Sunday, February 1, 2026
Home Blog Page 1104

सरकारी बसों की हड़ताल के बीच अहम खबर, CM मान ने बुलाई बैठक

0

पंजाब रोडवेज, पनबस, पी.आर.टी.सी. ठेका कर्मचारी यूनियन की पंजाब में चल रही तीन दिवसीय हड़ताल के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अहम बैठक बुलाई है।

PunjabKesari

इस संबंध में जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पंजाब रोडवेज पनबस/पी. आर.टी.सी. ठेका कर्मचारी यूनियन के साथ उनकी मांगों को लेकर 15 जनवरी 2025 को सुबह 11.30 बजे मुख्यमंत्री दफ्तर, पंजाब सिविल सचिवालय 1 चंडीगढ़ में अपनी मांगों को लेकर बैठक रखी गई है।  यूनियन के अधिक से अधिक 5 सदस्य उक्त बैठक शामिल हो सकते हैं।

गौरतलब है कि पंजाब रोडवेज पनबस/पीआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का आज दूसरा दिन था। इस हड़ताल से आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  पिछले दिनों श्री गुरु गोबिंद सिंह की जयंती के चलते सरकारी दफ्तरों और बैंकों आदि में छुट्टी थी, लेकिन फिर भी प्राइवेट नौकरी या अन्य काम पर जाने वाले लोग पूरे दिन परेशान होते रहे। राज्य भर में लगभग 3,000 बसें खड़ी की गई हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जालंधर में मां-बेटे ने एक साथ तोड़ा दम, खबर पढ़ आप भी हो जाएंगे भावुक

0

जालंधर से अहम खबर सामने आई है जिसे पढ़ आप भी भावुक हो जाएंगे। जानकारी के अनुसार मां और बेटे ने एक साथ दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि युवक घर वापिस आ रहा था तो रास्ते में सिर पर गहरी चोट लग गई जिसके चलते सिर से काफी खून बह गया। सिर से खून बहता देख मां जोर-जोर से चीख पड़ी और वह भी बेसुध होकर वहीं गिर गई।

लोगों ने मां-बेटे को अस्पताल दाखिल करवाया जहां कुछ देर बाद दोनों ने दम तोड़ दिया। मां की पहचान शारदा व बेटा प्रवेश कुमार उर्फ घग्गी निवासी शीतल नगर जालंधर के रूप में हुई है।

वहीं बताया जा रहा है कि मृतक प्रवेश कुमार उर्फ गग्गी नशे का आदी था। उसने नशे का टीका लगाया जिसके चलते वह नशे में होने के कारण गिर गया और उसे काफी गहरी चोटें आई थी और उसके सिर से काफी खून बह गया। वहीं पुलिस ने मृतक युवक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवा दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थित साफ होगी। वह अभी बनती कानूनी कार्रवाई कर रही है।

जालंधर में बड़ी वारदात, सरेआम युवक को उतारा मौत के घाट

0

जालंधर में सरेआम युवक की तेजधार हथियारों से हत्या कर देने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार थाना फिल्लौर के अधीन आते गांव अकालपुर में आधा दर्जन के करीब हमलावरों के तेजधार हथियारों से व्यक्ति की हत्या कर दी। मृतक की पहचान जगतार सिंह (37) के रुप में हुई है।

खबर मिली है कि देर रात हमलावरों ने जगतार सिंह को घर के बाहर बुलाया और उस पर हमला कर दिया। इलाके में शोर सुन कर लोग इकट्ठा हुए पर तब कर हमलावर फरार हो गए थे। गंभीर रुप से घायल जगतार को अस्पताल पहुंचाया गया जहां से डॉक्टरों ने उसे लुधियाना रैफर कर दिया। लुधियाना में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने मामले की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द से जल्क काबू कर लिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट से आसाराम को मिली बड़ी राहत, 31 मार्च तक मिली अंतरिम जमानत

स्वयंभू बाबा आसाराम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 2013 के बलात्कार मामले में अंतरिम जमानत दी है, जो कि मेडिकल आधार पर है। अब वे 31 मार्च तक जमानत पर बाहर रहेंगे। यह जमानत खासतौर पर आसाराम की खराब स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए दी गई है, ताकि वे दिल के इलाज के लिए अस्पताल जा सकें।

