Wednesday, July 1, 2026
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अमेरिका के हॉलीवुड हिल्स में भीषण आग से 5 लोगों की मौत, हजारों इमारतें और बड़े सितारों के घर खाक

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अमेरिका के हॉलीवुड हिल्स में लगी भीषण आग ने लॉस एंजेलिस में तबाही मचा दी है। इस आग में अबतक 5 लोगों की मौत हो गई।  अब तक 1,000 से अधिक इमारतें और घर जलकर खाक हो चुके हैं। 1.30 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया गया है। इस संकट के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपनी इटली यात्रा रद्द कर दी है। वहीं, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आग की घटना को लेकर सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।  बुधवार शाम को शुरू हुई आग ने हॉलीवुड बाउल और हॉलीवुड हिल्स के पास के क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया है। अब तक आग के कारण पांच लोगों की मौत हो चुकी है। अग्निशमन दल ने तीन बड़ी आग पर काबू पा लिया है, लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।  राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस संकट के मद्देनजर अपनी इटली यात्रा रद्द कर दी है। वे वाशिंगटन में रहकर कैलिफोर्निया के हालात पर नजर रख रहे हैं।

वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने आग की इस घटना को लेकर सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पानी की कमी और प्रशासन की लापरवाही के कारण आग को समय पर नहीं रोका जा सका।  आग के कारण 1,000 से अधिक घर और इमारतें नष्ट हो चुकी हैं। पूरे लॉस एंजेलिस में धुएं का गुबार छाया हुआ है। आग के तेजी से फैलने की आशंका के चलते सांता मोनिका और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को तुरंत घर खाली करने का आदेश दिया गया है। लॉस एंजेलिस की मेयर कैरेन बास ने बताया कि कैलिफोर्निया और अन्य स्थानों से अग्निशमन दल मदद के लिए पहुंचे हैं। साथ ही आग पर काबू पाने के लिए हवाई अभियान भी चलाया जा रहा है।

पासाडेना के अग्निशमन प्रमुख चैड ऑगस्टिन ने बताया कि ईटन क्षेत्र में लगी आग ने 200 से 500 इमारतों को नष्ट कर दिया है। पानी की आपूर्ति और बिजली कटौती के कारण आग बुझाने में बाधा आ रही थी। तेज हवाओं के चलते आग की चिंगारियां दूर-दूर तक फैल रही थीं, जिससे नए क्षेत्रों में भी आग लग गई।  पैसिफिक पैलिसेड्स में भी आग ने काफी तबाही मचाई। कई घर जलकर खाक हो गए, स्विमिंग पूल काले हो गए, और लक्जरी कारें पिघले हुए टायरों पर खड़ी नजर आईं।
आग ने कैलाबास और सांता मोनिका जैसे क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया, जहां कई हॉलीवुड हस्तियों के घर थे। मैंडी मूर, कैरी एल्वेस और पेरिस हिल्टन जैसे सितारों ने अपने घर खो दिए।

अभिनेता बिली क्रिस्टल और उनकी पत्नी जेनिस ने अपना 45 साल पुराना घर खो दिया। उन्होंने कहा,  “हमारे घर का हर हिस्सा प्यार और खूबसूरत यादों से भरा हुआ था। इसे खोना दिल तोड़ने जैसा है।”अभिनेता डायलन विंसेंट ने बताया कि लौटकर ऐसी जगह आना बहुत अजीब है, जो अब अस्तित्व में ही नहीं है। उन्होंने कहा, “हमने देखा कि प्राथमिक विद्यालय और पूरा इलाका जलकर समतल हो गया।”* आग अब तक 42 वर्ग मील क्षेत्र को नष्ट कर चुकी है। आग की घटना ने राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी लापरवाही और जल प्रबंधन की विफलता के कारण आग इतनी तेजी से फैली।   वहीं, राष्ट्रपति बाइडन ने प्रभावित क्षेत्रों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है और अग्निशमन अभियान पर नजर बनाए हुए हैं।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हथियारबंद लोगों ने 16 मजदूरों का किया अपहरण

