Monday, February 2, 2026
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पंजाब से दौड़ लगाकर अयोध्या पहुंचा 6 साल का बच्चा, राम मंदिर पहुंचे देशी टार्जन

राम लला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की पहली वर्षगांठ से पूर्व पंजाब से 1,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर छह वर्षीय धावक यहां पहुंचा। वहीं अपनी अनूठी जीवनशैली के लिए देसी ‘टार्जन’ नाम से विख्यात व्यक्ति भी दर्शन की अभिलाषा से यहां पहुंचा है। राम मंदिर न्यास के मीडिया सेंटर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, छह वर्षीय लड़का मोहब्बत, पंजाब के फाजिल्का जिले में किलियांवाली गांव से अयोध्या के लिए निकला और दौड़ लगाकर अयोध्या पहुंचने में उसे एक महीने और 23 दिन लगे।

इस पूरी यात्रा के दौरान, ‘यूकेजी’ के इस छात्र ने राम मंदिर आने के अपने सपने को पूरा करने के लिए 1,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की। उसके अभिभावक, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के निरंतर संपर्क में रहे जिससे उसका सुरक्षित सफर सुनिश्चित हो सके। वहीं, देसी ‘टार्जन’ के तौर पर मशहूर संजय सिंह एक अन्य असाधारण आगंतुक हैं जिन्हें उनकी एक अलग जीवनशैली के लिए जाना जाता है। हरियाणा के पलवल के रहने वाले सिंह अनाज से परहेज करते हैं और गाय के दूध पर जीवित हैं।

विज्ञप्ति के मुताबिक, वह साबुन के बजाय गाय के गोबर से स्नान करते हैं और दैनिक दिनचर्या के तहत गोमूत्र का सेवन करते हैं। हर सुबह और शाम सिंह 5,000 दंड बैठक लगाते हैं और उनके नाम पर ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ समेत 13 रिकॉर्ड दर्ज हैं। अयोध्या में वह भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह बल्ले के घर ठहरे हैं। दोनों आगंतुकों के 11 जनवरी को अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का कार्यक्रम है।

चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम इंडिया का बड़ा फैसला, 15 महीने बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करेगा ये खिलाड़ी

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भारत के लिए 2025 का सबसे बड़ा क्रिकेट मिशन चैंपियंस ट्रॉफी है, जो पाकिस्तान की मेज़बानी में 19 फरवरी से शुरू होगी। इस टूर्नामेंट के सभी मैच दुबई में खेले जाएंगे। इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट की तैयारियों के लिए भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है, जो 6 फरवरी से शुरू होगी। बीसीसीआई जल्द ही इंग्लैंड सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर सकता है और इसी बीच टीम इंडिया से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है।

मोहम्मद शमी की वापसी: 15 महीने बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में
एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज से 15 महीने बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के बाद से शमी चोट के कारण क्रिकेट से बाहर थे, लेकिन अब वह पूरी तरह से फिट होकर भारतीय टीम का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं। शमी की वापसी टीम इंडिया के लिए एक बड़ी राहत होगी, खासकर चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी के संदर्भ में।

चोट के कारण 15 महीने का ब्रेक
मोहम्मद शमी को 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान दाहिनी एड़ी में चोट लगी थी। इसके बाद, उन्हें फरवरी 2024 में टखने की सर्जरी करवानी पड़ी। सर्जरी के बाद शमी क्रिकेट से दूर रहे हालांकि उन्होंने हाल ही में घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है और विजय हजारे ट्रॉफी में अच्छा खेल दिखाया है। शमी के फिटनेस पर ध्यान देने के लिए बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने उनकी निगरानी की और अब उनकी वापसी टीम इंडिया के लिए एक महत्वपूर्ण विकास है।

ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले भी आई थी वापसी की उम्मीदें
इससे पहले, मोहम्मद शमी को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भेजने की खबरें आई थीं लेकिन बीसीसीआई ने एक प्रेस रिलीज में यह स्पष्ट किया था कि शमी को ऑस्ट्रेलिया नहीं भेजा जाएगा। बीसीसीआई ने कहा था कि शमी की दाहिनी एड़ी की सर्जरी के बाद उनकी स्थिति की बारीकी से निगरानी की जा रही थी और हालांकि उनकी एड़ी ठीक हो चुकी थी लेकिन उनके घुटने में हल्की सूजन थी।