क्या है पूरा मामला?
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को उनके दिल के इलाज के लिए शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दी है। आसाराम को अपनी ही गुरुकुल की एक छात्रा से यौन शोषण के मामले में दोषी पाया गया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली थी। हालांकि, अब उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत मिली है। आसाराम को जोधपुर सेंट्रल जेल से भगत की कोठी स्थित आरोग्य चिकित्सा केंद्र में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। उनके वकील का कहना है कि आसाराम दिल के मरीज हैं और उन्हें पहले भी हार्ट अटैक आ चुका है।

सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत के दौरान यह भी आदेश दिया है कि पुलिसवाले आसाराम की निगरानी करेंगे और वह किसी भी तरह से सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। इसके साथ ही, उन्हें अपने अनुयायियों से भी मिलने की अनुमति नहीं होगी।

आसाराम की सजा को निलंबित करने की कोशिश
इससे पहले, आसाराम ने अपनी सजा को निलंबित करने की भी कोशिश की थी। उन्होंने 2013 के बलात्कार मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

आजीवन कारावास की सजा
जनवरी 2023 में सत्र न्यायालय ने आसाराम को दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। यह मामला गांधीनगर के पास आसाराम के आश्रम में रहने वाली एक महिला द्वारा दायर किया गया था। हालांकि, आसाराम ने अपनी याचिका में यह दावा किया था कि उन पर लगाए गए बलात्कार के आरोप झूठे थे और उन्हें एक साजिश के तहत फंसाया गया था। उनका कहना था कि पीड़िता द्वारा शिकायत दर्ज करने में 12 साल की देरी के कारण मामला कमजोर हो जाता है, और इस पर ट्रायल कोर्ट ने सही तरीके से विचार नहीं किया। आसाराम की अपील यह भी थी कि उसके खिलाफ दायर किए गए आरोप पूरी तरह से गलत हैं, और उसने इन आरोपों को चुनौती देने के लिए याचिका दाखिल की थी।

31 मार्च तक मिली जमानत 
आसाराम को मिली अंतरिम जमानत उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए दी गई है, लेकिन यह जमानत केवल 31 मार्च तक है। यदि उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं होता है या कोई अन्य मामला सामने आता है, तो उनकी जमानत को आगे बढ़ाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश यह भी स्पष्ट करता है कि आसाराम को जमानत मिलने के बाद किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोशिश नहीं करनी चाहिए और उन्हें अपनी गतिविधियों पर पूरी तरह से नियंत्रण रखना होगा।

दिल्ली में केजरीवाल से मुकाबला करने उतरे मोदी

0

दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल को चुनौती देने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ धमके हैं। चुनावी सियासत में एक दिल्ली के सुपरस्टार, तो दूसरे देश के सुपरस्टार। बीते विधानसभा चुनाव में अरविन्द केजरीवाल का इलेक्टोरल स्टारडम नरेंद्र मोदी पर भारी पड़ा था, तो लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी भारी पड़े थे। केजरीवाल ने 70 में 62 सीटें आम आदमी पार्टी की झोली में डाल दी थी तो नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की 7 में से 7 सीटें बीजेपी के नाम कर ली थीं। केजरीवाल और मोदी सियासत के मॉडल के दो अलग-अलग नाम हैं। दोनों एक-दूसरे से डरते भी हैं, लड़ते भी हैं। 2025 में केजरीवाल-मोदी के बीच का संघर्ष और उसके नतीजे सियासत की धारा को किस दिशा में ले जाने वाले हैं, इस पर सबकी नज़र है।

PunjabKesariपर्सनालिटी पर चुनाव लड़ना नरेंद्र मोदी को भी पसंद है और अरविद केजरीवाल को भी। अरविन्द केजरीवाल अपनी पर्सनालिटी, अपना मॉडल और अपनी स्टाइल में चुनाव लड़ना चाहते हैं। विकास का केजरीवाल मॉडल, फ्री सुविधाओं का मॉडल, आम आदमी का मॉडल अरविन्द केजरीवाल के सियासत की विशेषताएं हैं। ये सभी विशेषताएं अरविन्द केजरीवाल के व्यक्तित्व की धुरी हैं।

