Sunday, February 1, 2026
Home Blog Page 1106

फिर लाएंगे केजरीवाल… दिल्ली चुनाव के लिए AAP ने लॉन्च किया कैंपेन सॉन्ग

0

चुनाव आयोग आज बुधवार को दोपहर 2 बजे दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने वाला है। दिल्ली चुनाव को लेकर सियासी पार्टियों ने प्रचार अभियान भी तेज कर दिया है। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने पार्टी का कैंपेन सॉन्ग लॉन्च किया है। इस गाने में दिल्ली सरकार की योजनाओं के बारे में बताया गया है।

अरविंद केजरीवाल ने ‘AAP’ का कैंपेन सॉन्ग लॉन्च करने के मौके पर बीजेपी पर तंज सकते हुए कहा, “देश में गाली-गलौच वाली पार्टी को भी यह गाना पसंद आएगा। वे इसे बंद कमरे में बैठकर सुन सकते हैं और थिरक सकते हैं।” उन्होंने कहा कि दिल्ली में चुनाव एक त्योहार जैसा होता है, जहां लोग नाचते और झूमते हैं।

गाने को दिल्ली के लोगों को समर्पित कर रहे- केजरीवाल 
केजरीवाल ने आगे कहा, “पूरे चुनावी माहौल में, दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के लोगों को एक चीज का सबसे ज्यादा इंतजार रहता है और वह है ‘AAP’ का कैंपेन सॉन्ग। मुझे लगातार फोन आते थे कि ‘आप का कैंपेन सॉन्ग कब लॉन्च हो रहा है?’ अब हम इस गाने को दिल्ली के लोगों को समर्पित कर रहे हैं। इस गाने का खूब प्रचार करें, क्योंकि यह हमारे दिल्लीवासियों के लिए है।” अरविंद केजरीवाल ने इस कैंपेन सॉन्ग को दिल्ली के लोगों के बीच और पार्टी के प्रचार में उत्साह बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

 

इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने ‘‘विश्वसनीय सूत्रों” का हवाला देते हुए दावा किया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अगले कुछ दिनों में पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया के घर पर छापेमारी करेगी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल के दावे पर पलटवार करते हुए कहा कि अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए उनकी (केजरीवाल) यह ‘‘चाल” है क्योंकि उन्हें चुनाव हारने का डर है। सीबीआई ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल के दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

‘अगले कुछ दिनों में सीबीआई का छापा पड़ेगा’
केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने कुछ दिन पहले बोला था कि दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी जी को गिरफ्तार किया जाएगा और ‘आप’ के कुछ नेताओं के घर पर छापेमारी की जाएगी। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, मनीष सिसोदिया जी के घर अगले कुछ दिनों में सीबीआई का छापा पड़ेगा।” उन्होंने कहा कि भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव हार रही है, इसलिए ये गिरफ्तारियां और छापेमारी उनकी बौखलाहट का नतीजा है। केजरीवाल ने कहा, ‘‘अभी तक इन्हें हमारे खिलाफ कुछ नहीं मिला है और आगे भी कुछ नहीं मिलेगा। आप एक कट्टर ईमानदार पार्टी है।”

ट्रूडो के इस्तीफे के बाद कनाडा की सियासत में उबाल, ये दो भारतवंशी संभाल सकते देश की कमान

0

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (   Justin Trudeau) ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे देश में नए प्रधानमंत्री के लिए बहस और चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस दौड़ में कनाडा के प्रमुख नेताओं के साथ-साथ दो भारतवंशी नेता, अनीता आनंद (Anita Anand) और जॉर्ज चहल (George Chahal) भी प्रमुख दावेदारों के रूप में सामने आए हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में और अन्य संभावित दावेदारों के नाम।

