Sunday, February 1, 2026
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बेटी के पिता के लिए बड़ी खबर: Post Office की 7 धांसू स्कीम्स… 7% से ज्यादा मिल रहा ब्याज

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यदि आप सुरक्षित निवेश के साथ अच्छा रिटर्न चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस में कई ऐसी शानदार योजनाएं उपलब्ध हैं। जिनमें आप निवेश कर सकते है। ऐसे में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) से लेकर सुकन्या समृद्धि योजना (SSA) तक शामिल हैं। ये योजनाएं 7% से अधिक ब्याज दर प्रदान करती हैं, और कुछ योजनाओं में टैक्स लाभ भी मिलता है। यहां हम आपको पोस्ट ऑफिस की प्रमुख योजनाओं और उनके लाभों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

1. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
पीपीएफ पर सरकार 7.1% सालाना चक्रवृद्धि ब्याज प्रदान करती है। इसमें न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना जमा किए जा सकते हैं। इस योजना में निवेश आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत टैक्स छूट के दायरे में आता है।

2. सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS)
सीनियर सिटीजन के लिए पोस्ट ऑफिस 8.2% सालाना ब्याज दर प्रदान करता है। इसमें 1,000 रुपये से लेकर 30 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। हालांकि, 50,000 रुपये से अधिक ब्याज पर टैक्स देय होगा।

3. मंथली इनकम स्कीम (MIS)
इस योजना पर 7.4% सालाना ब्याज दिया जाता है। खाता न्यूनतम 1,000 रुपये से खोला जा सकता है, और अधिकतम निवेश सीमा 9 लाख रुपये है। जॉइंट अकाउंट के लिए यह सीमा 15 लाख रुपये तक बढ़ जाती है।

4. नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC)
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र पर 7.7% सालाना चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये निवेश किया जा सकता है, जबकि अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है। यह योजना 5 साल के लिए है और निवेशक को धारा 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है।

5. महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र
महिलाओं के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई इस योजना पर 7.5% सालाना ब्याज मिलता है। इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये और अधिकतम 2 लाख रुपये निवेश किए जा सकते हैं।

6. पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट
तीन साल की अवधि पर 7.1% और पांच साल की अवधि पर 7.5% ब्याज दर दी जाती है। इस योजना में न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है और धारा 80सी के तहत टैक्स लाभ भी मिलता है।

7. सुकन्या समृद्धि खाता योजना (SSA)
यह योजना बालिकाओं के लिए है, जिसमें 8.2% की सालाना ब्याज दर मिलती है। इसमें 250 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक सालाना निवेश किया जा सकता है। यह योजना 10 साल से कम उम्र की बच्चियों के लिए उपलब्ध है।

AI ने सुलझाया मर्डर केस, 19 साल बाद मिला न्याय

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भारत में न्याय की लड़ाई लंबी जरूर हो सकती है, लेकिन देर-सबेर न्याय मिलता जरूर है। एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली घटना के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं, जिसका न्याय 19 साल बाद मिला। सबसे खास बात यह है कि इस केस को सुलझाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी का अहम योगदान रहा और आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचे।

क्या है पूरा मामला

10 फरवरी 2006 को केरल के कोल्लम जिले के अंचल गांव में संतम्मा घर लौटीं तो उनका सामना एक भयानक दृश्य से हुआ। उनकी बेटी रंजीनी और उसके 17 दिन के जुड़वां बच्चे खून में लथपथ पड़े थे और तीनों के गले काट दिए गए थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन दो संदिग्ध दिविल कुमार और राजेश फरार हो गए, जो सेना के जवान थे। इन दोनों को पकड़ने में पुलिस नाकाम रही और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

AI और टेक्नोलॉजी की मदद से केस सुलझा

समय बीतने के साथ यह मामला ठंडा पड़ता गया, लेकिन कहते हैं न, “न्याय में देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं।” 2023 में केरल पुलिस की तकनीकी खुफिया विंग ने पुराने मामलों की जांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया। पुरानी तस्वीरों को मॉडर्न तकनीक से इस तरह विकसित किया गया कि आरोपी 19 साल बाद कैसे दिख सकते हैं। इसका अंदाजा लगाया गया। आखिरकार, एक शादी की फोटो में सोशल मीडिया पर आरोपी से 90% समानता का संकेत मिला और पता चला कि यह फोटो पुडुचेरी के “प्रवीण कुमार” नाम के व्यक्ति की थी। इसके बाद मामले में जांच आगे बढ़ी और राजेश और दिविल कुमार को गिरफ्तार किया गया।