केजरीवाल की सियासत में ‘नफरत’ नहीं

नरेंद्र मोदी भी ‘मोदी है तो मुमकिन है, ‘मोदी की गारंटी’,  ‘नॉन बायलॉजिकल’ जैसे आत्मनिष्ठ आत्मकेंद्रित मॉडल विकसित करने की कोशिश करते रहे हैं। बड़ा फर्क इन दोनों में ये है कि अरविन्द केजरीवाल कभी नफरत की सियासत नहीं करते। ‘बंटोगे तो कटोगे’ या फिर ‘एक हैं तो सेफ हैं’ जैसे नारे पॉलिटिक्स के मोदी मॉडल में अतिरिक्त विशेषता हैं जो पॉलिटिक्स के केजरीवाल मॉडल में नहीं हैं। यह फर्क इतना बड़ा है कि निर्णायक हो जाता है।

जब ‘चौथी पास राजा’ कहकर अरविन्द केजरीवाल नरेंद्र मोदी पर हमला करते हैं तो यह व्यक्तिगत आक्रमण होकर भी मोदी के मॉडल ऑफ पॉलिटिक्स पर हमला होता है। मोदी के केंद्रीय मंत्रिपरिषद में योग्य मंत्रियों के अभाव पर चुटकी ली गयी होती है। वहीं अरविन्द केजरीवाल इस बहाने अपने पूर्व आईआरएस अफसर होने और अपनी टीम में युवा, पढ़े लिखे लोगों और टेक्नोक्रैट का सामूहिक नेतृत्व पास होने का बोध भी कराते हैं।

महिलाओं को लुभाने में केजरीवाल ने मोदी को पीछे छोड़ा

‘वीमेन लेड डेवलपमेंट’ यानी ‘महिलाओं के नेतृत्व में विकास’ का नारा देते हैं नरेंद्र मोदी। जबकि, अरविन्द केजरीवाल इसे अमली जामा पहना डालते हैं। आज दिल्ली की मुख्यमंत्री महिला हैं। वजह इसके पीछे चाहे आप जो भी सुविधानुसार खोज सकते हैं। फ्री बिजली, फ्री पानी, फ्री इलाज, बस में फ्री सफर, मोहल्ला क्लीनिक, संजीवनी योजना और मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के साथ अरविन्द केजरीवाल महिलाओं को विकास की मुख्य धारा मे जोड़ चुके हैं, नरेंद्र मोदी को पीछे छोड़ चुके हैं।

मोदी का ‘शीश महल’ अटैक, काउंटर ज़बरदस्त

अरविन्द केजरीवाल को गुनहगार ठहराने के लिए पीएम मोदी ‘शीश महल’ का टर्मोलॉजी टॉस करते हैं। केजरीवाल बचाव करने के बजाए चढ़कर पीएम नरेंद्र मोदी पर ही हमला बोलते हैं- “27000 करोड़ के मकान में रहन वाले, 8400 करोड़ के विमान में उड़ने वाले, दस लाख के सूट पहनने वाले किस मुंह से ‘शीश महल’ की बात करते हैं?”

दिल्ली की जनता से किए गये वादों को जुमला करार देते हुए अरविन्द केजरीवाल उल्टे नरेंद्र मोदी को जनता के बीच ही गुनहगार ठहराते हैं। केजरीवाल पूछते हैं कि बीते दस साल में केवल 4700 लोगों को मकान दे पाए हैं नरेंद्र मोदी, क्यों?  15 अगस्त 2022 तक सबको मकान देने के वायदे क्या जुमला थे?

जुमले क्यों बन गये दिल्ली वालों से किए वादे?

दिल्ली देहात के लोगों को उनकी जमीन पर मालिकाना हक कब मिलेगा? किसानों पर मुकदमों में फंसाने वाली धाराएं कब खत्म होंगी?  ये सवाल पूछते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल कहते हैं कि दिल्ली की सरकार ने दो-दो बार प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेज रखा है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बाबत वादा किया था। फिर भी ये वादे जुमले क्यों बन गये?

