Saturday, June 13, 2026
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BIHAR : गोपालगंज में बोरे में मिला अज्ञात युवती का शव, चेहरे पर तेजाब से जलाने के निशान, इलाके में दहशत

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गोपालगंज के भोरे थाना क्षेत्र में लखरांव बाग श्मशान घाट के पास बोरे में एक अज्ञात युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई. युवती के चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं और पहचान छुपाने के लिए चेहरा तेजाब से जलाया गया है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और एफएसएल टीम के साथ जांच शुरू कर दी है. दस दिन में दूसरी लाश मिलने से इलाके में दहशत का माहौल है.

बिहार के गोपालगंज जिले से एक बार फिर सनसनीखेज घटना सामने आई है. भोरे थाना क्षेत्र के लखरांव बाग स्थित शमशान घाट के पास शुक्रवार को बोरे में बंद एक अज्ञात युवती का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. शव की हालत देखकर प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई जा रही है. युवती के चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं, और पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसके चेहरे पर तेजाब डाला गया है.

स्थानीय लोगों ने श्मशान घाट के पास एक बोरे में शव देख पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई थी. युवती की उम्र लगभग 20 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है, उसने गुलाबी रंग का सलवार सूट पहना हुआ था.

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि युवती के गले और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे चोट के निशान हैं. इसके अलावा, उसके चेहरे को तेजाब से जलाने की कोशिश की गई, जिससे उसकी पहचान न हो सके. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दी है और एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

अब तक युवती की पहचान नहीं हो सकी है. पुलिस आसपास के थानों की मिसिंग रिपोर्ट खंगाल रही है. हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया, ‘भोरे थाना अंतर्गत लखरांव पोखर के समीप शमशान घाट में एक युवती का शव बरामद किया गया है, जिसकी पहचान अभी नहीं हो पाई है. एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.’

गौरतलब है कि यही इलाका कुछ दिन पहले भी चर्चा में था जब शिल्पी यादव नाम की युवती का शव संदिग्ध अवस्था में मिला था. अब दस दिन के अंदर दूसरी लाश मिलने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. लोग डरे हुए हैं और पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

RAJASTHAN : हॉस्पिटल में 32 वर्षीय महिला से रेप, ICU वार्ड में नर्सिंग स्टाफ ने नशे का इंजेक्शन लगाकर बनाया शिकार

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राजस्थान के अलवर जिले के एक अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ द्वारा 32 वर्षीय महिला से रेप का मामला सामने आया है. बताया जाता है कि आरोपी ने पीड़िता को आईसीयू में नशे का इंजेक्शन लगाकर बेहोश करने के बाद दुष्कर्म को अंजाम दिया.

अलवर के एमआईए औद्योगिक क्षेत्र स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में 32 साल की महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है. 4 जून की रात को अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने पीड़िता को नशे का इंजेक्शन लगाया और उसके बाद दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. रात के समय पीड़िता के परिजन आईसीयू वार्ड के बाहर बैठे हुए थे. पीड़िता जब उनका नाम लेने लगी तो एक अन्य स्टाफ ने पीड़िता के पति को बुलाया. जिसके बाद उसने पति को पूरी घटना के बारे में जानकारी दी.

इसके बाद परिजनों ने इसकी शिकायत मेडिकल कॉलेज के प्रशासन से की. हालांकि, मामले में कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन पूरे मामले को दबाने में जुट गया. वहीं जब पीड़िता के पति ने एडीएम से शिकायत की तो तब जाकर FIR दर्ज हुई. फिलहाल पुलिस आरोपी नर्सिंग स्टाफ की तलाश कर रही है.एमआईए थाने के एएसआई महावीर सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति ने शिकायत की है कि ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में भर्ती 32 वर्षीय उसकी पत्नी के साथ नर्सिंग स्टाफ ने 4 जून की रात के समय दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. आरोपी ने पहले बेड के चारों तरफ लगे पर्दे को लगाया और उसके बाद महिला को नशे का इंजेक्शन दिया. फिर दुष्कर्म किया.

महिला घटना के समय होश में थी और विरोध कर रही थी. कुछ देर बाद पीड़िता अपने पति का नाम पुकारने लगी. महिला द्वारा बार-बार चिल्लाने पर आईसीयू का स्टाफ वार्ड के बाहर बैठे उसके पति को बुलाकर ले गया. जिसके बाद उसने पति को घटना की जानकारी दी. इस दौरान महिला के पास भर्ती दूसरी महिला के पति ने भी कहा कि रात के समय नर्सिंग स्टाफ ने गलत घटना की है.

पीड़िता के पति ने जब घटना की जानकारी मेडिकल कॉलेज के स्टाफ प्रशासन को दी तो प्रशासन पूरे मामले को दबाने में जुट गया और इस दौरान मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के सामने आरोपी ने पीड़िता के परिजनों ने माफी मांगी. साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन पूरे मामले को रफा दफा करने में लगा रहा. लेकिन पीड़िता के पति ने मामले की सूचना एडीएम सिटी को दी. एडीएम सिटी ने तुरंत मामले में एमआईए थाना पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए. जिसके बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए पीड़िता का मेडिकल करवाया व 164 के बयान दर्ज किए.