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पाकिस्तान (Pakistan) के अशांत खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) प्रांत में बृहस्पतिवार को हथियारबंद लोगों ने कम से कम 16 मजदूरों का अपहरण कर लिया। स्थानीय पुलिस ने यह जानकारी दी। ये मजदूर एक सरकारी प्रतिष्ठान में काम करते थे और उन्हें उस वक्त अगवा किया गया जब वे एक वाहन से निर्माण स्थल जा रहे थे। बाद में अपहरणकर्ताओं ने कबाल खेल क्षेत्र में वाहन को आग लगा दी। किसी भी समूह ने अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली है। प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) इस क्षेत्र में सक्रिय है और अतीत में वह इस तरह की घटनाओं में लिप्त रहा है।

टीटीपी को अल-कायदा का करीबी माना जाता है और 2007 में यह कई आतंकवादी संगठनों को मिला कर बना था। इस संगठन को पाकिस्तान में कई घातक हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। एक अन्य घटना में बम निरोधक इकाई ने खैबर पख्तूनख्वा के टैंक जिले में महबूब जियारत जांच चौकी के पास रखे गए 25 किलोग्राम के बम को निष्क्रिय कर दिया है। स्थानीय पुलिस ने बताया कि बम उस मार्ग पर लगाया गया था जिस पर से सुरक्षा बलों का काफिला गुजरने वाला था।

कोरोना के बाद HMPV का खतरा, जानें दुनिया के 10 सबसे खतरनाक वायरस कौन से हैं?

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में कोरोना वायरस के बाद अब मानव पैराएनफ्लुएंजा वायरस (HMPV) को लेकर अलर्ट जारी किया है। अब तक भारत में HMPV के 7 मामले दर्ज किए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस का संक्रमण गंभीर श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसके साथ ही दुनिया के कई अन्य घातक वायरसों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है, जिनकी मृत्यु दर बहुत अधिक है और ये महामारी का कारण बन सकते हैं।

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1. मारबर्ग वायरस
मारबर्ग वायरस दुनिया के सबसे खतरनाक वायरस में से एक है। यह रक्तस्रावी बुखार का कारण बनता है और इबोला के समान शरीर के अंगों और त्वचा में रक्तस्राव और ऐंठन पैदा करता है। इसकी मृत्यु दर 90% है।

2. इबोला वायरस
इबोला वायरस के पांच प्रकार हैं, जिनमें से कई प्रकार अफ्रीकी देशों में महामारी का कारण बने। इसकी मृत्यु दर भी 90% तक होती है। यह शारीरिक संपर्क और संक्रमित व्यक्तियों के तरल पदार्थों से फैलता है।

3. हंता वायरस
हंता वायरस फेफड़ों और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। यह संक्रमित चूहों और उनके मूत्र, मल और लार के संपर्क में आने से फैलता है।

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4. बर्ड फ्लू वायरस (H5N1)
बर्ड फ्लू वायरस मुख्य रूप से पक्षियों से इंसानों में फैलता है। यह वायरस बेहद खतरनाक है, जिसकी मृत्यु दर 70% तक होती है।

5. लासा वायरस
लासा वायरस पश्चिमी अफ्रीका के चूहों से फैलता है। यह रक्तस्राव, बुखार और अंगों को क्षति पहुंचाता है। इस वायरस का इलाज समय पर न किया जाए तो यह घातक हो सकता है।

6. जूनिन वायरस
अर्जेंटीना से जुड़े इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति को खून बहने और सूजन की समस्या होती है। इसके लक्षणों का पता लगाना मुश्किल होता है, जिससे इसका उपचार भी जटिल हो जाता है।

7. माचुपो वायरस
ब्लैक टाइफस के नाम से जाना जाने वाला माचुपो वायरस तेज बुखार और भारी रक्तस्राव का कारण बनता है। यह एक इंसान से दूसरे इंसान में आसानी से फैल सकता है।

8. क्यासानूर वन वायरस (KFD)
भारत में खोजा गया यह वायरस जानवरों और पक्षियों के माध्यम से इंसानों में फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द और रक्तस्राव शामिल हैं।

9. डेंगू वायरस
डेंगू हर साल लाखों लोगों को प्रभावित करता है। यह मच्छरों के काटने से फैलता है और अगर समय पर इलाज न हो तो यह घातक हो सकता है।

10. रैबीज वायरस
रैबीज संक्रमित जानवरों के काटने से फैलता है। यदि समय पर उपचार न मिले तो यह लगभग हमेशा घातक होता है।