2041 का दिल्ली मास्टर प्लान नोटिफाई नहीं होने के लिए भी मोदी सरकार पर अरविन्द केजरीवाल हमला बोलते हैं। दिल्ली के विकास में रोड़े अटकाने का आरोप मढ़ते हैं। ऐसा करते हुए अरविन्द केजरीवाल उन दिल्लीवासियों की भावनाओं को भी अपने साथ करते हैं जिन्हें 20 सूत्री कार्यक्रम और धारा 74 (4) के तहत हासिल जमीनों पर मालिकाना हक नहीं मिला है।

हमेशा टकराने वाली सियासत नहीं करते केजरीवाल

अरविन्द केजरीवाल हमेशा नरेंद्र मोदी से टकराने वाली सियासत नहीं करते। जब रैपिड रेल परियोजना या मेट्रो परियोजना के उद्घाटन से सियासी लाभ लेने की कोशिश नरेंद्र मोदी कर रहे होते हैं तो केजरीवाल दिल्ली सरकार की भागीदारी और सहयोग का डंका भी साथ-साथ मिलकर पीटने लगते हैं। बताने लगते हैं कि रैपिड रेल ट्रांजिट प्रॉजेक्ट (आरआरटीपी) में दिल्ली सरकार ने 1260 करोड़ रुपये का निवेश किया। 200 किमी की मेट्रो लाइन दस साल मे बनी है, 250 किमी की मेट्रो लाइनें निर्माणाधीन हैं।

बीजेपी की ओर से जवाबी हमला जरूर होता है कि बीते दस साल में दिल्ली सरकार ने 7268 करोड़ रुपये का निवेश किया है। या फिर बीजेपी कहती है कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली सरकार ने अलवर-पानीपत आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए 415 करोड़ रुपये जारी किए थे। मगर, बीजेपी इस बात से इनकार नहीं कर पाती कि इन ये परियोजनाएं अकेले केंद्र सरकार की नहीं है। इसमे दिल्ली सरकार का भी योगदान है।

‘वे परेशान करते हैं हम काम करते हैं’

अरविन्द केजरीवाल की सियासत का खास अंदाज यह भी है कि वे दिल्ली वालों के लिए दिन रात काम करते हैं, काम करने की सोचते रहते हैं लेकिन बीजेपी की सियासत कथित तौर पर काम नहीं करने देने की होती है। वे आम आदमी पार्टी की सरकार को परेशान करते हैं, मंत्रियों को जेल भेजते हैं, मुख्यमंत्री को जेल भेजते हैं, केंद्रीय एजेंसियों का सहारा लेते हैं वगैरह-वगैरह।

अरविन्द केजरीवाल ट्वीट कर रहे हैं, ‘प्रधानमंत्री जी हर रोज़ दिल्ली के लोगों को गालियाँ दे रहे हैं, दिल्ली की जनता का अपमान कर रहे हैं। दिल्ली के लोग चुनाव में बीजेपी को इस अपमान का जवाब देंगे।’

दिल्ली बीजेपी में लीडरशिप की कमी

अरविन्द केजरीवाल नहीं चाहते हैं कि चुनाव नरेंद्र मोदी बनाम केजरीवाल हो। मगर, बीजेपी यही चाहती है। बीजेपी को दिल्ली में अपने नेताओं से कोई उम्मीद नहीं है। मगर, दिल्ली की जनता ज्यादा समझदार है। वह जानती है कि दिल्ली विधानसभा में नरेंद्र मोदी की कोई भूमिका नहीं रहने वाली है और बिना रीढ़ की हड्डी के बीजेपी के नेता विधानसभा में बहुमत अगर ले आए तो उन पर रिमोट कंट्रोल वाला नेतृत्व थोप दिया जाएगा। यही वजह है कि नरेंद्र मोदी का जादू लोकसभा चुनाव में तो दिल्ली में चल जाता है लेकिन विधानसभा चुनाव में वह जादू कहीं गायब हो जाता है। अरविन्द केजरीवाल का नेतृत्व स्वतंत्र है और उनके वादों पर उन्हें कभी भी पकड़ा जा सकता है, यह बड़ा फर्क है जो दिल्ली वालों को केजरीवाल से जोड़ता है।

गृहमंत्री पर हमलाकर मोदी को घेरते हैं केजरीवाल

अरविन्द केजरीवाल को सूट करता है गृहमंत्री अमित शाह पर हमले करना। दिल्ली में कानून-व्यवस्था की बुरी स्थिति, नशाखोरी, नागरिकों और खासकर महिलाओं में असुरक्षा जैसे मुद्दों पर वे लगातार हमलावर भी हैं। अरविन्द केजरीवाल का ताजा ट्वीट देखें, “अमित शाह जी, कृपया इसे रोकिए। आप लोगों ने दिल्ली का क्या हाल कर दिया। कुछ तो कीजिए? प्रधान मंत्री जी, अगर अमित शाह जी से नहीं हो पा रहा तो कोई काबिल गृह मंत्री दीजिए जो दिल्ली वालों को सुरक्षा दे सके।” जाहिर है अमित शाह को नकारा और अकर्मण्य बताकर अरविन्द केजरीवाल सीधे नरेंद्र मोदी पर भी उंगली उठा रहे हैं।

