Thursday, April 2, 2026
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NATIONAL : बारामती विमान हादसे में अजित पवार का निधन, PM मोदी-राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया दुख….

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महाराष्ट्र के बारामती में हुए चार्टर्ड विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन हो गया. DGCA ने हादसे में सवार सभी 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई राजनीतिक नेताओं ने इस दुखद घटना पर शोक जताया है.

महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे में राज्य के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार का निधन हो गया. यह हादसा उस वक्त हुआ, जब उनका चार्टर्ड विमान बारामती में लैंडिंग की कोशिश कर रहा था. DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने पुष्टि की है कि विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई है और कोई भी जीवित नहीं बचा. इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को फोन कर हालात की जानकारी ली.

हादसे की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. महाराष्ट्र सरकार की ओर से बताया गया कि पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों ने मुख्यमंत्री से संपर्क कर हादसे पर दुख जताया. प्रधानमंत्री मोदी ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक जाहिर किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अजित पवार जननेता थे और उनका लोगों से गहरा जुड़ाव था. वह महाराष्ट्र के लोगों की सेवा में हमेशा आगे रहने वाले मेहनती नेता के रूप में जाने जाते थे. प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीब व वंचित वर्ग को सशक्त करने का उनका जज़्बा सराहनीय था. उनका असमय निधन बेहद चौंकाने वाला और दुखद है. उनके परिवार और असंख्य समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति.

इस बीच, शरद पवार परिवार में भी शोक का माहौल है. जानकारी के मुताबिक, सुप्रिया सुले, अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो रहे हैं. तीनों शरद पवार के आवास पर एक साथ मौजूद थे.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन पर दुख जताया. राष्ट्रपति ने एक पोस्ट में कहा, “महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार समेत कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है. अजित पवार का असामयिक निधन एक अपूरणीय क्षति है. उन्हें महाराष्ट्र के विकास में, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में, विशेष योगदान के लिए सदैव याद रखा जाएगा. मैं उनके परिवार, समर्थकों एवं प्रशंसकों के प्रति गहन शोक-संवेदना व्यक्त करती हूं. ईश्वर इस दुर्घटना में मारे गए अन्य सभी लोगों के परिवारों को भी इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करें.”

राजनीतिक जगत से लगातार शोक संदेश आ रहे हैं. शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने कहा, “बारामती के विकास में अजित पवार की बड़ी भूमिका रही. पूरे पवार परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं.” कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने भी उनके निधन को महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ा नुकसान बताया.

शिवसेना (UBT) MP अरविंद सावंत ने कहा, “मैंने हमेशा वही किया जो उन्होंने (अजित पवार) कहा” वह एक हिम्मत वाले आदमी थे. बारामती इलाके के विकास में उनका बड़ा रोल था. मैं पूरे पवार परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं जाहिर करता हूं.”सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार का विमान दुर्घटना में निधन, अत्यंत दुःखद ! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे. शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं. भावभीनी श्रद्धांजलि.”

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने एक्स पोस्ट में कहा, “अजीत पवार साहब की विमान दुर्घटना में मौत की ख़बर बेहद अफ़सोसनाक है. ख़ुदा उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में सब्र अता करे, भारत सरकार दुर्घटना की गहन जॉंच करवाये ताकि दुर्घटना के कारणों का पता चल सके.”पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा, “महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत की खबर से गहरा सदमा लगा है. यह एक बेहद दुखद घटना है. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं.”

डीएमके सांसद टी शिवा ने कहा, “यह बहुत दुखद है. मेरे पास अपने शोक को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं. वह एक बेहद ऊर्जावान नेता थे.” केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इसे “बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर” बताया. वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “यह देश के लिए अपूरणीय क्षति है.”

