Sunday, February 1, 2026
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खालिस्तानी नेता Pannu की धमकी, प्रयागराज महाकुंभ को ‘युद्ध भूमि’ बनाने का ऐलान

सिख्स फॉर जस्टिस के नेता व खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक नया धमकी वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होने वाले महाकुंभ को बाधित करने की धमकी दी है।

पन्नू ने वीडियो में “प्रयागराज चलो” का आह्वान किया और हिंदुत्व विचारधारा के खिलाफ विरोध करने की बात की। उन्होंने अपने समर्थकों से लखनऊ और प्रयागराज के हवाई अड्डों पर खालिस्तानी और कश्मीर के झंडे फहराने का भी आग्रह किया। वीडियो के अंत में उन्होंने कहा, “महाकुंभ प्रयागराज 2025 एक युद्ध भूमि बन जाएगा।”

दूसरी बार दी धमकी

यह पन्नू की महाकुंभ को लेकर दी गई दूसरी धमकी है। इससे पहले एक वीडियो में उसने धार्मिक आयोजन के महत्वपूर्ण स्नान तिथियों, जैसे मकर संक्रांति (14 जनवरी), मानी अमावस्या (29 जनवरी) और बसंत पंचमी (3 फरवरी) को बाधित करने की धमकी दी थी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने पन्नू के पहले वीडियो की कड़ी निंदा की है। परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने पन्नू की धमकियों को “पागलपन” बताते हुए कहा कि अगर पन्नू महाकुंभ में आया, तो उसे पीटकर बाहर कर दिया जाएगा। महंत रविंद्र पुरी ने कहा, “हमने ऐसे सैकड़ों पागल देखे हैं।”

महंत ने हिंदू और सिखों के बीच एकता पर जोर देते हुए कहा कि पन्नू के विभाजन की कोशिशें बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा, “यह माघ मेला है, जहां हिंदू और सिख एकजुट होते हैं। पन्नू की कोशिशों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सिख समुदाय ने हमारे सनातन धर्म की रक्षा की है।” यह धमकी उस वक्त आई है, जब उत्तर प्रदेश और पंजाब पुलिस ने पीलीभीत में तीन खालिस्तानी जिंदाबाद फोर्स के आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।

UP के इटावा में दुर्लभ प्रजाति के 528 कछुए बरामद, तस्कर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में मैनपुरी सीमा पर छापेमारी करके वन विभाग ओर एसटीएफ टीम ने संयुक्त रूप से बांग्लादेश ले जाए जा रहे 528 कछुए बरामद किए गए। इस सिलसिले में एक कछुआ तस्कर गिरफ्तार किया गया है। इटावा के प्रभागीय वन अधिकारी अतुलकांत शुक्ला ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिरी से मिली सूचना के आधार पर एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से मैनपुरी सीमा पर छापेमारी करके बांग्लादेश तस्करी कर ले जाए जा रहे 528 कछुए बरामद किए गए, बरामद किए गए सभी कछुए सुंदरी प्रजाति के हैं।

उन्होंने बताया कि सुंदरी प्रजाति के कछुओं को तस्करी कर बांग्लादेश ले जा रहे कछुआ तस्कर गिरेंद्र सिंह उर्फ गौरव शाक्य पुत्र रामसेवक निवासी नगला जानूखा थाना बिछवा तहसील कुरावलली जिला मैनपुरी को गिरफ्तार कर लिया गया है। कछुए ट्रक से बांग्लादेश ले जाए जा रहे थे।जिस ट्रक से कछुए ले जाए जा रहे थे उसमें अन्य बिजली का सामान भरा हुआ था। उसके साथ छुपा कर कछुए ले जाए जा रहे थे।

वन विभाग ओर एसटीएफ टीम ने मैनपुरी से आ रहे ट्रक को कररी पुलिया के पास रोक लिया, चेकिंग के दौरान ट्रक में कछुए निकले। इटावा की डीएफओ अतुल कांत शुक्ला ने बताया कि ट्रक भागने की फिराक में था लेकिन वाहन चेकिंग में इसको सुबह तड़के 3 बजे घेर कर पकड़ लिया गया । ट्रक में बिजली का सामान लदा हुआ था और यह दिल्ली से कोलकाता से होते हुए बांग्लादेश के ढाका जा रहा था। हम लोग पूरी तरह से सभी लिंक की तलाश कर रहे हैं और सफेद पोश को भी तलाश कर रहे हैं। शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी। वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत करवाई की जाएगी।