केजरीवाल बनाम मोदी के बीच निश्चित रूप से कांग्रेस कहीं न कहीं पिस कर रह जाती है। कांग्रेस के पास संदीप दीक्षित, अजय माकन जैसे नेता तो हैं लेकिन वे नरेंद्र मोदी और अरविन्द केजरीवाल के मुकाबले स्तरीय नेता कतई नहीं हैं। या फिर कहें कि उनके नेतृत्व को उभरने का अवसर नहीं मिला। ऐसे में दिल्ली की आबोहवा में नरेंद्र मोदी के सियासत का मॉडल भी अरविन्द केजरीवाल की सियासत के मॉडल पर प्रभावी होता नहीं दिख रहा है। यहीं से केजरीवाल मॉडल के गिर्द मजबूत होती सियासत आम आदमी पार्टी को सत्ता के बेहद करीब पहुंचा देती है।

दिल्ली में ठंड का कहर जारी, घने कोहरे के बीच रेल सेवाएं और सड़क यातायत हुईं बाधित

0

देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार सुबह शीतलहर चलने से मौसम काफी ठंडा बना हुआ है। यहां बर्फीली हवाओं के साथ शहर में घना कोहरा छाया हुआ है। वेदर को देखते हुए IMD ने पूर्वानुमान लगाया है कि दिन का अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा।

PunjabKesari

राजधानी में घने कोहरे के कारण रेलवे सेवाएं बाधित हुईं। पूर्वा एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, आरजेपीबी तेजस एक्सप्रेस, पातालकोट एक्सप्रेस और मेवाड़ एक्सप्रेस सहित लगभग 25 ट्रेनें निर्धारित समय पर न होकर देरी से चल रही हैं। ट्रेनों में देरी वजह से यात्रियों को काफी इंतजार करना पड़ रहा है।

PunjabKesari

ट्रेन सेवाओं के निलंबन के अलावा, कोहरे के कारण सड़क यातायात पर भी काफी असर पड़ा। IMD ने कहा, “सुबह 5 से 5.30 बजे के बीच पालम में घने कोहरे के साथ 11-13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने के कारण न्यूनतम दृश्यता 150 मीटर दर्ज की गई, जो धीरे-धीरे सुधरकर सुबह 8.30 बजे तक 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिमी हवाओं के साथ हल्के कोहरे में 700 मीटर हो गई।” विभाग ने कहा कि अधिकांश क्षेत्रों में धुंध और हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि अलग-अलग क्षेत्रों में सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल सकता है।

अंग्रेजी बोलने में भारतीय शानदार, Punjab तीसरे स्थान पर, दिल्ली सबसे आगे

0

भारत में अंग्रेजी बोलने के मामले में देश वैश्विक औसत से ऊपर है और इस मामले में दिल्ली सबसे आगे है। पियरसन की ग्लोबल इंग्लिश प्रोफिसिएंसी रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में अंग्रेजी बोलने की क्षमता सबसे बेहतरीन है जबकि इसके बाद राजस्थान और पंजाब का नंबर आता है। दिल्ली में अंग्रेजी बोलने के मामले में 63 अंक मिले हैं जो कि देश में सबसे ज्यादा हैं। इसके बाद राजस्थान को 60 अंक मिले हैं जबकि पंजाब को 58 अंक मिले हैं।

यह रिपोर्ट वैश्विक स्तर पर अंग्रेजी भाषा की प्रवीणता के बारे में जानकारी देती है और यह करीब 7.50 लाख लोगों के टेस्ट नतीजों पर आधारित है। पियरसन का वसैंट टेस्ट अंग्रेजी भाषा की परख करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और यह कंपनियों को उनकी जरूरत के अनुसार सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों का चयन करने में मदद करता है।

भारत में अंग्रेजी के कौशल में सुधार

पियरसन की रिपोर्ट के अनुसार हाल के वर्षों में भारत में अंग्रेजी भाषा के कौशल में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। यह रिपोर्ट भारत, फिलीपींस, जापान, मिस्र, कंबोडिया और यूरोप जैसे देशों में अंग्रेजी की प्रवीणता को लेकर व्यापक जानकारी प्रदान करती है। भारत में लिखने में नागरिकों का प्रदर्शन वैश्विक औसत के बराबर है जबकि बोलने में वे औसत से आगे हैं।