HMPV और सावधानियां
HMPV के मामले बढ़ रहे हैं। इसे रोकने के लिए नियमित हाथ धोने, मास्क पहनने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने की सलाह दी गई है। अन्य खतरनाक वायरस से बचने के लिए स्वच्छता और टीकाकरण का पालन बेहद जरूरी है।

Supreme Court ने सुधारी अपनी गलती, 25 साल बाद जेल से रिहा हुआ नाबालिग हत्यारा

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उत्तराखंड के देहरादून में 30 साल पहले हुए ट्रिपल मर्डर केस में एक अहम बदलाव आया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी गलती सुधारते हुए एक ऐसे आरोपी को रिहा किया, जिसे पहले नाबालिग होने के बावजूद फांसी की सजा दी गई थी। इस मामले में 25 साल बाद आरोपी की उम्र के प्रमाणों के आधार पर फैसला बदलते हुए उसे जेल से रिहा कर दिया गया। यह केस न सिर्फ न्यायिक प्रक्रिया में हुई बड़ी चूक का खुलासा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि न्यायपालिका कभी-कभी समय के साथ अपनी गलतियों को सुधारने का साहस दिखाती है।

जानें पूरा मामला क्या था?
30 साल पहले, 1994 में देहरादून में एक नृशंस त्रिपल मर्डर हुआ था। उत्तराखंड के एक रिटायर्ड कर्नल, उनके बेटे और बहन को नौकर ओमप्रकाश ने बेरहमी से मार डाला। ओमप्रकाश कर्नल साहब के घर पर नौकर के रूप में काम करता था। घरवालों के साथ उसकी कई बार अनबन हो चुकी थी, जिससे तंग आकर कर्नल साहब ने उसे नौकरी से निकालने का फैसला किया। यह कदम ओमप्रकाश के लिए सहन करना मुश्किल हो गया और उसने गुस्से में आकर परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर दी। ओमप्रकाश ने कर्नल की पत्नी पर भी हमला किया था, लेकिन वह किसी तरह जान बचाने में कामयाब रही।

हत्या के बाद ओमप्रकाश फरार हो गया, लेकिन 1999 में पश्चिम बंगाल से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। निचली अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई, जो बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखी। हालांकि, ओमप्रकाश ने बार-बार अपनी दलील दी कि वह उस वक्त नाबालिग था, लेकिन यह आरोप अदालतों ने नजरअंदाज कर दिया।

राष्ट्रपति की दया याचिका और उम्रकैद की सजा
2012 में ओमप्रकाश ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दाखिल की, और राष्ट्रपति ने उसकी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। इसके बावजूद, ओमप्रकाश की रिहाई पर शर्त रखी गई कि जब तक वह 60 साल का नहीं हो जाता, तब तक उसे जेल में रहना होगा।

नाबालिग होने के सबूतों पर नया खुलासा हुआ
हाल ही में, ओमप्रकाश ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर यह साबित करने की कोशिश की कि वह उस समय नाबालिग था। इसके लिए उसने हड्डी की जांच रिपोर्ट और स्कूल रिकॉर्ड पेश किए। यह सबूत इस तथ्य की पुष्टि कर रहे थे कि ओमप्रकाश की उम्र घटना के समय केवल 14 वर्ष थी। इससे पहले अदालतों ने उसकी इस दलील को गंभीरता से नहीं लिया था।

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, गलती को सुधारा
सुप्रीम कोर्ट ने ओमप्रकाश के नाबालिग होने के प्रमाणों को स्वीकार करते हुए मामले की समीक्षा की। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच ने कहा कि ओमप्रकाश ने निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अपनी नाबालिग होने की दलील दी थी, लेकिन हर बार अदालतों ने इसे नजरअंदाज किया। कोर्ट ने यह माना कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत एक नाबालिग को अधिकतम तीन साल की सजा ही दी जा सकती थी, लेकिन उसे 25 साल तक जेल में रखने का नतीजा न्यायिक प्रक्रिया की बड़ी चूक था। अदालत ने कहा कि ओमप्रकाश को अगर समय पर सही फैसला मिलता, तो वह अब तक समाज में सामान्य जीवन जी रहा होता।