कैसे सुलझा यह केस

केरल के ADGP (लॉ एंड ऑर्डर) मनोज अब्राहम ने बताया कि उनकी टीम ने AI का इस्तेमाल करके आरोपी की पुरानी तस्वीरों को विकसित किया और उनके संभावित लुक के आधार पर सोशल मीडिया पर मौजूद तस्वीरों से मिलाया। एक आरोपी की AI जनरेटेड इमेज फेसबुक पर एक शादी की फोटो से 90% मेल खाई। इसके बाद पुलिस ने प्रवीण कुमार को पुडुचेरी में ट्रैक किया और दिविल का पता लगाया। 4 जनवरी 2025 को CBI ने दोनों आरोपियों को पुडुचेरी से गिरफ्तार किया।

आरोपी और पीड़िता का रिश्ता

पुलिस के अनुसार, दिविल कुमार और रंजीनी एक ही गांव के रहने वाले थे और दोनों के बीच रिश्ते थे। लेकिन जब रंजीनी ने गर्भवती होने की बात की, तो दिविल ने रिश्ते से मुंह मोड़ लिया और पठानकोट चला गया। बाद में राजेश ने ‘अनिल कुमार’ बनकर रंजीनी से दोस्ती की और उसे मदद का भरोसा दिया। इसी दौरान दोनों ने मिलकर रंजीनी को मारने की साजिश रची।

रंजीनी ने जब DNA टेस्ट की मांग की तो राजेश ने साजिश के तहत रंजीनी की मां संतम्मा को मना लिया और फिर उसने रंजीनी और उसके बच्चों की हत्या कर दी। हत्या के बाद पुलिस को एक बाइक के रजिस्ट्रेशन से पठानकोट के मिलिट्री कैंप तक पहुंचने का सुराग मिला, लेकिन आरोपी वहां से फरार हो गए थे।

न्याय की लंबी यात्रा का अंत

यह केस अब एक मिसाल बन चुका है कि कैसे AI और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके न्याय दिलवाया जा सकता है। 19 साल बाद आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचे और पीड़िता को न्याय मिला। यह घटना साबित करती है कि न्याय का रास्ता भले ही लंबा हो, लेकिन वह कभी न कभी अपने मुकाम तक पहुंचता है।

जानें, दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करने वाले राजीव कुमार कौन हैं?

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दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी हैं, जिन्होंने 1984 बैच में बिहार कैडर से अपनी सेवा शुरू की। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

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शैक्षिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक करियर

राजीव कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से की और बाद में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की परीक्षा में सफलता प्राप्त की। अपनी सेवा के दौरान, उन्होंने बिहार राज्य में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य किया, जिससे उन्हें प्रशासनिक मामलों का गहरा अनुभव प्राप्त हुआ।

चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्ति

राजीव कुमार को साल 2022 में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया। इस पद पर रहते हुए, उन्होंने कई महत्वपूर्ण चुनावों की निगरानी की और चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए।

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दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा

7 जनवरी 2025 को, राजीव कुमार ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की। इस घोषणा के साथ ही दिल्ली में चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत हो गई, जिससे राजनीतिक दलों और मतदाताओं में उत्साह का माहौल है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में उनके योगदान

मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में, राजीव कुमार ने चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनकी नेतृत्व में, चुनाव आयोग ने डिजिटल तकनीकों का उपयोग बढ़ाया है, जिससे मतदाताओं की सहभागिता और विश्वास में वृद्धि हुई है।

Assam coal mine accident: फंसे मजदूरों को बचाने के लिए सेना और नौसेना लगी

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असम के दीमा हसाओ जिले में बाढ़ग्रस्त कोयला खदान में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए राहत और बचाव अभियान जोरों पर है। जानकारी के अनुसार, इस हादसे में तीन लोगों के मारे जाने की आशंका है। जिला प्रशासन ने बताया कि उनके शव खदान के अंदर देखे जा सकते हैं, लेकिन अभी तक उन्हें निकाला नहीं गया है।

फंसे मजदूरों की स्थिति गंभीर

6 जनवरी से फंसे हुए नौ मजदूरों में से सात असम से हैं, जबकि एक-एक मजदूर नेपाल और पश्चिम बंगाल के निवासी हैं। हादसे के बाद से मजदूरों के परिवारों में चिंता का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खदान में अचानक आई बाढ़ की वजह से मजदूर बाहर नहीं निकल सके। पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के कारण उनकी जान पर खतरा मंडराने लगा। इस आपात स्थिति में जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया।

