पंजाब के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। NHAI पंजाब में नया प्रोजेक्ट लॉच करने की पूरी तैयारी में है। इससे पंजाब में सफर करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। आपको बता दें कि पंजाब में 110 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे से पंजाबवासियों और अन्य राज्यों के यात्रियों को लाभ पहुंचेगा और चंडीगढ़ जाना आसान हो जाएगा। इसके निर्माण से बठिंडा-चंडीगढ़ की यात्रा 50 किलोमीटर कम हो जाएगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

इससे पहले बठिंडा से आने वाले लोगों को चंडीगढ़ पहुंचने के लिए बरनाला, संगरूर और पटियाला से गुजरना पड़ता था। अब इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से लोग सीधा बरनाला से चंडीगढ़ तक यात्रा कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और लोगों को संगरूर और पटियाला से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी।
पंजाब एक्सप्रेसवे बठिंडा, मुक्तसर, अबोहर और यहां तक कि राजस्थान सहित कई प्रमुख स्थानों को जोड़ेगा। जिससे इन क्षेत्रों से चंडीगढ़ जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। यह चंडीगढ़ को बरनाला, मलेरकोटला, खन्ना बाईपास, सरहिंद और मोहाली से जोड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह लुधियाना से अजमेर तक विकसित किए जा रहे इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी जुड़ेगा। इससे क्षेत्र में व्यापार और व्यवसाय के लिए और भी अधिक अवसर खुलेंगे।
इसके अलावा, बरनाला और मोहाली आईटी सिटी के बीच एक अलग सड़क बनाई जाएगी, जिससे इस महत्वपूर्ण तकनीकी केंद्र तक पहुंच में सुधार होगा। अभी सरहिंद-मोहाली सड़क पर निर्माण कार्य चल रहा है और आने वाले समय सरहिंद को बरनाला से जोड़ने वाली सड़क पर काम शुरू हो जाएगा।
यह एक्सप्रेसवे भारतमाला प्रोजेक्ट का हिस्सा है और यह एक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का अर्थ है कि इसे ऐसे क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है जहां पहले कोई सड़क बुनियादी ढांचा मौजूद नहीं है। इसके अलावा यह एक्सप्रेसवे बठिंडा और लुधियाना के बीच बन रही छह लेन वाली सड़क से भी जुड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे के पूरा हो जाने पर पंजाब में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा।





इंडिया गेट पर ‘सी-हेक्सागन’ में कर्तव्य पथ पर भारी भीड़ जमा हो गई जिससे जाम की स्थिति बन गई। अन्य प्रमुख स्थानों में बंगला साहिब गुरुद्वारा, कनॉट प्लेस में प्राचीन हनुमान मंदिर, अक्षरधाम मंदिर, झंडेवालान मंदिर, जीटी रोड पर खाटू श्याम मंदिर और दक्षिण दिल्ली में जगन्नाथ मंदिर में भी भारी भीड़ रही। उत्तरी दिल्ली की रहने वाली दीपाली वर्मा ने कहा कि वह हनुमान मंदिर में आशीर्वाद लेने आई थीं।





प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना के नेतृत्व वाली पीठ ने 1991 के कानून के खिलाफ इसी तरह की याचिकाओं पर कार्रवाई करते हुए सभी अदालतों को धार्मिक स्थानों को पुनः प्राप्त करने संबंधी नए मुकदमों पर विचार करने और लंबित मामलों में कोई अंतरिम या अंतिम आदेश पारित करने से रोक दिया था। उपासना स्थल अधिनियम, 1991 किसी भी उपासना स्थल का धार्मिक चरित्र बदलने पर रोक लगाता है और इसे वैसा ही बनाए रखने का प्रावधान करता है जैसा कि वह 15 अगस्त, 1947 को था।
