Monday, February 2, 2026
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चीन के बाद भारत पहुंचा HMPV वायरस, अब तक 10 मामले; जानिए इससे बचने के उपाय

कोविड-19 महामारी से दुनियाभर में लंबा लॉकडाउन लगा रहा और लाखों लोगों की मौत भी हुई। लगभग 4 साल बाद इस महामारी से उबरने के बाद चैन की सांस ली ही थी कि अब एक और वायरस ने दुनियाभर में चिंताएं बढ़ा दी हैं। दरअसल, रिपोर्ट्स बताती हैं कि चीन घातक कोविड-19 महामारी के प्रकोप के चार साल बाद एक और महामारी से जूझ रहा है। इस महामारी का कारण एक वायरस है जिसका नाम है, ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV)। इस वायरस के कारण कई देश इसके प्रसार पर निगरानी रख रहे हैं। दुनिया के साथ भारत ने भी इस पर निगरानी रखनी शुरू कर दी गई है।

भारत में भी एचएमपीवी वायरस के कुल 10 केस सामने आ चुके हैं, जिसमें 2 बेंगलुरु, 1 गुजरात, 2 चेन्नई, 3 कोलकाता और 2 नागपुर में संक्रमण की पुष्टि हुई है। ऐसे में आपको भी थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं एचएमपीवी के बढ़ते केस के बीच केंद्र ने राज्यों से देश में श्वसन संबंधी बीमारियों पर निगरानी की समीक्षा करने को कहा है। केंद्र सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को पहले ही कह दिया है कि हमें समय-समय पर ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) वायरस से संबंधित अपडेट देते रहना चाहिए।

एचएमपीवी वायरस मुख्य रूप से पीड़ित व्यक्ति के सांस लेने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। इसके लक्षण कई मामलों में कोविड-19 के समान ही होते हैं। हालांकि, ये वायरस मुख्य रूप से शिशुओं और छोटे बच्चों को संक्रमित करता है। वायरस संक्रमित मरीज में सबसे आम लक्षण खांसी है। इसके साथ हल्का बुखार, घरघराहट, नाक बहना या गले में खराश जैसी परेशानी भी हो सकती है। वायरस से संक्रमित होने के बाद कुछ मामलों में गंभीर लक्षण आ सकते हैं। सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा है कि भारत का निगरानी नेटवर्क सतर्क बना हुआ है और देश किसी भी उभरती स्वास्थ्य चुनौती का तुरंत जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चिंता करने की कोई बात नहीं है। हम स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।

देश में एचएमपीवी वायरस के मामले बढ़ने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वर्चुअल मोड में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बैठक की। स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि राज्यों को इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) निगरानी को मजबूत करना चाहिए और इसकी समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश श्वसन संबंधी बीमारी के मामलों में किसी भी संभावित स्थिति के लिए तैयार है।

ये बैठक भारत में श्वसन संबंधी बीमारियों की वर्तमान स्थिति और चीन में एचएमपीवी मामलों में उछाल की रिपोर्ट के बाद रखी गई थी। इसके साथ ही इस बैठक में सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की भी समीक्षा की गई। इसमें सचिव (डीएचआर) डॉ. राजीव बहल, डीजीएचएस डॉ. (प्रो.) अतुल गोयल, राज्यों के स्वास्थ्य सचिव और अधिकारी, एनसीडीसी, आईडीएसपी, आईसीएमआर, एनआईवी और आईडीएसपी की राज्य निगरानी इकाइयों के विशेषज्ञ शामिल हुए।

बैठक में राज्यों को सलाह दी गई है कि वे वायरस की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करें। साथ ही लोगों को बताएं कि वे साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं। बिना धुले हाथों से आंख, नाक या मुंह को छूने से बचें। बीमार लोगों के साथ निकट संपर्क से बचें। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।

मास्क से आसानी से हो सकता है HMPV वायरस से बचाव
केरल के कोट्टायम की जिला चिकित्सा अधिकारी एन. प्रिया ने HMPV वायरस पर कहा कि इससे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। ये कोई नया वायरस नहीं है क्योंकि ये पहले से ही हमारे देश में है… हम मास्क पहनकर आसानी से इस वायरस से बच सकते हैं।