अंग्रेजी की निपुणता: रणनीतिक ताकत

पियरसन इंग्लिश लैंग्वेज लर्निंग डिविजन के अध्यक्ष जियोवानी जियोवैन्नेल्ली ने कहा, “अंग्रेजी में निपुणता सिर्फ एक कौशल नहीं बल्कि रणनीतिक ताकत है।” यह रिपोर्ट कंपनियों को आंकड़ों के आधार पर जानकारी देती है जिससे वे अपने कर्मचारियों के चयन और विकास के लिए बेहतर फैसले ले सकती हैं। यह जानकारी कंपनियों को प्रतिस्पर्धा में बढ़त बनाने और तरक्की हासिल करने में मदद करती है।

इस रिपोर्ट के अनुसार अंग्रेजी के कौशल में सुधार भारत में व्यावसायिक और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने में मदद कर रहा है।

इंडोनेशिया बना नया सदस्य, आर्थिक शक्ति को मिले नए पंख

0

इंडोनेशिया ने ब्रिक्स (BRICS) समूह में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। ब्राजील सरकार ने इसकी घोषणा करते हुए इंडोनेशिया को इस उपलब्धि पर बधाई दी। दक्षिण-पूर्व एशिया में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और आबादी वाला देश इंडोनेशिया, अब वैश्विक विकास और सहयोग के मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।

PunjabKesari

ब्राजील ने की आधिकारिक घोषणा
ब्राजील, जो 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक ब्रिक्स का नेतृत्व करेगा, ने एक प्रेस विज्ञप्ति में इंडोनेशिया को इस समूह का हिस्सा बनने पर शुभकामनाएं दीं। ब्राजील सरकार ने कहा कि इंडोनेशिया की सदस्यता को 2023 के वार्षिक शिखर सम्मेलन में स्वीकार किया गया था। हालांकि, इंडोनेशिया ने फरवरी 2024 में आम चुनावों के बाद ही औपचारिक रूप से समूह में शामिल होने की पुष्टि की।

PunjabKesari

इंडोनेशिया की अहम भूमिका
इंडोनेशिया का ब्रिक्स में शामिल होना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और जनसंख्या वाला देश है। इसके साथ, ब्रिक्स समूह में एक और मजबूत आवाज जुड़ गई है, जो वैश्विक शासन और आर्थिक सहयोग के सुधारों का समर्थन करती है। ब्राजील ने इस बात पर जोर दिया कि इंडोनेशिया की भागीदारी ग्लोबल साउथ में सहयोग को गहरा करने और ब्रिक्स के प्राथमिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में सहायक होगी।

ब्रिक्स का बढ़ता प्रभाव
वर्तमान में ब्रिक्स समूह में दुनिया की 40% आबादी और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 35% शामिल है। यह आंकड़े इस समूह को भू-राजनीतिक और आर्थिक मंच पर एक प्रमुख शक्ति बनाते हैं।

नए सदस्य और विस्तारित समूह
ब्रिक्स के विस्तार के तहत अक्टूबर 2024 से 13 नए राष्ट्र इस समूह में भागीदार देश के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा, समूह ने चार दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों – मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम और थाईलैंड का स्वागत किया है। यह विस्तार इस संगठन की वैश्विक उपस्थिति को और मजबूत करेगा।

इंडोनेशिया का भविष्य और संभावनाएं
इंडोनेशिया का ब्रिक्स में शामिल होना न केवल उसकी अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर खोलेगा, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को भी मजबूत करेगा। इसके माध्यम से वह व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देगा। साथ ही, ग्लोबल साउथ के देशों के साथ उसका संबंध और अधिक सुदृढ़ होगा।

महिला जेल अधिकारी ने जेल में कैदी के साथ बनाए यौन संबंध, बॉडी कैमरे में कैद हुए सीन