2023 वनडे वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन
मोहम्मद शमी ने 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 7 मैचों में 24 विकेट चटकाए, जिसमें तीन बार उन्होंने 5 विकेट हॉल भी लिया। शमी ने सबसे कम मैचों में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया था। उनका प्रदर्शन वर्ल्ड कप के दौरान बेहतरीन था और उनकी वापसी से टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी में भी एक अनुभवी और प्रभावशाली गेंदबाज मिलेगा, जो किसी भी मैच को पलटने की क्षमता रखता है।

चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अहम भूमिका
मोहम्मद शमी की वापसी से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलेगी। चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान उनकी भूमिका अहम हो सकती है क्योंकि वह अपनी तेज गेंदबाजी और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। शमी की मौजूदगी टीम इंडिया के लिए एक बड़ी मजबूती साबित हो सकती है खासकर जब यह टूर्नामेंट पाकिस्तान के मेज़बानी में खेला जाएगा और भारत-पाकिस्तान मुकाबले के लिए अतिरिक्त दबाव होगा।

इस प्रकार मोहम्मद शमी की वापसी भारतीय टीम के लिए न केवल चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी को बल देती है, बल्कि एक और बड़े टूर्नामेंट में भारत को एक शीर्ष तेज गेंदबाज मिलने की उम्मीद भी जगाती है।

ट्रांसफॉर्मर ही चुरा ले गए चोर, UP के इस गांव में 25 दिन से बिजली नहीं; टेंशन में छात्र

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के उघैती क्षेत्र में सोरहा गांव के लोग 250 केवीए के ट्रांसफॉर्मर की चोरी के बाद 14 दिसंबर से बिना बिजली के रहे हैं। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार चोरों ने पास के खेतों से ट्रांसफॉर्मर को उखाड़ दिया, उसके पुर्जे और अन्य कीमती सामानों को चुरा लिया और फिर वे भाग गए। बिजली विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस और बिजली विभाग ने जांच शुरू की, लेकिन 25 दिन बीत जाने के बाद भी गांव में कोई नया ट्रांसफॉर्मर नहीं लगाया गया है। इससे ग्रामीणों में निराशा बढ़ रही है, जिन्हें अब बिजली न होने के कारण कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब पांच हजार की आबादी वाला यह गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। सबसे ज्यादा प्रभावित विद्यार्थी हैं जो फरवरी में शुरू होने वाली उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली के बिना विद्यार्थी रात में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ रहा है।

ग्राम प्रधान सतपाल सिंह ने कहा, “बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ‘इनवर्टर’ और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी ज़रूरतें भी उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।” उघैती बिजली उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर अशोक कुमार ने कहा, “ट्रांसफार्मर चोरी के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। एक-दो दिन में नया ट्रांसफार्मर लगा दिया जाएगा।”

पाकिस्तान की ‘प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी’ मान्यता पर संकट, यू.एस. हाउस में नया विधेयक पेश

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अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक बार फिर पाकिस्तान को प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी (Major Non-NATO Ally) के रूप में मान्यता समाप्त करने का विधेयक पेश किया गया है। रिपब्लिकन कांग्रेसी एंडी बिग्स द्वारा लाए गए इस विधेयक में पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें विशेष रूप से हक्कानी नेटवर्क का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि पाकिस्तान को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी जमीन आतंकवादी संगठनों के लिए सुरक्षित पनाहगाह न बने।

अफगान-पाक सीमा पर समन्वय अनिवार्य
विधेयक में यह शर्त जोड़ी गई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति तब तक पाकिस्तान को ‘प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी’ का प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकते, जब तक पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क और अन्य आतंकवादी संगठनों के खिलाफ निर्णायक सैन्य अभियान नहीं चलाता। इसके साथ ही, पाकिस्तान को अफगान सरकार के साथ समन्वय करते हुए अफगान-पाक सीमा पर आतंकवादियों की आवाजाही रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