एचएमपीवी के मामले बढ़ने के कारण ओडिशा हाई अलर्ट पर
कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के मामलों का पता चलने के बीच, ओडिशा सरकार ने राज्य में सभी चिकित्सा सुविधाओं और प्रयोगशालाओं से किसी भी संभावित प्रकोप के लिए तैयार रहने को कहा है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग ने मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद जनता को आश्वस्त किया कि देश के अन्य हिस्सों में कुछ मामले सामने आए हैं, लेकिन ओडिशा में अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है।

बढ़ते मामलों के बीच राज्य सरकारों ने शांति बनाए रखने की अपील की
कर्नाटक, पंजाब और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्रियों ने देश के अन्य हिस्सों में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के मामलों का पता चलने पर लोगों को आश्वस्त किया है कि वे घबराएं नहीं। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मंगलवार को कहा कि राज्य HMPV से प्रभावित नहीं है और इस बात पर जोर दिया कि चिंता की कोई बात नहीं है। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने भी इसी तरह की बातें दोहराईं। उन्होंने HMPV को एक हल्का वायरस बताया जो COVID-19 के विपरीत गंभीर बीमारी का कारण नहीं बनता है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि अस्पताल और आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह से तैयार हैं, उन्होंने कहा कि सर्दी या खांसी से पीड़ित लोगों को मास्क पहनना चाहिए। कर्नाटक में, चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. शरण प्रकाश ने भी कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, जिससे वायरस को लेकर चिंताएं और शांत हो गईं।

दिल्ली में मिल रहा सस्ता घर, 8 लाख से शुरू हो रही कीमत, चेक करें पूरी डिटेल

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दिल्ली में घर खरीदने की चाह रखने वालों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने नए साल पर एक शानदार अवसर पेश किया है। DDA ने तीन विशेष आवासीय योजनाएं लॉन्च की हैं, जिनमें आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और बुकिंग 15 जनवरी 2025 से शुरू होगी। इन योजनाओं के तहत कुछ वर्गों को विशेष छूट दी जा रही है। श्रमिक आवास योजना और सबका घर आवास योजना ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर लागू की गई हैं।

क्या है DDA की नई योजनाएं?
DDA ने 2025 में तीन नई योजनाएं पेश की हैं: श्रमिक आवास योजना, सबका घर आवास योजना, और स्पेशल हाउसिंग योजना। इन योजनाओं के तहत कुल 8,389 फ्लैट उपलब्ध कराए गए हैं। ये फ्लैट नरेला, सिरसपुर, लोकनायक पुरम, वसंत कुंज, जहांगीरपुरी, ईस्ट ऑफ लोनी, जाफराबाद और रोहिणी में स्थित हैं। इनकी बुकिंग 15 जनवरी से 31 मार्च तक खुली रहेगी।

श्रमिक आवास योजना और सबका घर योजना के तहत फ्लैट

श्रमिक आवास योजना:
यह योजना दिल्ली भवन और श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों के लिए है।
नरेला में कम कीमत के फ्लैट पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
फ्लैट की कीमत 8.08 लाख रुपये से 8.86 लाख रुपये के बीच रखी गई है।
रजिस्ट्रेशन शुल्क 2,500 रुपये और बुकिंग अमाउंट 50,000 रुपये है।

सबका घर आवास योजना:
इस योजना के तहत सिरसपुर, नरेला और लोकनायक पुरम में EWS, LIG, MIG और HIG फ्लैटों पर 25% तक की छूट मिलेगी। वंचित वर्गों जैसे ऑटोरिक्शा और कैब ड्राइवर, महिलाएं, पूर्व सैनिक, विकलांग, एससी और एसटी वर्ग के लिए ये छूट दी जा रही है। कुल 6,810 EWS और LIG फ्लैट और 769 HIG व MIG फ्लैट इस योजना में शामिल हैं। बुकिंग अमाउंट EWS के लिए 50,000 रुपये, LIG के लिए 1 लाख रुपये, MIG के लिए 4 लाख रुपये और HIG के लिए 10 लाख रुपये रखा गया है।