तस्करी के लिए ले जाया जा रहे कछुआ सेक्स वर्धक दवाओं के लिए उपयोग में प्रयोग करते हैं। डीएफओ अतुल कांत शुक्ला ने बताया कि तस्करी के लिए ले जाया जा रहे कछुआ सेक्स वर्धक दवाओं के लिए उपयोग में प्रयोग करते हैं। इस सिंडिकेट में कई सफेदपोश लोगों का भी शामिल होने की जानकारी मिल रही है। उनके विरुद्ध भी जल्द से जल्द कड़ी कारर्वाई की जाएगी। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल टीम का भी इस सफलता में बड़ा योगदान रहा है। कछुआ की तस्करी में शामिल ट्रक के खिलाफ वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत कारर्वाई की गई है।

दुनियाभर में बढ़ रहा प्लास्टिक सर्जरी का ट्रेंड, 5 साल में बढ़े 1 करोड़ केस

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आज के समय में दुनियाभर में प्लास्टिक सर्जरी का चलन तेजी से बढ़ रहा है। खासकर विकासशील देशों के युवा अपनी सुंदरता बढ़ाने के लिए इस प्रक्रिया का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि इन देशों में ट्रीटमेंट की लागत काफी कम है।

युवा सबसे ज्यादा ले रहे हैं प्लास्टिक सर्जरी का सहारा

चीन के एक ब्यूटी सर्विस ऐप के मुताबिक, कॉस्मेटिक सर्जरी कराने वाले 67% लोग 28 साल से कम उम्र के हैं। वहीं अमेरिका में यह आंकड़ा 34 साल से कम उम्र के लोगों का 27% है। इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जरी के अनुसार, 2019 में दुनियाभर में 2.5 करोड़ प्लास्टिक सर्जरी हुई थीं, जो 2023 में बढ़कर 3.5 करोड़ हो गई हैं। यह इंडस्ट्री फिलहाल 7 लाख करोड़ रुपए की है और अगले 5 सालों में इसके दोगुना होने की संभावना है।

एंटी रिंकल इंजेक्शन की सबसे ज्यादा मांग

प्लास्टिक सर्जरी में सबसे ज्यादा डिमांड एंटी रिंकल इंजेक्शन की है। मैकेंजी की रिपोर्ट के अनुसार, कुल मामलों में से 20% लोग इसी ट्रीटमेंट को चुनते हैं। 20 से 50 साल के लोग इस प्रक्रिया को ज्यादा अपनाते हैं। इसके अलावा हेयर ट्रांसप्लांट, ब्रेस्ट इम्प्लांट, नाक और होठों को सुंदर बनाने वाले ट्रीटमेंट की भी बहुत मांग है।

वीडियो कॉल पर बेहतर दिखने के लिए बढ़ी सर्जरी की मांग

डिजिटल युग में ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉल का चलन बढ़ गया है। अमेरिका में 2021 में हुए एक सर्वे के मुताबिक, प्लास्टिक सर्जरी करने वाले 80% डॉक्टरों ने बताया कि उनके पास आने वाले ज्यादातर लोग वीडियो कॉल पर बेहतर दिखने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी करवा रहे हैं।

सस्ता इलाज खींच रहा विदेशी लोगों को

विकासशील देशों में प्लास्टिक सर्जरी की लागत कम होने के कारण विदेशी लोग भी यहां इलाज करवाने आ रहे हैं। उदाहरण के लिए 2023 में तुर्की में 15 लाख से ज्यादा लोगों ने हेयर ट्रांसप्लांट करवाया। तुर्की में इसकी कीमत करीब 2.14 लाख रुपये है। जबकि ब्रिटेन में यही प्रक्रिया 10.29 लाख रुपए में होती है। इसी तरह ब्राजील में नाक की सर्जरी की कीमत 1.71 लाख रुपए है, जबकि अमेरिका में यह 6.51 लाख रुपए तक पहुंच जाती है।