सुप्रीम कोर्ट का अनोखा संदेश, अदालतों की जिम्मेदारी
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि जब किसी अभियुक्त के नाबालिग होने के प्रमाण मिलते हैं, तो अदालत को इसे सही तरीके से मान्यता देनी चाहिए और उसके मुताबिक सजा तय करनी चाहिए। यह मामला भारतीय न्याय व्यवस्था की एक बड़ी सीख है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने न केवल अपनी गलती मानी, बल्कि उसे सुधारने का भी कदम उठाया।

Jio के 84 दिन वाले सस्ते रिचार्ज ने BSNL में गए यूजर्स को किया आकर्षित, वापस लौटने लगे यूजर्स

भारत में टेलीकॉम क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा दिनों-दिन तेज़ होती जा रही है। इस प्रतियोगिता में रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने हमेशा की तरह अपनी रणनीति से बाज़ार में अपनी पकड़ बनाई है। जियो ने अपने 84 दिन वाले सस्ते प्रीपेड रिचार्ज प्लान के माध्यम से न केवल नए ग्राहकों को आकर्षित किया है, बल्कि जो यूजर्स अन्य नेटवर्क प्रदाताओं, जैसे BSNL, पर शिफ्ट हो गए थे, उन्हें भी वापस अपनी तरफ खींच लिया है।

Jio के 84 दिन वाले सस्ते रिचार्ज प्लान की लोकप्रियता
आजकल के समय में 84 दिन की वैलिडिटी वाले रिचार्ज प्लान भारतीय टेलीकॉम मार्केट में एक नया ट्रेंड बन गए हैं। इन प्लान्स में यूजर्स को लंबे समय तक वैलिडिटी मिलती है, जिससे उन्हें बार-बार रिचार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। जियो के पास भी ऐसे कई आकर्षक 84 दिन वाले रिचार्ज प्लान मौजूद हैं जो अपनी कीमत और बेनिफिट्स के कारण खासे पॉपुलर हो गए हैं। इन प्लान्स का मुख्य आकर्षण उनकी लंबी वैलिडिटी, अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा और नेशनल रोमिंग जैसी सुविधाएं हैं। जियो के 799 रुपये वाले 84 दिन वाले रिचार्ज प्लान में ये सभी बेनिफिट्स शामिल हैं, जो इसे भारतीय यूजर्स के लिए एक बेहतरीन और किफायती ऑप्शन बनाते हैं।

जियो के 799 रुपये वाले 84 दिन वाले रिचार्ज प्लान की डिटेल्स
रिलायंस जियो का 799 रुपये वाला प्रीपेड प्लान उन यूजर्स के लिए आदर्श है जो एक साथ फ्री कॉलिंग, डेटा और नेशनल रोमिंग जैसी सुविधाएं चाहते हैं। इस प्लान में मिलने वाली सुविधाओं की सूची इस प्रकार है:

1. अनलिमिटेड कॉलिंग
799 रुपये वाले इस प्लान के साथ जियो यूजर्स को किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग की सुविधा मिलती है। इसका मतलब है कि आप जियो से जियो या जियो से अन्य नेटवर्क पर बिना किसी शुल्क के अनलिमिटेड कॉल कर सकते हैं। यह सुविधा यूजर्स को कॉलिंग पर खर्च कम करने में मदद करती है, खासकर उन लोगों के लिए जो फोन कॉल्स का भारी उपयोग करते हैं।

2. डेली 1.5GB हाई-स्पीड डेटा
यह प्लान प्रति दिन 1.5GB हाई-स्पीड डेटा प्रदान करता है, जिससे यूजर्स को इंटरनेट पर फ्री और तेज़ ब्राउज़िंग, वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया और अन्य ऐप्स का लुत्फ उठाने का मौका मिलता है। अगर आप इंटरनेट का उपयोग अधिक करते हैं, तो यह प्लान आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

3. 100 फ्री SMS प्रतिदिन
इस प्लान के तहत, हर दिन 100 फ्री SMS मिलते हैं। यह सुविधा उन यूजर्स के लिए लाभकारी है जो SMS के माध्यम से संवाद करते हैं। खासकर तब जब इंटरनेट की सुविधा सीमित हो, तो SMS एक महत्वपूर्ण संवाद माध्यम हो सकता है।