अनीता आनंद: प्रधानमंत्री पद की रेस में सबसे आगे  
अनीता आनंद, जो वर्तमान में कनाडा की परिवहन और आंतरिक व्यापार मंत्री हैं, प्रधानमंत्री बनने के लिए सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। अनीता 2019 में सांसद बनीं और ट्रूडो सरकार में रक्षा मंत्री के रूप में भी अहम जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान वैक्सीन खरीद और यूक्रेन को सहायता भेजने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। अनीता का जन्म 1967 में नोवा स्कोटिया में भारतीय माता-पिता के घर हुआ था। उनकी मां पंजाब से और पिता तमिलनाडु से हैं। अनीता, जो एक कानून की प्रोफेसर भी रह चुकी हैं, एयर इंडिया कांड की जांच में भी शामिल रही हैं। अगर अनीता आनंद या जॉर्ज चहल में से कोई भी प्रधानमंत्री बनते हैं, तो इससे भारत-कनाडा संबंधों में मजबूती आने की संभावना है। अनीता आनंद पहले भी भारत से जुड़े कई मुद्दों पर सक्रिय रही हैं।

PunjabKesari

जॉर्ज चहल: भारतवंशी लिबरल सांसद भी रेस में शामिल 
लिबरल पार्टी के सांसद जॉर्ज चहल भी प्रधानमंत्री पद की दौड़ में हैं। हालांकि, कुछ सांसदों ने उन्हें अंतरिम नेता नियुक्त करने का सुझाव दिया है, जिससे यदि यह होता है, तो वे प्रधानमंत्री पद की दौड़ से बाहर हो सकते हैं। चहल, जो वकील और कैलगरी सिटी काउंसलर रहे हैं, सिख कॉकस के अध्यक्ष भी हैं और उन्होंने ट्रूडो से पार्टी चुनाव की मांग की थी।

अन्य दावेदारों के नाम 

  •  क्रिस्टिया फ्रीलैंड : पूर्व वित्त मंत्री और उप प्रधानमंत्री, जो ट्रूडो की करीबी सहयोगी मानी जाती हैं।
  •  डॉमिनिक लीब्लांक : कैबिनेट मंत्री, जिन्होंने मुश्किल समय में ट्रूडो का समर्थन किया।
  •  मार्क कार्नी : बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ कनाडा के पूर्व गवर्नर।
  •  क्रिस्टी क्लार्क : ब्रिटिश कोलंबिया की पूर्व प्रीमियर।

 ट्रूडो के इस्तीफे की वजह 
2015 में प्रधानमंत्री बने जस्टिन ट्रूडो ने हाल के वर्षों में बढ़ती महंगाई और आवास संकट के कारण अपनी लोकप्रियता में गिरावट देखी। उनकी सहयोगी पार्टी एनडीपी ने भी समर्थन वापस ले लिया था, और एक सर्वेक्षण में 73% कनाडाई नागरिकों ने ट्रूडो से इस्तीफे की मांग की थी।  लिबरल पार्टी राष्ट्रपति से चुनाव कराने की अपील कर सकती है। अगर पार्टी जल्दी स्थायी प्रधानमंत्री नहीं चुन पाती, तो ट्रूडो ही अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करते रह सकते हैं।

कर्क और तुला राशि वालों के लिए दिन रहेगा खुशनुमा, जानने के लिए पढ़े आज का राशिफल

0

आज मंगलवार का दिन और पौष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। 07 जनवरी 2025 यानी आज के दैनिक राशिफल की बात करें तो इस पर रेवती नक्षत्र और शिव योग का प्रभाव रहेगा। चंद्रमा मीन राशि में पूरे दिन गोचर करेंगे। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त (12:06 से 12:47 मिनट) में शुभ कार्य करें और राहुकाल (दोपहर 15:01 से 16:18 मिनट) में कोई भी शुभ कार्य न करें। वैदिक ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज के दैनिक राशिफल में कई राशि वालों को भाग्य का अच्छा साथ मिलने की उम्मीद है, कार्य में सफलता और धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं, वहीं कुछ राशि वालों को नौकरी में परेशानियां और खर्चों में बेतहाशा वृद्धि हो सकती है।