पुलिस ने कहा कि पीड़िता के वीडियो बयान दर्ज किए गए हैं. जिसमें उसने साफ तौर पर बताया कि अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने उसके साथ दुष्कर्म किया है. आरोपी द्वारा नशे का इंजेक्शन लगाकर दुष्कर्म को अंजाम दिया गया. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. जल्द ही आरोपी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

ENTERTAINMENT : 91 साल की उम्र में ‘सितारे जमीन पर’ से एक्टिंग डेब्यू करेंगी आमिर खान की मां, एक्टर ने किया कंफर्म

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फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ आमिर खान के लिए बेहद खास है. इस फिल्म से वो करीब 3 सालों के बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं. इस फिल्म से उनकी मां जीनत खान भी बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं. इसकी जानकारी खुद आमिर ने दी है.

सुपरस्टार आमिर खान अपनी फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ से वापसी कर रहे हैं, जिसके लिए सभी एक्साइटेड हैं. फिल्म के ट्रेलर को काफी प्यार मिल रहा है. इसकी कहानी आमिर की पिछली कुछ फिल्मों से काफी अलग है. ये उनकी हिट फिल्म ‘तारे जमीन पर’ का स्पिरिचुअल सीक्वल है, जिससे जुड़ी एक रोचक खबर हाल ही में सुपरस्टार ने मीडिया से शेयर की है.

शुक्रवार को मुंबई में आमिर ने मीडिया से खास बातचीत की. इस दौरान आमिर ने अपनी फिल्म से जुड़ी कुछ कहानियों को सभी के साथ शेयर किया. उन्होंने सभी को बताया कि इस फिल्म से उनकी की मां जीनत खान एक्टिंग डेब्यू करने वाली हैं. साथ ही वो पहली बार अपनी बहन निखत खान के साथ भी स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे. आमिर का कहना है कि ये मौका उनके लिए पर्सनली काफी खास होने वाला है.

आमिर ने बताया कि उनकी मां इस फिल्म से अचानक जुड़ीं. उनका कोई प्लान नहीं था कि वो अपनी मां से फिल्म में एक्टिंग कराएं. लेकिन डायरेक्टर के कहने पर ऐसा मुमकिन हो पाया. उन्होंने अपनी मां के बारे में बात करते हुए बताया, ‘आमतौर पर अम्मी मुझे नहीं कहती हैं कि वो मेरी फिल्म के शूट पर आना चाहती हैं. मुझे नहीं मालूम कि उन्हें ऐसा क्यों लगा लेकिन एक सुबह जब हम फिल्म का गाना शूट कर रहे थे, तब अम्मी ने मुझे कॉल करके पूछा कि आप कहां शूट कर रहे हैं. आज हमें भी शूटिंग पर आना है.’

‘मैंने उनसे कहा चलिए, आप आ जाइए. मैंने उनके लिए गाड़ी भेजी और मेरी बहन को कहा कि आप उन्हें सेट पर ले आएं. वो व्हीलचेयर पर आई थीं. हम एक हैप्पी वेडिंग सॉन्ग शूट कर रहे थे जिसमें हमें बहुत मजा आ रहा था और वो हमें देख रही थीं. इतने में डायरेक्टर प्रसन्ना मेरे पास आए और बोले कि सर अगर आप बुरा ना माने तो आप अम्मी जी से फिल्म के गाने में आने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं? ये फिल्म का आखिरी गाना है, वेडिंग सेलिब्रेशन है. वो हमारी गेस्ट बन सकती हैं. ये मेरे लिए एक इमोशनल बात है और मैं उन्हें फिल्म का हिस्सा बनाना चाहता हूं.’

आमिर आगे बताते हैं कि वो अपने डायरेक्टर की बात सुनकर थोड़े डर गए थे. उन्हें अपनी मां से गेस्ट अपीयरेंस की रिक्वेस्ट करने के लिए घबराहट महसूस हुई, क्योंकि उनके मुताबिक उनकी मां इस गेस्ट रोल को करने से मना कर देंगी. उन्होंने कहा, ‘मैंने प्रसन्ना से कहा कि तुम पागल हो गए हो? मेरी हिम्मत नहीं होगी अम्मी से पूछने की कि आप फिल्म में काम करो और शॉट दो. वो बहुत जिद्दी हैं, मेरी बात नहीं सुनेंगी. आप अपना टाइम मत बर्बाद करो.’

‘प्रसन्ना मुझसे लगातार रिक्वेस्ट करते रहे कि मैं एक बार अम्मी से पूछ लूं. फिर मैंने अम्मी से पूछा कि अम्मी, प्रसन्ना रिक्वेस्ट कर रहे हैं कि आप फिल्म में एक शॉट दो बतौर गेस्ट. उन्होंने जवाब में कहा कि हां ठीक है. मैं उनकी बात सुनकर चौंक गया. तो मेरी अम्मी एक-दो शॉट्स में हैं. ये मेरी इकलौती फिल्म है जिसका वो हिस्सा बनी हैं. ये मेरे लिए काफी स्पेशल मोमेंट है. मुझे नहीं मालूम उनके दिमाग में क्या आया था. वो आने वाली 13 जून को 91 साल की होने वाली है, हमारी फिल्म की रिलीज से एक हफ्ते पहले.’

