Thursday, September 24, 2026
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WORLD : बर्लिन में राजनाथ सिंह: जर्मनी संग रक्षा सह-उत्पादन रोडमैप तैयार, आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी नई ताकत

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की जर्मनी यात्रा ने रक्षा सहयोग के नए द्वार खोले हैं। डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप के जरिए अब दोनों देश आधुनिक हथियारों का मिलकर निर्माण करेंगे, जिससे भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को वैश्विक तकनीक का साथ मिलेगा।

बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अब केवल हथियारों का खरीदार बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि वह जर्मनी जैसी तकनीकी शक्तियों के साथ मिलकर उन्नत सैन्य प्लेटफॉर्म विकसित करना चाहता है। राजनाथ सिंह ने जर्मन कंपनियों से आग्रह किया कि वे भारत की उदार निवेश नीतियों और रक्षा क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि भारत में निवेश के लिए माहौल अब पहले से कहीं अधिक अनुकूल है।
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जर्मन उद्योग जगत ने भी भारत के इन सुधारों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। राजनाथ सिंह ने विशेष रूप से उन्नत और विशेष तकनीकों के क्षेत्र में साझा काम करने की बात कही। उनका मानना है कि इस प्रकार का सहयोग न केवल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि इससे वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।

रक्षा मंत्री की इस यात्रा का सबसे अहम पड़ाव जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के साथ हुई मुलाकात रही। दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत के बाद एक ऐतिहासिक डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप पर हस्ताक्षर किए गए। यह रोडमैप आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच होने वाले सहयोग की रूपरेखा तय करेगा। इसके माध्यम से दोनों देश भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक-दूसरे की तकनीकी क्षमताओं का साझा उपयोग कर सकेंगे। यह समझौता रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक लचीला और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बीच राजनाथ सिंह ने बर्लिन में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद किया। उन्होंने प्रवासियों को भारत और जर्मनी के बीच एक जीवंत सेतु बताया। रक्षा मंत्री ने गर्व के साथ कहा कि आज का भारत तेजी से बदल रहा है। देश की अर्थव्यवस्था रिकॉर्ड स्तर पर मजबूत हो रही है और बुनियादी ढांचे का कायाकल्प हो रहा है।

WORLD : भारतीय यात्रियों को फ्रांस की बड़ी राहत: अब बिना ट्रांजिट वीजा के कर सकेंगे सफर; MEA ने कई मुद्दों पर रखा पक्ष

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फ्रांस ने भारतीय यात्रियों के लिए 10 अप्रैल 2026 से ट्रांजिट वीजा की जरूरत खत्म कर दी है। इसके साथ ही भारत ने जापान के रक्षा सुधारों का समर्थन किया और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अपने जहाजों की सुरक्षा की पुष्टि की है।

विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सुरक्षा से जुड़े कई अहम विषयों पर भारत का रुख स्पष्ट किया है। सबसे बड़ी खबर फ्रांस की ओर से भारतीय नागरिकों को मिलने वाली वीजा राहत को लेकर रही। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने फ्रांस वीजा, जापान की रक्षा नीति और खाड़ी देशों में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर स्थिति साफ की।

भारत ने फ्रांस की ओर से भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त ट्रांजिट शुरू करने का स्वागत किया है। जायसवाल ने जानकारी दी है कि यह सुविधा 10 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई है। अब भारतीय नागरिक फ्रांस के हवाई अड्डों से बिना ट्रांजिट वीजा के यात्रा कर सकेंगे। यह फैसला प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की फरवरी में हुई मुलाकात के दौरान लिया गया था। यह नियम केवल हवाई मार्ग से ट्रांजिट करने वाले यात्रियों पर लागू होगा।

वहीं, भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की कवायद भी तेज हो गई है। हाल ही में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका का दौरा किया, जहां व्यापार समझौते को लेकर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय ने इसकी भी जानकारी दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों देश एक संतुलित समझौते की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत से एक टीम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए वाशिंगटन गई थी। ये बातचीत अभी भी जारी है और काफी सकारात्मक है। दोनों पक्ष एक संतुलित, आपसी फायदे वाले और भविष्य-उन्मुखी व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं। 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार लक्ष्य हासिल करना है।’

इसके इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में भारत और चीन को ‘हेलहोल’ यानी नरक का छेद कहा था। इस पर विदेश मंत्रालय ने बहुत संक्षिप्त जवाब दिया। प्रवक्ता ने कहा, ‘हमने कुछ रिपोर्टें देखी हैं और हम इस मामले को यहीं छोड़ते हैं।’