विधेयक का इतिहास
एंडी बिग्स ने इस विधेयक को पहली बार जनवरी 2019 में पेश किया था और इसके बाद इसे हर कांग्रेस सत्र में पेश किया गया है। हालांकि, अब तक इस प्रस्ताव को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। इस बार पेश किए गए विधेयक में हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई की शर्तों को प्रमुखता दी गई है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर प्रभाव
अगर यह विधेयक पारित होता है, तो पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी के रूप में मान्यता मिलने से पाकिस्तान को अमेरिकी सैन्य सहायता और तकनीकी सहयोग प्राप्त होता है। यह प्रस्ताव इन सुविधाओं को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

Maha Kumbh : संगम में डुबकी लगाएंगी स्टीव जॉब्स की पत्नी, करेंगी सनातन धर्म की परंपराओं का अनुभव

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प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ में साधु-संतों के साथ कई अरबपति महिलाएं और जानी-मानी हस्तियां हिस्सा लेंगी। इनमें स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल, इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति, जिंदल समूह की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल और भाजपा सांसद व अभिनेत्री हेमा मालिनी शामिल हैं। यह सभी संगम पर डुबकी लगाकर सनातन धर्म की परंपराओं का अनुभव करेंगी।

लॉरेन पॉवेल करेंगी संगम स्नान और कल्पवास

दिवंगत एपल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल 13 जनवरी को प्रयागराज पहुंचेंगी। 25 अरब डॉलर की संपत्ति की मालिक लॉरेन पौष पूर्णिमा के दिन संगम में पहली डुबकी लगाकर कल्पवास शुरू करेंगी।

ठहरने की व्यवस्था: उनके लिए निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद के शिविर में व्यवस्था की गई है।

सनातन धर्म का अनुभव: लॉरेन 19 जनवरी से शुरू होने वाली कथा की पहली यजमान होंगी और 29 जनवरी तक शिविर में रहकर सनातन धर्म को समझेंगी।

सुधा मूर्ति और सावित्री जिंदल भी होंगी शामिल

सुधा मूर्ति: इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति संगम पर डुबकी लगाएंगी। उनके लिए उल्टा किला के पास एक विशेष कॉटेज तैयार किया जा रहा है।

सावित्री जिंदल: जिंदल समूह की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल के लिए स्वामी अवधेशानंद और चिदानंद मुनि के शिविरों में ठहरने की व्यवस्था की गई है।

हेमा मालिनी का शिविर में प्रवास

भाजपा सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी भी महाकुंभ में शामिल होंगी। वह जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के शिविर में ठहरेंगी और संगम में स्नान करेंगी।

कल्पवास और इसके नियम

महाकुंभ में कल्पवास 30 दिन की एक विशेष साधना है। इसमें कल्पवासी को कई नियमों का पालन करना होता है:

सत्य वचन और अहिंसा का पालन।

इंद्रियों पर नियंत्रण और प्राणियों पर दया।

ब्रह्मचर्य का पालन और व्यसनों का त्याग।

ब्रह्म मुहूर्त में जागना और दिन में तीन बार पवित्र नदी में स्नान।

साधु-संतों की सेवा, जप और संकीर्तन।

एक समय भोजन करना।

महाकुंभ: आस्था और परंपरा का संगम

महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जहां करोड़ों श्रद्धालु, साधु-संत और हस्तियां एकत्रित होती हैं। इस बार महाकुंभ में कई बड़े नामों की उपस्थिति इसे और खास बना रही है। श्रद्धालुओं के लिए शिविरों में विशेष व्यवस्था की गई है। संगम तट पर डुबकी लगाकर हर कोई इस अनोखे अनुभव का हिस्सा बनेगा।