फ्लैट की कीमत और रियायतें
फ्लैट की कीमतें 8.08 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक हैं। श्रमिक आवास योजना के तहत कम आय वाले श्रमिकों के लिए यह एक बड़ा मौका है। वहीं, सबका घर योजना में विभिन्न वर्गों को छूट देकर उन्हें घर खरीदने का अवसर प्रदान किया गया है।

योजनाओं का लाभ कैसे उठाएं?
इन योजनाओं में शामिल होने के लिए बुकिंग प्रक्रिया 15 जनवरी से शुरू होगी और यह 31 मार्च 2025 तक जारी रहेगी। आवेदनकर्ता ऑनलाइन पंजीकरण और भुगतान कर इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

नोट:
बुकिंग के दौरान किए गए भुगतान, जैसे रजिस्ट्रेशन शुल्क और बुकिंग अमाउंट, फ्लैट अलॉट न होने की स्थिति में वापस नहीं किए जाएंगे। इसलिए आवेदन करने से पहले सभी नियमों और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।

यह योजना किसके लिए खास?
DDA की ये योजनाएं खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए हैं, जो दिल्ली में अपना घर बनाने का सपना देख रहे हैं। योजनाओं के तहत दी जा रही छूट और आसान भुगतान विकल्प इसे और अधिक सुलभ बना रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट समलैंगिक विवाह से संबंधित पुनर्विचार याचिकाओं पर करेगा विचार

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उच्चतम न्यायालय की पांच न्यायाधीशों की पीठ समलैंगिक विवाह को कानूनी मंजूरी देने से इनकार करने संबंधी अक्टूबर 2023 के अपने फैसले की समीक्षा के अनुरोध वाली याचिकाओं पर नौ जनवरी को विचार करेगी। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना, न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ इस मामले से जुड़ी करीब 13 याचिकाओं पर कक्षों में सुनवाई करेगी।

परंपरा के अनुसार, पुनर्विचार याचिकाओं पर न्यायाधीश अपने कक्ष में विचार करते हैं। शीर्ष अदालत ने पुनर्विचार याचिकाओं पर खुली अदालत में सुनवाई की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

वर्तमान प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना द्वारा 10 जुलाई 2024 को पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई से खुद को अलग करने के बाद नई पीठ का गठन किया गया था। न्यायालय की कार्यसूची के अनुसार, पुनर्विचार याचिकाओं पर 9 जनवरी को अपराह्न लगभग 1.55 बजे विचार किया जाएगा।

Oneplus 13 और Oneplus 13R भारत में लॉन्च, 6000 mAh बैटरी और पावरफुल प्रोसेसर से लैस

OnePlus 13 सीरीज भारतीय मार्केट में लॉन्च हो गई है। सीरीज को अक्टूबर 2024 में चाइना में लॉन्च किया गया था और अब भारत में इसकी एंट्री हुई है। सीरीज के OnePlus 13 स्मार्टफोन को क्वालकॉम के लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर के साथ कंपनी लेकर आई है। इसमें फास्ट चार्जिंग सपोर्ट वाली बड़ी बैटरी दी गई है। वहीं OnePlus 13R स्नैपड्रैगन 8 जेन 3 चिप से लैस है।

OnePlus 13

फ्लैगशिप वनप्लस 13 को अब तक के सबसे पावरफुल प्रोसेसर में से एक स्नैपड्रैगन 8 एलीट चिपसेट के साथ लॉन्च किया गया है. इसमें 6000mAh की दमदार बैटरी है जो पावर बैकअप के लिहाज से काफी शानदार है. इस फोन में IP69 और IP68 रेटिंग की प्रोटेक्शन मिलती है।

Display: वनप्लस 13 में LTPO 4.1 के साथ 6.82 इंच का 120Hz ProXDR डिस्प्ले दिया गया है। इसमें 3168×1440 पिक्सल (QHD+) का रिजॉल्यूशन मिलेगा।

Chipset: वनप्लस 13 में स्नैपड्रैगन 8 एलीट चिपसेट की सपोर्ट दी गई है, जो अब तक सबसे पावरफुल फोन प्रोसेसर में से एक है।