भारत ने घातक हथियारों के निर्यात पर से प्रतिबंध हटाने के जापान के फैसले का स्वागत किया है। जापान ने रक्षा उपकरणों के हस्तांतरण से जुड़े अपने तीन सिद्धांतों की समीक्षा की है। भारत का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ेगा। यह कदम दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।

वहीं, पश्चिम एशिया के हालातों पर भारत ने अपना रुख स्पष्ट किया। भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी संघर्ष को संवाद और कूटनीति से सुलझाया जाना चाहिए। भारत शांति के लिए उठाए जाने वाले हर कदम का समर्थन करता है।

फारस की खाड़ी और होर्मुज में भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर अहम जानकारी दी गई है। पिछले कुछ हफ्तों में 10 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से बाहर निकल चुके हैं। हालांकि, 14 भारतीय जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। हाल ही में जिन दो विदेशी जहाजों पर गोलीबारी हुई, उनमें मौजूद सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। भारत सरकार लगातार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है।

दूसरी ओर, कतर में हिरासत में लिए गए पूर्व नौसेना अधिकारी कमांडर पूर्णेंदु तिवारी के मामले पर भी सरकार पूरी गंभीरता से नजर रख रही है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह एक अलग कानूनी मामला है जिस पर कतर की अदालत ने फरवरी 2026 में अपना फैसला सुनाया था। सरकार लगातार कमांडर तिवारी के परिवार के साथ संपर्क में बनी हुई है और उन्हें हर संभव कानूनी और कूटनीतिक मदद दी जा रही है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि वह क्षेत्र में शांति चाहता है और सभी विवादों का हल बातचीत के जरिए निकालने का पक्षधर है।

NATIONAL : भारतीयों को ईरान यात्रा न करने की सलाह, दूतावास ने जारी की लेटेस्ट एडवाइजरी और हेल्पलाइन नंबर

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भारत और ईरान के बीच कुछ उड़ानों के शुरू होने की रिपोर्टों के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
भारत सरकार ने ईरान में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच अपने नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने साफ तौर पर कहा है कि भारतीय नागरिक फिलहाल ईरान की यात्रा बिल्कुल न करें, चाहे वह हवाई मार्ग से हो या सड़क मार्ग से। दूतावास ने यह एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की है जब भारत और ईरान के बीच कुछ उड़ानों के शुरू होने की खबरें सामने आ रही हैं। इसके बावजूद सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है।

एडवाइजरी में कहा गया है कि क्षेत्रीय तनाव के कारण एयरस्पेस पर कई तरह की पाबंदियां और ऑपरेशनल अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ रहा है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ईरान में मौजूद भारतीयों को देश छोड़ने की सलाह
भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को भी जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित जमीनी सीमा मार्गों (Land Border Routes) के जरिए, दूतावास के समन्वय में सुरक्षित तरीके से बाहर निकलें।

आपात स्थिति में संपर्क के लिए हेल्प लाइन नंबर
साथ ही किसी भी तरह की सहायता या जानकारी के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर 989128109115, 989128109109, 989128109102, 989932179359 भी जारी किए हैं। ईमेल cons.tehran@mea.gov.in के जरिए भी संपर्क कर सकते हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।

NATIONAL : बंगाल के मतदान पर दावे: शाह बोले- TMC के भ्रष्टाचार-गुंडागर्दी का सूरज डूबा, ममता बोलीं- SIR के विरोध में जनता

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पश्चिम बंगाल में पहले चरण के भारी मतदान के बाद भाजपा और टीएमसी में जुबानी जंग तेज है। अमित शाह ने ढलते सूरज का वीडियो शेयर कर टीएमसी के भ्रष्टाचार के अंत और बदलाव का दावा किया। वहीं, टीएमसी ने इसे ममता बनर्जी के समर्थन में पड़ी वोटिंग बताया है। आइए, विस्तार से दोनों के दावों को समझते हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुए भारी मतदान के बाद राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग बहुत तेज हो गई है। राज्य में 92 प्रतिशत से अधिक बंपर वोटिंग दर्ज की गई है। इस भारी मतदान को लेकर भाजपा और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) दोनों ही अपनी-अपनी जीत के बड़े दावे कर रहे हैं। एक तरफ जहां भाजपा इसे बदलाव की आंधी बता रही है, वहीं दूसरी तरफ टीएमसी इसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विकास कार्यों पर जनता की मुहर बता रही है। चुनाव के इस पहले चरण ने ही आगे की लड़ाई को बेहद दिलचस्प बना दिया है।