4. जियो के ऐप्स का मुफ्त एक्सेस
इस प्लान के साथ यूजर्स को Jio Cinema, Jio Cloud, और Jio TV जैसे जियो के प्रमुख ऐप्स का मुफ्त एक्सेस मिलता है। इन ऐप्स के माध्यम से यूजर्स फिल्में, वेब सीरीज, लाइव टीवी, और अन्य कंटेंट का मजा ले सकते हैं।

5. फ्री नेशनल रोमिंग
जियो के इस 799 रुपये वाले प्लान में फ्री नेशनल रोमिंग की सुविधा भी शामिल है। इसका मतलब यह है कि जब भी आप भारत के किसी भी हिस्से में यात्रा करेंगे, तो आपको अपनी कॉल्स और डेटा पर अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा। यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो अक्सर यात्रा करते हैं और रोमिंग शुल्क से बचना चाहते हैं।

जियो के 1234 रुपये वाले 336 दिन वाले रिचार्ज प्लान की जानकारी
रिलायंस जियो ने अपनी रेंज में एक और सस्ते प्लान को शामिल किया है, जो 1234 रुपये का है और इसकी वैलिडिटी 336 दिन तक होती है। यह प्लान खासकर उन यूजर्स के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो लंबी वैलिडिटी और ज्यादा समय तक इंटरनेट, कॉलिंग और SMS जैसी सुविधाओं का लाभ लेना चाहते हैं।

इस प्लान की प्रमुख विशेषताएँ
– 0.5GB डेटा प्रति दिन: इसमें हर दिन 0.5GB हाई-स्पीड डेटा मिलता है, जो मध्यम उपयोगकर्ताओं के लिए आदर्श है।
– 100 SMS प्रति दिन: इस प्लान में आपको रोज़ाना 100 फ्री SMS मिलते हैं।
– अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री रोमिंग: इसमें भी अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग की सुविधा शामिल है।
यह प्लान खासकर Jio Bharat Phone यूजर्स के लिए है। इसका मतलब है कि यह प्लान स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं है, बल्कि इसे सिर्फ Jio Bharat Phone उपयोगकर्ता ही खरीद सकते हैं।

BSNL और अन्य नेटवर्क ऑपरेटरों के यूजर्स का जियो की तरफ रुझान
जब से जियो ने इस आकर्षक और किफायती प्लान को पेश किया है, बीएसएनएल (BSNL) जैसे अन्य ऑपरेटरों के ग्राहक भी जियो की तरफ वापस लौटने लगे हैं। BSNL में कई यूजर्स लंबे समय से मौजूद थे, लेकिन जियो के सस्ते रिचार्ज और बेहतर नेटवर्क कवरेज ने उन्हें अपनी सेवा बदलने के लिए प्रेरित किया है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में जियो की नेटवर्क गुणवत्ता और बेहतर डेटा सेवाएं बीएसएनएल के मुकाबले कहीं ज्यादा प्रभावी साबित हो रही हैं। जियो के आकर्षक ऑफर्स और यूजर-फ्रेंडली प्लान्स ने बीएसएनएल और अन्य टेलीकॉम कंपनियों के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब तक BSNL के पास लंबे वैलिडिटी वाले प्लान्स थे, लेकिन जियो ने अपनी किफायती कीमतों और बेहतर सुविधाओं के साथ अपनी तरफ ग्राहकों का रुख कर लिया है।

रणनीतियों में बदलाव करने के लिए मजबूर
रिलायंस जियो का यह 84 दिन वाला रिचार्ज प्लान न केवल भारतीय बाजार में, बल्कि टेलीकॉम सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत है। जियो की सफलता इस बात का प्रमाण है कि वह अपनी प्रतिस्पर्धी कीमतों और हाई-क्वालिटी सर्विस के माध्यम से ग्राहकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। अब तक जियो के इस किफायती रिचार्ज प्लान ने लाखों नए यूजर्स को जोड़ा है और BSNL जैसे दिग्गजों को भी अपनी रणनीतियों में बदलाव करने के लिए मजबूर कर दिया है। जियो का यह नया प्लान ना सिर्फ एक किफायती विकल्प है, बल्कि इसके साथ मिलने वाली सुविधाएं उसे और भी ज्यादा आकर्षक बनाती हैं। जियो की इस पहल ने भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री में नई दिशा तय की है, और यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में भी रिलायंस जियो बाजार पर अपनी पकड़ बनाए रखेगा। अगर आप भी एक सस्ते और लाभकारी रिचार्ज प्लान की तलाश में हैं, तो रिलायंस जियो का 84 दिन वाला प्लान आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसकी लंबी वैलिडिटी, किफायती मूल्य, और बेहतर सुविधाएं इस प्लान को खास बनाती हैं। इसके साथ ही, जियो के ऐप्स का मुफ्त एक्सेस और फ्री कॉलिंग की सुविधा भी इसे अन्य ऑपरेटरों से कहीं बेहतर बनाती है। इसलिए, अगर आप अपनी टेलीकॉम सेवा बदलने का सोच रहे हैं, तो जियो का 84 दिन वाला प्लान एक समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है।