Storage & OS: इसमें 12GB रैम से लेकर 24GB तक की रैम है, जबकि 1TB तक स्टोरेज दी गई है। यह स्मार्टफोन एंड्रॉयड 15 पर बेस्ड OxygenOS 15 ओएस पर चलता है। ये हैंडसेट 4 साल तक ओएस अपडेट और 6 साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स के साथ आता है।

Camera: यह फोन OIS Sony LYT-808 50MP मेन कैमरा के साथ आता है. कुल मिलाकर आपको 50MP+50MP+50MP से लैस ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा. वीडियो कॉल और सेल्फी के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है।

Battery: स्मार्टफोन को पावर देने के लिए 6000mAh का इस्तेमाल किया गया है, जिसे 100W SUPERVOOC फास्ट चार्जिंग से चार्ज किया जा सकता है।

वनप्लस 13 की कीमत

12GB RAM + 256GB: 69,999 रुपये

16GB RAM + 512GB: 76,999 रुपये

24GB RAM + 1TB: 89,999 रुपये

OnePlus 13R

वनप्लस 13R में कुछ फीचर्स वनप्लस 13 जैसे हैं. यह स्मार्टफोन स्नैपड्रैगन 8 जेन 3 चिपसेट की सपोर्ट के साथ आता है। पावर बैकअप के लिए इसमें 6000mAh बैटरी दी गई है। वनप्लस 13R में OxygenOS 15 ओएस से AI का इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी। वनप्लस ने OnePlus 13R को रुपये की 42,999 रुपये शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है।

Display: इस स्मार्टफोन में LTPO 4.1 के साथ 6.78 इंच का 120Hz ProXDR डिस्प्ले है। लेटेस्ट फोन में 2780×1264 पिक्सल का रिजॉल्यूशन दिया गया है।

Chipset: परफॉर्मेंस के लिए वनप्लस 13R में स्नैपड्रैगन 8 जेन 3 चिपसेट की सपोर्ट मिलेगी, जो काफी दमदार मोबाइल प्रोसेसर माना जाता है।

Storage & OS: यह हैंडसेट 12GB और 16GB रैम के साथ आता है, और 512GB तक की स्टोरेज मिलेगी। एंड्रॉयड 15 पर बेस्ड OxygenOS 15 ओएस के साथ 4 साल तक ओएस अपडेट्स और 6 साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स मिलेंगे।

Camera: फोटोग्राफी के लिए 50MP+50MP+8MP ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है। वीडियो कॉल और सेल्फी के लिए 16MP के फ्रंट कैमरा का फायदा उठाया जा सकता है।

Battery: पावर बैकअप के लिए इसमें भी वनप्लस 13 की तरह 6000mAh बैटरी दी गई है, जिसके साथ 80W SUPERVOOC फास्ट चार्जिंग की खूबी है।

वनप्लस 13R की कीमत

12GB RAM + 256GB: 42,999 रुपये

16GB RAM + 512GB: 49,999 रुपये

OnePlus 13 Series Sale: वनप्लस 13 की बिक्री भारत में 10 जनवरी से शुरू होगी, जबकि वनप्लस 13R को 13 जनवरी से खरीदा जा सकेगा।

चीन की ब्रह्मपुत्र बांध परियोजना पर भारत अलर्ट, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया बड़ा दावा

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि सरकार तिब्बत में भारत की सीमा के निकट ब्रह्मपुत्र नदी पर एक विशाल बांध बनाने की चीन की योजना को लेकर सतर्क है। चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र पर दुनिया का सबसे बड़ा बांध बनाने की योजना की घोषणा करने के कुछ दिनों बाद, भारत ने कहा कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए निगरानी जारी रखेगा और आवश्यक कदम उठाएगा।

नई दिल्ली ने बीजिंग से यह सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया है कि ब्रह्मपुत्र के निचले बहाव वाले इलाकों के हितों को ऊपरी इलाकों में होने वाली गतिविधियों से नुकसान न पहुंचे। रक्षा मंत्री ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान बांध के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘भारत सरकार सतर्क है।”