मतदान खत्म होने के बाद दावों और पलटवार का दौर शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ढलते हुए सूरज का एक वीडियो पोस्ट किया है। उन्होंने इस वीडियो के जरिए तंज कसते हुए दावा किया है कि टीएमसी के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का सूरज अब डूब रहा है और बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है। दूसरी तरफ, टीएमसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। टीएमसी का कहना है कि यह भारी मतदान सत्ता बदलने के लिए नहीं, बल्कि ममता सरकार के भारी समर्थन और भाजपा के कड़े विरोध में हुआ है।

टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने बंपर वोटिंग पर खुशी जताते हुए एक बहुत बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि मतदान का बढ़ता हुआ प्रतिशत सीधे तौर पर सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में गया है। कुणाल घोष का अनुमान है कि पहले चरण में जिन 152 सीटों पर चुनाव हुए हैं, उनमें से टीएमसी कम से कम 125 सीटें जीतने जा रही है और यह आंकड़ा 134 तक भी जा सकता है। उनका मानना है कि बंगाल की जनता ने पहले ही चरण में भाजपा की कमर तोड़ दी है और ममता बनर्जी की लगातार चौथी बार सरकार बनने का रास्ता साफ कर दिया है। नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर भी टीएमसी ने अपनी बड़ी जीत का दावा किया है।

बंगाल के शिक्षा मंत्री और टीएमसी नेता ब्रात्य बसु ने भारी मतदान को लेकर भाजपा के दावों की हवा निकालने की कोशिश की है। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि ज्यादा वोटिंग का मतलब हमेशा सरकार बदलना नहीं होता है। टीएमसी नेताओं का सबसे ज्यादा जोर इस बात पर है कि राज्य की महिलाओं ने भारी संख्या में घर से बाहर निकलकर वोट डाला है। उनका मानना है कि महिलाओं का यह भारी मतदान ममता बनर्जी पर उनके भरोसे और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा असर है। टीएमसी का कहना है कि विपक्षी दलों के उकसावे के बावजूद राज्य में चुनाव काफी शांतिपूर्ण रहा।

एक तरफ टीएमसी अपनी भारी जीत का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ उसने चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। टीएमसी नेताओं का सीधा कहना है कि चुनाव आयोग शुरुआत से ही बंगाल और उनकी पार्टी के खिलाफ काम कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि केंद्रीय बलों को जनता की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि बंगाल के लोगों को डराने और धमकाने के लिए तैनात किया गया था। इन तमाम आरोपों और दावों के बीच 89.93 प्रतिशत वोटिंग ने बंगाल के इस चुनाव को और भी रोमांचक बना दिया है।

NATIONAL : भारत ने पाकिस्तानी उड़ानों के लिए एयरस्पेस बैन 24 मई तक बढ़ाया

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भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस इस्तेमाल करने पर लगे बैन को 24 मई तक बढ़ा दिया है। भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए यह पाबंदी करीब एक साल से लगा रखा है।इसी तरह से पाकिस्तान ने भी भारतीय विमानों को अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर रोक लगा रखी है।भारत की ओर से पाकिस्तानी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस 24 मई तक बंद रखने की जानकारी न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से सामने आई है। इसके लिए भारत की ओर से नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया गया है।

भारत की ओर से पाकिस्तानी उड़ानों पर अपने हवाई क्षेत्र बंद रखने की समय-सीमा बढ़ाए जाने का मतलब है-पाकिस्तान में रजिस्टर्ड विमान भारतीय हवाई क्षेत्र में आगे भी नहीं घुस पाएंगे।पाकिस्तानी एयरलाइंस या पाकिस्तानी ऑपरेटरों द्वारा संचालित विमानों का भी भारतीय एयरस्पेस में घुसने पर लगा प्रतिबंध जारी रहेगा।पाकिस्तानी मिलिट्री एयरक्राफ्ट भी भारतीय वायुक्षेत्र में घुसने की गुस्ताखी नहीं कर सकेंगे।इसको लेकर बुधवार को नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया गया, जिसमें इस बात की पुष्टि है कि यह प्रतिबंध 24 मई की सुबह तक रहेगा।

पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर में हुए पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पैदा हुए हालातों की वजह से भारत और पाकिस्तान दोनों ने एक-दूसरे के लिए अपना एयरस्पेस बंद करने वाला कदम उठाया था।22 अप्रैल,2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26 बेगुनाहों को धर्म पूछकर बेरहमी से मार दिया था।बुधवार 22 अप्रैल,2026 को देश ने पहलगाम आतंकी घटना की बरसी पर इसके पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी है।
भारत और पाकिस्तान का एयरस्पेस कब से बंद है

