Friday, January 30, 2026
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Mata Vaishno Devi पहुंची यह मशहूर Actress, मां के दरबार में हुईं नतमस्तक

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नए साल पर कई भक्त माता वैष्णो देवी के दरबार नतमस्तक होने पहुंचे। इस अवसर पर अनुपमा फेम Actress रूपाली गांगुली (Rupali Ganguly) भी माता के दरबार में माथा टेकने पहुंची।

जानकारी के अनुसार अपनी सादगी और भक्ति के लिए जानी जाने वाली रूपाली गांगुली नववर्ष पर जम्मू-कश्मीर में त्रिकुटा पर्वत पर बने मां वैष्णो देवी के मंदिर पहुंची। इस दौरान उन्होंने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया और आने वाले साल में खुशियों की कामना की।

इस अवसर की रूपाली ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर पोस्ट भी शेयर की है। इस पोस्ट में रूपाली पारंपरिक पोशाक में शांति और भक्ति से परिपूर्ण दिख रही थीं। साथ ही उनके माथे पर लगा तिलक बहुत ही सुंदर लग रहा था।

2026 तक सत्ता में नहीं रह पाएगी मोदी सरकार, महाराष्ट्र में भी होगा राजनीतिक बदलाव

शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें संदेह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार 2026 तक भी सत्ता में रह पाएगी। राउत ने दावा किया कि यदि मोदी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करने में विफल रहती है तो इससे महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में भी राजनीतिक परिवर्तन आएगा। राउत ने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया कि नवंबर 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद शिवसेना (उबाठा) के कुछ नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।

उन्होंने राजापुर के पूर्व विधायक राजन साल्वी के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी छोड़ने की अटकलों के जवाब में यह बात कही। पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 543 सदस्यीय सदन में 293 सीटें जीती थीं, जिससे प्रधानमंत्री मोदी के लिए लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का रास्ता साफ हुआ था। हालांकि, भाजपा अकेले बहुमत हासिल करने से काफी दूर रह गई और सहयोगी दलों पर निर्भर रहना पड़ा।

मुझे संदे है, केंद्र सरकार 2026 तक टिक पाएगी- राउत 
राउत ने दावा करते हुए कहा, ‘‘मुझे संदेह है कि केंद्र सरकार 2026 तक टिक पाएगी। मोदी अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेंगे और जब ऐसा होगा तो न केवल महाराष्ट्र में बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी बदलाव होगा।” साल्वी के शिवसेना (उबाठा) छोड़ने की अटकलों पर राज्यसभा सदस्य ने कहा कि उन्होंने पार्टी नेता से बात की है, जिन्होंने कुछ स्थानीय मुद्दों पर निराशा व्यक्त की है।

सारे दिन एक जैसे नहीं होते, यह समय गुजर जाएगा
राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे कई बार विधायक रह चुके साल्वी के संपर्क में हैं। साल्वी को 2024 के राज्य विधानसभा चुनाव में राजापुर से प्रतिद्वंद्वी शिवसेना नेता किरण सामंत से हार का सामना करना पड़ा था। शिवसेना (उबाठा) के कुछ नेताओं के अन्य दलों में शामिल होने की चर्चा के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि उनकी पार्टी में कोई अशांति नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘ये समय भी गुजर जाएगा। सारे दिन एक जैसे नहीं होते।”

‘घुसपैठियों को बंगाल में घुसने दे रही BSF, राज्य को अस्थिर करने की साजिश’, ममता बनर्जी का बड़ा आरोप

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) बांग्लादेश से आतंकवादियों और घुसपैठियों को बंगाल में प्रवेश कराने में मदद कर रहा है। इसके कारण राज्य में शांति और सुरक्षा की स्थिति बिगड़ रही है। मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी कोलकाता में नबान्न सभागार में राज्य प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए की। ममता ने यह भी कहा कि अगर बीएसएफ ने ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देना जारी रखा तो तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी।