आमिर ने अंत में अपनी बहन निखत के बारे में भी बात की. उन्होंने बताया कि निखत भी फिल्म में एक रोल प्ले कर रही हैं और उनके भी कुछ सीन्स फिल्म में शामिल होंगे. ये पहला मौका है जब वो अपनी बहन के साथ फिल्म में काम कर रहे हैं निखत एक प्रोफेशनल एक्ट्रेस हैं, तो आमिर का मानना है कि शायद वो उनके साथ आने वाले समय में थोड़ा और काम करेंगे.

बात करें आमिर खान की ‘सितारे जमीन पर’ के बारे में, तो इस फिल्म से एक्टर 10 नए एक्टर्स का डेब्यू कराने वाले हैं. उनकी फिल्म में एक्ट्रेस जेनेलिया डिसूजा भी शामिल हैं जो फीमेल लीड में नजर आएंगी. उनकी फिल्म 20 जून को थिएटर्स में रिलीज होगी.

BIHAR : बाल-बाल बचे तेजस्वी यादव! काफिले में जा घुसा बेकाबू ट्रक, 3 सुरक्षाकर्मी जख्मी… मधेपुरा से पटना लौटते वक्त हुआ हादसा

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बिहार में देर रात तेजस्वी यादव के काफिले की एक तेज रफ्तार ट्रक से टक्कर हो गई, जिसमें तीन सुरक्षा जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. यह घटना मधेपुरा से पटना लौटते समय नेशनल हाईवे पर हुई, जब तेजस्वी यादव अपने साथियों के साथ रुककर विश्राम कर रहे थे. घायल सुरक्षाकर्मियों को तेजस्वी ने नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है.

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव एक बड़े हादसे का शिकार होते बाल-बाल बच गए. तेजस्वी यादव के काफिले में एक ट्रक घुस आया और ट्रक ने स्कॉर्ट गाड़ी को टक्कर मार दी. जिसमें सुरक्षा घेरे में चल रहे कई जवान गंभीर रूप से घायल हुए.

ये हादसा तब हुआ जब देर रात करीब 1:30 बजे मधेपुरा से पटना लौटने के दौरान तेजस्वी यादव नेशनल हाईवे पर चाय पीने के लिए रुके थे. तेजस्वी प्रवक्ता शक्ति यादव और RJD के कुछ नेताओं के साथ अपनी गाड़ी से उतरे ही थे की एक तेज रफ्तार ट्रक काफिले में घुस आया और ट्रक ने काफिले में शामिल एक गाड़ी को जोड़दार टक्कर मार दी.

 

UP: परिवार की सहमति के बिना नहीं होगा मैरिज रजिस्ट्रेशन… इलाहाबाद HC के आदेश के बाद नए दिशा-निर्देश जारी

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उत्तर प्रदेश में अब परिवार की सहमति के बिना गुपचुप तरीके से विवाह कर उसका पंजीकरण कराना आसान नहीं रहेगा. क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में आईजी निबंधन ने विवाह पंजीकरण को लेकर नए अंतरिम दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

उत्तर प्रदेश में अब परिवार की सहमति के बिना गुपचुप तरीके से विवाह कर उसका पंजीकरण कराना आसान नहीं रहेगा. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में आईजी निबंधन ने विवाह पंजीकरण को लेकर नए अंतरिम दिशा-निर्देश जारी किए हैं. अब विवाह पंजीकरण केवल उसी जिले में किया जाएगा जहां वर-वधु या उनके माता-पिता निवास करते हों. इसके साथ ही विवाह के साक्ष्य के रूप में सिर्फ फोटो या कार्ड काफी नहीं होगा, विवाह कराने वाले पंडित या पुरोहित की गवाही और शपथ पत्र अनिवार्य होगी.

नए नियमों के मुताबिक विवाह कराने वाले पंडित या पुरोहित को पंजीकरण के समय शारीरिक रूप से उपस्थित होना होगा और शपथ पत्र देना होगा जिसमें उसका नाम, पता, आधार कार्ड की प्रति, वैध पहचान पत्र, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल होगी. इसके साथ ही यह भी घोषित करना होगा कि विवाह उसी ने संपन्न कराया है. यदि विवाह परिवार की सहमति के बिना हुआ है, तो विवाह संस्कार की वीडियो रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में लेकर पंजीकरण अधिकारी को देनी होगी, जिसे कार्यालय में संरक्षित रखा जाएगा.

यदि पंजीकरण के समय परिवार के सदस्य उपस्थित हैं और अधिकारी विवाह की प्रामाणिकता से संतुष्ट है, तो वह आवेदकों को निर्देशों से आंशिक या पूर्ण छूट दे सकता है. पंजीकरण अधिकारी को विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र पर यह दर्ज करना होगा कि पंजीकरण कोर्ट के निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए किया गया है. हर कार्यालय में एक पंजिका रखी जाएगी, जिसमें दर्ज विवाहों का मासिक रिकॉर्ड सहायक महानिरीक्षक द्वारा प्रमाणित किया जाएगा.

ENTERTAINMENT : चार साल बाद अक्षय कुमार को मिली सबसे बड़ी ओपनिंग, ‘हाउसफुल 5’ ने की इतनी कमाई

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अक्षय कुमार की मल्टी स्टारर फिल्म ‘हाउसफुल 5’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार ओपनिंग की है. फिल्म एक हिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी का हिस्सा है जिसका इसे फायदा मिला है. ये चार साल बाद अक्षय की सबसे बड़ी ओपनिंग भी साबित हुई है.