आने वाले समय में और बढ़ेगा ट्रेंड

प्लास्टिक सर्जरी का बढ़ता क्रेज दिखाता है कि लोग अपनी खूबसूरती को लेकर ज्यादा सजग हो गए हैं। तकनीक और मेडिकल साइंस की तरक्की के साथ यह इंडस्ट्री और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

पाकिस्तान: खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम जिले में 2 माह के लिए धारा 144 लागू

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उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने सरकारी काफिले पर हमले के बाद शांति बहाली के प्रयास के तहत हिंसा प्रभावित कुर्रम जिले में दो माह के लिए निषेधाज्ञा (धारा-144) लागू कर दी है। इस हमले में जिले के एक शीर्ष अधिकारी घायल हो गए थे। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर की अध्यक्षता में रविवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में धारा 144 लागू करने का निर्णय लिया गया। इस धारा के तहत, हथियार लेकर खुलेआम घूमने और पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध है।

बैठक में टारी और चापरी क्षेत्रों के बीच मुख्य पारचिनार राजमार्ग पर सभी जनसभा और रैलियों पर प्रतिबंध लगाने का भी निर्णय लिया गया। सांप्रदायिक हिंसा से प्रभावित कुर्रम जिले में शांति और सद्भाव बहाल करने के लिए यह कदम उठाया गया है। कुर्रम जिले के उपायुक्त जावेदुल्लाह महसूद और सात अन्य लोग शनिवार को उस समय घायल हो गए जब पहाड़ी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पेशावर से लगभग 200 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में बागान के पास कोजलाई बाबा गांव में उनके सैन्य वाहनों पर गोलीबारी की गई।

अलीजाई और बागान कबीलों के बीच बुधवार को शांति समझौता हुआ। इससे पहले 21 नवंबर से दो दिसंबर के बीच जिले में सांप्रदायिक झड़पों में 133 लोगों की मौत हो गई थी। यह झड़पें पारचिनार के निकट यात्री वैन पर हुए घातक हमले के बाद शुरू हुईं, जिसमें 57 लोग मारे गए थे। बताया गया है कि उपायुक्त महसूद के वाहन को निशाना बनाने वाले हमलावरों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। हमलावरों को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि सरकार हमलावरों पर इनाम घोषित करेगी।

यूक्रेन खिलाफ जंग में जानबूझ कर अपने ही साथियों की जान ले रहे उत्तर कोरियाई सैनिक

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रूस-यूक्रेन संघर्ष में उत्तर कोरिया के सैनिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने न केवल कोरियाई और रूसी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर किया, बल्कि उनकी एक पूरी बटालियन को भी खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि बंदी बनने से बचने के लिए उत्तर कोरियाई सैनिक अपने ही घायल साथियों को मार देते हैं।

जेलेंस्की ने दक्षिणी कुर्स्क क्षेत्र के मखनोव्का गांव के पास यूक्रेनी सैनिकों के साहस की सराहना की। उत्तर कोरियाई सैनिकों ने घायल साथियों को बंदी बनने से रोकने के लिए उन्हें मार देने की घटनाएं सामने आईं। पश्चिमी आंकलन के अनुसार करीब 11,000 उत्तर कोरियाई सैनिक रूस की मदद के लिए युद्ध में शामिल हैं।
रूसी रणनीति के तहत पोक्रोव्स्क शहर पर कब्जे के लिए जोर लगा रहे रूसी सैनिकों को रसद आपूर्ति लाइनों पर फोकस करना पड़ा।

जेलेंस्की के अनुसार, रूसी सीमा के करीब 1,000 किलोमीटर क्षेत्र में भीषण लड़ाई जारी है। पोक्रोव्स्क शहर में हालात सबसे चुनौतीपूर्ण हैं, जहां रूसी सैनिक भारी नुकसान के बावजूद कोई ठोस बढ़त नहीं बना सके। जेलेंस्की ने उत्तर कोरियाई सैनिकों के व्यवहार में एक पैटर्न की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि बंदी बनने से बचने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। हालांकि, जेलेंस्की के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यूक्रेनी सेना ने रूस और उत्तर कोरिया की संयुक्त ताकत को कमजोर करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