बचाव कार्य में सेना और नौसेना तैनात

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि मजदूरों को बचाने के लिए नौसेना के गोताखोरों को बुलाया गया है। विशाखापत्तनम से आ रहे ये गोताखोर जल्द ही मौके पर पहुंचेंगे। खदान के अंदर पानी का स्तर लगभग 100 फीट तक बढ़ गया है, जिससे राहत कार्य में कठिनाइयां आ रही हैं। सरमा ने ट्वीट कर कहा, “उमरंगशू में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। हम सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।”

 

फंसे मजदूरों की पहचान

फंसे हुए मजदूरों के नाम इस प्रकार हैं:

  1. गंगा बहादुर श्रेठ
  2. हुसैन अली
  3. जाकिर हुसैन
  4. सरपा बर्मन
  5. मुस्तफा शेख
  6. खुशी मोहन राय
  7. संजीत सरकार
  8. लिजान मगर
  9. सरत गोयरी
विशेषज्ञों और उपकरणों के साथ राहत कार्य जारी

भारतीय सेना और असम राइफल्स ने राहत और बचाव कार्य के लिए विशेष उपकरण, इंजीनियर्स टास्क फोर्स, गोताखोर और चिकित्सा दल तैनात किए हैं। रक्षा प्रवक्ता ने कहा, “हमारी टीम पूरी तैयारी के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई है और फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।” स्थानीय प्रशासन और बचाव दल लगातार घटनास्थल पर मौजूद हैं। प्रशासन का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

महाकुंभ में स्वास्थ्य विभाग का squad लगातार करे भ्रमण, पूछे लोगों का हाल : CM Yogi

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ठंड के मौसम में आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में तेज ठंड का मौसम है। शीतलहर चल रही है। यह समय बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर रोग से ग्रस्त लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने वाले है। सर्दी, खांसी, श्वांस से जुड़े मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी संभावित है। ऐसे में स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। जांच हो या दवाओं की उपलब्धता, सब कुछ चाक-चौबंद हो। आम आदमी को परेशान न होना पड़े।

महाकुंभ में तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सेक्टरों में इलाज के पुख्ता इंतजाम हों। एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहे। सर्दी, खांसी, बुखार जैसी मौसमी समस्या हो अथवा कोई अन्य गंभीर बीमारी, सभी को समुचित चिकित्सकीय सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमार लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी सेक्टरों में सतत भ्रमण करे और लोगों का हाल-चाल ले, जरूरत हो तो उन्हें उचित चिकित्सकीय सहायता दिलाई जाए।

Mumbai: रेलवे स्टेशन पर आया ‘चोटी कटवा’, सिरफिरा लड़की के बाल काटकर मौके से हुआ फरार

मुंबई के दादर से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जहां कॉलेज जा रही एक लड़की के सिरफिरे ने उसके बाल काट दिए। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक आरोपी ने युवती के बाल काटे और फिर मौके से फरार हो गया। युवती ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की है और आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

इस तरह हुई घटना 

कल्याण की रहने वाली और माटुंगा के रूपारेल कॉलेज में पढ़ने वाली युवती सोमवार सुबह करीब 8 बजे ट्रेन से कॉलेज जा रही थी। वह करीब 9:15 बजे दादर स्टेशन पर उतरी और जब वह दादर ब्रिज पर टिकट बुकिंग विंडो पर पहुंची तो उसे अचानक अपनी पीठ पर कुछ चुभने जैसा महसूस हुआ। जैसे ही उसने पीछे मुड़कर देखा उसे एक अजनबी तेजी से बैग लेकर भागते हुए दिखाई दिया। उसके बालों में हाथ घुमाने पर उसने पाया कि उसके बाल आधे कटे हुए थे। यह देखकर वह डर गई लेकिन उसने हिम्मत जुटाकर आरोपी का पीछा करना शुरू किया लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी वहां से भाग निकला और गायब हो गया।

CCTV फुटेज से आरोपी की तलाश 

इसके बाद लड़की ने पुलिस स्टेशन जाकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी है। पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके और उसे गिरफ्तार किया जा सके।

वहीं लड़की ने पुलिस से यह भी मांग की है कि इस तरह के सिरफिरे आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए ताकि अन्य लड़कियों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