BSF की भूमिका पर खड़े किए सवाल 
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीएसएफ, जो सीमा सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है, वह इस्लामपुर, सीताई, और चोपड़ा जैसे क्षेत्रों से लोगों को भारत में घुसने की अनुमति दे रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे केंद्र सरकार की “खाका” बताते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार की संलिप्तता नहीं होती, तो यह स्थिति संभव नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएसएफ इस्लामपुर और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों से घुसपैठियों को प्रवेश करवा रहा है, और यह सब केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत हो रहा है।

TMC पर लगाए गए आरोपों से किया इनकार
ममता बनर्जी ने टीएमसी पर लगाए गए आरोपों को नकारते हुए कहा कि पार्टी का इन घुसपैठियों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि टीएमसी जिम्मेदार नहीं है, बल्कि बीएसएफ की जिम्मेदारी है जो सीमा पर सुरक्षा की स्थिति बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। ममता ने बीएसएफ पर महिलाओं के खिलाफ अत्याचार करने का भी आरोप लगाया और कहा कि यह सब केंद्र सरकार के खाके के तहत हो रहा है।

केंद्र सरकार को विरोध पत्र भेजेंगे 
ममता ने केंद्र सरकार को अपनी चिंताओं से अवगत कराते हुए कहा कि टीएमसी सरकार केंद्र के फैसले का पालन करेगी, लेकिन वे ऐसी किसी भी कार्रवाई का विरोध करेंगी जो राज्य में आतंकवादियों को शांति और सुरक्षा को बाधित करने का मौका दे। ममता ने कहा, “हम केंद्र सरकार को विरोध पत्र भेजेंगे, अगर वे घुसपैठियों को बंगाल में आने देंगे और राज्य की शांति और स्थिरता को बिगाड़ने की अनुमति देंगे।”

मालामाल हुए निवेशक, इन 4 कारणों से बाजार में आई तूफानी तेजी, सेंसेक्स में भारी उछाल

नया साल आते ही शेयर बाजार में रौनक लौट आई है। 1 जनवरी के बाद आज 2 जनवरी को सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी रही। दोनों इंडेक्स में करीब 2 फीसदी की तेजी देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,436 अंक की तेजी के साथ 79,943 के स्तर पर जबकि निफ्टी 445 अंक उछल कर 24,188 के लेवल पर बंद हुआ। सबसे अधिक तेजी आईटी और बैकिंग शेयरों में देखने को मिली।

दोपहर 2 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स जहां करीब 1,400 अंक बढ़कर 79,900 के स्तर पर चला गया। वहीं निफ्टी 440 अंकों की उड़ान भरकर 24,150 के पार चला गया। सबसे अधिक तेजी आईटी और बैकिंग शेयरों में देखने को मिली। बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। 2 जनवरी को दमदार तेजी से BSE लिस्टेड कंपनियों की वेल्थ में करीब 3.3 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है।

शानदार GST कलेक्शन

दिसंबर महीने में GST कलेक्शन पिछले साल की तुलना में 7.3 प्रतिशत बढ़कर 1.77 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो कंज्मप्शन गतिविधियों में तेजी को दिखाता है। एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि यह बढ़ोतरी आर्थिक गतिविधियों में सुधार का संकेत है, जो निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत कर सकता है। KPMG के पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा, ‘मजबूत जीएसटी कलेक्शन स्थिर मांग और इकोनॉमी की अच्छी सेहत को दिखाता है।’

टेक्निकल ट्रेंड

निफ्टी अपने 200-दिनों के मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया, जिससे बाजार की तेजी को सपोर्ट मिला है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा, ‘23,770 का स्तर पार करने के बाद, कंसॉलिडेशन की उम्मीद थी। अगर निफ्टी 23,850 के ऊपर बना रहता है, तो यह 24,025 तक जा सकता है।’ उन्होंने कहा कि हालांकि अस्थिरता एक चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन इस स्तर पर गिरावट की संभावना कम ही दिखती है।

अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीद

शेयर बाजार को कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहने की उम्मीद है। हाल ही में ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर से अच्छे कारोबारी अपडेट देखने को मिली थे। मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और CSB बैंक जैसी कंपनियों के बिजनेस अपडेट को देखकर अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीदें और बढ़ी हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट, वीके विजयकुमार का कहना है कि लक्जरी खपत वाले सेक्टर, जैसे ज्वेलरी और हॉस्पिटैलिटी, भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

IT सेक्टर की उछाल

पिछले 2 दिनों से शेयर बाजार में जारी तेजी में सबसे अहम योगदान आईटी शेयरों का है। आज 2 जनवरी को भी आईटी इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की उछाल आई। सीएलएसए और सिटी दोनों का का कहना है कि स्थिर मांग और रुपए में गिरावट के चलते दिसंबर तिमाही में आईटी कंपनियों की ग्रोथ बेहतर रह सकती है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइसप्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘कंसॉलिडेशन का दूसरा सप्ताह बताता है कि यह ट्रेंड जारी रहने की संभावना है। ट्रेडर्स को मजबूत मोमेंटटम दिखाने वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए, खासकर फार्मा और FMCG सेक्टर में।’

क्या कटा हुआ प्याज खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है? जानिए सच्चाई

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प्याज, जो भारतीय व्यंजनों का अहम हिस्सा है और अपने पोषण गुणों के लिए भी जाना जाता है, हाल ही में एक यूट्यूब वीडियो के दावे के कारण चर्चा में है। वीडियो में कहा गया है कि कटा हुआ प्याज लंबे समय तक रखने से यह बैक्टीरिया सोख लेता है और इसे खाने से पेट खराब होने के साथ-साथ फूड पॉइजनिंग भी हो सकती है। आइए, इस दावे की गहराई से जांच करते हैं।

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क्या दावा किया गया है?

यूट्यूब वीडियो के अनुसार, प्याज वातावरण से बैक्टीरिया को तेजी से एब्जॉर्ब करता है। अगर पहले से कटा हुआ प्याज खाया जाए तो यह फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। वीडियो में कटा हुआ प्याज न खाने की हिदायत दी गई है, खासतौर पर जब इसे लंबे समय तक रखा गया हो।

विज्ञान क्या कहता है?

पुणे के मणिपाल हॉस्पिटल की डायटीशियन शालिनी सोमासुंदा का कहना है कि इस दावे का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। प्याज में मौजूद सल्फर कंपाउंड स्वाभाविक रूप से बैक्टीरिया की बढ़त को रोकने में मदद करते हैं। इसलिए, यह दावा कि प्याज बैक्टीरिया को सोखकर खतरनाक बन सकता है, पूरी तरह से गलत है।

गंदे वातावरण का असर

डायटीशियन शालिनी का कहना है कि न केवल प्याज, बल्कि किसी भी खाद्य पदार्थ को गंदे वातावरण या गंदे बर्तनों में रखने से बैक्टीरिया का संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। गंदे वातावरण में मौजूद बैक्टीरिया, धूल और अन्य हानिकारक तत्व आसानी से खाने के संपर्क में आ सकते हैं। लंबे समय तक खुले में रखा खाना न केवल स्वाद को खराब करता है, बल्कि इसे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक भी बना देता है। इस समस्या से बचने के लिए जरूरी है कि हम अपने खाने के सामान को सही तरीके और साफ-सुथरे जगह पर स्टोर करें।

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कैसे करें प्याज का सही स्टोरेज?
1. एयर-टाइट कंटेनर का इस्तेमाल करें

कटा हुआ प्याज या अन्य खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए हमेशा एयर-टाइट कंटेनर का इस्तेमाल करें। यह कंटेनर प्याज को गंदगी और बैक्टीरिया के संपर्क में आने से बचाता है। खुले में रखे गए प्याज में नमी और बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं, जो खाने को खराब कर सकते हैं। अगर आप इसे फ्रिज में रखते हैं, तो एयर-टाइट कंटेनर का उपयोग करने से इसकी ताजगी और गुणवत्ता बनी रहती है।