Ukraine के जापोरिज्जिया में Russia ने दागी मिसाइलें, 13 लोगों की मौत, 30 घायल

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रूस ने दक्षिणी यूक्रेन के जापोरिज्जिया शहर पर मिसाइलें दागी जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 अन्य घायल हो गए। यह हमला बुधवार को हुआ और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसे नागरिक क्षेत्रों पर किए गए एक और क्रूर हवाई हमले के रूप में बताया।

मलबे में फंसे लोग 

आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंची जेलेंस्की ने कहा कि इस हमले के दौरान कई लोग मलबे के नीचे दब गए थे और उन्हें बचाने के लिए आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंची। उन्होंने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक पोस्ट की जिसमें नागरिक मलबे से भरी सड़कों पर पड़े हुए दिखाई दे रहे थे। राष्ट्रपति ने इसे नागरिकों पर किए गए हवाई हमलों की क्रूरता का उदाहरण बताया।

हवाई हमले से जुड़ी चेतावनी और तबाही 

जापोरिज्जिया क्षेत्र के गवर्नर इवान फेडोरोव ने कहा कि हमले से कुछ मिनट पहले ही उन्होंने विनाशकारी ग्लाइड बम और मिसाइल हमलों की चेतावनी दी थी। दोपहर में रूसी सैनिकों ने जापोरिज्जिया में ग्लाइड बम गिराना शुरू कर दिया और इनमें से कम से कम दो बम शहर की आवासीय इमारतों पर गिरे। फेडोरोव ने घोषणा की कि गुरुवार को इस क्षेत्र में शोक का दिन होगा।

राष्ट्रपति जेलेंस्की का बयान

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि नागरिकों पर हवाई हमले करना सबसे क्रूर अपराध है। उन्होंने कहा कि यह बेहद जरूरी है कि दुनिया के बाकी देश यूक्रेन को सुरक्षा देने के लिए आगे आएं और इस संघर्ष में यूक्रेन का समर्थन करें।

रूस का बड़ा ड्रोन हमला और यूक्रेनी मिसाइल-ड्रोन शस्त्रागार 

रूस के अधिकारियों ने इस हमले में एक बड़े ड्रोन हमले की बात मानी है और कहा कि उन्होंने लड़ाई के लिए एक आपातकालीन कमांड सेंटर स्थापित किया है। वहीं यूक्रेन ने भी अपनी तरफ से लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन का शस्त्रागार विकसित करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं ताकि वह रूस में पश्चिमी आपूर्ति वाली मिसाइलों से हमला कर सके। यूक्रेन ने ड्रोन और मिसाइलों को अपनी सेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण बनाते हुए सीमाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

रूस के एंगेल्स क्षेत्र में ड्रोन हमले से आग

इससे पहले यूक्रेनी जनरल स्टाफ ने बताया कि रूस के सारातोव क्षेत्र के एंगेल्स में एक भंडारण सुविधा पर ड्रोन हमला हुआ था। इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन ड्रोन के मलबे से एक औद्योगिक संयंत्र में आग लग गई। क्षेत्र के गवर्नर रोमन बुसार्गिन ने कहा कि यह नुकसान मलबे के कारण हुआ था लेकिन इसमें कोई मौत या घायल नहीं हुआ।

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एंगेल्स शहर की स्थिति 

एंगेल्स जो वोल्गा नदी के बाएं किनारे पर स्थित है रूस के परमाणु-सक्षम बमवर्षकों का मुख्य अड्डा भी है। युद्ध के शुरुआती दौर से ही यूक्रेनी ड्रोन हमले इस क्षेत्र को निशाना बना रहे हैं जिससे रूस की सेना को अपने अधिकांश बमवर्षकों को दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा है। एंगेल्स का यह औद्योगिक क्षेत्र रूस के सैन्य संचालन के लिए महत्वपूर्ण है।

अंत में बता दें कि जापोरिज्जिया और एंगेल्स में हुए हमले ने यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष की एक और क्रूर तस्वीर पेश की है। इस हमले ने न केवल नागरिकों की जान ली बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थितियों में और भी वृद्धि हो सकती है जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं।