HMPV वायरस का खौफ… इन लोगों को अधिक खतरा, जानें लक्षण

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कोरोना की तरह एक बार फिर से चीन से आए (HMPV) वायरस ने भारत में भी दस्तक दे दी है। उक्त वायरस कम इम्यूनिटी वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अपने जकड़ में ले रहा है। अमृतसर और पंजाब में चाहे अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, लेकिन लोगों में इस वायरस को लेकर काफी दहशत है और लोग इस वायरस से बचाव के लिए डॉक्टरों के पास चक्कर लगा रहे है। फिलहाल उक्त वायरस के लिए भारत में कोई वैक्सीन तैयार नहीं है और न ही पंजाब सरकार ने लोगों को इस वायरस के प्रति जागरूक करने के लिए कोई गाइडलाइन जारी की हैं।

जानकारी के मुताबिक ह्यूमन मेटा यूमो वायरस (HMPV) सांस की बीमारी से संबंधित है। चीन में अपना आतंक फैलाने के बाद इस वायरस के कुछ मामले भारत में भी सामने आए हैं। यह वायरस कोविड-19 जैसा ही है, क्योंकि इसके लक्षण लगभग कोविड की तरह ही मिलते हैं। भारत में चाहे अभी तक इस वायरस से कोई खतरा नहीं है, लेकिन चीन में इस वायरस के मामले धड़ाधड़ सामने आने के बाद अमृतसर निवासियों में काफी दहशत पाई जा रही है। अमृतसर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और अंतर्राष्ट्रीय बार्ड होने के कारण लोग इस वायरस को लेकर असमंजस में हैं। यू.एस. स्ट्रैंडर्ड फोर डिजीज कंट्रोल एंड प्रवेंशन के अनुसार इसे पहली बार वर्ष 2001 में ढूंढा था। भारत में बेंगलुरु और कुछ अन्य जगहों पर भी इसके मामले सामने आए हैं और छोटे बच्चे ही इस वायरस की चपेट में आए हैं।

इसके अलावा एक-दो राज्यों की ओर से इस वायरस को लेकर गाइड-लाइन जारी की गई है, लेकिन अफसोस की बात है कि अमृतसर के लोगों में इस वायरस को लेकर जो दहशत है, उसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया है। पंजाब में कोरोना वायरस का पहला मामला अमृतसर में ही दर्ज किया गया था, हालांकि पंजाब के नवांशहर के रहने वाले एक मरीज में कोरोना का मामला सामने आया था, लेकिन उसे अमृतसर में भर्ती करवाकर उसका टैस्ट किया गया था, इसलिए अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा व सरहदी क्षेत्र होने के कारण लोग ज्यादा दहशत में नजर आ रहे है।

गुरु नानक देव अस्पताल के बच्चा रोग विभाग व अन्य सरकारी अस्पतालों में इस वायरस को लेकर काफी डाक्टरों से पूछताछ कर रहे है और डाक्टर भी सरकार द्वारा कोई गाइडलाइन सामने न आने कारण कोरोना वायरस के बचाव संबंधी भी उन्हें जागरूक कर रहे है।

क्या है HMPV के लक्षण

इंडियन मैडीकल एसोसिएशन के टी.बी. कंट्रोल प्रोग्राम अधिकारी एवं प्रसिद्ध स्तन रोग विशेषज्ञ डा. नरेश चावला ने कहा कि यह वायरस छोटे बच्चों और बुजुर्गों विशेषकर कम इम्यूनिटी वाले लोगों को अपनी जकड़ में लेता है। इस वायरस में खांसी, बुखार, नाक बंद होना, सांस लेने में दिक्कत, थकान महसूस होना, गले में खराश, शरीर पर लाल निशान आदि शामिल हैं। इस वायरस की खास बात यह है कि यह सांस प्रणाली के जरिए 2 लोगों के बीच तेजी से फैलता है। इसमें लोगों से संपर्क जैसे हाथ मिलाना या वायरस से दूषित किसी चीज को छूना भी शामिल है।

डाक्टर की सलाह के बिना नहीं लेनी चाहिए एंटीबायोटिक दवा

इंडियन मैडीकल एसोसिएशन के सदस्य डॉ. रजनीश शर्मा ने कहा कि यह वायरस कुछ दिनों में खत्म हो जाता है लेकिन लोगों को इस वायरस से घबराना नहीं चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी एंटीबायोटिक दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। लोगों को अपनी इम्यूनिटी बनाए रखनी चाहिए। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और बीमार व्यक्ति को मास्क पहनना चाहिए। हाथों को बार-बार साफ करना चाहिए। इसके अलावा घर का खाना खाना चाहिए और बाहर का खाना खाने से बचना चाहिए।

गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज रहे सावधान

अधिकारी टी.बी. अस्पताल के पूर्व प्रमुख डॉ. नवीन पांधी ने कहा कि मधुमेह, फेफड़ों की बीमारी और अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उक्त वायरस से सावधान रहना चाहिए। यह वायरस कम इम्यूनिटी वाले लोगों में अपनी जगह बना लेता है। हालांकि पंजाब और अमृतसर के अलावा भारत में इस संबंध में कोई दहशत की स्थिति नहीं है, लेकिन लोगों को जागरूक रहना चाहिए और समय-समय पर भारत सरकार द्वारा बताए गए नियमों का पालन करना चाहिए। लोगों को किसी भी तरह का संदेह होने पर डाक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेनी चाहिए और अपनी इम्यूनिटी बनाए रखने के लिए जरूरी चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए।

Gujarat : घर में गैस लीक होने से भीषण धमाका, 5 लोग झुलसे

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गुजरात के सूरत में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। घरेलू गैस सिलेंडर से लीक हुई गैस ने पूरे घर को चपेट में ले लिया, जिससे जबरदस्त धमाका हुआ। धमाके के कारण घर की दीवारें और छत का स्लैब तक टूट गया। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्य और चौथी मंजिल पर वॉशरूम में मौजूद एक शख्स घायल हो गए। वॉशरूम में बैठा शख्स धमाके की वजह से तीसरी मंजिल पर जा गिरा।

घटना का विवरण
यह हादसा सूरत के पुणा इलाके की राधाकृष्ण सोसायटी में सुबह करीब 6 बजे हुआ। गैस सिलेंडर से लीक हुई गैस ने पूरे घर में आग फैला दी। धमाका इतना भीषण था कि घर का स्लैब और पीछे की दीवार तक ध्वस्त हो गई। आग लगने और धमाके की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

कैसे हुआ हादसा?
पुणा फायर स्टेशन के प्रभारी भूपेंद्र सिंह राज ने बताया कि गैस सिलेंडर के पाइप से गैस लीक हो रही थी। सुबह जब घर के किसी सदस्य ने लाइट जलाई, तो स्पार्क की वजह से फ्लैश फायर हुआ। फ्लैश फायर में गैस सिलेंडर फटता नहीं, लेकिन लीक गैस पूरे घर में फैलने के बाद एक बड़ी चिंगारी से विस्फोट कर देती है।

घायलों की स्थिति
इस हादसे में घर के सभी सदस्य—माता-पिता और उनके तीन बच्चे—गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चौथी मंजिल पर वॉशरूम में मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी धमाके की चपेट में आ गया और दीवार गिरने से तीसरी मंजिल पर गिरकर घायल हो गया। सभी को पहले सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में परिवार की मांग पर निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया।

दमकल विभाग ने सभी से अपील की है कि गैस सिलेंडर का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और गैस लीक जैसी स्थिति में तुरंत विशेषज्ञों की मदद लें।

सुप्रीम कोर्ट ने खाताधारकों को दी बड़ी राहत, गलत तरीके से पैसा कटा तो बैंक जिम्मेदार

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सुप्रीम कोर्ट ने खाताधारकों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी ग्राहक के खाते से अनधिकृत और धोखाधड़ी वाला ऑनलाइन लेनदेन होता है, और वह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के तहत तीन दिनों के भीतर शिकायत दर्ज कराता है, तो बैंक को उस नुकसान की भरपाई करनी होगी। डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन लेनदेन में बढ़ती धोखाधड़ी के बीच यह फैसला ग्राहकों को सुरक्षा और विश्वास प्रदान करेगा।

बैंक को सतर्क रहने की जिम्मेदारी
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि बैंकों को अनधिकृत और धोखाधड़ी वाले लेनदेन का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए उपलब्ध तकनीकों का उपयोग करना चाहिए। साथ ही, ग्राहकों को भी सतर्क रहने और किसी के साथ ओटीपी साझा न करने की सलाह दी गई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कुछ मामलों में ग्राहक की लापरवाही भी जांच के दायरे में लाई जा सकती है।

94,204 रुपये मुआवजे का आदेश
इस फैसले के तहत भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को एक ग्राहक को 94,204 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। यह मामला 18 अक्टूबर 2021 को हुए अनधिकृत लेनदेन से जुड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए SBI की याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने पाया था कि ग्राहक की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई थी।