भारत की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका में पाकिस्तान ने 24 अप्रैल,2025 से ही अपना एयरस्पेस भारतीय विमानों के लिए बंद कर दिया था।
इसके बाद भारत ने उसी साल 30 अप्रैल से पाकिस्तानी विमानों के लिए यह पाबंदी लगाई।

NATIONAL : बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोटिंग: आजादी के बाद सबसे ज्यादा मतदान, पांच दशक बाद हिंसा पर भी लगा विराम

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बंगाल और तमिलनाडु में गुरुवार को आजादी के बाद सर्वाधिक मतदान हुआ। बंगाल की 152 सीटों पर 92.54 प्रतिशत और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 84.69 प्रतिशत वोट पड़े। साथ ही बंगाल में छिटपुट हिंसा को छोड़कर पांच दशक बाद पहली बार हिंसामुक्त मतदान हुआ।

2021 के बंगाल चुनाव में पहले चरण में 81.16 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि तमिलनाडु में इससे पहले 2011 सर्वाधिक 78.29 प्रतिशत वोट पड़े थे और तब अन्नाद्रमुक की सरकार बनी थी।कोलकाता ब्यूरो के अनुसार, चुनावी हिंसा के लिए दशकों से कुख्यात बंगाल में इस बार बिल्कुल उलट नजारा दिखा।

पहले चरण में राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर आमतौर पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की लंबी प्रक्रिया के बाद हुए पहले चरण के मतदान को लेकर हरेक वर्ग का भारी उत्साह देखने को मिला। मतदान केंद्रों पर अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त के बीच मतदाताओं ने वोट डाला।

महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली। विभिन्न राज्यों से लौटे प्रवासी श्रमिकों ने भी अच्छी संख्या में मतदान किया। बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, विभिन्न मतदान केंद्रों में शाम छह बजे के बाद भी मतदाताओं की कतारें लगी थीं, इसलिए अंतिम आंकड़ा बढ़ सकता है।

पहले चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही भाजपा के सुवेंदु अधिकारी व दिलीप घोष, कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, आम जनता उन्नयन पार्टी के हुमायूं कबीर व माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी से कांग्रेस के शंकर मालाकार समेत कई दिग्गजों की सियासी किस्मत ईवीएम में कैद हो गई।

चुनावी विश्लेषक बंपर वोटिंग के दो महत्वपूर्ण कारण एसआइआर का असर व सुरक्षा की भावना बता रहे हैं। उनका कहना है कि एसआइआर के बाद लोग वोट देने के प्रति और सजग हुए हैं, वहीं बहुतों ने सूची से नाम कटने की आशंका से मतदान किया है। चुनाव आयोग की ओर से इस बार की गई अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था से भी वोट प्रतिशत बढ़ा है।

मालूम हो कि पहले चरण के लिए केंद्रीय बलों की 2407 कंपनियां, 2193 क्विक रिस्पांस टीमें एवं 40,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। मतदान के दौरान कई जिलों में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया था, लेकिन मतदाता धूप, तपिश व उमस को धता बताकर वोट डालने पहुंचे।

मतदान के दौरान पिछले चुनावों की तरह कोई बड़ी अप्रिय घटना तो नहीं हुई, लेकिन कुछ छिटपुट घटनाएं जरूर हुईं। भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार पर सिलीगुड़ी में भीड़ ने हमला किया और उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। बीरभूम जिले के दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र के खयरासोल में केंद्रीय बलों पर कुछ लोगों ने पथराव किया।

इसमें छह जवान घायल हो गए। पुलिस के वाहन में भी तोड़फोड़ की। दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुमारगंज में भाजपा प्रत्याशी को पीटने के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आसनसोल दक्षिण से भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल की गाड़ी पर कुछ लोगों ने हमला किया।

बीरभूम के लाभपुर व मालदा के चांचल इलाकों में भाजपा के पोलिंग एजेंट पर कुछ लोगों ने हमला किया। मुर्शिदाबाद जिले के नउदा विस क्षेत्र में बुधवार रात कुछ लोगों ने बमबाजी की। तृणमूल कांग्रेस सांसद अबू ताहेर खान ने इसके पीछे हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी के लोगों का हाथ बताया है।

घटना को लेकर गुरुवार सुबह तृणमूल व हुमायूं की पार्टी के समर्थकों में संघर्ष हुआ। आयोग ने घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। मतदान के दौरान तबियत बिगड़ने के कारण चार लोगों की मौत हो गई।

