मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1, अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में खान एवं भूतत्व विभाग के अंतर्गत अवैध खनन कर राजस्व चोरी करने वाले खनन माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई में सहयोग करने वाले बिहारी योद्धाओं के सम्मान कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सम्मानित होने वाले 24 बिहारी खनन योद्धाओं के खाते में माउस क्लिक कर पुरस्कार स्वरूप मिलने वाली राशि हस्तांतरित की।

खनन माफियाओं की सूचना देने वाले को यह राशि प्रदान की जा रही
अवैध खनन कर राजस्व चोरी करने वाले खनन माफियाओं की सूचना देने वाले को यह राशि प्रदान की जा रही है। इसके तहत ट्रैक्टर की सूचना देनेवाले योद्धाओं को 5 हजार और ट्रक की सूचना देनेवाले योद्धाओं को 10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि सम्मान स्वरूप दी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान खान एवं भूतत्व विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपने विभाग के अद्यतन कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने अवैध खनन की रोकथाम हेतु किए जाने वाले कार्य, विभाग में किए जा रहे नवाचार सहित अन्य कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान खान एवं भूतत्व विभाग के कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ, खान एवं भूतत्व विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह एवं खान एवं भूतत्व विभाग के निदेशक विनोद दूहन उपस्थित थे।









जानकारी के मुताबिक बावल के गांव जलालपुर के विजय सिंह चौहान पुलिस में हैड कान्स्टेबल के पद पर फरीदाबाद में नियुक्त थे। विजय चौहान पुलिस में आने से पहले सेना में थे। उन्होंने करगिल युद्ध में भी भाग लिया था। नए साल पर उनका रिटायरमेंट हुआ। इस दिन को खास बनाने के लिए उन्होंने हेलिकॉप्टर बुक करवाया। विदाई के बाद वे हेलीकॉप्टर में सवार होकर गांव पहुंचे।हेलिकॉप्टर जलालपुर से दो किलोमीटर दूर सुठाना के राजकीय विद्यालय के मैदान में उतरा। वहां उनके स्वागत में परिजन मौजूद थे। सूचना मिलते ही कई ग्रामीण भी हेलिकॉप्टर देखने पहुंच गए। इस मौके पर कसौला थाना पुलिस के जवान भी पहुंचे। विजय सिंह चौहान का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। वहीं ढोल-नगाड़ों के साथ घर ले जाया गया।