ग्राहकों के लिए अहम संदेश
यह फैसला न केवल ग्राहकों को समय पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित करता है, बल्कि बैंकों को अपनी सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए भी बाध्य करता है। ग्राहकों को अब यह भरोसा मिलेगा कि उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई की जाएगी और नुकसान की भरपाई होगी।

ध्यान रखें:

  1. किसी के साथ ओटीपी या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
  2. अनधिकृत लेनदेन की स्थिति में तुरंत बैंक को सूचित करें।
  3. RBI के निर्देशों के अनुसार तीन दिनों के भीतर शिकायत दर्ज करना सुनिश्चित करें।

यह फैसला डिजिटल बैंकिंग को और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

HDFC Bank ने ग्राहकों को दिया तोहफा, कर दिया बड़ा ऐलान

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देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC ने नए साल पर अपने ग्राहकों को तोहफा दिया है। बैंक ने कुछ विशेष अवधि के लोन पर मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.05% की कटौती की है। यह कटौती ओवरनाइट, छह महीने, एक साल और तीन साल की अवधि के लोन पर लागू होगी। हालांकि, अन्य अवधियों के लिए MCLR दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। HDFC बैंक की नई MCLR दरें 7 जनवरी 2025 से प्रभावी हो गई हैं। MCLR दर में बदलाव से आपके लोन की ईएमआई पर क्या असर पड़ सकता है, यह जानना आपके लिए जरूरी है।

HDFC बैंक की नई MCLR दरें – 7 जनवरी 2025 से लागू
  • एचडीएफसी बैंक के ओवरनाइट एमसीएलआर 9.15 फीसदी कर दी है। ये पहले 9.20 फीसदी थी, जिसमें 0.05 फीसदी रेट घटाया गया है।
  • एक महीने का एमसीएलआर 9.20 फीसदी है। इसमें बदलाव नहीं किया गया है।
  • तीन महीने की एमसीएलआर 9.30 प्रतिशत है। इसमें बदलाव नहीं किया गया।
  • छह महीने की एमसीएलआर 9.45 फीसदी थी, जिसे घटाकर 9.40 फीसदी कर दिया गया है। बैंक ने इसमें रेट 0.05 फीसदी घटाया है।
  • एक साल का एमसीएलआर 9.45 फीसदी था जिसे घटाकर 9.40 फीसदी कर दिया गया है। इसमें बैंक ने 0.05 फीसदी रेट घटा दिया है।
  • 2 साल से अधिक पीरियड के लिए एमसीएलआर 9.45 फीसदी है। इसमें बदलाव नहीं किया गया।
  • 3 साल से अधिक पीरियड के लिए एमसीएलआर 9.50 फीसदी था, जिसे घटाकर 9.45 फीसदी कर दिया गया है। इसमें 0.05 फीसदी का बदलाव कर दिया गया है।
MCLR बढ़ने या घटने से लोन की EMI पर क्या असर पड़ता है?

MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट) बैंक द्वारा लोन की ब्याज दर तय करने का एक तरीका है। जब बैंक अपने MCLR रेट में बदलाव करता है, तो यह आपके होम लोन, पर्सनल लोन, और ऑटो लोन जैसी फ्लोटिंग रेट लोन की ईएमआई को प्रभावित करता है।

  • MCLR बढ़ने पर: लोन की ब्याज दर बढ़ जाती है, जिसके कारण आपकी EMI भी बढ़ सकती है।
  • MCLR घटने पर: लोन की ब्याज दर घट जाती है, जिससे आपकी EMI में कमी हो सकती है।

उदाहरण के लिए, अगर आप कार या घर खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो MCLR में कमी होने पर आपको पहले से सस्ते ब्याज दर पर लोन मिल सकता है। वहीं, जिनके पास पहले से लोन है, उनकी मासिक EMI में भी थोड़ी कमी हो सकती है।

MCLR कैसे तय होता है?

MCLR को निर्धारित करने में कई कारक शामिल होते हैं, जैसे डिपॉजिट रेट, रेपो रेट, ऑपरेशनल कॉस्ट, और कैश रिजर्व रेशो को बनाए रखने की लागत। रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर MCLR पर पड़ता है, जिससे लोन की ब्याज दरें प्रभावित होती हैं। जब MCLR बढ़ता है, तो लोन की ब्याज दर बढ़ती है और जब घटता है, तो ब्याज दर घट जाती है।

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