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके लिए ठीक-ठाक रहने वाला है। आपके बिजनेस में कुछ नयी योजनाएं बेहतर रहेंगी। कोई बड़ा टेंडर आपको मिल सकता है। पार्टनरशिप में काम करना भी आपके लिए अच्छा रहेगा। आप अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति आसानी से कर पाएंगे। संतान पक्ष की ओर से आपको  कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती हैं। यदि आप नौकरी को लेकर परेशान चल रहे हैं, तो उन्हे  कोई दूसरी नौकरी का ऑफर आ सकता है।
वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए भागदौड़ भरा रहने वाला है। आप अपने काम को लेकर व्यस्त रहेंगे। संभव हो किसी दूसरे के मामले में बेवजह ना बोलें। कोई कानूनी मामला आपके लिए सिर दर्द बनेगा। आपको अपने संतान की सेहत में लापरवाही बिल्कुल नहीं करनी है, नहीं तो उनकी वह बीमारी बाद में बड़ी बन सकती हैं। आप अपने खान-पान पर पूरा ध्यान दें। किसी से कोई बात आपको सोच समझकर करनी होगी, क्योंकि उसे पूरा करने में आपको समस्या आएगी।
मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आपको छुटपुट लाभ की योजनाओं पर पूरा ध्यान देना होगा। जीवन साथी के लिए आप किसी छोटे-मोटे व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं। जो लोग नौकरी में कार्यरत हैं वह पार्ट टाइम कार्य करने के लिए भी समय निकालने में कामयाब रहेंगे। आपको किसी दूर रह रहे परिजन की याद सता सकती हैं। आप अपने व्यवसाय को विदेशों तक ले जाने की पूरी कोशिश करेंगे।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके लिए खुशनुमा रहने वाला है। आपको यदि किसी काम को लेकर कोई टेंशन थी, तो वह भी दूर होगी। प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहे लोग किसी बड़ी डील को फाइनल करेंगे। वाहन आदि चलाने में सावधानी बरतें। अपनी शौक मौज की चीजों पर भी अच्छा खासा धन व्यय करेंगे। आपको धन संबंधित समस्या होने की संभावना है। आप शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट सोच समझकर करें, क्योंकि इससे कोई नुकसान हो सकता है।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए सोच समझकर काम को करने के लिए रहेगा। बिजनेस में यदि लंबे समय से किसी काम को लेकर परेशान चल रहे थे, तो उसमें आपको अच्छा लाभ मिलेगा। प्रेम जीवन जी रहे लोग अपने साथी के साथ रिश्ते में आगे ले बढ़ने की कोशिश करेंगे। विवाह की बात भी पक्की हो सकती हैं। आपके कोई मन की इच्छा पूरी होने से परिवार में किसी पूजा पाठ का आयोजन हो सकता है। सामाजिक कार्यक्रम में आपकी साख चारों ओर फैलेगी, जिससे आपके जन समर्थन में भी इजाफा होगा।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए मध्यम रूप से फलदायक रहने वाला है। आपको अपने खर्चों पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है। आपके खर्च बढ़ने से आपकी समस्याएं बढ़ेंगी। आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। आप किसी धार्मिक आयोजन में सम्मिलित हो सकते हैं। किसी वाद विवाद से आपको दूर रहने की आवश्यकता है। आप किसी को धन उधार देने से बचें, नहीं तो बेवजह का कोई लड़ाई झगड़ा हो सकता है। वाहन का प्रयोग आप सावधान रहकर करें, नहीं तो कोई दुर्घटना हो सकती है।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके लिए किसी लंबे समय से रुके हुए काम को पूरा करने के लिए रहेगा। आप अपने ऑफिस के काम को पूरा करने में काफी व्यस्त रहेंगे। माता जी आपको कोई जिम्मेदारी देंगे, उसमें भी आप ढील दे सकते हैं। आप किसी से कोई बात बहुत ही सोच समझ कर बोलें। आप अपनी वाणी व व्यवहार पर संयम बनाए रखें। आपको किसी भी काम में सोच समझकर हाथ बढ़ाएं। आपका कोई मित्र आपके लिए कोई इंवेस्टमेंट संबंधित प्लान लेकर आ सकता है।
वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए मिला जुला रहने वाला है। परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है, जिसमें परिवार के सभी सदस्य व्यस्त रहेंगे। आपकी तरक्की की राह में आ रही बाधाएं दूर होंगी। आपको कोई सरप्राइज गिफ्ट मिलने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। पारिवारिक सदस्य काम को लेकर आपको कोई सलाह दे सकते हैं, जिस पर चलना आपके लिए बेहतर रहेगा। आपको किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा। माता-पिता का आशीर्वाद से आप किस नए वाहन को घर लेकर आ सकते हैं।

January का महीना क्यों कहलाता है “Divorce Month”? जानें यह दिलचस्प वजह

0

क्या आपने कभी “डिवोर्स मंथ” के बारे में सुना है? यह वह समय है जब सबसे ज्यादा रिश्ते टूटते हैं। यह खासतौर पर जनवरी महीने में होता है। नए साल के संकल्प और छुट्टियों के बाद के तनाव की वजह से कई लोग अपने रिश्तों को खत्म करने का फैसला करते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों जनवरी में तलाक के मामले सबसे ज्यादा बढ़ जाते हैं।

जनवरी में तलाक के मामलों में बढ़ोतरी क्यों?