सिंह ने मंगलवार को यहां माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के मुफीद-ए-आम इंटर कॉलेज में आयोजित राज्य सम्मेलन में कहा, ‘‘पहले जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बोलता था तो लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते थे, लेकिन अब जब भारत बोलता है तो दुनिया सुनती है।” उन्होंने कहा, ‘‘भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। पहले (वैश्विक स्तर पर) अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी। अब भारतीय अर्थव्यवस्था पांचवें स्थान पर है और आने वाले ढाई साल में यह शीर्ष तीन देशों में शामिल होगी।”

दिल्ली में फिर पकड़े गए 3 बांग्लादेशी नागरिक, दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर किया डिपोर्ट

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दिल्ली पुलिस ने दो अलग-अलग अभियानों के बाद राष्ट्रीय राजधानी में अवैध रूप से रह रहे तीन बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेज दिया है। पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पिछले महीने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के आदेश के बाद बांग्लादेश से अवैध रूप से आए प्रवासियों की पहचान के लिए सत्यापन अभियान चलाया गया था। पुलिस ने बताया कि छह जनवरी को आरके पुरम पुलिस थाने की टीम ने 32 वर्षीय बांग्लादेशी व्यक्ति मोहम्मद अक्कास अली उर्फ ​​आकाश को पकड़ा। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह एकता विहार इलाके में कमरा किराये पर लेने की कोशिश कर रहा है।

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने कहा, ‘‘पुलिस की टीम ने उसे पकड़ लिया और उसने शुरू में खुद को कोलकाता का रहने वाला बताया। हालांकि, लगातार पूछताछ और उसके मोबाइल फोन डेटा के विश्लेषण के बाद उसकी पहचान मोहम्मद अक्कास अली के रूप में हुई, जो बांग्लादेश के जेसोर जिले का रहने वाला है।” पूछताछ के दौरान अली ने बताया कि उसे पहली बार 2012 में उसके परिवार के साथ निर्वासित किया गया था, जो 1994 से दिल्ली में अवैध रूप से रह रहा था।

पुलिस उपायुक्त ने कहा, ‘‘अली 2015 में दलालों की मदद से बेनापोल-पेट्रापोल सीमा पार कर अवैध रूप से भारत में पुनः प्रवेश कर गया, लेकिन 2016 में उसे फिर से पकड़ लिया गया और निर्वासित कर दिया गया। नवंबर 2023 में वह तीसरी बार भारत लौटा और अपना नाम बदलकर आकाश रख लिया। उसने शास्त्री पार्क, सीलमपुर, कापसहेड़ा और डाबरी समेत दिल्ली के कई इलाकों में मजदूरी की।”

अली ने बताया कि उसका गांव बाड़ लगी भारत-बांग्लादेश सीमा से तीन किलोमीटर दूर स्थित है। दलालों की मदद से वह भारत में प्रवेश करता था। यह दलाल रात में सीमा की बाड़ काटकर अवैध रूप से सीमा पार करने के लिए प्रति व्यक्ति 6,000-10,000 रुपये लेते हैं। इस बीच, पांच जनवरी को एक अलग अभियान में पुलिस ने दो अन्य बांग्लादेशी नागरिकों मोहम्मद जसीम (32) और उसकी पत्नी जैनब अख्तर (27) की पहचान की, जो वसंत कुंज इलाके में अवैध रूप से रह रहे थे। दोनों को पकड़ लिया गया और बाद में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के माध्यम से उन्हें निर्वासित कर दिया गया।

अमेरिका के लॉस एंजेलिस के जंगल में लगी भीषण आग, इलाके में दहशत का माहौल

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अमेरिका के लॉस एंजेलिस में भीषण जंगल की आग ने आसपास के इलाके में भारी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। यह आग तेजी से फैल रही है जिससे स्थानीय लोग और प्रशासन दोनों चिंतित हैं। प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षित रहने के लिए करीब 30,000 लोगों को अपने घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है क्योंकि उनके घर आग की चपेट में आने का खतरा है।

वहीं अमेरिका की बाइडेन सरकार ने इस खतरनाक आग को जल्दी से जल्दी बुझाने के आदेश दिए हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं ताकि और अधिक जान-माल का नुकसान न हो। आग की चपेट में आने वाले इलाकों के आसपास के लोगों को आग से बचने के लिए हर संभव मदद दी जा रही है।

फिलहाल अभी तक आग की वजह से कितनी संपत्ति और जान का नुकसान हुआ है इसका पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है लेकिन प्रशासन आग पर काबू पाने के लिए हर मुमकिन प्रयास कर रहा है।

India से Israel तक का रास्ता हुआ आसान, नई e-visa system से भारतीय यात्रियों को मिलेगा फायदा!