11 जनवरी को भारी बारिश…चक्रवाती सर्कुलेशन और Western Disturbance का अलर्ट

देश में मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। मौसम विभाग (IMD) ने 10 से 12 जनवरी के बीच बारिश, बर्फबारी और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों से लेकर हिमालयी क्षेत्रों तक मौसम में बदलाव देखा जाएगा।

10 से 12 जनवरी तक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित करेगा। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में 11 जनवरी को बारिश के साथ बिजली चमकने का अनुमान है। उत्तराखंड में 11 और 12 जनवरी को बारिश हो सकती है, जबकि राजस्थान में ओले गिरने की संभावना है।

पश्चिमी हिमालय में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 10 जनवरी तक घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी।

दक्षिण भारत में दो चक्रवाती सर्कुलेशन सक्रिय हैं। पहला सर्कुलेशन साउथ-ईस्ट बंगाल की खाड़ी और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु में है। इनके कारण 11 और 12 जनवरी को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। 12 जनवरी को केरल और माहे में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने इन सभी इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है, और विजिबिलिटी में कमी के चलते वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

सर्दियों में तिल की गजक खाएं और सेहत बनाएं, घर पर इसे बनाना है बेहद आसान

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तिल की गजक सर्दियों में बेहद लोकप्रिय और पौष्टिक मिठाई है, जिसे तिल और गुड़ से बनाया जाता है। यह न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है। घर पर तिल की गजक बनाना बेहद आसान है और इसमें ज्यादा समय भी नहीं लगता। आइए जानते हैं तिल की गजक को घर पर बनाने का सरल तरीका।

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सामग्री

– सफेद तिल 1 कप
– 1 कप कद्दूकस किया हुआ गुड़
–  1 चम्मच घी
– 1/2 चम्मच इलायची पाउडरPunjabKesari

बनाने की विधि

– एक कड़ाही में तिल डालें और धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। तिल को लगातार चलाते रहें ताकि वे जलें नहीं।

– जब तिल हल्के भूरे हो जाएं और खुशबू आने लगे, तब उन्हें एक प्लेट में निकाल लें और ठंडा होने दें।

– उसी कड़ाही में घी डालें और उसमें कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालें और  धीमी आंच पर पिघलने दें

– जब गुड़ पूरी तरह से पिघल जाए और उसमें बुलबुले आने लगें, तो इसमें इलायची पाउडर डालें।

– पिघले हुए गुड़ में भुने हुए तिल डालें और अच्छे से मिलाएं। इसे जल्दी-जल्दी चलाएं ताकि तिल और गुड़ आपस में अच्छी तरह से मिल जाएं।

– जब तिल और गुड़ का मिश्रण गाढ़ा होने लगे, तो गैस बंद कर दें।

– एक समतल सतह पर घी लगाएं या बटर पेपर बिछाएं।

– मिश्रण को इस सतह पर डालें और बेलन की मदद से इसे पतला बेल लें।

– इसे हल्का ठंडा होने दें, फिर इसे चाकू से अपने पसंदीदा आकार में काट लें।

– तिल की गजक को पूरी तरह ठंडा होने दें ताकि यह सख्त हो जाए। ठंडा होने के बाद इसे एयरटाइट कंटेनर में रखें।

Hyundai ने पेश की अपडेटेड Venue, Verna और Grand i10 Nios, मिलेंगे नए शानदार फीचर्स