जनवरी को “डिवोर्स मंथ” इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस महीने में सबसे ज्यादा तलाक के केस दर्ज होते हैं। छुट्टियों के दौरान लोग परिवार के साथ समय बिताते हैं और अपनी समस्याओं को नजरअंदाज करने की कोशिश करते हैं लेकिन जैसे ही नया साल शुरू होता है वे अपने रिश्तों का आकलन करते हैं और कई बार अलग होने का फैसला कर लेते हैं।

सूत्रों के मुताबिक जनवरी के पहले हफ्ते में तलाक के नए केस और वकीलों से संपर्क करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा होती है।

अध्ययन और आंकड़े क्या कहते हैं?

एक अध्ययन के अनुसार 2001 से 2015 के बीच वॉशिंगटन में जनवरी महीने में तलाक के केस दिसंबर की तुलना में काफी ज्यादा दर्ज हुए।

इसके अलावा रिचर्ड नेल्सन एलएलपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक:

: “DIY डिवोर्स” (खुद तलाक की प्रक्रिया) और “क्विकी डिवोर्स” (जल्दी तलाक) जैसे गूगल सर्च जनवरी में 100% तक बढ़ जाते हैं।
: तलाक के वकीलों से संपर्क करने वालों की संख्या में 30% तक का इजाफा होता है।

छुट्टियों का असर रिश्तों पर

क्रिसमस और न्यू ईयर की छुट्टियां रिश्तों पर बड़ा असर डालती हैं।

– रिश्तों में तनाव: छुट्टियों के दौरान रिश्तेदारों के साथ समय बिताना, महंगे तोहफे खरीदना और खास आयोजन करना लोगों पर भारी पड़ता है।
– कमजोर रिश्ते और बिगड़ते हालात: पहले से कमजोर रिश्तों के लिए यह समय और मुश्किल बन जाता है।
– नई शुरुआत का दबाव: नया साल आने के बाद लोग अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के बारे में सोचते हैं और अगर रिश्ते बोझ लगने लगें तो वे उन्हें खत्म करना चाहते हैं।

मनोवैज्ञानिक नजरिया

मनोचिकित्सक डॉ. कैरेन फिलिप के अनुसार नया साल शुरू होते ही लोग अपनी जिंदगी का आकलन करते हैं।

: वे सोचते हैं कि पिछले साल में क्या गलत हुआ।
: अगर किसी को लगता है कि उनका रिश्ता उनके लिए सही नहीं है तो वे उससे बाहर निकलने का फैसला कर लेते हैं।
: नए साल के लक्ष्य और संकल्प भी लोगों को यह कदम उठाने के लिए प्रेरित करते हैं।

क्या यह समाज में चिंता का कारण है?

जनवरी में तलाक के बढ़ते मामलों से यह सवाल उठता है कि रिश्ते क्यों कमजोर हो रहे हैं।

– संचार की कमी: पार्टनर्स के बीच संवाद की कमी रिश्तों को कमजोर करती है।
– बाहरी दबाव: परिवार, पैसे और सामाजिक अपेक्षाओं का दबाव रिश्तों पर असर डालता है।
– स्वास्थ्य और मानसिक तनाव: छुट्टियों के दौरान अधिक काम और तनाव रिश्तों में दरार डाल सकता है।

क्या हमें इससे कुछ सीखने की जरूरत है?