अमेरिकी संसद में पाकिस्तान के खिलाफ विधेयक पेश

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रिपब्लिकन पार्टी के एक प्रभावशाली सांसद ने एक बार फिर अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में एक विधेयक पेश किया है, जिसमें पाकिस्तान का प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी देश का दर्जा खत्म करने का प्रस्ताव रखा गया है। संसद सदस्य और प्रतिनिधि सभा की न्यायिक समिति की अपराध एवं संघीय सरकार निगरानी उपसमिति के अध्यक्ष एंडी बिग्स ने यह विधेयक पेश किया है, जिसमें कहा गया है कि अगर पाकिस्तान अपने यहां हक्कानी नेटवर्क पर सैन्य कार्रवाई जारी रखता है, तो ही राष्ट्रपति को इस संबंध में प्रमाणपत्र जारी करना चाहिए।

विधेयक में कहा गया है कि यदि राष्ट्रपति प्रमाणपत्र जारी करते हैं तो उसमें यह बताया जाना चाहिए कि पाकिस्तान ने हक्कानी नेटवर्क को पाकिस्तान को सुरक्षित पनाहगाह के रूप में इस्तेमाल करने से रोकने के लिए अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने को लेकर कदम उठाए हैं। साथ ही प्रमाणपत्र में यह भी बताया जाना चाहिए कि पाकिस्तान अफगान-पाक सीमा पर हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठन के सदस्यों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए अफगान सरकार के साथ सक्रिय रूप से समन्वय करता है। बिग्स ने जनवरी 2019 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पहली बार यह विधेयक पेश किया था। इसके बाद कई बार यह विधेयक पेश किया जा चुका है। हालांकि यह विधेयक आगे नहीं बढ़ पाया है।

सेंसेक्स 430 अंक टूटकर,78000 के लेवल से फिसला, निफ्टी 23600 के नीचे

शेयर बाजार में आज यानी गुरुवार (9 जनवरी) को गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स करीब 435 अंक की गिरावट के साथ 77,713 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी में भी करीब 134 अंक की गिरावट है, ये 23,554 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 5 में तेजी और 25 में गिरावट देखी जा रही है। वहीं, निफ्टी के 50 शेयरों में से 29 में तेजी और 21 में गिरावट देखने को मिल रही है।

NSE के सेक्टोरल इंडाइसेज की बात करें तो निफ्टी ऑटो में 0.65% और ऑटो में 0.50% की तेजी है। जबकि अन्य सभी सेक्टर्स में गिरावट है। निफ्टी बैंक में 0.51, फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.53 और निफ्टी PSU यानी सरकारी बैंकों के शेयर में 0.67 की गिरावट है।

कल शेयर बाजार उतार-चढ़ाव के बाद मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ

सेंसेक्स कल यानी 8 जनवरी को 50 अंक की गिरावट के साथ 78,148 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स दिन के निचले स्तर 77,486 से 662 अंक संभला। वहीं निफ्टी भी 18 अंक (-0.08%) की तेजी के साथ 23,688 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी दिन के निचले स्तर 23,496 से 192 अंक रिकवर हुआ।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 14 में तेजी और 16 में गिरावट रही। वहीं, निफ्टी के 50 शेयरों में से 22 में तेजी और 28 में गिरावट देखने मिली। NSE के सेक्टोरल इंडेक्स में ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे ज्यादा 1.54% की तेजी देखने को मिली। जबकि निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे ज्यादा 2.16% गिरावट के साथ बंद हुआ।

NASA High Alert: आज सुबह धरती के पास से गुज़रे 32,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 2 विशाल एस्ट्रॉयड….

