

गोरखपुर से झूसी जाने वाली ट्रेनें
1. गाड़ी संख्या 05177: गोरखपुर से झूसी, 3:00 बजे
2. गाड़ी संख्या 05179: गोरखपुर से झूसी, 10:30 बजे
3. गाड़ी संख्या 05178: झूसी से गोरखपुर, 2:15 बजे
4. गाड़ी संख्या 05180: झूसी से गोरखपुर, 11:00 बजे (रात)
5. गाड़ी संख्या 05185: गोरखपुर से प्रयागराज रामबाग, 8:30 बजे (रात)
6. गाड़ी संख्या 05186: प्रयागराज रामबाग से गोरखपुर, 8:30 बजे (रात)

अन्य प्रमुख स्पेशल ट्रेनें  
1. गाड़ी संख्या 05125: छपरा से प्रयागराज, 10:05 बजे
2. गाड़ी संख्या 05126: प्रयागराज रामबाग से छपरा, 9:55 बजे (रात)
3. गाड़ी संख्या 05163: थावे से झूसी, 3:30 बजे
4. गाड़ी संख्या 05164: झूसी से थावे, 10:00 बजे
5. गाड़ी संख्या 05121: दोहरीघाट से प्रयागराज रामबाग, 8:00 बजे (रात)
6. गाड़ी संख्या 05122: प्रयागराज रामबाग से दोहरीघाट, 9:45 बजे (रात)
7. गाड़ी संख्या 05101: आजमगढ़ से झूसी, 11:45 बजे (रात)
8. गाड़ी संख्या 05102: झूसी से आजमगढ़, 8:40 बजे
9. गाड़ी संख्या 05159: भटनी से झूसी, 9:00 बजे

महाकुंभ के लिए पूर्वी रेलवे और अन्य रेलवे जोन का योगदान
इस बार महाकुंभ के आयोजन के लिए पूर्वी रेलवे ने 42 जोड़ी ट्रेनों का ऐलान किया है। इसके साथ ही, भारतीय रेलवे ने कुंभ मेले से पहले और बाद के लिए करीब 13,000 स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने की योजना बनाई है, ताकि यात्रियों को अधिकतम सुविधाएं मिल सकें। इनमें से 10,000 नियमित ट्रेनें और 3,000 विशेष ट्रेनें होंगी।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम
महाकुंभ के दौरान रेलवे द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। साथ ही, रेलवे ने यात्रियों के लिए सुलभता के साथ-साथ स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं, और मार्गदर्शन हेतु सहायता केंद्र भी स्थापित किए हैं। इसके अलावा, यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं।

महाकुंभ ग्राम में टेंट सिटी की व्यवस्था  
IRCTC ने भी महाकुंभ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज में ‘महाकुंभ ग्राम टेंट सिटी’ की व्यवस्था की है। यहां श्रद्धालुओं को रहने, भोजन, और अन्य सुविधाओं की सुविधा मिलेगी। महाकुंभ मेला भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इस वर्ष इसके आयोजन में रेलवे के सहयोग से लाखों श्रद्धालुओं को सुविधाजनक यात्रा मिल रही है।

पंजाब के स्कूलों को जारी हुई Last Warning, होने जा रही बड़ी कार्रवाई

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सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) ने सभी एफिलिएटिड स्कूलों से शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता और अन्य आवश्यक जानकारी मांगी है लेकिन हैरानी वाली बात यह है कि कई स्कूल इसको गंभीरता से नहीं ले रहे और अध्यापकों की योग्यता के बारे में बोर्ड को जानकारी नहीं भेज रहे। ऐसे लापरवाह स्कूलों पर सी.बी.एस.ई. भी सख्ती करने के मूड में है और एक महीने के भीतर अगर स्कूलों में डिटेल नहीं भेजी तो करवाई होनी तय है।

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों को इन जानकारियों को बोर्ड की वैबसाइट पर दिए गए फॉर्मैट में 30 दिनों के भीतर अपलोड करना होगा। सी.बी.एस.ई. का यह कदम स्कूलों की प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। 4 साल पहले यानी 2021 में भी सी.बी.एस.ई. ने इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। स्कूलों से कहा गया था कि वे अपनी ऑफिशियल वैबसाइट पर शिक्षकों और अन्य जानकारियों को निर्धारित फॉर्मैट में उपलब्ध कराएं। इसके बाद मई 2021 में एक रिमाइंडर भी भेजा गया था। हालांकि, कई स्कूलों ने इन निर्देशों का पालन किया लेकिन कुछ स्कूल अब भी पीछे हैं। इसी कारण सी.बी.एस.ई. ने अब 30 दिन की समय-सीमा तय करते हुए अंतिम चेतावनी जारी की है।