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2. ताजा खाना बेहतर

कोशिश करें कि हर बार ताजा प्याज काटकर ही उपयोग करें। कटा हुआ प्याज लंबे समय तक रखने से न केवल स्वाद खराब होता है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है। ताजा प्याज में पोषक तत्व ज्यादा बने रहते हैं और यह बैक्टीरिया के संक्रमण से भी बचा रहता है। इसलिए, खाना पकाने या सलाद के लिए हर बार ताजा प्याज का ही इस्तेमाल करें।

3. सही तापमान बनाए रखें

प्याज को स्टोर करने का सबसे अच्छा तापमान 5ºC है। डायटीशियन के अनुसार, इस तापमान पर प्याज लंबे समय तक ताजा और सुरक्षित रहता है। अत्यधिक गर्मी या नमी प्याज को खराब कर सकती है और इसमें बैक्टीरिया के पनपने का खतरा बढ़ा देती है। अगर आप प्याज को फ्रिज में रखते हैं, तो ध्यान रखें कि फ्रिज का तापमान 5ºC के आसपास हो। यह न केवल प्याज की शेल्फ लाइफ को बढ़ाता है, बल्कि इसे बैक्टीरिया के संक्रमण से भी बचाता है।

4. खुले में न छोड़ें

कटा हुआ प्याज या किसी अन्य खाद्य पदार्थ को कभी भी लंबे समय तक खुले में न रखें। खुला प्याज वातावरण में मौजूद धूल, गंदगी और बैक्टीरिया के संपर्क में आ सकता है। यह खासतौर पर तब ज्यादा खतरनाक हो सकता है जब आपका किचन गंदा हो या आसपास नमी और गर्मी ज्यादा हो। हमेशा प्याज को कटने के तुरंत बाद उपयोग करें या इसे एयर-टाइट कंटेनर में सुरक्षित तरीके से स्टोर करें।

दावा झूठा है

सजग फैक्ट चेक टीम की जांच में यह दावा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ है। कटा हुआ प्याज बैक्टीरिया नहीं सोखता और फूड पॉइजनिंग का कारण नहीं बनता, बशर्ते इसे सही तरीके और साफ-सुथरे वातावरण में स्टोर किया जाए। साफ-सफाई और उचित रखरखाव पर ध्यान देकर आप प्याज और अन्य खाद्य पदार्थों का सुरक्षित तरीके से सेवन कर सकते हैं।

2025 में ईवी बाजार में बड़ा धमाका, मारुति और टोयोटा की पहली इलेक्ट्रिक कार की होगी मार्केट में एंट्री

2025 भारत की ऑटो इंडस्ट्री के लिए एक अहम साल साबित होने जा रहा है। इस साल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) मार्केट में कंपनियों के बीच एक बड़ी प्रतिस्पर्धा शुरू होने वाली है। मारुति और टोयोटा अपनी पहली ईवी कार लॉन्च करने जा रही हैं। इसके अलावा, देश में करीब 12 कंपनियां 30 से ज्यादा नए ईवी मॉडल्स पेश करेंगी। यह एक साल में ईवी कारों की सबसे बड़ी लॉन्चिंग होगी। अब तक भारत में 7 लाख से लेकर 2.15 करोड़ रुपये तक की 45 ई-कारें मौजूद हैं।

इलेक्ट्रिक कार अब भारत, जापान और यूरोप की सड़कों पर भी दिखाई देगी। इन कारों को फुल चार्ज करने पर 500 किमी से ज्यादा की रेंज मिलेगी और इनकी कीमत करीब 19 लाख रुपये के आसपास हो सकती है। पिछले साल की कार बिक्री के आंकड़ों के अनुसार, इंटरनेट कनेक्टेड और प्रीमियम फीचर्स वाली कारों की बिक्री में 40% की हिस्सेदारी हो गई है। फ्यूल के हिसाब से, सबसे ज्यादा सीएनजी कारों की बिक्री बढ़ी है, जो 38.5% रही। वहीं, ईवी कारों की बिक्री 14% बढ़ी। डीजल कारों की बिक्री में 7.2% की बढ़ोतरी हुई, जबकि पेट्रोल कारों की बिक्री में 3.9% की कमी आई।