UP : 700 किमी लंबा हाईवे बनने की योजना, 15 districts की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम

उत्तर प्रदेश में सड़क परिवहन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है, जिसके तहत गोरखपुर से लेकर शामली तक 700 किलोमीटर लंबा एक नया हाईवे बनाया जाएगा। इस हाईवे के निर्माण से न केवल प्रदेश के 15 जिलों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, बल्कि व्यापार, यातायात और सुरक्षा के लिहाज से भी यह एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। इसके निर्माण से गोरखपुर और शामली जैसे प्रमुख शहरों के बीच तेज़ और सुगम यात्रा सुनिश्चित होगी।

15 जिलों को जोड़ेगा यह हाईवे
गोरखपुर से शामली तक फैला यह नया हाईवे उत्तर प्रदेश के 15 जिलों से होकर गुजरेगा, जिनमें गोरखपुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर, पीलीभीत, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर, मेरठ और शामली शामिल हैं। इन जिलों में कई ऐसे हैं जो विकास के मामले में पिछड़े हुए माने जाते हैं, लेकिन इस हाईवे के बनने से यहां की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे न केवल लोगों को यात्रा में सहूलत मिलेगी, बल्कि इन क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

नेपाल सीमा पर निगरानी को मिलेगा सहयोग
इस हाईवे का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसका निर्माण नेपाल सीमा के पास होने के कारण सीमा पर निगरानी के कार्य को भी सुदृढ़ करेगा। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों को तेज़ और प्रभावी परिवहन नेटवर्क की आवश्यकता होती है, जिससे सीमा पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इस हाईवे के निर्माण से यह कार्य आसान हो जाएगा और सुरक्षा एजेंसियों को जल्द और प्रभावी प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, सीमा पार व्यापार और सामरिक दृष्टिकोण से भी यह हाईवे महत्वपूर्ण होगा।

NHAI ने शुरू की सीमांकन प्रक्रिया
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया है और अगले कुछ महीनों में सीमांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सीमांकन के बाद भूमि अधिग्रहण का कार्य आरंभ होगा। हालांकि, भूमि अधिग्रहण में कुछ समय लग सकता है, लेकिन NHAI ने इस प्रक्रिया को जल्दी और प्रभावी रूप से पूरा करने की योजना बनाई है। NHAI के अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना की मंजूरी और जमीन अधिग्रहण के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

तीन साल में पूरा होगा निर्माण
इस हाईवे के निर्माण में कम से कम तीन साल का समय लग सकता है, और तीन वर्षों के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस हाईवे के निर्माण से उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सड़क यातायात की स्थिति में सुधार होगा और प्रदेश की कनेक्टिविटी में एक बड़ा बदलाव आएगा। प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार दोनों ने इस परियोजना को एक प्राथमिकता के रूप में देखा है और इसके लिए सभी आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान
गोरखपुर-शामली हाईवे का निर्माण उत्तर प्रदेश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। इस हाईवे से न केवल प्रमुख शहरों को जोड़ने में मदद मिलेगी, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी सड़क कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और इन क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। जो इलाके अब तक कनेक्टिविटी की कमी के कारण पिछड़े हुए थे, वे अब इस हाईवे के बनने से आर्थिक दृष्टिकोण से प्रगति कर सकेंगे।

राज्य सरकार और NHAI के बीच बैठक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बीच इस हाईवे के निर्माण को लेकर कई बार बैठकें हो चुकी हैं। दोनों नेताओं ने इस प्रोजेक्ट की अहमियत को समझते हुए इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इस बैठक में यह भी तय किया गया था कि इस हाईवे के निर्माण के दौरान स्थानीय समुदायों को भी पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि भूमि अधिग्रहण और अन्य समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सके।

हाईवे के लाभ

1. सड़क यातायात में सुधार:यह हाईवे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा को तेज और सुगम बनाएगा। इस हाईवे के बनने से गोरखपुर से शामली की दूरी में काफी कमी आएगी और यातायात की गति बढ़ेगी।

2. आर्थिक विकास में योगदान: छोटे-छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ने से व्यापार के अवसर बढ़ेंगे और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इससे इन क्षेत्रों का समग्र विकास होगा।