अक्षय कुमार की मल्टी स्टारर फिल्म ‘हाउसफुल 5’ का इंतजार फैंस को काफी समय से था. ‘हाउसफुल’ फ्रेंचाइजी की फिल्में सभी को बेहद पसंद आती है. इसके पिछले चार पार्ट्स बॉक्स ऑफिस पर सक्सेसफुल साबित हुए थे. अब ‘हाउसफुल 5’ भी थिएटर्स में लग चुकी है, जिसके पहले दिन का कलेक्शन सामने आ गया है.

अक्षय की फिल्म के दो वर्जन ‘हाउसफुल 5’ ‘A’ और ‘B’ थिएटर्स में रिलीज हुए थे. इस बार मेकर्स ने अपनी फिल्म के दो क्लाइमैक्स बनाए हैं. अक्षय की फिल्म में कॉमेडी के साथ-साथ एक मर्डर मिस्ट्री भी है, जिसे देखने के लिए फैंस इसके दोनों वर्जन देखने थिएटर्स पहुंच रहे हैं. ये फिल्म में एक अलग ट्विस्ट लाने के लिए किया गया जो सफल होता नजर आया.

सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘हाउसफुल 5’ ने बॉक्स ऑफिस पर नेट 23 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है, जो अभी तक इस फिल्म फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ओपनिंग भी है. हालांकि ये आंकड़े अभी फाइनल नहीं है. इससे पहले ‘हाउसफुल 4’ ने पहले दिन 19.08 करोड़ रुपये की ओपनिंग की थी. वहीं ‘हाउसफुल 3’ ने 15.23 करोड़ रुपये, ‘हाउसफुल 2’ ने 12.19 करोड़ रुपये और ‘हाउसफुल 1’ ने 10 करोड़ रुपये की ओपनिंग की थी.

‘हाउसफुल 5’ अक्षय कुमार के लिए भी एक बड़ी सफलता लेकर आई है. पिछले काफी समय से स्ट्रगल कर रहे एक्टर ने चार साल बाद बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी ओपनिंग दी है. इससे पहले अक्षय की कॉप यूनिवर्स फिल्म ‘सूर्यवंशी’ ने 26.29 करोड़ रुपये की ओपनिंग की थी. तब थिएटर्स भी कोरोना काल के बाद काफी सारी पाबंदियों के साथ खुल रहे थे.

‘हाउसफुल 5’ की थिएटर्स में ऑक्यूपेंसी 28.88% थी जो देखने में काफी अच्छी नजर आती है. दिल्ली और मुंबई में इसके सबसे ज्यादा शोज लगाए गए जहां ऑडियंस भी ठीक-ठाक नंबर्स में फिल्म देखने पहुंची. ‘हाउसफुल 5’ चार सालों के बाद अक्षय के लिए एक उम्मीद बनकर सामने आई है. अब शनिवार और रविवार की छुट्टी उनकी फिल्म के लिए क्या फायदा लेकर आएगी, ये देखने वाली बात होगी.

बात करें ‘हाउसफुल 5’ की, तो इसे फैंस और क्रिटिक्स की तरफ से मिक्स रिस्पॉन्स मिल रहे हैं. फिल्म में रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, फरदीन खान, जैकी श्रॉफ, डीनो मोरिया, श्रेयस तलपड़े, जैसे एक्टर्स शामिल हैं. वहीं नाना पाटेकर भी काफी समय के बाद कॉमेडी करते नजर आए हैं.

NATIONAL : कश्मीर में तिरंगे के साथ मोदी की चहलकदमी को हल्के में मत लीजिए, पाकिस्तान को आज नींद नहीं आएगी

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चिनाब ब्रिज का उद्घाटन और कश्मीर को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ना भारत की आर्थिक तरक्की का प्रतीक है. भारत में पाकिस्तान आतंकी तो भेज सकता है पर अपने देश में खुद इस तरह का ब्रिज नहीं बना सकता. रेलवे ने कभी पूरे देश को जोड़ा था , कश्मीर छूट गया था. अब वो भी पूरा हो गया.

जम्मू-कश्मीर में उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का उद्घाटन और कटरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तिरंगा लेकर चहलकदमी करना न केवल एक ऐतिहासिक घटना है, बल्कि यह भारत की रणनीतिक, राजनैतिक और आर्थिक ताकत का प्रतीक भी है. यह घटना कई स्तरों पर पाकिस्तान सहित विश्व समुदाय को एक स्पष्ट संदेश देती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में चिनाब ब्रिज और अंजी पुल का उद्घाटन किया है. साथ ही, उन्होंने कटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. चिनाब पुल, दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्क ब्रिज है जो कश्मीर घाटी को पूरे भारत से हर मौसम में रेल संपर्क प्रदान करेगा. इसके साथ ही कटरा-श्रीनगर यात्रा का समय कम करेगा. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद ये प्रधानमंत्री का पहला कश्मीर दौरा है. यहां वह 46 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देने पहुंचे थे. प्रधानमंत्री जब नवनिर्मित रेल पुल पर तिरंगा लेकर चहलकदमी कर रहे थे, जाहिर है कि पड़ोसी पाकिस्तान के सीने पर नश्तर चल रहा होगा. आइये देखते हैं कि कैसे पीएम मोदी का आज का कार्यक्रम पाकिस्तान ही नहीं बल्कि चीन और अमेरिका के लिए भी आंख की किरकिरी बन गया होगा.

उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना भारत की सबसे जटिल और महत्वाकांक्षी इंजीनियरिंग परियोजनाओं में से एक है. इसका अंतिम चरण, कटरा-संगलदान सेक्शन, और चिनाब ब्रिज का उद्घाटन होने के बाद जम्मू-कश्मीर देश के बाकी हिस्सों से अब हर मौसम में जुड़ गया है. सड़क मार्ग सर्दियों में बंद हो जाता रहा है.

यह रेल लाइन कई मायनों में भारत के लिए महत्वपूर्ण है. चिनाब ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है, जो चिनाब नदी पर 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है. यह भूकंप के जोन 5 में स्थित है, जो इसे तकनीकी रूप से असाधारण बनाता है. यह एफिल टावर से 35 मीटर ऊंचा है और इसे 120 साल तक टिकने के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी निर्माण प्रक्रिया में भारतीय इंजीनियरों ने अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया है, जो भारत की तकनीकी क्षमता को दर्शाता है. जो अभी पाकिस्तान के लिए दूर की कौड़ी है.

कटरा से श्रीनगर तक दो नई वंदे भारत ट्रेनों का शुभारंभ क्षेत्र में तेज और आरामदेह कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा. यह पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यात्रा को आसान बनाएगा, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

पाकिस्तान और दुनिया के लिए संदेश: यह रेल लिंक और चिनाब ब्रिज भारत की तकनीकी और रणनीतिक ताकत का प्रदर्शन है. यह दिखाता है कि भारत जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और इसे मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे पाकिस्तान की अलगाववादी और आतंकवादी गतिविधियों को जवाब मिलता है. इसके साथ ही यह पाकिस्तान को यह भी बताता है कि भारत उससे कितना आगे निकल चुका है. पाकिस्तान आज भी ऐसे कार्यों के लिए चीन की कृपा का मोहताज है. यह परियोजना भारत की इंजीनियरिंग और इनोवेशन की क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करती है, जिससे भारत की छवि एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में और मजबूत होती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चिनाब ब्रिज पर तिरंगा लेकर चलना एक शक्तिशाली प्रतीकात्मक कदम है. यह केवल एक औपचारिक कार्य नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता और एकता का स्पष्ट संदेश है. यह कदम विशेष रूप से हाल के संदर्भों में महत्वपूर्ण है. पाकिस्तान आज भी कश्मीर को अपना हिस्सा मानता है. पाकिस्तान बार बार कहता रहा है कि भारत यहां के लोगों की इच्छाओं का दमन करके जबरन कब्जा किए हुए है. अब दुनिया देख रही है कि यहां की चुनी हुई सरकार का मुख्यमंत्री यह खुद कह रहा है कि जो काम अंग्रेज नहीं कर पाए वो मोदी सरकार ने कर दिखाया है. कश्मीर की जनता की खुशी भी आज देखने लायक थी.

इसके साथ ही पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. इसके बाद पीएम का कश्मीर में तिरंगा लेकर चलना यह दर्शाता है कि भारत आतंकवाद के सामने झुकने वाला नहीं है.

2019 में अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद, जम्मू-कश्मीर को भारत के अन्य राज्यों के समान बना दिया गया. पीएम का यह कदम उस नीति को और मजबूती देता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा.

पाकिस्तान और विश्व के लिए संदेश: यह एक प्रत्यक्ष संदेश है कि भारत जम्मू-कश्मीर में अपनी संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं करेगा. तिरंगा लेकर चलना पाकिस्तान के प्रायोजित आतंकवाद और अलगाववादी प्रचार के खिलाफ भारत की दृढ़ता का प्रतीक है.साथ ही, यह वैश्विक समुदाय को यह संदेश देता है कि भारत अपने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम और प्रतिबद्ध है.

रेल लिंक का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के आर्थिक तरक्की में एक मील का पत्थर है. यह क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से जोड़कर इसे मुख्यधारा में लाने का प्रयास है. वैष्णो देवी मंदिर के कारण कटरा जम्मू कश्मीर का प्रमुख केंद्र है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं. श्रीनगर और कश्मीर घाटी पर्यटन के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं. रेल कनेक्टिविटी से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय उत्पादों, जैसे सेब, केसर और हस्तशिल्प को देश के अन्य हिस्सों में आसानी से पहुंचाया जा सकेगा. इससे स्थानीय व्यापारियों और किसानों को लाभ होगा. रेल लिंक से कश्मीर के लोग देश के अन्य हिस्सों से अधिक जुड़ाव महसूस करेंगे, जिससे अलगाव की भावना कम होगी. यह युवाओं को शिक्षा और रोजगार के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा.

पाकिस्तान और विश्व के लिए संदेश: यह रेल लिंक और इससे होने वाला विकास पाकिस्तान के उस प्रचार को खारिज करता है, जिसमें वह जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग और अविकसित क्षेत्र के रूप में चित्रित करता है. यह दिखाता है कि भारत जम्मू-कश्मीर में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाने के लिए विकास के रास्ते पर काम कर रहा है, न कि केवल सैन्य उपायों पर निर्भर है.