वैबसाइट ही नहीं है तैयार
सी.बी.एस.ई. के नए निर्देशों के अनुसार यदि तय समय-सीमा के भीतर स्कूल वैबसाइट पर उक्त जानकारी अपलोड नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, पैनल्टी लगाए जाने का प्रावधान भी किया गया है। ताज्जुब की बात यह है कि कई स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने अपनी वैबसाइट तक भी पूरी तरह से तैयार नहीं की है।

मैंडेटरी पब्लिक डिस्क्लोजर में क्या है शामिल?
बोर्ड ने जिन जानकारियों को अनिवार्य बताया है उनमें स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर, बिल्डिंग सेफ्टी, फायर सेफ्टी सर्टीफिकेट जैसी जानकारियों के साथ-साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता, शिक्षक-छात्र अनुपात, स्पैशल एजुकेटर्स और वैलनैस टीचर्स की जानकारी शामिल है। इसके अलावा स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर पिछले 3 वर्षों के 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम भी अपलोड करने होंगे। बोर्ड के मुताबिक यह कदम स्कूलों के शैक्षणिक और वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

Laurene Powell Jobs को महाकुंभ 2025 में मिला ‘कमला’ नाम, यह गोत्र भी हुआ प्राप्त

एप्पल के दिवंगत सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स महाकुंभ 2025 में हिस्सा लेने के लिए भारत आई हैं। इस दौरान उन्हें उनके गुरु स्वामी कैलाशानंद द्वारा हिंदू धर्म में दीक्षा दी गई, जिसके तहत उन्हें ‘कमला’ नाम और ‘अच्युत’ गोत्र प्रदान किया गया है। स्वामी कैलाशानंद, जो निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं, ने बताया कि लॉरेन की सनातन धर्म में गहरी रुचि है और वह उन्हें अपने पिता जैसा मानती हैं, जबकि स्वामी कैलाशानंद ने उन्हें अपनी बेटी की तरह स्वीकार किया है।

लॉरेन वर्तमान में वाराणसी में हैं और 13 जनवरी को प्रयागराज पहुंचेंगी, जहां वह महाकुंभ के दौरान स्वामी कैलाशानंद के शिविर में रहकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगी। लॉरेन महाकुंभ के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी, जिसमें शाही स्नान (14 जनवरी) और मौनी अमावस्या (29 जनवरी) के अवसर पर विशेष स्नान शामिल है। स्वामी कैलाशानंद ने बताया कि लॉरेन इस बार संन्यासी की तरह महाकुंभ में हिस्सा लेंगी और वह अखाड़े की पेशवाई रस्म में भी शामिल होंगी।

लॉरेन का भारत में यह दूसरा दौरा है, और इस दौरान वह भारत की आध्यात्मिक परंपराओं को और गहराई से समझने का प्रयास कर रही हैं। इससे पहले, 11 जनवरी को उन्होंने वाराणसी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा की थी। उनके साथ उनके गुरु स्वामी कैलाशानंद भी थे। मंदिर के बाहर शिवलिंग के दर्शन किए गए, क्योंकि भगवान शिव के पवित्र प्रतीक को छूने की अनुमति किसी अन्य हिंदू को नहीं है।

स्वामी कैलाशानंद ने महाकुंभ में लॉरेन के आगमन पर कहा, “हमने उनका नाम कमला रखा है और वह हमारे लिए बेटी जैसी हैं। वह अपनी आध्यात्मिक यात्रा पर भारत आई हैं और हम उनका स्वागत करते हैं।” महाकुंभ के इस विशेष अवसर पर, लॉरेन पॉवेल जॉब्स का भारत में आध्यात्मिक यात्रा का यह चरण काफी महत्वपूर्ण होगा।

Dollar vs Rupee: गिरता ही जा रहा है रुपया… डॉलर के मुकाबले रुपया और टूटा

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डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, रुपया गिरकर 86.29 पर आ गया है। यह गिरावट भारतीय मुद्रा के लिए चिंता का विषय है और अर्थव्यवस्था पर कई तरह के असर डाल सकती है।

रुपये की गिरावट के मुख्य कारण:
अमेरिकी डॉलर की मजबूती: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और डॉलर में भारी निवेश।
तेल और अन्य आयात खर्च: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने व्यापार घाटे को बढ़ा दिया है।
विदेशी पूंजी निकासी: विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पूंजी निकालकर डॉलर में निवेश कर रहे हैं।
वैश्विक अनिश्चितताएं: रूस-यूक्रेन युद्ध और अन्य भू-राजनीतिक तनावों ने भी निवेशकों का रुख डॉलर की ओर किया है।

