Friday, January 30, 2026
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नववर्ष पर Ramlala के दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब, Ayodhya बनी आकर्षण का केंद्र

नववर्ष के पहले दिन अयोध्या में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ी। लाखों भक्त नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला के दर्शन करने पहुंचे। रामलला के दर्शन के लिए भक्तों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। अयोध्या नगरी तीर्थयात्रियों के आकर्षण का केंद्र बन गई।

22 जनवरी को हुई थी राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा

राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को की गई थी। तब से यह मंदिर तीर्थयात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया है। बुधवार को लगभग तीन लाख भक्त रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह सूर्योदय के समय भगवान राम की मूर्ति के दर्शन के लिए भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया।

छुट्टियों में बढ़ी तीर्थयात्रियों की संख्या

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सर्दियों की छुट्टियों और त्योहारी मौसम के कारण इस बार अयोध्या में भक्तों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। लोग अब पारंपरिक पर्यटन स्थलों की बजाय तीर्थ स्थलों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।

अयोध्या प्रशासन ने किए खास इंतजाम

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने अयोध्या को सात सुरक्षा क्षेत्रों और 24 सेक्टरों में बांट दिया। हर सेक्टर में वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया। यातायात नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए गए जबकि ड्रोन कैमरों से भीड़भाड़ वाले इलाकों पर नजर रखी गई।

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दर्शन व्यवस्था में किए गए बदलाव

राम जन्मभूमि पथ पर 10 अतिरिक्त दर्शन दीर्घाएं तैयार की गईं और दर्शन लाइनों की संख्या 10 से बढ़ाकर 20 कर दी गई। इसके अलावा सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए।

हनुमानगढ़ी में भी दिखी भारी भीड़

राम मंदिर के साथ-साथ हनुमानगढ़ी मंदिर में भी भारी संख्या में भक्तों का आना-जाना लगा रहा। सुबह की आरती से लेकर शाम की आरती तक भक्तों का उत्साह देखने लायक था।

होटल और धर्मशालाएं हुईं फुल

अयोध्या में बड़ी संख्या में बाहरी श्रद्धालुओं के आने से होटल, धर्मशालाएं और होमस्टे पूरी तरह से बुक हो गए।

सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर कड़ी निगरानी

अयोध्या के पुलिस उपाधीक्षक आशुतोष तिवारी ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चौबीसों घंटे वाहन निरीक्षण और यातायात नियंत्रण के उपाय किए गए हैं। वहीं कहा जा सकता है कि नए साल पर अयोध्या में भक्तों का यह उत्साह न सिर्फ आस्था का प्रतीक है बल्कि इस पवित्र नगरी की बढ़ती लोकप्रियता को भी दर्शाता है।

40 हजार बल्बों से जगमगाएगा महाकुंभ, बिजली पर यूपी सरकार का 400 करोड़ का खर्च

प्रयागराज महाकुंभ में आने वाले भक्तों के लिए यूपी सरकार कई तरह की तैयारियां कर रही है। अब सरकार ने ऐलान किया है कि यहां पर 24 घंटे बिजली की आपूर्ति होगी। संभावना जताई जा रही है कि मेले में लगभग 40 लाख श्रद्धालु आएंगे। UPPCL के अनुसार, मेले के लिए 182 किलोमीटर लंबी हाई टेंशन लाइन बनाई गई है। इसके अलावा, 1405 किलोमीटर लंबी लो टेंशन लाइन भी विभाग ने तैयार की है।

30 पुलों का निर्माण कर 800 साइन बोर्ड लगवाए हैं। ये साइन बोर्ड अलग-अलग भाषाओं में हैं। पहली बार पानी के अंदर 100 मीटर तक जाने वाले ड्रोन का इस्तेमाल भी होगा। इसके अलावा सेफ्टी को लेकर भी हवाई ड्रोन भी तैनात किए जाएंगे। कुंभ मेला में 2700 से अधिक एडवांस्ड कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे चेहरे की पहचान करने और वास्तविक समय में निगरानी करने में सक्षम हैं। ये कैमरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तर्ज पर काम करेंगे।