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “यह सच में एक बुरी घटना है…खबरें आ रही हैं कि अजित पवार भी विमान में थे. अगर यह सच है, तो यह बहुत बुरा दिन है…यह दिल दहला देने वाली घटना है. भगवान पीड़ित परिवारों को हिम्मत दे…वह सिर्फ़ महाराष्ट्र के डिप्टी CM ही नहीं, बल्कि देश के जाने-माने नेता भी थे. यह एक ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती.”

DGCA के मुताबिक, “विमान में कुल 5 लोग सवार थे, जिनमें 3 यात्री और 2 क्रू मेंबर शामिल थे. यात्रियों में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार, उनके एक पीएसओ और एक अटेंडेंट मौजूद थे. वहीं क्रू में पायलट-इन-कमांड (PIC) और फर्स्ट ऑफिसर (FO) शामिल थे.”

NATIONAL : दोस्ती, सुसाइड पैक्ट और कत्ल… लड़की को मरते हुए देखता रहा आरोपी, मौत के बाद लाश के साथ की दरिंदगी

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केरल के कोझिकोड में एक लड़की की मौत पहेली बन गई थी. जिसे अब पुलिस ने सुलझा लिया है. इस मामले को पहले आत्महत्या बताया गया था. लेकिन जांच और छानबीन के बाद तस्वीर साफ हो गई. यह मामला कत्ल की एक सोची समझी साजिश थी, जिसका खुलासा पुलिस कर ने कर दिया है. पढ़ें पूरी कहानी.

Kozhikode Girl Murder Case: केरल के कोझिकोड जिले में एक युवती की मौत का मामला आत्महत्या के तौर पर दर्ज किया गया था. लेकिन जब इस मामले की तफ्तीश आगे बढ़ी तो कहानी पूरी तरह बदल गई. जो मामला खुदकुशी का लग रहा था, वह असल में एक सुनियोजित हत्या निकला. पुलिस ने 3 दिन बाद इस मामले का खुलासा कर दिया. साथ ही इस वारदात को अंजाम देने वाला शख्स भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है.

यह वारदात 24 जनवरी की है. उस वक्त पुलिस ने इस घटना को सामान्य केस मान लिया था, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने खुद मंगलवार को 36 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर इस सनसनीखेज साजिश का खुलासा कर दिया. आरोपी शख्स मरने वाली युवती का करीबी रिश्तेदार बताया गया है. जिसने मरने के बाद भी उस लड़की को नहीं बख्शा, बल्कि उसकी लाश का भी यौन शोषण किया.

PTI के मुताबिक, 26 साल की पीड़िता को एलाथुर थाना क्षेत्र के एक गांव में स्थित औद्योगिक यूनिट में गंभीर हालत में पाया गया था. यह यूनिट आरोपी वैसाख की ही थी. शनिवार को जब युवती को अस्पताल ले जाया गया, तब उसकी हालत नाजुक थी. बाद में उसकी मौत हो गई. शुरुआत में आरोपी ने दावा किया कि उसने युवती को फांसी पर लटका हुआ पाया था.

आरोपी वैसाख ने पुलिस को बताया कि उसने युवती को फंदे से लटका देखा और पत्नी की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया. उसने इसे आत्महत्या का मामला दिखाने की पूरी कोशिश की. लेकिन पुलिस को उसके बयान में कई विरोधाभास नजर आए. यही विरोधाभास आगे चलकर पूरे केस की कड़ी बने और सच्चाई सामने आने लगी.

जांच में खुलासा हुआ कि उन दोनों के बीच अवैध संबंध थे. मगर अब आरोपी उस लड़की से छुटकारा पाना चाहता था. इसी के चलते आरोपी ने युवती को आत्महत्या समझौते यानी सुसाइड पैक्ट का झांसा देकर यूनिट में बुलाया था. उसने भरोसा दिलाया कि दोनों साथ जी नहीं सकते तो साथ में अपनी जान देंगे. इसी साजिश के तहत आरोपी ने वहां पहले से दो फंदे तैयार कर रखे थे, ताकि मामला असली आत्महत्या जैसा लगे और किसी को शक न हो.