गैर-डिलीवेरेबल फॉरवर्ड (NDF) बाजार में भी गिरावट
खबरें हैं कि गैर-डिलीवेरेबल फॉरवर्ड (NDF) बाजार में रुपया 86 का स्तर पार कर गया। रुपये की कमजोरी का प्रमुख कारण विदेशी निवेशकों द्वारा घरेलू शेयर बाजार में भारी बिकवाली है। जनवरी में अब तक उन्होंने ₹21,357 करोड़ मूल्य के शेयर बेचे हैं।

विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, 3 जनवरी को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $5.693 बिलियन घटकर $634.585 बिलियन रह गया।

डॉलर की मजबूती का कारण
डॉलर की मांग बढ़ने से अमेरिकी मुद्रा मजबूत हो रही है। इसके पीछे नई अमेरिकी सरकार द्वारा संभावित व्यापार प्रतिबंधों की घोषणा की अटकलें हैं, जो 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद लागू हो सकती हैं। इस गिरावट से घरेलू अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, रिजर्व बैंक रुपये की स्थिति को स्थिर रखने के लिए लगातार कदम उठा रहा है।

Delhi Airport पर भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के साथ बदसलूकी, छूटी फ्लाइट, IndiGo Staff पर आरोप

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टीम इंडिया के उभरते हुए स्टार बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने दिल्ली एयरपोर्ट पर हुए बुरे अनुभव के बारे में सोशल मीडिया पर बताया। उन्होंने कहा कि इंडिगो एयरलाइंस और उसके स्टाफ के बर्ताव ने उन्हें बेहद निराश किया। उन्होंने काउंटर मैनेजर पर खास तौर पर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी लापरवाही और बदतमीजी के कारण उनकी फ्लाइट छूट गई।

क्या हुआ दिल्ली एयरपोर्ट पर?

अभिषेक शर्मा के मुताबिक वह अपनी फ्लाइट पकड़ने के लिए समय पर एयरपोर्ट पहुंचे थे लेकिन काउंटर पर मौजूद मैनेजर सुष्मिता मित्तल ने बिना किसी वजह के उन्हें दूसरे काउंटर पर जाने को कहा। इस प्रक्रिया में उनकी फ्लाइट छूट गई। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास केवल एक दिन की छुट्टी थी जो इस घटना के कारण पूरी तरह बर्बाद हो गई।

अभिषेक ने कहा कि इंडिगो एयरलाइंस ने फ्लाइट छूटने के बाद उन्हें कोई मदद नहीं दी। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का सबसे बुरा एयरलाइंस अनुभव बताया।

इंग्लैंड के खिलाफ T20 में नजर आएंगे अभिषेक शर्मा

अभिषेक शर्मा हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली T20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने गए हैं। इस बात की संभावना है कि वह संजू सैमसन के साथ पारी की शुरुआत कर सकते हैं। अभिषेक का हालिया प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में लगातार रन बनाए हैं और इन टूर्नामेंटों में वह टॉप 10 बल्लेबाजों में शामिल रहे। भारतीय टीम को उम्मीद है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ भी अपनी बेहतरीन फॉर्म जारी रखेंगे।

इंडिगो एयरलाइंस पर सवाल

अभिषेक शर्मा के इस बयान के बाद इंडिगो एयरलाइंस पर सवाल खड़े हो गए हैं। एयरलाइंस की ओर से अभी तक इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। खिलाड़ी के साथ हुए इस तरह के व्यवहार से फैंस और सोशल मीडिया पर भी नाराजगी देखने को मिल रही है।

अभिषेक शर्मा की इस घटना ने खिलाड़ियों के साथ एयरलाइंस में होने वाले बर्ताव पर एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

Rolls-Royce cars: न अंबानी, न अडानी… भारत में इस शख्स के पास सबसे ज्यादा हैं रोल्स रॉयस

रोल्स-रॉयस गाड़ियों का नाम आते ही लग्ज़री और अनोखी डिजाइन की छवि मन में बनती है। भारत में ये कारें तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं, लेकिन इनकी ऊंची कीमतें इसे आम लोगों की पहुंच से बाहर रखती हैं। जहां मुकेश अंबानी और उनका परिवार रोल्स-रॉयस जैसी लग्ज़री कारों के लिए मशहूर है, वहीं सबसे अधिक रोल्स-रॉयस का मालिकाना हक किसी और के पास है।