चेन्नई से प्रेट्र के अनुसार तमिलनाडु की 234 सीटों के लिए हुए चुनावों में 5.73 करोड़ मतदाताओं में से 84.69 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य का करूर जिला 91.86 प्रतिशत मतदान के साथ शीर्ष पर रहा। चेन्नई में 83.09 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जबकि मदुरै में यह 80.15 प्रतिशत थी। कोयंबटूर में 84.40 प्रतिशत और तिरुचिरापल्ली जिले में 85.04 प्रतिशत वोटिंग हुई।

चेन्नई की कोलाथुर विधानसभा सीट पर, जहां द्रमुक अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन चुनाव लड़ रहे हैं, शाम छह बजे तक 85.63 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। चेपक-तिरुवल्लिकेनी में 83.58 प्रतिशत वोटिंग हुई। उपमुख्यमंत्री और स्टालिन के बेटे उदयनिधि इस शहरी सीट से दूसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सेलम की एडापडी सीट पर 91.61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

अन्नाद्रमुक के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडापडी के. पलानीस्वामी अपनी पारंपरिक सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें द्रमुक से चुनौती मिल रही है। वहीं, अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कणगम (TVK) एक निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन कर रही है, क्योंकि टीवीके उम्मीदवार का पर्चा तकनीकी कारणों से रद कर दिया गया था।

बता दें कि एसआईआर के बाद मतदाताओं की संख्या अक्टूबर, 2025 में दर्ज 6.41 करोड़ से घटकर वर्तमान में 5.73 करोड़ रह गई है। लिहाजा 2021 के चुनावों में लगभग 6.29 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे, जो इस वर्ष के मुकाबले 56 लाख अधिक थे।गुरुवार को बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में आजादी के बाद सबसे अधिक 90 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ है। चुनाव आयोग के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अब तक इतना मतदान किसी भी चुनाव में नहीं हुआ है।

न तो विधानसभा और न ही लोकसभा। पूर्वोत्तर के छोटे राज्यों में मतदान प्रतिशत इसके आसपास रहा है, लेकिन बड़े राज्य इस आंकड़े को कभी नहीं छू पाए। 2018 के विधानसभा चुनाव में त्रिपुरा में 91.4 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो पूर्वोत्तर के राज्यों में ऊंचे मतदान प्रतिशत के ट्रेंड को दर्शाता है।

बंगाल के चुनावी इतिहास के साथ एक और दिलचस्प तथ्य जुड़ा है। यहां जब-जब रिकार्ड मतदान हुआ है, तब-तक राज्य में सत्ता बदली है। 1967, 1977 और 2011 में ऐसा हुआ है। 1967 में राज्य में 62.5 प्रतिशत मतदान हुआ और मतदाताओं ने कांग्रेस को सत्ता से हटा दिया। संयुक्त मोर्चा गठबंधन ने सरकार बनाई।

1977 में आपातकाल और राष्ट्रपति शासन की वजह से लोग गुस्से में थे और विधानसभा चुनाव में लोगों ने जमकर मतदान किया और वाम दल सत्ता में आए। हालांकि मतदान 55.2 प्रतिशत दर्ज किया गया था। चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आरोप भी लगे थे। 2011 विधानसभा चुनाव में रिकार्ड 84.5 प्रतिशत मतदान हुआ और 34 वर्षों के बाद वाम दल सत्ता से बाहर हुए व तृणमूल कांग्रेस ने सरकार बनाई थी।

BUSINESS : इंफोसिस का मुनाफा चौथी तिमाही में 21% बढ़ा:यह ₹8,501 करोड़ रहा, रेवेन्यू 13% बढ़ा; निवेशकों को 25 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी

आईटी कंपनी इंफोसिस ने 23 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 21% बढ़कर ₹8,501 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में ₹7,033 करोड़ का मुनाफा हुआ था।

ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू करीब 13.38% बढ़ा। यह ₹46,402 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹40,925 करोड़ था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिलने वाला पैसा रेवेन्यू होता है। अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए इंफोसिस ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस के अनुमान को 1.5%-3.5% किया है।

इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 25 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों के देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है।

आईटी सेक्टर के लिए सबसे बड़ी चिंता ‘एट्रीशन रेट’ (नौकरी छोड़ने की दर) होती है। कंपनी का एट्रीशन रेट पिछले साल के 14.1% से गिरकर अब 12.6% पर आ गया है। तिमाही दर तिमाही आधार पर देखें तो इसमें 0.3% की बढ़ोतरी हुई है। यानी पिछली तिमाही के मुकाबले इस तिमाही में 8,440 लोगों ने नौकरी छोड़ी है।