जनवरी में तलाक के बढ़ते मामलों से यह समझने की जरूरत है कि:

: रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए समय और संवाद जरूरी है।
: बाहरी दबाव से बचने और पार्टनर के साथ समय बिताने से रिश्ते मजबूत हो सकते हैं।
: तनाव और भावनात्मक समस्याओं पर चर्चा करना जरूरी है।

अंत में कहा जा सकता है कि जनवरी को “डिवोर्स मंथ” कहना शायद सही हो सकता है लेकिन यह समाज और रिश्तों पर सोचने का समय भी है। नए साल की शुरुआत में सिर्फ अपने लक्ष्य तय करने के बजाय अपने रिश्तों को मजबूत बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए।

HMPV वायरस ने महाराष्ट्र में दी दस्तक, देश में कुल 7 मामलों की हुई पुष्टि

बेंगलुरु और गुजरात के बाद अब महाराष्ट्र में भी HMPV वायरस की एंट्री हो चुकी है। यहां पर दो बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बताया जा रहा है कि खांसी बुखार के चलते शहर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के लिए लाया गया था। इन बच्चों की उम्र 7 साल और 14 साल है। ये मामले सामने आने के बाद अब कुल HMPV वायरस के केस की गिनती 7 हो चुकी है।

अलर्ट मोड पर आई स्वास्थ विभाग की टीम-

महाराष्ट्र से केस सामने आने के बाद से स्वास्थ विभाग टीम अलर्ट हो गई है। सरकार ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे घबराए नहीं। इसके अलावा इस वायरस को लेकर गाइडलाइन्स जारी की जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री नड्डा बोले-

स्वास्थ्य मंत्री ने एक बयान में कहा, “हालात की समीक्षा के लिए 4 जनवरी को स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह की बैठक हुई। देश की स्वास्थ्य सिस्टम और निगरानी नेटवर्क सतर्क हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि देश किसी भी उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों का तुरंत जवाब देने के लिए तैयार है। चिंता करने की कोई बात नहीं है। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।”

छतरपुर में अज्ञात कारण के चलते छात्रा ने दी जान, जांच में जुटी पुलिस

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा द्वारा अज्ञात कारणों के चलते आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, साथ ही मामले की विवेचना की जा रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सटई रोड़ पर संध्या विहार कॉलोनी के पीछे रहने वाले रामबाबू राजपूत की 15 वर्षीय पुत्री आरती राजपूत ने सोमवार की सुबह करीब 10 बजे अपने घर के भीतर अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

आरती के पिता रामबाबू ने बताया कि वह टैक्सी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। आरती न्यू कमल कॉन्वेंट हाय सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 9वीं की पढ़ाई कर रही थी। वह रोज की तरह सोमवार की सुबह से कोचिंग गई थी और यहां से वापिस आने के बाद उसने आत्महत्या कर ली।

 घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस ने आरती का मोबाइल जब्त करते हुए शव को फंदे से नीचे उतरवाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

महिला कलाकार ने महाकुंभ के लिए ‘राम नाम’ से अमृत कलश की बनाई पेंटिंग, divinity और grandeur का प्रतीक

प्रयागराज में होने जा रहे महाकुंभ मेले की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं, और उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधाओं और स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया है। महाकुंभ, जो भारतीय धर्म और संस्कृति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है, 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होगा, और इस बार इस महापर्व के आयोजकों ने इसे और भी खास और भव्य बनाने के लिए कई नवाचारों का पालन किया है। एक महिला कलाकार द्वारा बनाई गई एक अद्वितीय पेंटिंग, जो महाकुंभ के अमृत कलश को दर्शाती है, इस महाकुंभ की दिव्यता और आध्यात्मिकता को और भी गहरा करती है।

महाकुंभ के अमृत कलश का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है, क्योंकि यह त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी का संगम) के पवित्र जल से भरा जाता है। यह कलश महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा किए जाने वाले पवित्र स्नान का प्रतीक है, और इसे लेकर भक्तों में विशेष श्रद्धा होती है। इसी पवित्रता और महत्व को ध्यान में रखते हुए, महिला कलाकार प्रतिभा पांडे ने एक बेहद अद्भुत और अनोखी पेंटिंग बनाई है, जिसमें उन्होंने “राम” शब्द को बार-बार उकेर कर अमृत कलश का रूप दिया है। प्रतिभा पांडे की इस कला में उन्होंने “राम” शब्द को बार-बार लिखकर कलश के आकार का निर्माण किया है, जो न केवल आध्यात्मिक रूप से प्रेरित है, बल्कि इसके माध्यम से वह महाकुंभ के पवित्र आयोजन को और भी दिव्य बनाना चाहती थीं। पांडे का मानना है कि इस तरह के शब्दों का उकेरा जाना कला से ज्यादा एक साधना है, और यह पेंटिंग उन्हें अपने आंतरिक ध्यान और भक्ति से मिली प्रेरणा का परिणाम है।