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इज़राइल ने भारतीय नागरिकों के लिए अपनी यात्रा को अधिक सुलभ और आसान बनाने के लिए एक नई डिजिटल e-visa system की शुरुआत की है। इस प्रणाली के तहत भारतीय यात्रियों को अब इज़राइल यात्रा के लिए वीज़ा आवेदन करने के लिए कागजी दस्तावेजों का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह पूरी प्रक्रिया अब पूरी तरह से ऑनलाइन हो गई है, जिससे यात्रा की योजना बनाना और भी आसान हो गया है। जनवरी 2025 तक, भारतीय यात्रियों के लिए यह नई प्रणाली इज़राइल में प्रवेश को पहले से कहीं अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाएगी।

e-visa system भारतीय यात्रियों के लिए एक नई उम्मीद
इज़राइल पर्यटन मंत्रालय (IMOT) द्वारा शुरू की गई यह नई e-visa system भारतीय यात्रियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। इस प्रणाली में कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है, जिससे अब वीज़ा आवेदन प्रक्रिया को एक डिजिटल अनुभव में बदला गया है। इससे न केवल आवेदन प्रक्रिया तेज़ और सरल हो गई है, बल्कि इससे जुड़ी अन्य कठिनाइयाँ भी दूर हो गई हैं। अब भारतीय नागरिक किसी भी समय और कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, और उन्हें लंबी और जटिल कागजी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। इस प्रणाली के तहत यात्री केवल सरकारी पोर्टल gov.il पर जाकर अपना आवेदन दर्ज कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, इसे व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार अनुकूलित किया गया है, ताकि यात्री बिना किसी परेशानी के आवेदन कर सकें। इसमें यात्रियों को कई दस्तावेज़ों की आवश्यकता नहीं होती, जिससे उन्हें लंबी प्रक्रिया से छुटकारा मिलता है। इसके साथ ही, इज़राइल की एंट्री ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) तकनीक भी इस प्रणाली के साथ जुड़ी हुई है, जो वीज़ा आवेदन को जल्दी और प्रभावी रूप से मंजूरी देती है।

जानिए भारतीय पर्यटकों के लिए क्या है यात्रा का महत्व
इज़राइल के यात्रा उद्योग में भारतीय पर्यटकों का योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा है। 2018 में, इज़राइल में 70,800 भारतीय पर्यटक पहुंचे थे। हालांकि, कोरोना महामारी के कारण 2020 और 2021 में यात्रा पर असर पड़ा था, लेकिन 2022 में भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़कर 30,900 हो गई। 2023 तक यह संख्या 41,800 तक पहुंच गई और 2024 के पहले दस महीनों में 8,500 भारतीयों ने इज़राइल का दौरा किया। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि इज़राइल के प्रति भारतीय पर्यटकों की रुचि लगातार बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ सकती है। इज़राइल पर्यटन मंत्रालय (IMOT) की मार्केटिंग निदेशक अमृता बंगेरा ने इस विषय पर टिप्पणी करते हुए कहा, “e-visa system भारतीय पर्यटकों की आमद को और बढ़ावा देने में मदद करेगी, जिससे इज़राइल और अधिक सुलभ और आकर्षक गंतव्य बन जाएगा।” उनका कहना था कि इस प्रणाली के चलते भारतीयों के लिए इज़राइल यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी और पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है।