हुंडई इंडिया ने अपने तीन मॉडल्स- वेन्यू कॉम्पैक्ट एसयूवी, वेरना मिड-साइज़ सेडान और ग्रैंड i10 निओस हैचबैक को अपडेट किया है। इन तीनों कारों में क्रमशः नया मिड-स्पेक वेरिएंट दिया है।

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Hyundai Venue-

वेन्यू कॉम्पैक्ट एसयूवी में अब मैनुअल फॉर्म में 83hp, 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ SX एक्जीक्यूटिव ट्रिम मिलता है। 10.79 लाख रुपये की इस ट्रिम में 8-इंच इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और ऐप्पल कारप्ले, कीलेस एंट्री और गो और सनरूफ जैसे फीचर्स मिलते हैं।

अपडेटेड वेन्यू में S और S+ मैनुअल ट्रिम को रियर कैमरा और वायरलेस चार्जर दिया है। इसके S(O) MT वैरिएंट को कीलेस एंट्री और गो फीचर के साथ, S(O) नाइट एडिशन को वायरलेस चार्जर के साथ अपडेट किया है। अपडेट किए गए वैरिएंट की कीमतों में 10,000-22,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

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Hyundai Grand i10 Nios 2025 –

Grand i10 Nios स्पोर्ट्ज़ (O) ट्रिम मैनुअल गियरबॉक्स और AMT ऑप्शन के साथ उपलब्ध है। इसकी कीमत 7.72 लाख रुपये से 8.29 लाख रुपये के बीच की है। इस स्पोर्ट्ज़ (O) ट्रिम में 15 इंच के डायमंड-कट अलॉय व्हील, 8 इंच का इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, एंड्रॉइड ऑटो और ऐप्पल कारप्ले, कीलेस एंट्री और गो और क्रोम आउटसाइड डोर हैंडल जैसे फीचर्स दिए हैं। इसके कॉर्पोरेट वैरिएंट को भी अपडेट किया है। निओस कॉर्पोरेट की कीमतों में 16,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

Hyundai Verna 2025 –

हुंडई वर्ना पेट्रोल लाइन-अप अब 115hp, 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन के लिए नए S CVT वैरिएंट और 160hp, 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल यूनिट के लिए S(O) DCT वैरिएंट के साथ और भी ज़्यादा सुलभ हो गया है। वर्ना S CVT वैरिएंट में एक सनरूफ, ड्राइव मोड (इको, नॉर्मल, स्पोर्ट) और पैडल-शिफ्टर्स दिए हैं। वहीं वर्ना S(O) DCT में ब्लैक-आउट 16-इंच अलॉय व्हील्स, लाल रंग में फ़िनिश किए गए फ्रंट ब्रेक कैलीपर्स, एक सनरूफ, एक 8-इंच इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और ऐप्पल कारप्ले, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, एक वायरलेस चार्जर और एक रियर कैमरा जैसी किट मिलेगी। वर्ना S MT वैरिएंट में 32,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

लौंग के सेवन से दिल से लेकर दांतों तक मिलेगा आराम, जानिए इसके सेहत से जुड़े फायदे!

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सर्दियों में अक्सर जुकाम, खांसी, गले में खराश जैसी समस्याएं हो जाती हैं। कई लोग इनसे राहत पाने के लिए रात को सोने से पहले लौंग खाने का उपाय अपनाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय से सर्दियों की परेशानियों से निजात मिल सकती है। लेकिन क्या सच में रात को 2 लौंग खाना चमत्कारी फायदे दे सकता है? इस सवाल का जवाब हम आपको आयुर्वेदिक डॉक्टर से बताते हैं।

लौंग के फायदें

लौंग एक औषधीय मसाला है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। लौंग में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं, जिससे यह सर्दी-जुकाम, खांसी, और गले के इंफेक्शन से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, लौंग में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करते हैं। रात को गुनगुने पानी के साथ 2 लौंग खाने से गैस, सूजन और अपच जैसी समस्याओं से भी राहत मिल सकती है। लौंग पाचन एंजाइम्स को उत्तेजित करता है, जिससे खाना जल्दी और अच्छे से पचता है।

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लौंग का दर्द निवारक प्रभाव

लौंग में युजेनोल नामक तत्व पाया जाता है, जो एक प्राकृतिक पेनकिलर के रूप में काम करता है। यह दांतों के दर्द, सिरदर्द, और मांसपेशियों के दर्द को कम करने में सहायक हो सकता है। इसके अलावा, लौंग दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने, कोलेस्ट्रॉल कम करने और ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

नींद और इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद

लौंग शरीर को आराम देने में मदद करता है और इससे नींद में भी सुधार हो सकता है। लौंग के एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं, जिससे शरीर संक्रमण और अन्य बीमारियों से बचा रहता है।

कौन लोग लौंग का सेवन न करें?