लॉन्च से पहले लीक हुई POCO X7 सीरीज की डिटेल्स, जानें क्या कुछ मिलेगा खास

POCO जल्दी ही X7 सीरीज लॉन्च करने वाली है। ये स्मार्टफोन सीरीज  जनवरी के पहले हफ्ते में लॉन्च होगी। यह दो वेरिएंट्स POCO X7 और POCO X7 Pro में अवेलेबल होगा। इसे आप फ्लिपकार्ट के जरिए खरीद सकते हैं। कहा जा रहा है कि ये फोन चीन में लॉन्च हो चुके स्मार्टफोन का रिब्रांडे वर्जन होंगे। लॉन्च से पहले इनके लिए डिटेल्स सामने आई है।

कंपनी ने इसके लिए एक पोस्ट भी शेयर किया है। इस सीरीज के बेस वेरिएंट में स्कॉयर रियर कैमरा मॉड्यूल मिलेगा, जो Redmi Note 14 Pro सीरीज जैसा होगा। वहीं प्रो वेरिएंट में पील शेप्ड कैमरा मॉड्यूल मिलेगा, जो काफी हद तक iPhone 16 के कैमार मॉड्यूल से प्रेरित लगता है।

 

फीसर्च के लेकर जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार POCO X7 Pro 5G में MediaTek Dimensity 8400-Ultra प्रोसेसर मिलेगा।  वहीं स्टैंडर्ड वेरिएंट में MediaTek Dimensity 7300-Ultra प्रोसेसर मिल सकता है। इस स्मार्टफोन में ब्लैक-य्लो के अलावा ग्रीन और सिल्वर कलर ऑप्शन अलेवेलेबल होंगे।POCO X7 5G में 50MP का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है। इसके प्रो वेरिएंट में Sony IMX882 सेंसर होगा। स्टैंडर्ड वेरिएंट में 20MP का सेल्फी कैमरा मिलेगा।

POCO X7 5G में 6.67-inch का AMOLED डिस्प्ले होगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करेगा। प्रो वेरिएंट में 6.67-inch का CrystalRez 1.5K AMOLED डिस्प्ले मिलेगा। बैटरी की बात करें तो स्टैंडर्ड वेरिएंट में 5110mAh की बैटरी होगी, जबकि POCO X7 Pro 5G में 6000mAh की बैटरी होगी। दोनों फोन्स 45W और 90W की चार्जिंग सपोर्ट करेंगे।

6 जनवरी को भारी बारिश का अलर्ट…पड़ेगी प्रचंड ठंड, 23 जिलों में Orange Alert

2025 की शुरुआत उत्तर प्रदेश में ठंड और बदलते मौसम के साथ हुई है। नए साल का जश्न मना रहे लोगों को ठंड और बारिश की वजह से सतर्क रहने की जरूरत है। 1 जनवरी को नोएडा समेत पूरे प्रदेश में ठंड का प्रकोप देखा गया। इस दौरान अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक बना रहा। इसी बीच, मौसम विभाग ने आज और आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई है, जो ठंड को और बढ़ा सकती है।

नोएडा और आसपास हल्की बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, आज नोएडा, मथुरा, अलीगढ़, ललितपुर, चित्रकूट, बांदा, और महोबा जैसे इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। बारिश के बाद ठंड का असर और तेज हो जाएगा। प्रदेश में शीत दिवस के हालात बन सकते हैं, जिसमें अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।

स्कूलों की छुट्टियां और प्रदूषण में राहत
ठंड बढ़ने की संभावना को देखते हुए यूपी सरकार ने बच्चों के स्कूलों में छुट्टियां पहले ही घोषित कर दी हैं। हालांकि, बारिश से प्रदूषण के स्तर में कमी आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को राहत मिल सकती है।

इन जिलों में अलर्ट?
मौसम विभाग ने यूपी के कई जिलों में शीत दिवस और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, सहारनपुर, मेरठ, मथुरा, आगरा, बरेली, लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी समेत अन्य जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड और बारिश के चलते सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