कैसा है e-visa system का भविष्य 
इज़राइल पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल e-visa system केवल भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है, लेकिन भविष्य में इसे अन्य देशों के नागरिकों के लिए भी विस्तारित किया जाएगा। यह कदम न केवल इज़राइल के पर्यटन उद्योग के लिए बल्कि द्विपक्षीय संबंधों के लिए भी लाभकारी होगा। भारतीय पर्यटकों के लिए आसान वीज़ा प्रणाली से इज़राइल के पर्यटन क्षेत्र को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा और देश के पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता बढ़ेगी। इज़राइल के पर्यटन मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि जैसे ही e-visa system अन्य देशों के लिए उपलब्ध होगी, देश के पर्यटन उद्योग को और भी ज्यादा बल मिलेगा। अन्य देशों से आने वाले पर्यटक इज़राइल की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक स्थल, और सुंदरता का आनंद लेने के लिए इसे एक प्रमुख गंतव्य के रूप में चुन सकते हैं। इससे इज़राइल को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान मिलेगा।

ई-वीजा से भारत-इज़राइल पर्यटन संबंधों को मजबूती मिलेगी 
भारत और इज़राइल के बीच पर्यटन संबंधों को इस e-visa system के लागू होने से और भी मजबूती मिलेगी। भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा प्राप्त करना अब पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक होगा, जिससे भारतीय पर्यटकों के इज़राइल जाने का मार्ग और भी सुगम हो जाएगा। इस सुविधा के कारण, इज़राइल में पर्यटन की वृद्धि का अनुमान है और भारतीय पर्यटक इज़राइल की अनूठी संस्कृति, इतिहास, और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करने के लिए और अधिक आकर्षित होंगे। इज़राइल का पर्यटन उद्योग पहले ही भारतीयों के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य बन चुका है। 2018 में रिकॉर्ड 70,800 भारतीयों ने इज़राइल का दौरा किया था और 2023 में यह संख्या बढ़कर 41,800 हो गई। इसके अलावा, 2024 के पहले दस महीनों में 8,500 भारतीय नागरिक इज़राइल पहुंचे, जो यह संकेत देता है कि भारतीयों के बीच इज़राइल यात्रा की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इस बढ़ोतरी के पीछे इज़राइल के लिए आकर्षक पर्यटन स्थल, ऐतिहासिक स्थलों की समृद्ध विरासत, और समकालीन शहरों का अद्वितीय संगम है।

केवल ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण
इज़राइल में पर्यटन स्थल न केवल ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यहाँ के अद्भुत प्राकृतिक दृश्य, समुद्र तट, पर्वतीय इलाके, और धार्मिक स्थल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यहाँ की पवित्र भूमि, जैसे येरुशलम का पवित्र स्थल, मृत सागर, और तेल अवीव का आधुनिक शहर, इज़राइल को दुनिया भर के पर्यटकों के लिए एक दिलचस्प गंतव्य बनाते हैं। इसके अलावा, इज़राइल में समुद्र तट, पर्वतीय इलाकों में ट्रैकिंग, और ऐतिहासिक स्थलों की सैर करने का एक शानदार अनुभव होता है, जो यात्रियों को यहाँ बार-बार आने के लिए प्रेरित करता है। इज़राइल का यह ई-वीजा पहल भारतीय यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा लेकर आया है। इसके चलते इज़राइल यात्रा को और भी आसान और सुलभ बनाया गया है, जिससे भारतीय नागरिकों के लिए इज़राइल की यात्रा अब पहले से कहीं अधिक आकर्षक हो गई है।

इस नई प्रणाली से न केवल यात्रा की प्रक्रिया को तेज़ और सरल बनाया गया है, बल्कि यह इज़राइल को एक और अधिक सुलभ पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा। अगर आप भी इज़राइल यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अब आप इस नई e-visa system के तहत अपनी यात्रा की प्रक्रिया को कहीं से भी और कभी भी ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं। यह प्रणाली न केवल यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि भारतीय-इज़राइल संबंधों को भी नई ऊँचाई तक पहुँचाएगी। यात्री अपना ई-वीज़ा आवेदन gov.il के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से कर सकते हैं और बिना किसी परेशानी के इज़राइल की यात्रा की योजना बना सकते हैं।

भारत के लिए विकास की दिशा में शानदार रहा 2024, जानें क्या है 2025 का प्लान ?