सबसे ज़्यादा रोल्स-रॉयस किसके पास?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के सबसे बड़े कार संग्रहकर्ताओं में से एक योहान पूनावाला के पास सबसे अधिक रोल्स-रॉयस कारें हैं। हाल ही में उन्होंने अपने शानदार संग्रह में रोल्स-रॉयस फैंटम VIII एक्सटेंडेड व्हीलबेस (EWB) को शामिल किया। इस कस्टम-ऑर्डर कार ने अपनी अनूठी डिज़ाइन और फीचर्स के चलते काफी सुर्खियां बटोरीं।

योहान पूनावाला की यह फैंटम VIII EWB अपने बोहेमियन रेड एक्सटीरियर और कस्टम पेंटेड “P” प्रतीक के साथ सबसे अलग है। इसकी प्रमुख खूबियों में शामिल हैं:

  • सॉलिड गोल्ड स्पिरिट ऑफ़ एक्स्टसी
  • 22 इंच के ब्रश्ड सिल्वर डिश प्लेट एलॉय व्हील्स
  • कस्टम-डिज़ाइन की गई ग्रिल और स्टारलाइट हेडलाइट्स

कार में 6.75-लीटर V12 ट्विन-टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन है, जो 571 बीएचपी और 900 एनएम का टॉर्क देता है। इसे भारत की सबसे महंगी कार माना जा रहा है, जो नीता अंबानी की फैंटम VIII EWB को पीछे छोड़ सकती है।

पूनावाला का रोल्स-रॉयस संग्रह

योहान पूनावाला का कारों के प्रति जुनून बेजोड़ है। उनके बेड़े में 22 रोल्स-रॉयस कारें हैं, जिनमें आधुनिक और विंटेज मॉडल दोनों शामिल हैं। इनमें से कुछ प्रमुख कारें हैं:

  • रोल्स-रॉयस स्पेक्ट्रे इलेक्ट्रिक कूप
  • दो फैंटम VII EWB
  • दो फैंटम ड्रॉपहेड कन्वर्टिबल

उनके संग्रह में चार्ट्रूज मैटेलिक ग्रीन शेड में रोल्स-रॉयस स्पेक्ट्रे इलेक्ट्रिक कूप भी शामिल है, जो 530 किमी की रेंज देती है।

योहान पूनावाला का यह संग्रह दर्शाता है कि भारत में रोल्स-रॉयस का जादू सिर्फ अंबानी या अदाणी परिवार तक सीमित नहीं है। उनका यह जुनून उन्हें लग्ज़री कार प्रेमियों की दुनिया में सबसे खास बनाता है।

Mahakumbh: सीएम योगी और पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं को दी महाकुंभ और पौष पूर्णिमा की बधाई

उत्तर प्रदेश तीर्थराज प्रयाग में महाकुंभ 2025 का शुभारंभ हो चुका है। पावन संगम तट पर प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा सोमवार सूर्य की किरणें फूटने से पहले ब्रम्ह मुहूर्त में शुरू हो गया। आधी रात से ही श्रद्धालु मेला क्षेत्र में विभिन्न रास्तों से प्रवेश करने लगे और संगम पर भीड़ बढ़ने लगी। हर हर गंगे और जय गंगा मैया के घोष के बीच स्नान शुरू हुआ और  श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। महाकुभ की शुरुआत और पौष पूर्णिमा पर पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी है।

मां गंगा आप सभी की मनोकामना पूर्ण करेंः योगी 
सीएम योगी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ” पौष पूर्णिमा की बधाई। विश्व के विशालतम आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समागम ‘महाकुम्भ’ का आज से तीर्थराज प्रयागराज में शुभारंभ हो रहा है। अनेकता में एकता की अनुभूति के लिए, आस्था एवं आधुनिकता के संगम में साधना एवं पवित्र स्नान के लिए पधारे सभी पूज्य सन्तों, कल्पवासियों, श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत है। माँ गंगा आप सभी की मनोकामना पूर्ण करें।महाकुम्भ प्रयागराज के शुभारंभ एवं प्रथम स्नान की मंगलमय शुभकामनाएं। सनातन गर्व-महाकुम्भ पर्व।

पीएम मोदी ने दी बधाई
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ”पौष पूर्णिमा पर पवित्र स्नान के साथ ही आज से प्रयागराज की पुण्यभूमि पर महाकुंभ का शुभारंभ हो गया है। हमारी आस्था और संस्कृति से जुड़े इस दिव्य अवसर पर मैं सभी श्रद्धालुओं का हृदय से वंदन और अभिनंदन करता हूं। भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का यह विराट उत्सव आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करे, यही कामना है।”