6 जनवरी को फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 6 जनवरी को पश्चिमी यूपी में बारिश की संभावना है। नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण बारिश के साथ सर्द हवाएं चलेंगी। इससे न्यूनतम तापमान में गिरावट और ठंड में बढ़ोतरी हो सकती है।

नए साल में ठंड से बचाव की तैयारी जरूरी
बारिश और ठंड को देखते हुए प्रदेशवासियों को सलाह दी जाती है कि वे गर्म कपड़ों का उपयोग करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। साथ ही, बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें, क्योंकि ठंड का सबसे ज्यादा असर इन्हीं पर पड़ सकता है।

शाही जामा मस्जिद की 40 पन्नों में सर्वे की रिपोर्ट पेश, मंदिर होने के मिले सबूत ?

यूपी के संभल में शाही जामा मस्जिद (Sambhal Masjid) की सर्वे 40 पन्नों की रिपोर्ट रिपोर्ट आज अदालत में पेश कर दी गई है। दावा किया जा रहा है कि 50 से ज्यादा फूलों के निशान मिले हैं। गुम्बद की पहली पर को प्लेन किया गया है। बता दें कि 19 और 24 नवंबर को मस्जिद का सर्वे हुआ था। सूत्रों से पता चल रहा है कि मस्जिद के अंदर एक कुंआ मिला है जो कि आधा मस्जिद के अंदर है औऱ आधा बाहर है।

शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली याचिका सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में 19 नवंबर को दाखिल की गई थी। इसके बाद उसी दिन शाही जामा मस्जिद का सर्वे किया गया था लेकिन सर्वे पूरा न होने के कारण कोर्ट कमिश्नर 24 नवंबर को फिर से शाही जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए पहुंचे थे उनके साथ डीएम और एसपी भी मौजूद थे। लेकिन इस दौरान शुरू हो गया और इस दौरान हुई हिंसा में लगभग चार लोगों की मौत हुई।

जिसकी रिपोर्ट 9 दिसंबर को न्यायालय में पेश की जानी थी लेकिन कोर्ट कमिश्नर ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर न्यायालय से 15 दिन का समय मांगा था जो की 24 दिसंबर को पूरा हो गया था लेकिन कोर्ट कमिश्नर ने उसे दिन भी अपनी रिपोर्ट न्यायालय में पेश नहीं की। आज कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव न्यायालय पहुंचे और उन्होंने सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में सर्वे की रिपोर्ट पेश की इस विषय में जानकारी देते हुए कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव ने बताया कि आज उन्होंने की रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर दी है जो कि लगभग 40 से 45 पन्नों की है।

नए साल पर करोड़ों की शराब गटक गए झारखंड के लोग, सबसे ज्यादा रांची में हुई बिक्री

नया साल का पहला दिन लोगों के लिए काफी खास होता है। यह हमारे लिए एक नई उम्मीद लेकर आता है। नए साल के पहले दिन लोग धूमधाम से पार्टी करते हैं। इस दौरान शराब की भी खूब बिक्री होती है।

जानकारी के मुताबिक इस नए साल के पहले दिन झारखंड में खूब शराब की बिक्री हुई। 30 दिसंबर से 1 जनवरी 60 करोड़ की शराब बेची गई। विभाग के अनुमानित आंकड़े के मुताबिक 30 दिसंबर को 14.58 करोड़ और 31 दिसंबर को 27.52 करोड़ रुपए की शराब बिकी है। इसके बाद 1 जनवरी को 18 से 19 करोड़ रुपए की शराब बेचने का अनुमान है। वहीं, पिछले साल 2023 में 31 दिसंबर को 24 करोड़ रुपए की शराब बिकी थी।

शराब बेचने में रांची जिला नंबर वन पर आया है। 31 दिसंबर को राज्य में सबसे अधिक शराब की बिक्री रांची में ही हुई है। यहां 5.10 करोड़ रुपये की शराब बिकी। 1 जनवरी को रांची में लगभग 3 करोड़ रुपए से अधिक की शराब बिकी। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को मिलाकर रांची में कुल आठ करोड़ रुपए से अधिक की शराब की बिक्री हुई।

बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास को झटका,कोर्ट ने जमानत से किया इनकार

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बांग्लादेश की एक अदालत ने हिंदू संत और इस्कॉन से जुड़े रहे चिन्मय कृष्ण दास को देशद्रोह के मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया। चिन्मय कृष्ण दास को सुनवाई के लिए अदालत नहीं लाया गया और वह ऑनलाइन माध्यम से अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए। इस्कॉन के सदस्य रह चुके दास को 25 नवंबर को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था।

एक समाचार बेवसाइट ने चटगांव जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नाज़िमउद्दीन चौधरी के हवाले से अपनी खबर में कहा,‘‘ सुनवाई के दौरान शासन ने जमानत पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह देशद्रोह का मामला है और इसकी सज़ा आजीवन कारावास है।” ‘मेट्रोपॉलिटन पब्लिक प्रॉसिक्यूटर’ एडवोकेट मोफिजुल हक भुइयां ने ‘द डेली स्टार’ को बताया,‘‘ चटगांव मेट्रोपॉलिटन सत्र न्यायाधीश सैफुल इस्लाम ने लगभग 30 मिनट तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।” दास के वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने कहा कि वे जमानत के लिए उच्च न्यायालय में अपील करने की योजना बना रहे हैं।
बांग्लादेश सम्मिलिता सनातनी जागरण जोत संगठन के प्रवक्ता दास की जमानत याचिका 26 नवंबर को चटगांव के छठवें मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट काजी शरीफुल इस्लाम ने खारिज कर दी थी और उन्हें जेल भेज दिया गया था। इस निर्णय से हिंदू समुदाय के लोग नाराज हो गए और उन्होंने अदालत के बाहर जेल वैन के चारों ओर विरोध प्रदर्शन किया जिसके परिणामस्वरूप हिंसक झड़पें हुईं और इस दौरान वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की मौत हो गई थी।

24 जनवरी से बदल जाएंगे हाईवे के नियम, केंद्र सरकार ने जारी किए नए Driving Rules

नए साल की शुरूआत होते ही केंद्र सरकार ने हाईवे और एक्सप्रेसवे पर साइन बोर्डों के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। ये दिशा-निर्देश 24 जनवरी से प्रभावी होंगे, जिनका उद्देश्य सड़क उपयोगकर्ताओं को स्पष्ट, मानकीकृत और समय पर जानकारी प्रदान करना है। इन परिवर्तनों के जरिए दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात को अधिक सुव्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।

स्पीड लिमिट और चेतावनी संकेतक
नई व्यवस्था के तहत रंबल स्ट्रिप्स जैसे संभावित खतरनाक स्थानों से पहले संकेतक लगाए जाएंगे, ताकि ड्राइवर को अपनी गति समायोजित करने का समय मिल सके। स्पीड लिमिट की जानकारी हर पांच किलोमीटर पर साइन बोर्डों के माध्यम से दी जाएगी। इन बोर्डों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वाहन चालकों के लिए पढ़ना और समझना आसान हो।

मानकीकरण और एकरूपता
सड़क परिवहन मंत्रालय ने साइन बोर्डों पर उपयोग किए जाने वाले अक्षरों और संख्याओं के आकार और रंग को मानकीकृत कर दिया है। इस कदम से संकेतकों की एकरूपता बढ़ेगी और उन्हें समझने में आसानी होगी। साथ ही, अलग-अलग वाहनों की गति सीमा को एक ही बोर्ड पर स्पष्ट रूप से दर्शाने की व्यवस्था की गई है।

No parking और पैदल यात्री सुरक्षा
दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए “नो पार्किंग” बोर्ड हर पांच किलोमीटर पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, पैदल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, क्रॉसिंग की जानकारी पहले से देने की व्यवस्था की गई है।

समग्र सुरक्षा के प्रयास
इन दिशा-निर्देशों को तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय अनुभवों और सड़क सुरक्षा के आंकड़ों का गहराई से अध्ययन किया। इसके आधार पर मार्ग संकेतकों को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया: अनिवार्य, चेतावनी और सूचना संबंधी संकेतक।