0

दक्षिण अफ्रीका की एचएमपी वैंड्सवर्थ जेल (Wandsworth Jail) की महिला अधिकारी (Female Prison Officer)लिंडा डी सूसा अब्रू को जेल में कैदी के साथ अनुचित संबंध( Inappropriate Relationship with Inmate) बनाने के आरोप में 15 महीने की सजा सुनाई गई है। इस घटना ने उस वक्त सनसनी मचा दी जब उनकी बॉडी कैमरे पर एक आपत्तिजनक वीडियो गलती से रिकॉर्ड हो गया, जो बाद में ऑनलाइन लीक हो गया। अब्रू ने कैदी लिंटन वेरिच के साथ तीन बार यौन संबंध बनाए, जिनमें से एक घटना उनके बॉडी कैमरे में कैद हो गई।

इसके बाद, एक अन्य कैदी ने अवैध रूप से उनका वीडियो शूट किया और उसे इंटरनेट पर लीक कर दिया। इस वीडियो में अब्रू का व्यवहार ‘जबरदस्त उत्साह’ से भरा हुआ था। इसके अलावा, एक अन्य कैदी को यह कहते हुए सुना गया, “यही है हमारी जिंदगी वैंड्सवर्थ में, भाई।” सुनवाई के दौरान इस्लेवर्थ क्राउन कोर्ट के जज मार्टिन एडमंड्स ने कहा कि अब्रू का यह कृत्य बार-बार किया गया था और इससे जेल की सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। जज ने यह भी कहा कि महिला अधिकारियों के सम्मान को वर्षों में बनाए रखने के बाद, अब्रू की इस हरकत ने उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया।

अब्रू के वकील ने अदालत में यह तर्क प्रस्तुत किया कि वह मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं, जिसमें पर्सनैलिटी डिसऑर्डर और एडीएचडी शामिल थे। वकील का कहना था कि वह अपने भावनात्मक संकटों से निपटने के लिए सेक्स का सहारा लेती थीं। वकील ने यह भी बताया कि अब्रू अपनी गलती स्वीकार करती हैं और इसके परिणामों पर गहरा पछतावा करती हैं। अंततः, जज ने अब्रू को 15 महीने की जेल की सजा सुनाई, जिसमें से आधा समय वह जेल में और बाकी समय निगरानी में बिताएंगी।

BSNL के ग्राहकों के लिए खुशखबरी: अब फ्री में देखें OTT प्लेटफॉर्म और लाइव टीवी

भारत की सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारतीय संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने एक नई और आकर्षक सेवा पेश की है, जिसका उद्देश्य ग्राहकों को अधिक सुविधाएं और बेहतरीन एंटरटेनमेंट अनुभव देना है। BSNL अब अपने फाइबर टू द होम (FTTH) कनेक्शन उपयोग करने वाले ग्राहकों को मुफ्त में लाइव टीवी चैनल्स और OTT प्लेटफॉर्म्स का आनंद देने जा रही है। यह सर्विस बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के दी जाएगी और ग्राहकों को एक बेहतरीन मनोरंजन का अनुभव प्राप्त होगा।

क्या है BSNL की नई सेवा 
BSNL ने हाल ही में एक घोषणा की है कि इसके FTTH (Fiber to the Home) नेटवर्क पर आने वाले ग्राहक अब मुफ्त में लाइव टीवी चैनल्स और OTT प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर सकेंगे। इस सेवा में प्रमुख OTT प्लेटफॉर्म्स जैसे नेटफ्लिक्स, डिज्नी हॉटस्टार, अमेजन प्राइम और कई अन्य शामिल होंगे। इसके अलावा, ग्राहकों को लाइव टीवी चैनल्स, गेमिंग चैनल्स और अन्य मनोरंजन कंटेंट भी मिलेगा। यह सुविधा विशेष रूप से उन ग्राहकों के लिए है, जो BSNL के फाइबर बेस्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शन का उपयोग करते हैं। BSNL का यह नया ऑफर फिलहाल बिहार राज्य के प्रमुख शहरों में लॉन्च किया जा रहा है। इसमें गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पटना और दरभंगा जैसे शहर शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, इस सेवा का विस्तार धीरे-धीरे राज्य के अन्य जिलों में किया जाएगा। कंपनी ने इसे अपनी फाइबर नेटवर्क प्रणाली के माध्यम से संचालित किया है, जिससे ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता की स्ट्रीमिंग प्राप्त होगी।