2024 में देश में कारों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की हिस्सेदारी 2.32% से बढ़कर 2.53% हो गई। इस साल, इस हिस्सेदारी के दोगुना बढ़कर 4.61% तक पहुंचने का अनुमान है। इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, 2024 में बैटरी के दाम में सालाना आधार पर 23% की कमी आई है, और अगले साल इसके और 20% कम होने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि ई-कारों की कीमत अब पेट्रोल मॉडल्स के करीब पहुंच सकती है। फिलहाल, ई-कारें पेट्रोल कारों से औसतन 20% महंगी हैं।

इन लोगों को बिलकुल नहीं खाने चाहिए Mashroom, खाते ही बढ़ जाएगी हैल्थ प्रॉब्लम!

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सर्दी के मौसम में लोग मशरूम खाना बहुत पसंद करते हैं और यह विटामिन डी (Vitamin D) का अच्छा स्त्रोत भी है। इसके अलावा भी इसमें बहुत सारे अन्य पोषक तत्व भी भरपूर होते हैं। मशरूम को वेजिटेरियन लोगों का नॉनवेज भी कहा जाता है। मशरूम हैल्दी तो है ही साथ ही में यह टेस्टी भी बहुत बनता है। मशरूम टिक्का, मशरूम की सब्जी, सूप पास्टा, ब्रैड सैंडविच जैसे कई तरीकों से आप मशरूम का सेवन कर सकते हैं हालांकि मशरूम सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन कुछ लोगों के लिए इसे खाना नुकसानदायक भी हो सकता है। इसे खाने से कई तरह के साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं।

इन लोगों के लिए मशरूम खाना नुकसानदेह| Mushroom khane ke Nuksan

जिन लोगों के शरीर में विटामिन डी की कमी होती है तो उन्हें मशरूम जरूर खाना चाहिए लेकिन मशरूम कुछ लोगों के लिए नुकसानदेह भी हो सकते हैं। गठिया, ल्यूपस, अस्थमा जैसी ऑटोइम्यून बीमारियों वाले लोगों को भी मशरूम खाने से बचना चाहिए, खासकर जंगली मशरूम खाने से बचना चाहिए। कुछ लोगों को मशरूम खाने से चक्कर भी आते हैं। मशरूम खाने से किन लोगों को समस्या हो सकती हैं, चलिए आपको बताते हैं।

डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं 

डाइट एक्सपर्ट्स की मानें तो मशरूम की सब्जी डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतें दे सकती है क्योंकि मशरूम एक फंगी है, ऐसे में कुछ लोगों को इसका सेवन करने से डायरिया, उल्टी और पाचन खराब संबंधी दिक्कत हो सकती है। अगर, आप पहले से ही डाइजेस्टिव समस्या से परेशान है तो मशरूम खाने से परहेज करें। पेट से जुड़ी दिक्कतें होने के चलते कुछ लोगों को बदहजमी की समस्या भी हो सकती है।

मशरूम में हाई मात्रा में कार्ब्स होते हैं, जिन्हें पचाना मुश्किल होता है। इससे गैस बन सकती है और पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती है। इसी के साथ बारिश के मौसम में मशरूम खाने से पेट में इंफ़ेक्शन होने का डर रहता है।

कुछ प्रकार के मशरूम, जैसे कि पोर्टोबेलो और शिटाके में प्यूरीन की मात्रा में अधिक होते हैं जो यूरिक एसिड के लेवल को बढ़ा सकते हैं जिन लोगों को यूरिक एसिड की समस्या रहती है वह भी मशरूम खाने
से बचें। मशरूम में मौजूद नाइट्रेटऑक्साइड की वजह से तेज सिर दर्द हो सकता है।PunjabKesari