2024 भारत के लिए एक बेहतरीन साल रहा, जिसमें 20 और 10 साल पहले तैयार की गई विकास योजनाओं को सशक्त किया गया। यह साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली टीम के तहत स्पष्ट रणनीतिक इरादों को साकार करने का साल साबित हुआ। भारत की आर्थिक स्थिति में इस साल का महत्वपूर्ण योगदान था, जिसके तहत भारत ने वैश्विक व्यापार में अपनी भागीदारी को बढ़ाया और खुद को एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित किया। भारत को अब वैश्विक विश्लेषकों ने अगली महान आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्वीकार किया है। वर्तमान में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, भारत जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ने की राह पर है। इस आर्थिक वृद्धि का श्रेय भारत के मेक इन इंडिया अभियान और नए आर्थिक सुधारों को जाता है, जो पिछले दस सालों में देश ने किए हैं।

भारत का वैश्विक व्यापार में योगदान पिछले 20 वर्षों में दोगुना हो गया है। 2005 से 2023 तक, भारत का निर्यात और आयात दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मेक इन इंडिया, उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना और व्यापार समझौतों ने भारत के आर्थिक परिदृश्य को वैश्विक स्तर पर सशक्त किया। 2023 में, भारत की वैश्विक निर्यात हिस्सेदारी 1.8% तक पहुंच गई, जो 2005 में 0.9% थी। सेवा निर्यात ने वस्तुओं के निर्यात से बेहतर प्रदर्शन किया, और इस क्षेत्र में भारत 4.3% की हिस्सेदारी के साथ वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख खिलाड़ी बन चुका है। भारत की व्यापारिक वृद्धि की दिशा में एक अहम पहलू इसके सेवा क्षेत्र की अभूतपूर्व वृद्धि है। 2005 से भारत की सेवा निर्यात की हिस्सेदारी 2% से बढ़कर 4.3% हो गई है।

भारत अब वैश्विक सेवा निर्यात में सातवें स्थान पर है। इसके अलावा, भारत के आयात क्षेत्र में भी वृद्धि देखी गई है, और इसका हिस्सा 2023 में 2.9% तक पहुंच गया, जो 2005 में 1.5% था। विश्लेषकों का अनुमान है कि 2025 में भारत की क्रय शक्ति अमेरिका से 30% अधिक हो सकती है। इस वृद्धि के कारण भारत को एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में देखा जा सकता है। भारत की नीति, व्यापार समझौतों और मेक इन इंडिया जैसी योजनाएं देश को और भी तेजी से विकास की राह पर ले जा सकती हैं।  भारत का उदय अब अपरिहार्य प्रतीत होता है, और इसके आर्थिक सुधार और वैश्विक व्यापार में योगदान की दिशा भविष्य में और भी मजबूत हो सकती है। 2025 तक भारत को एक और प्रभावशाली विकास के साल का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें और भी बड़े आर्थिक लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।

HMPV वायरस बनेगा महामारी! बिहार स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, बचाव के लिए करें ये काम

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कोरोना वायरस ने की तरह अब HMPV वायरस ने भी चीन में तबाही मचा रखी है, जिसका असर अब भारत में देखने को मिल रहा है। HMPV वायरस के भारत में दस्तक देने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर रखी है। इस वायरस का असर बच्चों में देखने को मिल रहा है, जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कॉविड जैसे नॉर्म्स का पालन करने की एडवाइजरी दी है।

मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण शाह ने बताया कि एचएमपीवी से बचाव के लिए कोविड-19 के समान ही सावधानियां बरतनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बच्चों का खास ख्याल रखना चाहिए। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को अलर्ट के रहने का निर्देश दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि एचएमपीवी के लिए अभी तक कोई विशेष दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इसलिए, इस वायरस से बचाव के लिए सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। यदि आपको एचएमपीवी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

बचाव के लिए करें ये काम- 
बार-बार हाथ धोना
संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखना।
खांसते या छींकते समय मुंह ढकना।
सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना जरूरी है।

बता दें कि एचएमपीवी एक श्वसन तंत्र से जुड़ा वायरस है। यह खांसी और छींक से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, नाक बहना, सांस लेने में तकलीफ, और गंभीर मामलों में ब्रोंकाइटिस या न्यूमोनिया शामिल हैं।

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