पुलिस के मुताबिक, जैसे ही युवती ने फंदे में अपना सिर डाला, आरोपी ने उसके पैरों के नीचे रखी कुर्सी को लात मारकर हटा दिया. युवती को संभलने का कोई मौका नहीं मिला. असल में यह पूरी तरह से पूर्व नियोजित हत्या थी. आरोपी वहीं खड़ा रहा और उसकी आंखों के सामने वो लड़की तड़पती रही और फिर उसने दम तोड़ दिया. इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया.

फॉरेंसिक रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, युवती के साथ फांसी की हालत में और नीचे उतारने के बाद भी यौन शोषण किया गया. इस खुलासे ने केस को और भी भयावह बना दिया. यह साफ हो गया कि आरोपी की मंशा सिर्फ हत्या नहीं थी, बल्कि उसने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी थीं.

आरोपी का अगला प्लान था कि वो रात में वापस आकर यूनिट का CCTV हार्ड डिस्क नष्ट कर देगा. वह सबूत मिटाकर हमेशा के लिए बच निकलना चाहता था. लेकिन पुलिस को उसके बयानों में कुछ फिशी लगा. समय रहते पुलिस ने यूनिट को सील कर दिया और डिजिटल सबूत सुरक्षित कर लिए. यही CCTV फुटेज इस केस का सबसे बड़ा सबूत बन गई.

कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने माना कि दोनों के बीच अवैध संबंध थे और युवती उस पर शादी का दबाव बना रही थी. इसी दबाव से छुटकारा पाने के लिए उसने उसकी हत्या की योजना बनाई. पुलिस के मुताबिक, समय पर CCTV सुरक्षित करना ही इस केस का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.

NATIONAL : सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो का हनीट्रैप, युवक से ठगे 1.35 लाख, दो महिलाओं समेत 3 गिरफ्तार

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ऊधम सिंह नगर के गदरपुर में सोशल मीडिया हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग गैंग का पर्दाफाश हुआ है. फेसबुक के जरिए दोस्ती कर युवक से मारपीट, धमकी और अश्लील वीडियो वायरल करने का डर दिखाकर 1.35 लाख रुपये वसूले गए. पुलिस ने दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर नकदी और कार बरामद की है.भले ही सोशल मीडिया एक मनोरंजन का साधन क्यों ना हो लेकिन ये मनोरंजन एक युवक के लिए मुसीबतों का पहाड़ बन गया. उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो सोशल मीडिया पर पहले दोस्ती और फिर ब्लैकमेलिंग का खेल खेलते. मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब एक युवक ने गदरपुर कोतवाली में तेहरीर देकर कार्यवाही की मांग की. उसके बाद पुलिस एक्शन मोड में आई और दो महिलाओं सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

आपको बता दें कि 26 जनवरी को पीड़ित दाऊद निवासी ग्राम मडियान शादी, जिला रामपुर द्वारा कोतवाली गदरपुर में तहरीर दी गई. तहरीर में बताया गया था आरोपी जौहर उर्फ महक ने फेसबुक आईडी के माध्यम से उससे संपर्क कर गदरपुर बुलाया था , जहां आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पहले पीड़ित के साथ गाली-गलौच, मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी और फिर फर्जी मुकदमे में फंसाने एवं अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे 40,000 नगद व 95,000 ऑनलाइन वसूल लिए.

पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई. कोतवाली गदरपुर पुलिस टीम द्वारा जौहर उर्फ महक , राबिया और रोहन को गिरफ्तार किया गया. आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार तथा रंगदारी से वसूली गई राशि बरामद की गई है.