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जहां एक ओर पृथ्वी पर भूकंप से तबाही का खतरा मंडरा रहा है, वहीं अंतरिक्ष में एस्ट्रॉयड धरती के लिए हमेशा एक चिंता का विषय बने रहते हैं। आए दिन कोई न कोई एस्ट्रॉयड धरती के पास से गुजरता है, और नासा की स्पेस एजेंसी इन पर लगातार नजर रखती है। आज सुबह भी दो विशालकाय एस्ट्रॉयड धरती के पास से गुजरे, जिन पर नासा की कैलिफोर्निया स्थित जेट प्रपल्शन लैब (JPL) ने कड़ी निगरानी रखी।

एस्ट्रॉयड्स 2024 YW9 और 2024 PT5 नामक चट्टानें आज सुबह काफी करीब से धरती के पास से गुज़रीं। नासा द्वारा इन एस्ट्रॉयड्स के पास आते ही एक अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन अब जब दोनों एस्ट्रॉयड धरती को पार कर चुके हैं, तो यह कहा जा सकता है कि धरती अब सुरक्षित है। दोनों एस्ट्रॉयड्स की दिशा बदलने के बाद अब यह खतरे से बाहर हैं।

एस्ट्रॉयड्स का आकार और गति:

  • पहला एस्ट्रॉयड, 2024 YW9, का आकार लगभग 60 फीट था, जो एक घर के आकार के बराबर था, और यह 28,165 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा था। यह सुबह 4:10 बजे पृथ्वी के पास से लगभग 1,040,000 किलोमीटर की दूरी से गुज़रा। हालांकि यह दूरी पर्याप्त थी, लेकिन यदि इसका रास्ता बदलता, तो यह पृथ्वी से टकरा सकता था।
  • दूसरा एस्ट्रॉयड, 2024 PT5, का आकार छोटा था, लगभग 36 फीट, जो एक बस के आकार के बराबर था। यह 3,691 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धरती के पास मंडरा रहा था और सुबह 7:41 बजे लगभग 1.8 मिलियन किलोमीटर की दूरी से गुजर गया।

धरती के लिए खतरा क्यों नहीं था? इन दोनों एस्ट्रॉयड्स से पृथ्वी को कोई खतरा नहीं था, क्योंकि इनका आकार और गति इतनी अधिक नहीं थी कि ये हमें नुकसान पहुंचा पाते। नासा का मानना है कि 150 मीटर या उससे बड़े आकार के एस्ट्रॉयड्स धरती के लिए खतरनाक हो सकते हैं। छोटे एस्ट्रॉयड्स, जैसे कि आज गुजरे, जब तक उनका रास्ता सौर तूफान से प्रभावित नहीं होता, तब तक वे खतरे का कारण नहीं बनते।

नासा नजदीकी पृथ्वी वस्तुओं (NEOs) का पता लगाने और उनकी दिशा का ट्रैक करने के लिए टेलीस्कोपों के नेटवर्क का उपयोग करता है। कैटालिना स्काई सर्वे और NEOWISE जैसी वेधशालाएं इन एस्ट्रॉयड्स का पता लगाती हैं और संभावित खतरे के बारे में दुनिया को अलर्ट करती हैं।

Maha Kumbh 2025: 40 करोड़ श्रद्धालुओं के साथ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा 2 लाख करोड़ रुपये का बूस्ट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को महाकुंभ 2025 के आयोजन को लेकर कुछ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस बार महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था में 2 लाख करोड़ रुपये तक का इन्क्रीमेंट हो सकता है। मुख्यमंत्री ने महाकुंभ को एक विशाल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बताते हुए कहा कि यह न केवल धार्मिक समागम है, बल्कि एक मजबूत आर्थिक और सामाजिक इंजन के रूप में भी कार्य करेगा।

महाकुंभ से जुड़ी आर्थिक संभावनाएँ
महाकुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन से जुड़ी अर्थव्यवस्था पर सीएम योगी ने विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि महाकुंभ 2019 में राज्य की अर्थव्यवस्था में 1.2 लाख करोड़ रुपये का योगदान हुआ था, और इस बार 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन के साथ आर्थिक योगदान में 2 लाख करोड़ रुपये तक की वृद्धि का अनुमान है। योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि महाकुंभ न केवल धार्मिक आयोजनों का हिस्सा है, बल्कि यह स्थानीय व्यापार, पर्यटन और विभिन्न सेवाओं को भी बढ़ावा देता है। मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के कारण होटल, ट्रांसपोर्ट, खुदरा बिक्री, खाद्य सेवाओं, और अन्य व्यवसायों को जबरदस्त बढ़ावा मिलता है। “महाकुंभ भारत के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है, जो न केवल आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करता है। व्यापारियों, छोटे व्यवसायियों और स्थानीय आबादी के लिए यह एक अत्यधिक लाभकारी अवसर होता है,” सीएम योगी ने कहा।