NATIONAL : तपती गर्मी में दिल्लीवासियों के लिए तरावट भरी खबर! बकाया पानी के बिल माफ करने जा रही रेखा गुप्ता सरकार

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2022 में अक्टूबर-नवंबर के बीच गलत पानी के बिल की 10 हजार से अधिक शिकायतें सरकार को मिली थीं. आम आदमी पार्टी सरकार ने भरोसा दिलाया था कि इसके लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाई जाएगी. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव के दौरान दिल्ली की जनता से यह वादा किया था और कहा था कि जल बोर्ड की भारी लापरवाही के चलते दिल्ली वालों को अनाप-शनाप बिल भेजे गए हैं.

बढ़े पानी के बिलों से परेशान दिल्ली वालों को अब रेखा गुप्ता सरकार एक बड़ी राहत देने जा रही है. दिल्ली सरकार अगले कुछ दिनों में पानी के बढ़े हुए बिल माफ करने जा रही है. दिल्ली सरकार के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने आजतक को बताया कि सरकार जल्द ही डोमेस्टिक बिल मे लेट पेमेंट सरचार्ज माफ करने वाली है, जिसमें बिल पर तकरीबन 80% से 90% छूट दी जाएगी.

दिल्ली जल बोर्ड के करीब-करीब 27 लाख ग्राहक हैं. लंबे वक्त से लोगों की शिकायत थी कि उन्हें बढ़े हुए बिल मिल रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक तकरीबन 16 लाख लोगों के पास बढ़े हुए पानी के बिल पहुंचे हैं. इन 16 लाख उपभोक्ताओं को पानी के गलत बिल से दिक्कत थी. ये वो उपभोक्ता थे जिनका ये कहना था कि कोरोना के दौरान जल बोर्ड की तरफ से मीटर रीडिंग ही नहीं ली गई थी.

2022 में अक्टूबर-नवंबर के बीच गलत पानी के बिल की 10 हजार से अधिक शिकायतें सरकार को मिली थीं. आम आदमी पार्टी सरकार ने भरोसा दिलाया था कि इसके लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाई जाएगी. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव के दौरान दिल्ली की जनता से यह वादा किया था और कहा था कि जल बोर्ड की भारी लापरवाही के चलते दिल्ली वालों को अनाप-शनाप बिल भेजे गए हैं.

उन्होंने दिल्ली वालों से कहा था कि अपने बिल भरने कि जरूरत नहीं है और सरकार आते ही ये बिल माफ कर दिए जाएंगे. जल बोर्ड की एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि यह योजना जब लागू होगी तो उस दौरान उपभोक्ता को सिर्फ एक बार मौका दिया जाएगा. अगर यह मौका भी उनसे छूट जाता है तो उनको दोबारा कोई मौका नहीं दिया जाएगा.

उनके मुताबिक पिछले एरियर और लेट फीस के कारण जल बोर्ड के जो बिल आ रहे हैं वो काफी ज्यादा बढ़े हुए दिखाई दे रहे हैं. एक बार जब इन्हें सेटल कर लिया जाएगा तो उसके बाद बिल काफी कम दिखाई देंगे.

NATIONAL : मां ने टीवी देखने से रोका तो नाराज हो गया 14 साल का बेटा… पढ़ने को कहा तो कर लिया सुसाइड

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हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां मां ने अपने 14 साल के बेटे को टीवी देखने से मना किया और पढ़ाई करने को कहा. इस बात से बेटा नाराज हो गया और गुस्से में घर छोड़ दिया. घर से निकलकर उसने पुराने खाली मकान में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के पनोह गांव में दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां एक 14 वर्षीय किशोर ने आत्महत्या कर ली. पुलिस का कहना है कि यह दर्दनाक घटना तब हुई, जब किशोर की मां ने उसे टीवी देखने से मना किया और पढ़ाई करने को कहा. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है.

एजेंसी के अनुसार, पुलिस का कहना है कि लड़का दसवीं का छात्र था. वह घर पर टीवी देख रहा था, लेकिन उसकी मां ने उसे टीवी देखने से रोक दिया और पढ़ाई करने को कहा. परिवार के सदस्यों ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि मां के मना करने पर लड़का घर छोड़कर चला गया.जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा तो परिवार वाले उसकी तलाश में जुट गए. काफी खोजबीन के बाद उसका शव घर से थोड़ी दूरी पर एक पुराने और खाली पड़े मकान में फंदे से लटका हुआ मिला. यह देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया.

इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को घुमारवी अस्पताल भेजा, जहां पोस्टमार्टम किया गया. घुमारवी के डीएसपी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि किशोर के आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

ENTERTAINMENT : कमल हासन की दमदार एक्टिंग भी नहीं बचा सकी फिल्म, बेहद सुस्त है मणिरत्नम का गैंगस्टर ड्रामा

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‘नायकन’ जैसी आइकॉनिक फिल्म देने के 37 साल बाद कमल हासन और मणिरत्नम की आइकॉनिक जिओदी एक बार फिर साथ आई है. ‘ठग लाइफ’ का टीजर, ट्रेलर और गाने बहुत पसंद किए गए थे. फिल्म में कमल के अलावा भी कई दमदार नाम थे. मगर क्या ये फिल्म इन सारे बड़े नामों का कद जस्टिफाई कर पाई? आइए बताते हैं..