एसएसपी, उधम सिंह नगर ने बताया कि आज गदरपुर पुलिस को हनीट्रैप और रंगदारी से संबधित सूचना प्राप्त हुई. पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई . जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क कर गदरपुर और काशीपुर क्षेत्र में बुलाया जाता था. यहां आरोपी उनसे मारपीट, जान से मारने की धमकी, फर्जी मुकदमे में फंसाने और अश्लील वीडियो वायरल करने का डर दिखाकर पैसे वसूलते थे. इसमें पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए दो महिलाओं समेत एक युवक को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में पता चला है कि इस गैंग में और भी कई लोग शामिल हैं.

BIHAR : NEET छात्रा मौत मामला: रेप की पुष्टि, शंभू हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन का भी लिया गया DNA सैंपल

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बिहार नीट छात्रा मौत मामले में यौन हिंसा की आशंका मजबूत होती जा रही है. दरअसल, फॉरेंसिक जांच में एक मेल स्पर्म मिला है. इधर, पुलिस ने हॉस्टल मालिक का भी डीएनए सैंपल करा लिया है.बिहार में नीट छात्रा की मौत के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है. सूत्रों के मुताबिक, शंभु हॉस्टल के बिल्डिंग मालिक मनीष रंजन का डीएनए सैंपल लिया गया है. मनीष रंजन फिलहाल पटना के बेऊर जेल में बंद है. जहां जेल के अंदर ही उसका डीएनए सैंपल लिया गया.

बताया जा रहा है कि 14 जनवरी को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मनीष रंजन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के प्राइवेट पार्ट में चोट का जिक्र किया गया था. रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि यौन हिंसा की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है.

सूत्रों के अनुसार, नीट छात्रा की मौत के मामले में जांच के दौरान फॉरेंसिक टीम ने अपनी रिपोर्ट एसआईटी (SIT) को सौंप दी है. फॉरेंसिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा के अंडरगारमेंट में मेल स्पर्म की पुष्टि हुई है. इसके बाद यह आशंका और मजबूत हो गई है कि छात्रा के साथ यौन हिंसा हुई थी.

डीएनए सैंपल का मिलान अब एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) द्वारा तैयार की गई डीएनए प्रोफाइल से किया जाएगा. छात्रा के कपड़ों पर मिले सीमेन से डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है. माना जा रहा है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद मामले में कई अहम राज खुल सकते हैं.

जानकारी के अनुसार, परिजन शुरू से ही छात्रा के साथ रेप और हत्या का आरोप लगाते आ रहे हैं. पुलिस ने साफ किया है कि आगे जांच के दौरान जो भी व्यक्ति संदिग्ध पाया जाएगा. उसका भी डीएनए सैंपल लिया जाएगा और एफएसएल रिपोर्ट से उसका मिलान कराया जाएगा.और जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि डीएनए रिपोर्ट से इस मामले में बड़ी सफलता मिलेगी. साथ ही दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जा सकेगा.

UP : ‘हां, हैलो मैंने इस्तीफा दे दिया…’ पत्नी से फोन पर बात करते-करते रो पड़े अयोध्या GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह

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अयोध्या में तैनात GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने इस्तीफा देने के बाद सबसे पहले पत्नी को फोन किया और फफक-फफक कर रो पड़े. उन्होंने कहा कि वे जिस सरकार का नमक खाते हैं, उसके अपमान को सहन नहीं कर सके. मानसिक पीड़ा और आत्मसम्मान का हवाला देते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया.

बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश में एक और वरिष्ठ अधिकारी के त्यागपत्र ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. मंगलवार को अयोध्या में तैनात राज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. यह फैसला उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में लिया है. इस्तीफा देने के बाद जब उन्होंने पत्नी को फोन किया तो खुद को संभाल नहीं पाए. बातचीत के दौरान उनकी आवाज भर्रा गई और वे फफक-फफक कर रो पड़े. पत्नी से उन्होंने सिर्फ इतना कहा हां, हैलो… मैंने इस्तीफा दे दिया है. अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा.