प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग

अगर आप प्रैग्नेंट हैं या बच्चे को ब्रेस्ट फीड करवा रही है तो भी मशरूम खाने से पहले डाक्टरी से सलाह जरूर लें। कुछ स्टडीज के मुताबिक, कुछ तरह के मशरूम गर्भ में पल रहे बच्चे या स्तनपान करने वाले बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

एलर्जी की समस्या

मशरूम खाने से कुछ लोगों को स्किन एलर्जी भी हो सकती है। मशरूम में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिनसे त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली, सांस लेने में तकलीफ़ जैसी समस्याएं हो सकती हैं स्किन एलर्जी में रेशेज के साथ सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है जिन लोगों को पहले से ही कोई फूड एलर्जी है वह मशरूम खाने से परहेज करे।

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फूड पॉइजनिंग

मशरूम को ठीक से नहीं पकाया जाए तो फूड पॉइजनिंग का खतरा भी रहता है। फूड पॉइजनिंग के लक्षणों में उल्टी, दस्त, बुखार आदि समस्याएं हो सकती हैं।

किडनी और लिवर के मरीज

किडनी के मरीज को भी मशरूम खाने से बचना चाहिए। दरअसल, मशरूम में कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो किडनी पर जरूरत से ज्यादा बोझ डाल सकते हैं और किडनी की बीमारी को और भी खराब बना सकते हैं। लिवर की समस्या वाले लोगों को मशरूम के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि इसे पचाने में दिक्कत रहती है।

नोटः मशरूम खाने के बाद अगर आपको किसी तरह की स्किन एलर्जी या डाइजेशन प्रॉब्लम हो तो डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

शुरू हुई Honda Activa e और QC1 इलेक्ट्रिक स्‍कूटर्स की बुकिंग, जल्द मिलेगी डिलीवरी

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने नवंबर महीने में भारत में अपने दो नए इलेक्ट्रिक स्कूटर ACTIVA e और QC1 लॉन्च किए थे। हालांकि इनकी कीमतों का ऐलान नहीं किया गया था। अब कंपनी ने नए साल 2025 के पहले दिन ही दोनों स्‍कूटर्स की बुकिंग शुरू कर दी है। Honda Activa e और Honda QC1 इलेक्ट्रिक स्‍कूटर के लिए ग्राहकों को बुकिंग अमाउंट के तौर पर सिर्फ ₹1,000 रुपए देने होंगे। यह राशि ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह से देकर बुकिंग करवाई जा सकती है।

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जानकारी के अनुसार Honda ACTIVA e की बुकिंग देश के तीन प्रमुख शहरों बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई में की जाएगी। इन शहरों के चुनिंदा होंडा टू-व्हीलर डीलरशिप पर ही इनको उपलब्ध करवाया गया है। वहीं QC1 की बुकिंग छह शहरों दिल्ली, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और चंडीगढ़ में की जाएगी। इन शहरों के चुनिंदा डीलरशिप स्‍कूटर के लिए बुकिंग की जा सकती है।

कब होगा कीमतों का ऐलान

Honda ACTIVA e और QC1 इलेक्ट्रिक स्‍कूटर्स की कीमतों की घोषणा  भी इस महीने कर दी जाएगी। दोनों स्‍कूटर्स को आधिकारिक तौर पर भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में लॉन्‍च किया जाएगा। दोनों वेरिएंट की डिलीवरी फरवरी 2025 में शुरू होगी।