मणिरत्नम भारतीय सिनेमा का वो नाम हैं जिनकी बनाई फिल्म के साथ ‘निराशाजनक’ शब्द लिखने की बात शायद कोई सिनेमा लवर कभी सोच भी नहीं सकता. अबतक की उनकी सबसे कमजोर फिल्मों में भी एक फिल्म फैन के दिमाग को ईंधन देने वाला कुछ न कुछ निकल ही आता था. मगर सबसे पावरफुल फिल्ममेकर्स की ये खासियत होती है कि अपनी फिल्म के साथ ‘निराशाजनक’ शब्द लिखने का मौका भी वो खुद ही बेहतर तैयार कर सकते हैं. और कमल हासन स्टारर ‘ठग लाइफ’ मणिरत्नम की तरफ से फैन्स को दिया गया वही मौका है.

एक फिल्म जिसमें कमल हासन गैंगस्टर का लीड किरदार निभा रहे हों. फिल्म में तमिल इंडस्ट्री के दमदार यंग स्टार STR उनके साथी हों. नासर, अशोक सेल्वन और त्रिशा जैसा दमदार एक्टर्स हों. और इस दमदार कास्ट को मणिरत्नम जैसा आइकॉनिक डायरेक्टर डायरेक्ट कर रहा हो… तो ऑडियंस की उम्मीदों का लेवल बहुत ऊपर रहना ही है. मगर ‘ठग लाइफ’ जिस तरह निराश करती है उसकी उम्मीद शायद ही टीजर-ट्रेलर देखने के बाद कभी किसी ने की होगी.

‘ठग लाइफ’ एक गैंगस्टर रंगराय शक्तिवेल (कमल हासन) की कहानी है, जिसने अपने भाई (नासर) के साथ मिलकर एक गैंगस्टर मंडली खड़ी की है. कहानी 1998 के फ्लैशबैक से शुरू होती है जहां ये गैंगस्टर बंधु एक पुलिस शूटआउट में फंसे हैं. पुलिस को उनके अड्डे तक पहुंचाया है एक दूसरे गैंगस्टर सदानंद (महेश मांजरेकर) ने. इसी शूटआउट के बीच एक अखबार बांटने वाला और उसके बच्चे भी फंस जाते हैं. अखबार बांटने वाले की गोली लगने से मौत हो जाती है.

उसके बेटे को इस अफरातफरी से बचाकर अपनी ढाल बनाते हुए शक्तिवेल भाग निकलता है. जबकि उसकी बच्ची इस अफरातफरी में खो जाती है. अखबार बांटने वाले के बेटे अमर (STR) को शक्तिवेल अपने बेटे की तरह बड़ा करता है और उससे वादा करता है कि चाहे कितना भी वक्त लगे कभी ना कभी उसकी बहन को खोज निकालेगा.

अब बात 2016 में आ गई है, जहां सदानंद मंत्री बन चुका है. उसके बेटे (रोहित सराफ) के साथ अफेयर की वजह से शक्तिवेल के भाई की बेटी आत्महत्या कर चुकी है. दुश्मनी बढ़ गई है, सदानंद का बेटा मारा जा चुका है. शक्तिवेल जेल जा रहा है और जाते-जाते अमर को अपनी जगह खड़ा कर गया है. कुछ गैर-जरूरी सीक्वेंस और शादी ब्याह के एक फंक्शन के बाद शक्तिवेल पर जानलेवा हमला होता है. वो बच तो जाता है मगर उसे शक है कि इसमें अमर भी शामिल था.

ये बात सच है या नहीं ये दिखाने में मणिरत्नम कुछ और वक्त खर्च करते हैं. फिर कुछ देर बाद शक्तिवेल पर नेपाल में एक हमला होता है और ऐसा लगता है कि अब वो नहीं बचेगा. मगर वो ना सिर्फ जिंदा है बल्कि इस बार बौद्ध भिक्षुओं से फाइट करने की स्पेशल ट्रेनिंग भी लेकर लौटा है. अब शक्तिवेल अपने ऊपर हमला करने वाले, अपने ही गैंग के लोगों को खोज रहा है. यहां देखें ‘ठग लाइफ’ का ट्रेलर:

क्या इसमें अमर भी है? क्या अमर को बच्चे की तरह पालने वाला शक्तिवेल उसपर गोली चला पाएगा? क्या अमर ने शक्तिवेल के साथ कोई छल किया है? और किया है तो क्यों किया है? क्या अमर को कभी उसकी खोई हुई बहन चंदा मिलेगी? ‘ठग लाइफ’ इन्हीं सवालों के जवाब देने की कोशिश करती है. असल में फिल्म सवालों के जवाब पहले देती है और जो हुआ वो क्यों हुआ, ये बताने पर फोकस करती है. मगर मणिरत्नम ने इस नैरेटिव स्ट्रक्चर को जिस लाइन पर चलाया है, वो आपको नींद दिलाने लगता है, खासकर सेकंड हाफ में.

सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि शक्तिवेल एंड गैंग कभी गैंगस्टरबाजी करते दिखते ही नहीं. कहानी में सदानंद एक मंत्री है और उसके बेटे को मार देने पर भी बदले में जैसा रिएक्शन आता है वो बहुत नॉन सीरियस लगता है. सदानंद के अलावा और किसी से भी ये गैंगस्टर दल की कोई दुश्मनी ही नहीं दिखती. ना ही कहानी कभी इन्हें ऐसी सिचुएशन में डालती है जहां दिखे कि ये किस तरह के गैंगस्टर हैं.

‘ठग लाइफ’ एक गैंगस्टर ड्रामा फिल्म है, मगर इसकी कहानी गैंगस्टर्स से ज्यादा उनके पारिवारिक ड्रामा पर फोकस करने लगती है. गैंगस्टर फिल्म की जान होती है मुख्य किरदारों की एंट्री. ‘ठग लाइफ’ में सभी की एंट्री बहुत साधारण है. ऐसी सिचुएशंस ही फिल्म में नहीं हैं जहां आप किसी किरदार से इम्प्रेस हों.

शक्तिवेल का इंद्राणी (त्रिशा) के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर कहानी में पूरी तरह गैर जरूरी है. शक्तिवेल की बेटी की शादी वाला पूरा सीक्वेंस, कहानी में जिस वजह से इस्तेमाल किया गया है, वो वजह आपको फिल्म में नजर ही नहीं आती. ऐसे कई सीक्वेंस इस फिल्म में हैं जो बहुत गैर-जरूरी लगते हैं और ये काटे जाते तो ‘ठग लाइफ’ कम से कम 20 मिनट छोटी हो सकती थी. अमर का किरदार पूरी तरह डेवलप ही नहीं होता. वो शक्तिवेल की परछाईं से निकलकर कभी ऐसा कुछ करता ही नहीं जिससे उसके कैरेक्टर में आपको कोई गहराई या कोई परत नजर आए.

राइटिंग की ये कमी आपको कहीं भी किरदारों से कनेक्ट ही नहीं करने देती. इंटरवल पॉइंट पर शक्तिवेल के अधमरा होने तक कहानी फिर भी कुछ दिलचस्प लगती है और आप देखना चाहते हैं कि आगे क्या होने वाला है. मगर इंटरवल के ठीक बाद जिस तरह उसकी जान बचती है वो मजेदार नहीं लगता. बदला लेने वापस लौटा शक्तिवेल भी असरदार नहीं लगता. उसकी कोई कन्वर्सेशन ऐसी नहीं है जिसमें उसके किरदार की नाराजगी या अपनों से ठगे जाने का गुस्सा झलके. शक्तिवेल की टक्कर का किरदार अमर बहुत फीका है. उसका टशन या स्वैग क्या है, वो किस तरह का बिहेव कर सकता है, बाकि गैंगस्टर्स से वो किस तरह अलग है, ऐसा कुछ भी फिल्म में नजर नहीं आता.

कमल हासन के काम में आपको नजर आता है कि वो लेजेंड क्यों कहे जाते हैं. राइटिंग की दिक्कत से आपको उनका किरदार शायद बहुत दिलचस्प ना लगे, लेकिन एक्टिंग से कमल ने शक्तिवेल को काफी मजबूत बनाया है. शक्तिवेल की बॉडी लैंग्वेज, उसके रिएक्शन मजेदार हैं. STR ने भी अपनी एक्टिंग से ही वो माहौल बनाया है कि स्क्रीन पर उन्हें देखने में इंटरेस्ट आता है.

फिल्म की बाकी कास्ट ने भी अपने-अपने किरदारों को निभाया पूरी नीयत से है चाहे त्रिशा हों या अभिरामी और नासर. अशोक सेल्वन, ऐश्वर्या लक्ष्मी और अली फजल ने भी अपने किरदारों में काम दमदार किया. मगर ‘ठग लाइफ’ की राइटिंग ने इन तीनों को जिस तरह वेस्ट किया है, वो देखने में जितना निराशजनक लगता है उतना ही अजीब भी.

कुल मिलाकर ‘ठग लाइफ’ एक ऐसा आईडिया था जो शक का बीज मन में पड़ जाने पर उगी नफरत की पौध को दिखाना चाहता था. राइटिंग की कमियों को देखने पर ऐसा लगता है कि स्क्रिप्ट में शक्तिवेल को सुपर-गैंगस्टर दिखाने के चक्कर में फिल्म का नैरेटिव स्ट्रक्चर और सब-प्लॉट गड़बड़ हुए हैं. मणिरत्नम के साथ राइटिंग में कमल हासन का भी क्रेडिट है और इन दोनों को ही तय करना है कि किससे कहां चूक हुई है. हालांकि, फिल्म का प्रोडक्शन डिजाईन और सिनेमेटोग्राफी जैसी चीजें मजबूत हैं. मगर जब कहानी ही मजेदार नहीं है तो सॉलिड फ्रेम्स में आदमी देखे क्या!

‘ठग लाइफ’ एक ऐसे आईडिया के तौर पर याद रखी जाएगी जिसमें स्क्रीन पर एक बेहतरीन फिल्म बनने का दम था और इसकी दमदार कास्ट से बहुत यादगार किरदार निकल सकते थे. मगर… ये ‘मगर’ इतना बड़ा हुआ कि पूरी फिल्म निगल गया!

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