Adani Vs Ambani: Adani ने Ambani को पछाड़ा…. Mukesh Ambani की लिस्टेड कंपनियों से आगे निकला Adani Group

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विलय-अधिग्रहण के क्षेत्र में अदाणी और अंबानी समूहों के बीच वर्षों से जारी प्रतिस्पर्धा ने 2024 में एक नया मोड़ लिया। अदाणी समूह ने 2024 में 6.32 अरब डॉलर के सौदों के साथ रिलायंस समूह को पीछे छोड़ दिया, जिसने इस दौरान 3.14 अरब डॉलर के सौदे किए।

2023 में हालांकि, रिलायंस समूह ने 8.77 अरब डॉलर के सौदों के साथ वर्चस्व कायम किया था, जबकि अदाणी समूह ने मात्र 1.73 अरब डॉलर के सौदे किए। लेकिन 2024 में अदाणी समूह ने सीमेंट और अन्य क्षेत्रों में अपने बड़े निवेशों के साथ बढ़त हासिल की।

विलय-अधिग्रहण में शीर्ष समूहों का प्रदर्शन
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में भारत के शीर्ष 5 समूहों की सूचीबद्ध कंपनियों ने 15.28% हिस्सेदारी के साथ 98.7 अरब डॉलर के सौदों को अंजाम दिया। टाटा और आदित्य बिड़ला समूहों ने क्रमश: 1.7 अरब डॉलर और 1.6 अरब डॉलर के सौदे किए।

अंतरराष्ट्रीय विस्तार और निजी निवेशकों की भूमिका
निजी इक्विटी और सॉवरिन निवेशकों ने 2024 में प्रमुख भूमिका निभाई। भारती ग्लोबल ने ब्रिटेन की बीटी ग्रुप में 4 अरब डॉलर का निवेश कर विदेशी बाजारों में सबसे बड़ा सौदा किया। वहीं, अदाणी समूह ने सीमेंट क्षेत्र में अंबुजा सीमेंट्स के जरिए 1.2 अरब डॉलर में पेन्ना सीमेंट और 44 करोड़ डॉलर में ओरियंट सीमेंट में हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया।

2025 की संभावनाएं और उद्योग का भविष्य
विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 में भारतीय कारोबारी समूहों के विलय-अधिग्रहण प्रयासों में और तेजी आने की संभावना है। पीडब्ल्यूसी इंडिया के भाविन शाह ने कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए यह क्षेत्र रणनीतिक वृद्धि और विविधीकरण की ओर बढ़ रहा है।

कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के सौरव मलिक ने कहा कि भारत में विलय-अधिग्रहण गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। भू-राजनीतिक जरूरतें, अनिश्चितताएं, और बढ़ती ब्याज दरें इस क्षेत्र को प्रभावित कर रही हैं। भारतीय समूह वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10 में शामिल हो रहे हैं, जो उनकी बढ़ती ताकत का प्रमाण है।

2024 में भारतीय बाजारों में हुई गतिविधियां यह दर्शाती हैं कि भारतीय कंपनियां न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी स्थिति मजबूत करने में सफल हो रही हैं।

Gold Silver Price on 13 January: सप्ताह के पहले दिन Gold खरीदने वालों को झटका, बढ़ गए दाम, चांदी में आई गिरावट

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बीते सप्ताह सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव रहने बाद आज सप्ताह के पहले दिन सोने की कीमत में तेजी आई है। जबकि चांदी में 0.37 फीसदी की गिरावट। सोमवार (13 जनवरी) को MCX पर सोने का भाव 0.27 फीसदी की तेजी के साथ 78,584 रुपए जबकि चांदी 92,161 रुपए पर कारोबार कर रही है।

शुक्रवार को सर्राफा बाजार का हाल

शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 250 रुपए बढ़कर 80,550 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। रुपए के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद फुटकर विक्रेताओं और स्टॉकिस्टों की सतत लिवाली के साथ सोने के दाम में तेजी आई। पिछले सत्र में सोने की कीमत 80,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। हालांकि, शुक्रवार को चांदी 93,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही और यह 250 रुपए बढ़कर 80,150 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया।

2024 में गोल्ड ने 20% और सिल्वर ने 17% का रिटर्न दिया

बीते साल सोने का भाव 20.22% बढ़ा। वहीं, चांदी की कीमत में 17.19% की बढ़ोतरी हुई। 1 जनवरी 2024 को सोना 76,583 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो 31 दिसंबर 2024 को 76,948 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं इस दौरान, एक किलो चांदी की कीमत 73,395 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 86,017 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

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