प्रशांत कुमार सिंह ने पत्नी से बातचीत में कहा कि वे दो रात से ठीक से सो नहीं पाए थे. मन बेहद व्यथित था. उन्होंने कहा, जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करना चाहिए. मैं उसी प्रदेश से वेतन लेता हूं, उसी सरकार के तहत काम करता हूं. अगर उसी नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक बातें हों और मैं चुप रहूं, तो यह मेरे लिए संभव नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी दो बेटियां हैं और वे चाहते हैं कि बच्चे यह देखें कि उनका पिता सही और गलत के बीच खड़ा होने से नहीं डरा. यह फैसला किसी आवेग में नहीं, बल्कि लंबे आत्ममंथन के बाद लिया गया है.

प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित करते हुए भेजा है. दो पन्नों के इस पत्र में उन्होंने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर कड़ा एतराज जताया है. पत्र में उन्होंने इन बयानों को अभद्र, अमर्यादित और अनर्गल प्रलाप बताया है. उनका कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां केवल किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे, संविधान और जनादेश पर सीधा हमला हैं.

इस्तीफे में प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा है कि एक सरकारी अधिकारी होने के नाते उनका भी एक राजकीय धर्म है. उनके अनुसार, यह धर्म केवल फाइलें निपटाने या राजस्व जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था और नेतृत्व के सम्मान की रक्षा करना भी है, जिसके तहत वे काम कर रहे हैं. उन्होंने लिखा है कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक मंचों से अपमानजनक भाषा का प्रयोग समाज में भ्रम, विद्वेष और अस्थिरता पैदा करता है. ऐसे समय में चुप रहना उन्हें अपने आत्मसम्मान के खिलाफ लगा.

अपने पत्र में प्रशांत कुमार सिंह ने बेहद भावुक शब्दों में लिखा है कि वे केवल एक वेतनभोगी रोबोट की तरह काम नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि एक अधिकारी होने के बावजूद वे एक नागरिक भी हैं, एक पिता भी हैं और एक जागरूक व्यक्ति भी हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह इस्तीफा किसी दबाव, किसी निर्देश या किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं दिया गया है. यह फैसला पूरी तरह उनकी अंतरात्मा की आवाज पर आधारित है.

इस्तीफे में प्रशांत कुमार सिंह ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर समाज में जातिवाद का जहर घोलने का आरोप भी लगाया है. उनका कहना है कि ऐसे बयानों से प्रदेश और देश में सामाजिक ताना-बाना कमजोर होता है. उन्होंने लिखा है कि सदियों की पीड़ा और संघर्ष के बाद देश ने संविधान के माध्यम से समानता और न्याय का रास्ता चुना. ऐसे में किसी भी जिम्मेदार धार्मिक या सामाजिक व्यक्ति द्वारा विभाजनकारी भाषा का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पत्र के अंत में यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं हो जाता, तब तक वे अपने पद की सभी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते रहेंगे. उन्होंने राजस्व वृद्धि और विभागीय कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. यह पत्र 27 जनवरी 2026 की तारीख में अयोध्या से जारी किया गया है. प्रशांत कुमार सिंह ने अपने इस्तीफे में साफ लिखा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रदेश के मुखिया हैं और उनका अपमान वे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं कर सकते.

गौरतलब है कि प्रशांत कुमार सिंह की अयोध्या में पोस्टिंग वर्ष 2023 में हुई थी. वे राज्यकर विभाग में संभागीय उप आयुक्त यानी डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे. इस्तीफा स्वीकार होने के बाद उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि वे सामाजिक कार्यों में अपने निजी संसाधनों से योगदान देंगे और समाज के लिए किसी न किसी रूप में काम करते रहेंगे.