रांची में ठंड का कहर, ब्रेन स्ट्रोक से 13 मौतें, बचाव के लिए करें ये उपाय

झारखंड की राजधानी रांची में इस समय ठंड का काफी असर है। ठंड इतनी तेज है कि लोग घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, और दिन में भी ऐसा लगता है जैसे कर्फ्यू लगा हो। ठंड के कारण पिछले तीन दिनों में रांची में 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 9 मौतें रिम्स अस्पताल में और बाकी निजी अस्पतालों में हुई हैं। इन मौतों का मुख्य कारण ब्रेन स्ट्रोक बताया जा रहा है।

रांची के रिम्स अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉक्टर जेके मित्र ने बताया कि ठंड में ब्रेन स्ट्रोक की समस्या बढ़ जाती है, क्योंकि ठंड के कारण ब्रेन की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे यह खतरनाक स्थिति उत्पन्न होती है। इस मौसम में खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इनकी नसें ज्यादा संवेदनशील होती हैं।

डॉक्टर ने ठंड से बचने के लिए कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं
  • सुबह 6:30 बजे के बाद ही नहाएं और ठंडे पानी से न नहाएं, हल्का गर्म पानी ही इस्तेमाल करें।
  • सर्दी में कड़ी धूप में कुछ समय बैठना फायदेमंद होता है। इसके साथ ही गर्म चीजें जैसे हल्दी का लड्डू आदि भी डाइट में शामिल करें।
  • सुबह जल्दी मॉर्निंग वॉक पर न जाएं, थोड़ा धूप निकलने के बाद ही बाहर जाएं। नहाने के बाद तुरंत ठंडे पानी से संपर्क न करें।
  • छोटे बच्चों की मालिश करें और उनका डायपर समय-समय पर बदलते रहें।

घर में अंगीठी या रूम हीटर का इस्तेमाल कम से कम करें, क्योंकि इनसे शरीर बहुत गर्म हो जाता है और फिर बाहर ठंडी हवा से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है। इसके बजाय गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है।इस ठंड में खुद का और खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।

सब्जियों के दाम में भारी गिरावट! ग्राहकों को मिली बड़ी राहत, विक्रेताओं की बढ़ रही मुश्किलें

नबाद की गोविंदपुर सब्जी मंडी में इस ठंड के मौसम में सब्जियों के दाम बहुत घट गए हैं, जिससे ग्राहकों को बड़ी राहत मिल रही है। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि मौसम में बदलाव और स्थानीय किसानों द्वारा अधिक उत्पादन होने की वजह से सब्जियों के दाम आधे हो गए हैं, और कई सब्जियां तो आधे से भी कम दामों में बिक रही हैं।

मंडी में सब्जी बेच रहे नारायण मंडल ने बताया कि धनिया, जो पहले ₹40 प्रति किलोग्राम बिकता था, अब ₹20 में मिल रहा है। इसी तरह, टमाटर का दाम ₹20 से घटकर ₹10 प्रति किलोग्राम हो गया है। मूली, जो पहले ₹20 प्रति किलोग्राम बिकती थी, अब सिर्फ ₹8 में मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले अच्छी कमाई होती थी, लेकिन अब मुश्किल से पेट भरने लायक आमदनी हो रही है, जिससे सब्जी बेचने वालों को परेशानी हो रही है।

मंडी में एक और विक्रेता, नरेश कुमार ने बताया कि पत्ता गोभी का दाम ₹40 से घटकर ₹15 प्रति किलोग्राम हो गया है। बैंगन, जो पहले ₹70-80 प्रति किलोग्राम बिकता था, अब ₹40-50 के बीच मिल रहा है।सब्जियों के दामों में आई इस गिरावट से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बहुत राहत मिली है, लेकिन किसानों और विक्रेताओं को इससे नुकसान हो रहा है। नरेश कुमार के अनुसार, सब्जियों के दाम घटने का मुख्य कारण मौसम का बदलाव और अधिक उत्पादन है। इस गिरावट से जहां ग्राहकों को सस्ती सब्जियां मिल रही हैं, वहीं विक्रेताओं को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

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