क्या है ऑफर का सबसे बड़ा आकर्षण
BSNL के इस ऑफर का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि इसमें ग्राहकों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के OTT प्लेटफॉर्म्स (जैसे नेटफ्लिक्स, डिज्नी हॉटस्टार, अमेजन प्राइम) और लाइव टीवी चैनल्स का उपयोग करने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, यह सुविधा स्मार्ट टीवी उपयोगकर्ताओं के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है, जिससे वे अपने स्मार्ट टीवी पर बिना किसी बफरिंग के इन सेवाओं का आनंद ले सकेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें ग्राहकों को अतिरिक्त डेटा शुल्क का भी कोई बोझ नहीं होगा। BSNL की यह सेवा FTTH कनेक्शन के सभी प्लान्स पर उपलब्ध होगी, चाहे वह किसी भी मूल्य श्रेणी का हो। इसका मतलब है कि कोई भी BSNL FTTH उपयोगकर्ता इस सेवा का लाभ उठा सकेगा, चाहे वह छोटे पैक का उपयोग कर रहा हो या बड़े पैक का। इस सेवा का उद्देश्य ग्राहकों को एक संपूर्ण मनोरंजन अनुभव प्रदान करना है, जिसमें लाइव टीवी, OTT प्लेटफॉर्म्स, गेमिंग चैनल्स और अन्य वीडियो कंटेंट शामिल होंगे।

पंजाब, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में पहले से है उपलब्ध
BSNL का यह ऑफर सिर्फ बिहार में ही नहीं, बल्कि कई अन्य राज्यों में भी पहले से चल रहा है। मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और पंजाब जैसे राज्यों में पहले से BSNL FTTH कनेक्शन पर यह सेवा उपलब्ध है। इस सेवा के तहत इन राज्यों के कई शहरों में BSNL के ग्राहक मुफ्त में OTT और लाइव टीवी चैनल्स का मजा ले रहे हैं। BSNL ने इन राज्यों में अपनी इस सेवा को एक सफल ट्रायल के बाद शुरू किया था और अब यह सेवा बिहार में भी उपलब्ध हो रही है।

क्या है BSNL की योजना?
BSNL का लक्ष्य अपने ग्राहकों को एक बेहतर और अधिक विस्तृत सेवा प्रदान करना है, जिससे वे आसानी से ऑनलाइन कंटेंट देख सकें। BSNL का कहना है कि यह सेवा पूरी तरह से BSNL के नेटवर्क पर आधारित है, और इसके माध्यम से ग्राहकों को बिना किसी देरी और बफरिंग के कंटेंट मिलेगा। कंपनी का मानना है कि यह सुविधा भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, क्योंकि यह पहली बार है जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर अपने ग्राहकों को OTT प्लेटफॉर्म्स और लाइव टीवी चैनल्स बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के प्रदान कर रहा है। BSNL का यह कदम इस समय खास महत्व रखता है, क्योंकि वर्तमान में भारत में OTT प्लेटफॉर्म्स और लाइव टीवी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। लॉकडाउन के दौरान भी इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग बढ़ा था, और अब तक यह ट्रेंड जारी है। BSNL इस बदलाव का हिस्सा बनते हुए अपने ग्राहकों के लिए एक व्यापक मनोरंजन विकल्प प्रदान कर रहा है।

BSNL की यह नई सेवा भारतीय टेलीकॉम और ब्रॉडबैंड उद्योग में एक अहम कदम साबित हो सकती है। यदि आप BSNL के FTTH ग्राहक हैं, तो आपको अब कोई अतिरिक्त पैसा खर्च किए बिना नेटफ्लिक्स, डिज्नी हॉटस्टार, अमेजन प्राइम जैसे प्रमुख OTT प्लेटफॉर्म्स का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, आपको लाइव टीवी चैनल्स, गेमिंग चैनल्स और अन्य कंटेंट भी मुफ्त में देखने का अवसर मिलेगा। यह सेवा विशेष रूप से स्मार्ट टीवी उपयोगकर्ताओं के लिए डिज़ाइन की गई है और इसके लिए आपको डेटा की कोई चिंता नहीं करनी होगी। BSNL के इस कदम से न केवल ग्राहकों को लाभ होगा, बल्कि यह कंपनी की सेवा को और भी अधिक लोकप्रिय बना सकता है। कंपनी का उद्देश्य अपने FTTH नेटवर्क को पूरी तरह से कवर करना और इसके माध्यम से ग्राहकों को बेहतरीन इंटरनेट और मनोरंजन सेवा प्रदान करना है।

- Advertisement -

News of the Day