मार्च तिमाही (Q4FY26) के मुताबिक, कंपनी में अभी 3,28,594 कर्मचारी हैं। पिछली तिमाही (Q3FY26) में यह आंकड़ा 3,37,034 था। पिछले साल की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी में 3,23,578 कर्मचारी थे। वहीं कंपनी ने कहा कि FY27 में इंफोसिस 20 हजार फ्रेशर्स हायर करेगी।

रिजल्ट आने से पहले आज इंफोसिस का शेयर करीब 3% गिरकर ₹1,231.80 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में कंपनी का शेयर 2% गिरा है। जबकि 6 महीने में ये 20% और इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 25% गिरा है। वहीं एक साल में 16% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 5.15 लाख करोड़ रुपए है।

क्या होता है रेवेन्यू गाइडेंस?

आईटी कंपनियां हर तिमाही में यह अनुमान लगाती हैं कि पूरे साल में उनकी कमाई कितनी बढ़ सकती है। इसे ‘गाइडेंस’ कहते हैं। इंफोसिस ने इसे बढ़ाकर 3.5% किया है, जिसका मतलब है कि आने वाले महीनों में कंपनी को नए ऑर्डर्स मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है।

1981 में स्थापित, इंफोसिस एक NYSE लिस्टेड ग्लोबल कंसलटिंग और आईटी सर्विसेज कंपनी है। 250 डॉलर (आज के हिसाब से करीब 23,000 रुपए) की पूंजी से नारायण मूर्ति ने कंपनी की शुरुआत हुई थी। कंपनी के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर सलील पारेख हैं। डी सुंदरम कंपनी के लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हैं।

UP : अमरावती में भीषण गर्मी व लू का तांडव: पारा 44°C पार, ‘इनक्रिस प्रोजेक्ट’ के तहत प्रशासन के उपाय शुरू

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अमरावती विदर्भ में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए अमरावती जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले में जलवायु लचीलापन मजबूत करने और नागरिकों को लू से बचाने के लिए प्रशासन ने इनक्रिस प्रोजेक्ट के तहत सुरक्षात्मक उपायों को तेज कर दिया है।

विदर्भ में सबसे अधिक पारा अकोला में दर्ज किया गया है। वहीं दूसरे नंबर पर अमरावती है। अमरावती में पारा 44 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संचालित इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर वर्ग, विशेषकर किसानों और कृषि मजदूरों को अत्यधिक गर्मी से बचाना है।

पहले चरण में जिले के पुसदा, यावली, शिराला, रोहनखेड, भातकुली, खोलापुर और दर्यापुरदारापुर जैसे गांवों और चुनिंदा ब्लॉक्स में गहन मूल्यांकन किया गया है। इस प्रक्रिया में महिला किसानों, खेतिहर मजदूरों, आशा स्वयंसेविकाओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल हुए।

सर्वेक्षण में कमियां और समाधानप्रशासन द्वारा किए गए सर्वे में यह बात सामने आई कि खेतों और कार्यस्थलों पर पीने के पानी, छाया साये और विश्राम के स्थानों की भारी कमी है। इसके समाधान के लिए गर्मी प्रतिरोधी कूलिंग कॉरिडोर और विश्राम क्षेत्रों का निर्माण, प्रमुख स्थानों पर ठंडे पानी के डिस्पेंसर लगाना, धूप में काम करने वाले मजदूरों और किसानों के लिए हरे रंग के शेड की व्यवस्था, स्थानीय स्तर पर कूलिंग के उचित इंतजाम कर स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को बनाए रखना जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा गर्मी का सामना करने के लिए जल्द ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही पूरे जिले में हीट स्ट्रोक उष्माघात से बचाव के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

WORLD : होर्मुज पर ट्रंप का फाइनल राउंड, नाकेबंदी के बीच IRGC सैनिकों को देखते ही गोली मारने के आदेश

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होर्मुज में तनावपूर्ण हालात के बीच अमेरिकी सेना को गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि समुद्र में माइंस लगाने जैसी गतिविधियों से सख्ती से निपटेंगे। ट्रंप के इस आदेश के बाद ईरान और अमेरिका के बीच टकराव बढ़ने की आशंका है। मौजूदा हालात में पश्चिम एशिया के हालात जल्द सामान्य होने के आसार नहीं हैं।

पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है और शांति की उम्मीदें कम होती जा रही हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूदा हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं और अमेरिका तथा ईरान के बीच टकराव की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। इसी बीच, मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद कड़ा और बड़ा कदम उठाया है।