विश्व का सबसे बड़ा अस्थायी शहर
महाकुंभ केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने इसे “विश्व का सबसे बड़ा अस्थायी शहर” बताया, जहां एक समय में 50 लाख से लेकर 1 करोड़ श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य भारतीय समाज की विविधता और एकता को प्रदर्शित करना है। “महाकुंभ एक महान आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। यह न केवल भारतीय संस्कृति को सहेजने का एक तरीका है, बल्कि यह दुनियाभर में भारत की संस्कृति और परंपराओं का प्रचार-प्रसार भी करता है,” सीएम योगी ने कहा। महाकुंभ मेला विश्वभर से आस्था और विश्वास के प्रतीक के रूप में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। यह धार्मिक समागम न केवल भारत, बल्कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को जोड़ने का एक माध्यम बनता है। महाकुंभ का आयोजन न केवल आध्यात्मिक समागम है, बल्कि यह समाज की एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक धरोहर को भी प्रगति देता है।

श्रद्धालुओं को यहां स्नान करने में कोई कठिनाई न हो
महाकुंभ 2025 के आयोजन की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सभी आवश्यक पहलुओं पर काम शुरू कर दिया है, ताकि यह आयोजन सफल और सुरक्षित तरीके से हो सके। प्रयागराज में संगम क्षेत्र में स्नान घाटों का निर्माण तेजी से चल रहा है, और सुरक्षा, सफाई, और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। स्नान घाटों का निर्माण: संगम क्षेत्र में कुल 12 किलोमीटर लंबे स्नान घाटों का निर्माण किया जा रहा है। इन घाटों को आधुनिक तकनीक और पारंपरिक भारतीय स्थापत्य कला का मिश्रण बनाकर तैयार किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को यहां स्नान करने में कोई कठिनाई न हो। हर घाट पर विभिन्न प्रतीक चिह्न लगाए जाएंगे, जैसे डमरू, त्रिशूल आदि, ताकि श्रद्धालुओं को घाटों की पहचान आसानी से हो सके।

महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था: महिलाओं के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम बनाए जा रहे हैं, ताकि उनकी निजता और सुविधा सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, हर घाट पर अलग-अलग साफ-सफाई की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा और सुरक्षा इंतजाम: महाकुंभ में आने वाली भारी भीड़ को देखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। संगम क्षेत्र में वॉच टावर और कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो 24 घंटे की निगरानी सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा, घाटों पर पानी की बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से स्नान कर सकें। प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाएँ: संगम क्षेत्र के सभी घाटों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था की जा रही है, ताकि रात के समय श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। प्रशासन का कहना है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व का होगा, बल्कि यह एक अत्याधुनिक, डिजिटल और सुरक्षित आयोजन होगा।

ऑनलाइन माध्यमों से महाकुंभ से जुड़ी जानकारी
महाकुंभ 2025 का आयोजन डिजिटल रूप से भी उन्नत किया जा रहा है। श्रद्धालु और पर्यटक ऑनलाइन माध्यमों से महाकुंभ से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार महाकुंभ का आयोजन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी किया जाएगा, जिससे लोग देश और विदेश से इस भव्य आयोजन का हिस्सा बन सकेंगे। “महाकुंभ अब सिर्फ एक स्थान पर नहीं होगा, बल्कि यह पूरी दुनिया में डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा। श्रद्धालु ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से महाकुंभ की प्रमुख गतिविधियों, स्नान के समय और अन्य आयोजनों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे,” सीएम योगी ने कहा। महाकुंभ 2025 न केवल एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के रूप में महत्व रखता है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, यह आयोजन एक ऐतिहासिक पल होगा, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक भाग लेंगे। महाकुंभ से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, और यह आयोजन आने वाले समय में भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का प्रतीक बनकर उभरेगा।

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