3. सीमा सुरक्षा में सुधार: नेपाल सीमा के नजदीक स्थित यह हाईवे सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद लाभकारी होगा। सीमा पर सुरक्षा की स्थिति बेहतर होगी, और सीमा पार से होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।

4. सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण: यह हाईवे सामरिक दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण है। इसके बनने से भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों को त्वरित परिवहन सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो किसी भी आपात स्थिति में बहुत काम आएंगी।

गोरखपुर से शामली तक बनने वाला यह 700 किमी लंबा हाईवे उत्तर प्रदेश के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इससे प्रदेश के 15 जिलों में कनेक्टिविटी में सुधार होगा और लोग जल्दी और सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकेंगे। नेपाल सीमा की निगरानी में भी यह मददगार होगा। इस हाईवे के बनने से यूपी के विकास में नया आयाम जुड़ेगा और समग्र रूप से प्रदेश की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

न्यूज़ीलैंड सरकार ने वीज़ा नियमों में किए बदलाव…भारतीयों को होगा बड़ा फायदा

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न्यूज़ीलैंड सरकार ने अपने वीज़ा नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, इसका सबसे बड़ा फायदा भारतीयों को होगा। इसका उद्देश्य इमिग्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाना और नौकरी की तलाश में न्यूज़ीलैंड आने वाले लोगों के लिए नए अवसर उत्पन्न करना है। इन बदलावों के तहत, अब न्यूज़ीलैंड में काम करने के लिए प्रवासियों से अपेक्षित कार्य अनुभव की शर्त को 3 साल से घटाकर 2 साल कर दिया गया है। इस फैसले से नौकरी के लिए न्यूज़ीलैंड आने वाले लोगों को सीधा फायदा होगा, क्योंकि वे कम अनुभव के साथ भी नौकरी हासिल कर सकेंगे।

 3 साल का मल्टी-एंट्री वीज़ा
इसके अलावा, सीजनल वर्कर्स के लिए भी नए विकल्प प्रदान किए गए हैं। अनुभवी वर्कर्स के लिए 3 साल का मल्टी-एंट्री वीज़ा और कम अनुभवी वर्कर्स के लिए 7 महीने का सिंगल-एंट्री वीज़ा का विकल्प दिया गया है।

न्यूज़ीलैंड ने अपने नियोक्ता कार्य वीज़ा (AEWV) और विशिष्ट उद्देश्य कार्य वीज़ा (SPWV) के नियमों में भी बदलाव किए हैं, जिससे नियोक्ताओं को पहले से तय वेतन मानदंडों को पूरा करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। इसके अलावा, उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले भारतीय छात्रों के लिए भी नियमों में बदलाव किए गए हैं, जिससे उन्हें पोस्ट-स्टडी वर्क वीज़ा प्राप्त करने में आसानी होगी।

नये नियमों के तहत, स्टूडेंट्स को उनके योग्यता के आधार पर 3 साल तक न्यूज़ीलैंड में रहने और काम करने की अनुमति मिलेगी।

DDA की सस्ती आवास योजना: अब लोग 25 प्रतिशत डिस्काउंट पर खरीद सकेंगे घर

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DDA की सस्ती आवास योजना के लाभार्थियों के लिए विशेष कैंप आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। यह निर्णय हाल ही में हुई DDA की बोर्ड बैठक में लिया गया था, जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने इस योजना को मंजूरी दी थी। अब दिल्ली के एलजी कार्यालय ने चीफ सेक्रेटरी को एक पत्र भेजा है, जिसमें लाभार्थियों की सुविधा के लिए इन कैंपों के आयोजन की बात कही गई है।