उन्होंने साफ कर दिया है कि अमेरिका अपनी ताकत का पूरा इस्तेमाल करेगा और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा। ट्रंप के इस फैसले के बाद पूरी दुनिया की निगाहें अब होर्मुज पर टिक गई हैं और युद्ध जैसी स्थिति की आशंका पैदा हो गई है।


ट्रंप ने अपनी अमेरिकी सेना को सीधे और कड़े आदेश जारी किए हैं। होर्मुज में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच अमेरिकी नौसेना को देखते ही गोली मारने का साफ आदेश दिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि समुद्र में माइंस (बारूदी सुरंगें) लगाने जैसी किसी भी गतिविधि से बेहद सख्ती से निपटा जाएगा। इस सख्त आदेश और नाकेबंदी के बाद ईरान और अमेरिका के बीच सीधा सैन्य टकराव बढ़ने की पूरी आशंका पैदा हो गई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए पश्चिम एशिया में जल्द स्थिति सामान्य होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

ईरान की स्थिति को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर तीखा तंज कसा है। ट्रंप का कहना है कि ईरान के लोगों के लिए यह समझना बहुत मुश्किल हो रहा है कि उनका असली नेता आखिर है कौन। उनके मुताबिक, वहां कट्टरपंथियों और नरमपंथियों के बीच भारी आपसी लड़ाई चल रही है। युद्ध के मैदान में कट्टरपंथियों को बहुत बुरी तरह हार का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, नरमपंथी भी पूरी तरह से नरम नहीं हैं, लेकिन उन्हें लोगों का सम्मान मिल रहा है। ट्रंप ने इस पूरी अंदरूनी कलह और स्थिति को पागलपन करार दिया है।

होर्मुज को लेकर अमेरिका ने अपनी ताकत का खुला प्रदर्शन किया है। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, होर्मुज पर अब संयुक्त राज्य अमेरिका का पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित हो चुका है। उन्होंने बड़ा दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना की सख्त मंजूरी के बिना कोई भी जहाज इस जलमार्ग से न तो अंदर आ सकता है और न ही बाहर जा सकता है। होर्मुज को पूरी तरह से ‘टाइट सील’ कर दिया गया है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान अमेरिका के साथ कोई सही डील या समझौता नहीं कर लेता, तब तक यह कड़ी नाकेबंदी ऐसे ही जारी रहेगी।

SPORTS : चेन्नई की मुंबई के खिलाफ सबसे बड़ी जीत, 104 रनों पर सिमटी मेजबान टीम; अंक तालिका में हुआ बदलाव

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चेन्नई सुपर किंग्स ने मुंबई इंडियंस को 103 रनों से हरा दिया। गुरुवार को खेले गए मुकाबले में सीएसके ने संजू सैमसन की नाबाद शतकीय पारी की मदद से 20 ओवर में छह विकेट पर 207 रन बनाए। जवाब में मुंबई की टीम 19 ओवर में सिर्फ 104 रन ही बना सकी और ऑलआउट हो गई।

संजू सैमसन की तूफानी शतकीय पारी के बाद अकील होसेन की अगुवाई में गेंदबाजों के घातक प्रदर्शन के दम पर चेन्नई सुपर किंग्स ने मुंबई इंडियंस को 103 रनों से हरा दिया। गुरुवार को वानखेड़े में खेले गए मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई ने 20 ओवर में छह विकेट पर 207 रन बनाए। जवाब में मुंबई की टीम 19 ओवर में 104 रन ही बना सकी और ऑलआउट हो गई।

चेन्नई की टीम आईपीएल में मुंबई के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत दर्ज करने वाली टीम बन गई। दोनों टीमों के बीच खेले गए 40 मैचों में चेन्नई की यह 19वीं जीत है। इस मामले में दूसरे स्थान पर पंजाब किंग्स है, जिसने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 18 बार जीत दर्ज की है। तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर क्रमश: दिल्ली कैपिटल्स (17), आरसीबी (16) और राजस्थान रॉयल्स (15) मौजूद हैं।

इसके अलावा यह चेन्नई की रनों के अंतर से आईपीएल में मुंबई इंडियंस के खिलाफ और ओवरऑल सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले टीम ने 2015 में किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) को 97 रनों से चेपॉक में हराया था। वहीं, रनों के अंतर से यह मुंबई इंडियंस की सबसे बड़ी हार है। इससे पहले टीम ने 2013 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 87 रनों से गंवाया था। वानखेड़े में यह मुंबई की सबसे बड़ी हार भी है। इससे पहले इस मैदान पर आरसीबी के खिलाफ मुंबई 39 रनों से हारी थी।