मीठा खाने के शौकीन हैं तो, इस तरह बनाएं गाजर का हलवा

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सर्दियों का मौसम शुरू होते ही घरवालों की पहली फरमाइश होती है, गाजर का हलवा। क्योंकि गाजर का हलवा बच्चों से लेकर बड़ो तक सबको पसंद होता है। यह खाने में स्वादिष्ट और पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है। गाजर का हलवा केवल त्योहारों पर ही नहीं बल्कि खास अवसरों पर बड़े चाव से बनाया और खाया जाता है। चलिए जानते हैं, गाजर का हलवा बनाने की विधि।

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गाजर के फायदे

गाजर कैरोटिनॉइड, पोटेशियम, विटामिन ए और विटामिन इ जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है। बच्चों के लिए गाजर बहुत  पौष्टिक है। गाजर आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद करता है। अगर आपके बच्चे की आंखे कमज़ोर है तो उसकी डाइट में गाजर ज़रूर शामिल करे। गाजर पाचन संबंधी समस्याओं को भी दूर करता है और मोटापे को कंट्रोल रखने में भी मदद करता है।

सामग्री 

1 kg गाजर

1 ½ लीटर दूध

8 हरी इलायची

5-7 टेबल स्पून घी

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1 टेबल स्पून सूखे मेवे

2 टी स्पून किशमिश

1 टेबल स्पून बादाम, गुच्छा

2 टेबल स्पून खजूर, टुकड़ों में कटा हुआ

विधि

गाजर का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले गाजर को साफ पानी से धोकर फिर अच्छे से पोछकर उसे छील लें। उसके बाद गाजर को कद्दूकस करलें। इसके बाद इलायची डालकर दूध को हल्की आंच पर उबालें। भारी कढ़ाही में घी को गर्म करें और उसमें कद्दूकस की हुई गाजर डालें और फिर थोड़ी देर बाद दूध भी मिलाएं। दूध और गाजर को मीडियम आंच पर पकने दें। जब गाजर का पानी सूख जाए और दूध भी गाढ़ा होने लगे फिस इसमें चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लें। जब चीनी घुल जाए फिर हाथों से मावा मैश करके गाजर के हलवे में डाल दें। इस बीच हलवे को चमचे की मदद से हिलाते रहें। अच्छे से पक जाने के बाद उसमें कटे हुए ड्राई फ्रूट्स को मिक्स करें। जब हलवे में से भीनी-भीनी खुशबू आने लग जाए इसका मतलब आपका हलवा बनकर तैयार है। गर्म-गर्म सर्व करें टेस्टी गाजर का हलवा।

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इस सरल रेसिपी के जरिए आप घर पर ही बिना किसी झंझट के मीठा बना सकते हैं। अगली बार जब मीठा खाने का मन हो, तो इस गाजर का हलवा को जरूर ट्राई करें!

CM नीतीश ने अवैध खनन की सूचना देनेवाले बिहारी योद्धाओं के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1, अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में खान एवं भूतत्व विभाग के अंतर्गत अवैध खनन कर राजस्व चोरी करने वाले खनन माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई में सहयोग करने वाले बिहारी योद्धाओं के सम्मान कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सम्मानित होने वाले 24 बिहारी खनन योद्धाओं के खाते में माउस क्लिक कर पुरस्कार स्वरूप मिलने वाली राशि हस्तांतरित की।

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खनन माफियाओं की सूचना देने वाले को यह राशि प्रदान की जा रही
अवैध खनन कर राजस्व चोरी करने वाले खनन माफियाओं की सूचना देने वाले को यह राशि प्रदान की जा रही है। इसके तहत ट्रैक्टर की सूचना देनेवाले योद्धाओं को 5 हजार और ट्रक की सूचना देनेवाले योद्धाओं को 10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि सम्मान स्वरूप दी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान खान एवं भूतत्व विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपने विभाग के अद्यतन कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने अवैध खनन की रोकथाम हेतु किए जाने वाले कार्य, विभाग में किए जा रहे नवाचार सहित अन्य कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान खान एवं भूतत्व विभाग के कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ, खान एवं भूतत्व विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह एवं खान एवं भूतत्व विभाग के निदेशक विनोद दूहन उपस्थित थे।

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