इस योजना के तहत लोगों को 25 प्रतिशत की छूट पर घर मिलेंगे। विशेष रूप से कंस्ट्रक्शन वर्कर्स, ऑटो-टैक्सी ड्राइवर, महिलाएं, वीर नारियां, पूर्व सैनिक, दिव्यांग, गैलेंट्री और अर्जुन अवॉर्ड प्राप्त व्यक्तियों के साथ-साथ एससी-एसटी समुदाय को इस योजना का लाभ मिलेगा। यह विशेष कैंप दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे, जिनमें डीएमआरसी, एनसीआरटीसी, सीपीडब्ल्यूडी, एनएचएआई जैसी संस्थाओं के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इन कैंपों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उन लोगों को जो सरकारी दफ्तरों में समय नहीं निकाल पाते, उन्हें अपने आवेदन प्रक्रिया को सरलता से पूरा करने का मौका मिल सके। साथ ही, यह कदम यह भी सुनिश्चित करेगा कि योजना के लाभार्थी दलालों से बच सकें और उन्हें सीधे जानकारी और सुविधाएं मिल सकें।

इसके अलावा, दिल्ली शेड्यूल कास्ट फाइनेंस एंड डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन एससी-एसटी श्रेणी के लाभार्थियों को लोन सुविधा प्रदान करेगा, और अन्य संबंधित विभागों द्वारा भी अपने-अपने कैंप लगाए जाएंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक कैंप में डीडीए के अधिकारी और नोडल अधिकारी मौजूद रहें, ताकि लाभार्थी सही जानकारी प्राप्त कर सकें।

प्रशांत की गिरफ्तारी से गरमाई बिहार की राजनीति, बिहार की सियासत में हलचल

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सोमवार तड़के जिला प्रशासन ने पटना के गांधी मैदान में बीपीएससी की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अनशन कर रहे जनसुराज नेता प्रशांत किशोर को गिरफ्तार कर लिया। पीके की गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में अचानक गरमाहट आ गई है। अनशन के जरिए पीके ने छात्रों और युवाओं की समस्याओं को उठाकर उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश की थी।

क्यों किया गया प्रशांत किशोर को गिरफ्तार?
प्रशांत किशोर बीपीएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के विरोध में 2 जनवरी से गांधी मैदान में आमरण अनशन पर बैठे थे। उनकी मांग थी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार धरना स्थल पर आकर छात्रों की समस्याएं सुनें और समाधान करें। जब सीएम ने अनशन स्थल पर जाने से इनकार कर दिया, तो पीके ने सुझाव दिया कि छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल ही मुख्यमंत्री से मिले। यह प्रस्ताव भी ठुकरा दिया गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पीके को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी बनी पीके की सियासी सफलता का आधार
पीके की गिरफ्तारी ने उनके अभियान को नई धार दी है। कभी राजनीति सिखाने वाले प्रशांत किशोर ने अपने राजनीतिक सफर में जो विराम देखा था, उसे अब यह अनशन और गिरफ्तारी संजीवनी देने का काम कर रही है। युवाओं के मुद्दों को मजबूती से उठाकर उन्होंने अपनी विश्वसनीयता को फिर से स्थापित करने की कोशिश की है।

क्या बदलेंगे बिहार के सियासी समीकरण?
नीतीश कुमार की सरकार ने पीके को गिरफ्तार कर उनके आंदोलन को रोकने की कोशिश जरूर की, लेकिन यह कदम पीके के पक्ष में जाता नजर आ रहा है। छात्र और युवाओं के बीच बढ़ती उनकी लोकप्रियता बिहार विधानसभा चुनाव में असर डाल सकती है।

Buddha Air flight के इंजन में लगी आग… विमान में 76 यात्री सवार

नया साल शुरू होते ही विमान दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है। हाल ही में बुद्ध एयर की एक उड़ान, जिसमें 76 यात्री सवार थे, इस फ्लाइट ने काठमांडू हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग की। यह घटना विमान के इंजन में आग लगने के कारण हुई, जिसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से काठमांडू हवाई अड्डे पर उतारा गया।

खुशकिस्मती से, इस हादसे में सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं और कोई भी हताहत नहीं हुआ है। विमान के इंजन में आग लगने के कारण हवाई अड्डे पर आपातकालीन सेवाओं को तैनात किया गया था। इस मामले की जांच अब भी जारी है ताकि दुर्घटना के कारणों का पता चल सके। विमान ने VOR लैंडिंग की प्रक्रिया अपनाई और सुरक्षित रूप से हवाई अड्डे पर वापस आ गया। अब तक किसी भी प्रकार के घायल होने की खबर नहीं है।

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