प्रतिभा पांडे ने इस पेंटिंग के निर्माण की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा कि इसमें बहुत समय लगा और यह उनके लिए एक साधना जैसा अनुभव था। उन्होंने कहा, “राम का नाम लिखना मेरे लिए केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक ध्यान का तरीका है। यह मेरी आंतरिक शांति और भक्ति का हिस्सा है।” पांडे ने इस पेंटिंग को बनाने में कई दिन लगाए, और उन्होंने बताया कि उन्होंने इसका हिसाब नहीं रखा कि कुल कितनी बार “राम” का नाम उकेरा गया है, क्योंकि यह उनके लिए कोई साधारण काम नहीं था, बल्कि यह एक ध्यान की प्रक्रिया थी। इस पेंटिंग में “राम” का नाम इतने बार उकेरा गया है कि यह न केवल एक धार्मिक प्रतीक बन गया है, बल्कि महाकुंभ के आयोजकों और श्रद्धालुओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गया है। पांडे ने यह भी बताया कि उन्होंने इस पेंटिंग को महाकुंभ के पवित्र अवसर को समर्पित किया है, और इसे बनाने का उद्देश्य महाकुंभ के दिव्य स्वरूप को और भी ऊंचा करना था। उन्होंने इस कला को न केवल अपनी साधना का हिस्सा माना, बल्कि इसे पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ प्रस्तुत किया।

प्रतिभा पांडे के पति, प्रवीण कुमार पांडे ने अपनी पत्नी की कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह पूरी कृति एक साधना है। उन्होंने कहा, “मेरी पत्नी की साधना इतनी गहरी है कि वह दिन-रात कई घंटे बैठकर राम का नाम लिखकर यह पेंटिंग बना रही थीं। वह भगवान राम की भक्त हैं और यही उनकी प्रेरणा है।” प्रवीण कुमार ने आगे बताया कि पांडे ने न केवल इस पेंटिंग पर पूरा ध्यान केंद्रित किया, बल्कि घर के अन्य कामों और बच्चों की देखभाल के बीच इसे पूरा किया। उनके अनुसार, यह एक ऐसा साधना अभ्यास है, जो उनकी पत्नी के समर्पण और भक्तिभाव को प्रदर्शित करता है।प्रवीण कुमार पांडे ने यह भी बताया कि प्रयागराज में स्थित त्रिवेणी संगम, जहां महाकुंभ का आयोजन होता है, वह ऋषि भारद्वाज की भूमि है, और यही कारण है कि उनकी पत्नी ने “राम” का नाम उकेरने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, यह पेंटिंग महाकुंभ के पवित्रता के प्रतीक के रूप में कार्य करेगी और श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव का रूप बनेगी।

महाकुंभ मेले में लाखों श्रद्धालु हर वर्ष संगम में स्नान करने के लिए आते हैं, और इस भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए, राज्य प्रशासन ने सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। इस बार, स्वास्थ्य विभाग ने खासतौर पर एचएमपीवी (Human Metapneumovirus) जैसी संभावित स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। अपर मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह से सुनिश्चित की गई हैं। इसके अलावा, डॉक्टरों और परामर्शदाताओं के लिए कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जा रहा है, ताकि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा, और प्रशासन किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए पूरी तरह से सतर्क है। इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं, ताकि वे बिना किसी समस्या के महाकुंभ में भाग ले सकें। प्रशासन ने सुरक्षा बलों की तैनाती, पवित्र स्नान के दौरान गाइडलाइनों का पालन और चिकित्सा सहायता की सुविधाओं को भी सुनिश्चित किया है।

महाकुंभ 12 साल में एक बार आयोजित किया जाता है, और इस बार यह 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच होने जा रहा है। इस अवसर पर लगभग 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। यह एक ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन है, जो भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। महाकुंभ का आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक सामूहिक आध्यात्मिक अनुभव भी है, जिसमें लोग अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए संगम में स्नान करते हैं। प्रतिभा पांडे की बनाई पेंटिंग इस महापर्व की दिव्यता और भव्यता का प्रतीक बन चुकी है। “राम” के नाम से सजी अमृत कलश की यह पेंटिंग न केवल कलाकार की भक्ति का परिणाम है, बल्कि यह महाकुंभ के पवित्र आयोजन को और भी आस्था और श्रद्धा से जोड़ने का काम करती है।