इस मुकाबले के बाद अंक तालिका में भी बड़ा बदलाव हुआ है। चेन्नई की टीम पांचवें स्थान पर पहुंच गई है। सात में से तीन मुकाबले जीत चुकी चेन्नई के खाते में छह अंक हो गए हैं और उनका नेट रन रेट +0.118 हो गया है। वहीं, मुंबई की टीम आठवें पायदान पर है। सात में से पांच मैच हार चुकी मुंबई का नेट रन रेट -0.736 हो गया। शीर्ष पर पंजाब किंग्स है।

208 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दानिश मालेवार बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। वहीं, नमन धीर को भी अकील हुसैन ने जीरो पर आउट किया। क्विंटन डी कॉक भी बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और महज 7 रन बनाकर मुकेश चौधरी का शिकार बने। 11 रनों के स्कोर पर 3 विकेट गिरने के बाद सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा ने टीम की लड़खड़ाती हुई पारी को संभाला। दोनों ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 73 रनों की साझेदारी निभाई।

तिलक 29 गेंदों में 5 चौकों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, सूर्यकुमार 30 गेंदों में 36 रन बनाकर अकील हुसैन का शिकार बने। कप्तान हार्दिक पांड्या का निराशाजनक प्रदर्शन इस मुकाबले में भी जारी रहा, और वह सिर्फ एक रन ही बना सके। शेरफेन रदरफोर्ड पहली ही गेंद पर नूर अहमद की बॉल पर अंशुल कंबोज को कैच देकर पवेलियन लौटे। कृष भगत 15 गेंदों का सामना करने के बाद 7 रन ही बना सके। जसप्रीत बुमराह 2 रन बनाकर आउट हुए।

एमआई ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए, और पूरी टीम 104 रन बनाकर सिमट गई। गेंदबाजी में चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से अकील हुसैन ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में महज 17 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं, नूर अहमद ने 24 रन खर्च करते हुए 2 विकेट चटकाए, जबकि मुकेश चौधरी, जेमी ओवरटन और गुरजपनीत सिंह ने एक-एक विकेट झटका।

इससे पहले, चेन्नई सुपर किंग्स ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर स्कोरबोर्ड पर 207 रन लगाए। टीम की तरफ से संजू सैमसन ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शतकीय पारी खेली। संजू ने सिर्फ 54 गेंदों का सामना करते हुए 101 रनों की नाबाद पारी खेली। अपनी इस पारी में सैमसन ने 10 चौके और 6 छक्के लगाए। सीएसके की शुरुआत अच्छी नहीं रही।

कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ 14 गेंदों में 22 रन बनाकर आउट हुए, जबकि सरफराज खान 8 गेंदों में 14 रन बनाने के बाद मिचेल सैंटनर का शिकार बने। शिवम दुबे 5 रन ही बना सके, तो डेवाल्ड ब्रेविस ने 21 रनों का योगदान दिया। कार्तिक शर्मा (18) और जेमी ओवरटन (15) भी बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके। गेंदबाजी में एमआई की तरफ से अल्लाह गजनफर ने 4 ओवर में 25 रन देकर 2 विकेट चटकाए, जबकि अश्वनी कुमार ने 37 रन खर्च करते हुए 2 विकेट निकाले।

इससे पहले, टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी सीएसके की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ का खराब प्रदर्शन इसी मुकाबले में भी जारी रहा। ऋतुराज 14 गेंदों का सामना करने के बाद 22 रन बनाकर आउट हुए। नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने उतरे सरफराज खान भी आठ गेंदों में 14 रन बनाने के बाद मिचेल सैंटनर की गेंद पर क्लीन बोल्ड हुए। शिवम दुबे भी पांच रन ही बना सके।

डेवाल्ड ब्रेविस ने आगाज दमदार किया, लेकिन वह 11 गेंदों में एक चौका और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाने के बाद अश्वनी कुमार का शिकार बने। कार्तिक शर्मा 19 गेंदों का सामना करने के बाद 18 रन ही बना पाए। जेमी ओवरटन सात गेंदों में 15 रन बनाने के बाद आउट हुए। हालांकि, संजू सैमसन ने एक छोर संभाले रखा और शानदार बल्लेबाजी करते हुए इस सीजन का अपना दूसरा शतक लगाया।

संजू ने 54 गेंदों का सामना करते हुए 101 रनों की नाबाद पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने 10 चौके और छह छक्के लगाए। गेंदबाजी में एमआई की ओर से अल्लाह गजनफर और अश्वनी कुमार ने दो-दो विकेट चटकाए, जबकि जसप्रीत बुमराह और सैंटनर ने एक-एक विकेट निकाला।
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