NATIONAL : तेज रफ्तार ऑटो से कूदी 13 साल की छात्रा की मौत, स्कूल के बाहर धरने पर बैठा परिवार

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तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में सामाजिक कल्याण आवासीय स्कूल की 13 वर्षीय छात्रा की चलती ऑटो से कूदने के बाद मौत हो गई. सिर में गंभीर चोट लगने से छात्रा ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस ने ऑटो चालक और स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज किया है.तेलंगाना के कामारेड्डी जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां सामाजिक कल्याण रेजिडेंशियल स्कूल की 13 वर्षीय छात्रा की चलती ऑटो-रिक्शा से कूदने के बाद मौत हो गई. यह हादसा रविवार शाम बंसवाड़ा मंडल स्थित स्कूल परिसर में हुआ. मृतका आठवीं कक्षा की छात्रा थी.

पुलिस के अनुसार, गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर स्कूल में कुर्सियां पहुंचाने के लिए एक ऑटो-रिक्शा लाया गया था. कुर्सियां उतारने के बाद चार छात्राओं ने ऑटो चालक से स्कूल के मुख्य गेट तक छोड़ने की गुजारिश की. ऑटो कुछ दूरी तक चला ही था कि तीन छात्राएं चलते ऑटो से कूद गईं. तभी चौथी लड़की ने भी छलांग लगा दी. वह सड़क पर गिरी तो उसके सिर में गंभीर चोट लग गई.घायल छात्रा को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. छात्रा की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

सोमवार को मृतका के परिजनों और अन्य लोगों ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया. शोक संतप्त माता-पिता ने सवाल उठाया कि उनकी बेटी को ऐसी परिस्थिति का सामना क्यों करना पड़ा. उन्होंने मांग की कि जिला कलेक्टर स्वयं मौके पर आकर उनसे बात करें और उन्हें न्याय दिलाया जाए. परिजनों ने कहा कि वे चाहते हैं कि भविष्य में किसी और माता-पिता को ऐसा दर्द न झेलना पड़े.

पुलिस ने इस मामले में ऑटो चालक और स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में छात्राओं को चलते ऑटो से कूदते हुए देखा गया है. मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया. पुलिस ने बताया कि यह घटना गंभीर है और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

NATIONAL : ‘महाकाल के दरबार में कोई VIP नहीं,’ सुप्रीम कोर्ट ने दर्शन व्यवस्था के खिलाफ याचिका खारिज की, मंदिर प्रबंधन में हस्तक्षेप से इनकार

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सुप्रीम कोर्ट ने उज्जैन महाकाल मंदिर में VIP दर्शन और गर्भगृह में प्रवेश की व्यवस्था को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि मंदिरों का प्रबंधन संभालना अदालतों का काम नहीं है.उज्जैन के सुप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में VIP प्रवेश और दर्शन व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है. कोर्ट ने न सिर्फ इस संबंध में दायर याचिका को खारिज कर दिया, बल्कि मंदिर प्रबंधन में न्यायपालिका के हस्तक्षेप की सीमाओं को भी रेखांकित किया.

उज्जैन महाकाल मंदिर में वीआईपी प्रवेश व्यवस्था को चुनौती देने वाली अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी. सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि महाकाल के समक्ष कोई भी वीआईपी नहीं है.याचिकाकर्ता ने दलील दी कि हमने इस बाबत आरटीआई अर्जी भी दायर की है. उसके जवाब में कहा गया है कि वीआईपी प्रवेश की व्यवस्था की जा रही है. सीजेआई ने कहा कि ये याचिकाएं दायर करने वाले लोग श्रद्धालु नहीं हैं.

वकील ने कहा कि इस बाबत सबके लिए एक समान नीति होनी चाहिए कि क्या किसी व्यक्ति को गर्भ गृह के अंदर जाने की अनुमति है? आप वीआईपी प्रवेश की अनुमति नहीं दे सकते. दूसरों को वंचित भी नहीं कर सकते.सीजेआई ने कहा कि मुद्दा औचित्य का है. अदालतों को यह तय करने के लिए नहीं कहा जा सकता है कि किसे मंदिर के अंदर जाने की अनुमति है और किसे नहीं. इसके लिए जिम्मेदार प्राधिकारी और प्राधिकरण हैं. उसे ही इसका प्रबंधन करने दें.