ट्रूडो के इस्तीफा देते ही ट्रंप का ऐलान- कनाडा को अमेरिका में मिलाना ही होगा, फिर दोहराया ऑफर

0

अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump )ने कनाडा (Canada) के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो(Justin  Trudeau)  के इस्तीफे (resignation )के कुछ समय बाद सोमवार को कनाडा को अमेरिका का 51वां प्रांत बनाने का अपना प्रस्ताव दोहराया। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपने नेतृत्व के प्रति बढ़ते असंतोष के मद्देनजर सोमवार को पद से इस्तीफे की घोषणा की। इस साल कनाडा में आम चुनाव होने हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि जब तक पार्टी नया नेता नहीं चुन लेती, तब तक वह प्रधानमंत्री बने रहेंगे। ट्रंप, पांच नवंबर को अपनी चुनावी जीत के बाद ‘मार-ए-लागो’ में ट्रूडो से मुलाकात के बाद से ही कनाडा को अमेरिका का 51वां प्रांत बनाने का विचार व्यक्त करते रहे हैं।

उसके बाद से वह कई बार अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर इसका जिक्र कर चुके हैं। ट्रंप के पिछले कार्यकाल (2017-2021) के दौरान भी ट्रूडो के साथ उनके कभी अच्छे संबंध नहीं रहे। ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘कनाडा में भी बहुत से लोग अपने देश को अमेरिका का 51वां प्रांत बनाने के इच्छुक हैं। अमेरिका अब उन भारी व्यापार घाटे और सब्सिडी को वहन नहीं कर सकता है जिनकी कनाडा को अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए जरूरत है। जस्टिन ट्रूडो को यह पता था और उन्होंने इस्तीफा दे दिया।”

ट्रूडो के इस्तीफे के बाद सोमवार को ट्रंप ने कहा, ‘‘अगर कनाडा अमेरिका का हिस्सा बन जाता है तो कोई कर नहीं होगा, कर बहुत कम हो जाएंगे और वे रूसी और चीनी जहाजों के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे जो लगातार उन्हें घेरे रहते हैं। साथ मिलकर, यह कितना महान देश बनेगा।” कनाडा की ओर से ट्रंप के प्रस्ताव पर कोई तवज्जो नहीं दी गई है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर कनाडा अमेरिका के साथ अपनी दक्षिणी सीमा से मादक पदार्थ तस्करी और अवैध प्रवासियों की घुसपैठ को नहीं रोकता है तो कनाडाई आयात पर 25 प्रतिशत कर लगाया जाएगा।

Gold price Today: सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट… जानें आज का लेटेस्ट रेट

7 जनवरी 2025 को भारतीय वायदा बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। सुबह 10:12 बजे, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 फरवरी की समाप्ति वाले सोने का वायदा भाव 0.02% की गिरावट के साथ ₹77,140 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। हालांकि, सुबह 9:10 बजे यह 0.12% की वृद्धि के साथ ₹77,250 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, लेकिन बाद में इसमें गिरावट दर्ज की गई।

पिछले सत्र में सोने का प्रदर्शन
सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट मुख्य रूप से हाजिर बाजारों में कमजोर मांग और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण हुई। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड मई 2024 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जिससे सोने की मांग प्रभावित हुई। एमसीएक्स पर फरवरी वायदा सोना 0.21 प्रतिशत गिरकर ₹77,158 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। हालांकि, घरेलू इक्विटी बाजार में कमजोरी और डॉलर इंडेक्स में गिरावट ने सोने की कीमतों में गिरावट को सीमित रखा।

दिल्ली के सर्राफा बाजार का हाल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को हाजिर बाजार में सोने की कीमत ₹700 की गिरावट के साथ ₹78,600 प्रति 10 ग्राम रह गई। यह शुक्रवार के ₹79,300 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले कम रही।