हालांकि लौंग के कई फायदे हैं, लेकिन कुछ लोगों को इसे अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए। जिन लोगों को पेट की समस्याएं हैं, उन्हें लौंग का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पेट में जलन, मतली या अपच हो सकता है। गर्भवती महिलाओं को भी लौंग का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि इससे प्रेग्नेंसी में कॉम्प्लिकेशन हो सकते हैं। जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की समस्या है, खासकर लो ब्लड प्रेशर वाले लोग, उन्हें लौंग का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह उनके बीपी को और गिरा सकता है। कुछ लोग लौंग से एलर्जी महसूस कर सकते हैं, जैसे रैशेज, खुजली या सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा, लौंग का ज्यादा सेवन दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे दांतों की समस्या हो सकती है।

रात को गुनगुने पानी के साथ लौंग का सेवन करने से कई स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं, जैसे सर्दी-जुकाम से राहत, पाचन सुधार, और दर्द में कमी। लेकिन इसे सही मात्रा में और सही तरीके से करना जरूरी है। अधिक सेवन से नुकसान भी हो सकता है, इसलिए इसे सावधानीपूर्वक ही इस्तेमाल करना चाहिए।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के नियमों में बदलाव, SEBI ने किया बड़ा ऐलान

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों (CRA) के लिए महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए रेटिंग एक्शन की समयसीमा को अब कैलेंडर डे के बजाय वर्किंग डे के आधार पर निर्धारित किया है। यह घोषणा 8 जनवरी को की गई। सेबी ने यह फैसला CRA पर गठित वर्किंग ग्रुप की सिफारिशों के बाद किया, जिससे एजेंसियों को वीकेंड और छुट्टियों के दौरान काम में आने वाली दिक्कतों से राहत मिलेगी।

नए नियमों से सीआरए के कामकाज में लचीलापन आएगा और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा मिलेगा। इससे बैंकों और डिबेंचर ट्रस्टी जैसे संस्थानों के साथ बेहतर तालमेल बैठाने में मदद मिलेगी। SEBI का यह कदम रेटिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवहारिक और एजेंसियों के लिए अनुकूल बनाने की दिशा में है।

क्या बदले हैं नियम?
प्रेस स्टेटमेंट जारी करने की समयसीमा

किसी घटना के बाद रेटिंग कार्रवाई को लेकर प्रेस स्टेटमेंट अब 7 कार्य दिवसों में जारी करना होगा। पहले यह समयसीमा 7 कैलेंडर दिनों की थी।

ब्याज या मूलधन में देरी की स्थिति

यदि ब्याज या मूलधन के भुगतान में देरी होती है, तो सीआरए को रेटिंग की समीक्षा करनी होगी। इस मामले में प्रेस रिलीज अब 2 कार्य दिवसों के भीतर जारी करनी होगी। पहले यह समयसीमा 2 कैलेंडर दिनों की थी।

No Default Statement (NDS)

लगातार 3 महीने तक एनडीएस या डिबेंचर ट्रस्टी की ओर से डेट सर्विसिंग की पुष्टि न मिलने पर, रेटिंग को ‘जारीकर्ता सहयोग नहीं कर रहा’ के रूप में चिह्नित करने की समयसीमा भी 7 कैलेंडर दिनों से घटाकर 5 कार्य दिवस कर दी गई है।

क्यों है यह बदलाव जरूरी?

यह कदम क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के कामकाज को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए उठाया गया है। अब एजेंसियों को छुट्टियों या वीकेंड की चिंता किए बिना नियमों का पालन करना आसान होगा।

सेबी के इस फैसले से रेटिंग एजेंसियों के लिए समीक्षा और फैसले जारी करना आसान होगा। खासतौर पर जब लगातार छुट्टियां होती हैं, तब भी एजेंसियों को काम के लिए पूरा समय मिल सकेगा।

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