वकील की इस दलील पर कि ‘सबके लिए एक समान नीति होनी चाहिए’, कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “क्या सभी मौलिक अधिकार गर्भगृह के अंदर ही होंगे? कल आप कहेंगे कि मैं वहां नमाज पढ़ना चाहता हूं.”

BIHAR : ‘मुखाग्नि मेरी बेटी देगी, पति नहीं…’, फांसी पर लटकी महिला टीचर, साथ मिला लेटर

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बिहार के वैशाली जिले के कटहरा थाना क्षेत्र में सरकारी स्कूल की महिला शिक्षिका प्रिया भारती का शव किराए के मकान में फांसी के फंदे से लटका मिला. मौके से सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें आत्महत्या को व्यक्तिगत निर्णय बताया गया है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

बिहार में वैशाली जिले के कटहरा थाना क्षेत्र के सेहान गांव स्थित एक सरकारी स्कूल की एक महिला टीचर का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है. जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है. शव को लटका देख आसपास के लोगों ने घटना की जानकारी स्थानीय कटहरा थाना के पुलिस अधिकारी को दी जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया है और मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है.

जानकारी के मुताबिक यह बताया जा रहा है कि टीचर स्कूल से ही कुछ दूरी पर किराए के मकान में आवास लेकर रह रही थी. महिला टीचर की स्कूल के ही एक अन्य शिक्षक से विवाद होने की बात सामने आई है लेकिन पुलिस कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल कर रही है.

मृतका की पहचान जंदाहा थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी दीपक राज की पत्नी प्रिया भारती बताई गई है. प्रिया की 3 महीने की एक बेटी भी है. मौके से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. जिसमें टीचर ने लिखा है- मम्मी पापा सॉरी! मुझे किसी से भी कोई विवाद नहीं है. मैं अपनी स्वेच्छा से इस दुनिया से जा रही हूं. मेरा शरीर रसलपुर ना ले जाया जाए. मेरा अंतिम संस्कार हाजीपुर में ही कर दिया जाए. मुखाग्नि मेरी बेटी से दिलवाई जाए ना कि मेरे पति से. मेरा मोबाइल मेरे पति को सौंप दिया जाए. मेरे मोबाइल के नोट्स में कुछ मैसेज, ऑडियो और वीडियो है. जिसका पासवर्ड मेरे पति को मालूम है. जिसका भी मैंने दिल दुखाया है सब से माफी मांगती हूं. पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि मेरा पोस्टमॉर्टम ना कराएं. मेरे पति या परिवार पर किसी भी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाए. ये कदम मेरा व्यक्तिगत है. मम्मी, भाई जी आपकी बेटी हार गई. सॉरी मम्मी. साढ़े 5 लीटर दूध का पैसा बकाया है. मेरे पर्स में पैसा है उसमें से दे दिया जाए.’

स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी तुरंत कटहरा थाना पुलिस को दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल, हाजीपुर भेज दिया है, और मामले की जांच- पड़ताल शुरू कर दी है. घटना जिले के कटहरा थाना क्षेत्र के सेहान गांव की है.

इस संबंध में महुआ एसडीपीओ संजीव कुमार ने बताया कि कटहरा थाना अंतर्गत कल सुबह एक घर में सूचना मिली थी कि किसी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. जाकर देखा गया कि बीपीएससी शिक्षिका प्रिया भारती ने फांसी लगा रखी थी. मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है जांच की जा रही हैं की वो लिखावट उसकी है या नहीं.

NATIONAL : ट्रेकिंग पर गए युवक की हुई मौत, शव के पास बैठा रहा साथ गया पालतू कुत्ता… रेस्क्यू टीम के भी निकल आए आंसू

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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से दिल को छू लेने वाला मामला सामने आया है. जहां ट्रेकिंग के लिए दो युवक गए थे और दोनों चचेरे भाई थे. इस दौरान वे अपने कुत्ते को भी साथ लेकर गए थे. लेकिन भारी बर्फबारी में दोनों की मौत हो गई.