वैश्विक बाजार का प्रभाव और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी
विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2024 में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने सामूहिक रूप से 53 टन सोना खरीदा। इसमें भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा खरीदे गए 8 टन सोना भी शामिल है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंकों ने सोने को एक स्थिर और सुरक्षित संपत्ति मानते हुए इसे प्राथमिकता दी।

आगे की स्थिति पर नजर
इस हफ्ते शुक्रवार को अमेरिकी नौकरियों की रिपोर्ट आने की उम्मीद है, जो ब्याज दरों के रुख पर असर डाल सकती है। इसके साथ ही, बुधवार को फेडरल रिजर्व की दिसंबर नीति बैठक के मिनट्स भी जारी होंगे, जो व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

Earthquake से कांपी धरती: तिब्बत में तबाही, Nepal हिला, 53 लोगों की मौत, भारत में भी असर

0

आज सुबह तिब्बत और नेपाल में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यह भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 6:35 बजे आया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 मापी गई जो काफी खतरनाक मानी जाती है। भूकंप का केंद्र नेपाल और तिब्बत की सीमा के पास था। चीन के बयान में बताया गया कि नेपाल सीमा के पास तिब्बत क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 53 लोगों की मौत हुई है।

भारत के इन राज्यों में महसूस हुए झटके

भूकंप के झटके भारत के कई राज्यों जैसे बिहार, असम, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में भी महसूस किए गए। बिहार में पटना समेत कई जिलों में लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र नेपाल के लोबुचे से 93 किमी उत्तर-पूर्व में था। फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है लेकिन इतनी तीव्रता वाले भूकंप में गंभीर खतरा रहता है।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की रिपोर्ट

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र तिब्बत के जिजांग क्षेत्र में था।

सुबह 6:30 बजे पहला झटका 7.1 तीव्रता का था। इसके बाद 7:02 बजे 4.7 तीव्रता, 7:07 बजे 4.9 तीव्रता और 7:13 बजे 5.0 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए। इन झटकों के बाद लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों में जमा हो गए।

पिछले महीने भी आया था भूकंप

21 दिसंबर 2024 को नेपाल में 4.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। यह क्षेत्र लगातार भूकंप के खतरे में रहता है क्योंकि यहां टेक्टोनिक प्लेट्स की गतिविधियां बहुत अधिक हैं।

2015 का विनाशकारी भूकंप

अप्रैल 2015 में नेपाल में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें:

: लगभग 9,000 लोगों की मौत हो गई थी।
: करीब 22,000 लोग घायल हुए थे।
: 8 लाख से ज्यादा घर और स्कूल तबाह हो गए थे।

नेपाल में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?

आईआईटी कानपुर के सीनियर प्रोफेसर जावेद एन मलिक के अनुसार हिमालय रेंज के नीचे टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार अस्थिर रहती हैं। ये प्लेट्स जब आपस में टकराती हैं तो बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है जिससे भूकंप आता है।

भूकंप कैसे आता है?

पृथ्वी के अंदर 7 बड़ी टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं जो हमेशा घूमती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं तो उनके कोने मुड़ जाते हैं। इस टकराव से दबाव बढ़ता है और जब प्लेट्स टूटती हैं तो धरती के अंदर से ऊर्जा बाहर निकलती है। यह ऊर्जा धरती को हिला देती है जिससे भूकंप आता है।

भूकंप का केंद्र और तीव्रता क्या होती है?

: भूकंप का केंद्र (एपिसेंटर): वह स्थान जहां प्लेटों के टकराव से ऊर्जा निकलती है।
: तीव्रता (Magnitude): भूकंप की ताकत को मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल किया जाता है।

भूकंप की तीव्रता और असर

: 7 से ऊपर की तीव्रता: इमारतों और पुलों को गिराने में सक्षम।
: 9 और उससे ज्यादा: भारी तबाही और सुनामी का खतरा।
: रिक्टर स्केल पर हर अगले स्केल की तीव्रता पिछले से 10 गुना ज्यादा होती है।

सावधान रहने की अपील 

भूकंप के समय खुले स्थान पर जाएं, लिफ्ट का उपयोग न करें और भारी इमारतों से दूर रहें। वहीं आपातकालीन स्थिति के लिए हमेशा तैयार रहें।

- Advertisement -

News of the Day