चंबा के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में ट्रेकिंग पर गए दो युवकों की मौत हो गई. दोनों के रेस्क्यू के दौरान दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है. जहां भारी बर्फबारी के बीच माइनस तापमान में कुत्ता अपने मालिक के शव के पास बैठा मिला. दोनों युवकों के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पीयूष नामक युवक का शव जब बरामद किया गया तो उसका कुत्ता चार दिन तक उसी के साथ रहा और कहीं गया भी नहीं.

बताया यह भी जा रहा था कि कुत्ता शव को भी छूने नहीं दे रहा था. जिसके बाद उसका भी सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है. इसके बाद पीयूष का शव और जीवित कुत्ते को हेलिकॉप्टर के जरिए भरमौर लाया गया. वहीं व्यक्ति के साथ गए दूसरे युवक का शव भी भरमाणी माता के पहाड़ में मिल गया. जिसे हेलिकॉप्टर के जरिए वापिस लाया जा रहा है. दोनों युवक चचेरे भाई थे. दोनों बर्फबारी के दौरान वीडियो शूट करने गए थे और कुत्ते को भी साथ ले गए थे.

चंबा के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में लापता हुए दोनों युवकों की खोजबीन के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी थी. इसी बीच सोमवार को दोनों युवकों का शव बरामद कर लिया गया. युवकों की तलाश के लिए सेना के हेलिकॉप्टरों ने आसमान से मोर्चा संभाला था. वहीं एसडीआरएफ के हाईटैक ड्रोन और स्थानीय लोगों की मदद से जमीन पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया था.

इस दौरान सेना ने भरमाणी माता, कुकड़ू कंडा और सिमरा धार जैसे दुर्गम इलाकों में करीब एक घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया. घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सेना को कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा. फिलहाल दोनों रेस्क्यू टीम ने दोनों के शव को बरामद कर लिया है.

NATIONAL : बहन की लव मैरिज का ऐसा गुस्सा… भाई ने जीजा को सरेआम मारी गोली, बिजनौर के गांव में सनसनी

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बिजनौर जिले के नवलपुर गांव में पारिवारिक विवाद के चलते साले ने अपने जीजा को गोली मार दी. गोली लगने से 22 वर्षीय विशाल गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे हायर सेंटर रेफर किया गया है. घटना प्रेम विवाह को लेकर चली आ रही रंजिश से जुड़ी बताई जा रही है. पुलिस ने गांव में बल तैनात कर जांच शुरू कर दी है.

उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले के नवलपुर गांव में सोमवार रात पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब एक युवक ने अपने ही जीजा पर गोली चला दी. गोली लगने से जीजा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया. घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

मामला कोतवाली शहर क्षेत्र के नवलपुर गांव का है. जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 22 साल के विशाल पुत्र राजकुमार रात करीब आठ बजे अपने घर के बाहर मोबाइल देख रहा था. इसी दौरान उसका सगा साला मौके पर पहुंचा और अचानक तमंचे से फायर कर दिया. गोली विशाल के दाहिनी ओर लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा.

बताया जा रहा है कि घायल विशाल ने करीब आठ महीने पहले गांव की ही युवती अनामिका से प्रेम संबंधों के बाद कोर्ट मैरिज की थी. इस शादी को लेकर परिवार में पहले से नाराजगी चल रही थी. आरोप है कि इसी रंजिश के चलते साले ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.

फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल को तुरंत अस्पताल भिजवाया. सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. एहतियातन गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो.सीओ सिटी संग्राम सिंह ने बताया कि नवलपुर गांव में एक युवक को उसके साले द्वारा गोली मारकर घायल करने की सूचना मिली थी. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाया. उन्होंने कहा कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और मामले की गहन जांच की जा रही है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है.

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