Saturday, January 31, 2026
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NATIONAL : ट्रेकिंग पर गए युवक की हुई मौत, शव के पास बैठा रहा साथ गया पालतू कुत्ता… रेस्क्यू टीम के भी निकल आए आंसू

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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से दिल को छू लेने वाला मामला सामने आया है. जहां ट्रेकिंग के लिए दो युवक गए थे और दोनों चचेरे भाई थे. इस दौरान वे अपने कुत्ते को भी साथ लेकर गए थे. लेकिन भारी बर्फबारी में दोनों की मौत हो गई.

चंबा के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में ट्रेकिंग पर गए दो युवकों की मौत हो गई. दोनों के रेस्क्यू के दौरान दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है. जहां भारी बर्फबारी के बीच माइनस तापमान में कुत्ता अपने मालिक के शव के पास बैठा मिला. दोनों युवकों के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पीयूष नामक युवक का शव जब बरामद किया गया तो उसका कुत्ता चार दिन तक उसी के साथ रहा और कहीं गया भी नहीं.

बताया यह भी जा रहा था कि कुत्ता शव को भी छूने नहीं दे रहा था. जिसके बाद उसका भी सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है. इसके बाद पीयूष का शव और जीवित कुत्ते को हेलिकॉप्टर के जरिए भरमौर लाया गया. वहीं व्यक्ति के साथ गए दूसरे युवक का शव भी भरमाणी माता के पहाड़ में मिल गया. जिसे हेलिकॉप्टर के जरिए वापिस लाया जा रहा है. दोनों युवक चचेरे भाई थे. दोनों बर्फबारी के दौरान वीडियो शूट करने गए थे और कुत्ते को भी साथ ले गए थे.

चंबा के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में लापता हुए दोनों युवकों की खोजबीन के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी थी. इसी बीच सोमवार को दोनों युवकों का शव बरामद कर लिया गया. युवकों की तलाश के लिए सेना के हेलिकॉप्टरों ने आसमान से मोर्चा संभाला था. वहीं एसडीआरएफ के हाईटैक ड्रोन और स्थानीय लोगों की मदद से जमीन पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया था.

इस दौरान सेना ने भरमाणी माता, कुकड़ू कंडा और सिमरा धार जैसे दुर्गम इलाकों में करीब एक घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया. घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सेना को कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा. फिलहाल दोनों रेस्क्यू टीम ने दोनों के शव को बरामद कर लिया है.

NATIONAL : बहन की लव मैरिज का ऐसा गुस्सा… भाई ने जीजा को सरेआम मारी गोली, बिजनौर के गांव में सनसनी

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बिजनौर जिले के नवलपुर गांव में पारिवारिक विवाद के चलते साले ने अपने जीजा को गोली मार दी. गोली लगने से 22 वर्षीय विशाल गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे हायर सेंटर रेफर किया गया है. घटना प्रेम विवाह को लेकर चली आ रही रंजिश से जुड़ी बताई जा रही है. पुलिस ने गांव में बल तैनात कर जांच शुरू कर दी है.

उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले के नवलपुर गांव में सोमवार रात पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब एक युवक ने अपने ही जीजा पर गोली चला दी. गोली लगने से जीजा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया. घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

मामला कोतवाली शहर क्षेत्र के नवलपुर गांव का है. जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 22 साल के विशाल पुत्र राजकुमार रात करीब आठ बजे अपने घर के बाहर मोबाइल देख रहा था. इसी दौरान उसका सगा साला मौके पर पहुंचा और अचानक तमंचे से फायर कर दिया. गोली विशाल के दाहिनी ओर लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा.

बताया जा रहा है कि घायल विशाल ने करीब आठ महीने पहले गांव की ही युवती अनामिका से प्रेम संबंधों के बाद कोर्ट मैरिज की थी. इस शादी को लेकर परिवार में पहले से नाराजगी चल रही थी. आरोप है कि इसी रंजिश के चलते साले ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.

फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल को तुरंत अस्पताल भिजवाया. सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. एहतियातन गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो.सीओ सिटी संग्राम सिंह ने बताया कि नवलपुर गांव में एक युवक को उसके साले द्वारा गोली मारकर घायल करने की सूचना मिली थी. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाया. उन्होंने कहा कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और मामले की गहन जांच की जा रही है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है.

MP : थाली नहीं तो रद्दी कागजों पर परोस दिया हलवा-पूड़ी, गणतंत्र दिवस पर शर्मसार हुई शिक्षा व्यवस्था

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MP के मैहर जिले से आई यह तस्वीर न केवल शिक्षा विभाग के लिए शर्मनाक है, बल्कि यह मासूम बच्चों के स्वास्थ्य और उनके स्वाभिमान पर भी एक गहरा आघात है. गणतंत्र दिवस, जिसे हम अपनी लोकतांत्रिक गरिमा का प्रतीक मानते हैं, उसी दिन बच्चों को रद्दी कागजों पर भोजन परोसना सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करता है.

मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने शिक्षा विभाग और प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है. जहां पूरा देश गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर बच्चों को देश का भविष्य बताकर उन्हें सम्मानित करने की बातें कर रहा था, वहीं मैहर के शासकीय हाई स्कूल भटिंगवा में इन मासूमों के आत्मसम्मान और स्वास्थ्य के साथ भद्दा मजाक किया गया. गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष भोज के दौरान बच्चों को गरिमापूर्ण तरीके से भोजन कराने के बजाय उन्हें रद्दी कॉपियों और स्कूल की किताबों के फटे पन्नों पर पूड़ी-हलवा परोस दिया गया.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस घटना के वीडियो ने पूरे प्रदेश में आक्रोश पैदा कर दिया है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्कूल के मासूम छात्र-छात्राएं कड़ाके की ठंड के बीच खुले आसमान के नीचे जमीन पर बैठे हैं. उनके सामने न तो भोजन की थाली है और न ही सामान्य तौर पर इस्तेमाल होने वाले पत्तल.

इसके उलट, स्कूल प्रबंधन ने निर्दयिता की सारी हदें पार करते हुए पुरानी रद्दी कॉपियों के पन्नों को फाड़कर फर्श पर बिछा दिया और उसी स्याही वाले कागज पर बच्चों को निवाला दिया गया. मजबूरी और व्यवस्था के बीच दबे ये बच्चे चुपचाप उसी गंदे कागज से खाना उठाकर खाने को विवश नजर आए.

यह मामला केवल कुप्रबंधन का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर बच्चों की जान से खिलवाड़ का है. चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, किताबों या अखबारों में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग स्याही में लेड (सीसा) और अन्य जहरीले रसायन होते हैं. जब गर्म भोजन इन कागजों के संपर्क में आता है, तो यह रसायन पिघलकर खाने में मिल जाते हैं, जो बच्चों के शरीर में पहुंचकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों और पाचन तंत्र की गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं. सवाल यह उठता है कि क्या स्कूल प्रशासन इतना भी जागरूक नहीं था कि वह इन मासूमों को इस खतरे में धकेलने से पहले एक बार सोचता.

NATIOANL : मौत का लाइव डेमो! 26 जनवरी की झांकी में फंदे पर लटकाया ‘जिंदा युवक’, जेल विभाग की करतूत देख सभी रह गए हैरान

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MP Jail Department Republic Day Tableau: मध्य प्रदेश के गुना में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान जेल विभाग की एक ऐसी झांकी सामने आई, जिसने देशभक्ति के उत्सव को ‘खौफ’ और ‘विवाद’ में बदल दिया.

गणतंत्र दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों ने झांकियां निकाली थीं. लेकिन गुना में जेल विभाग की निकाली गई झांकी विवादों में आ गई. परेड ग्राउंड पर इस झांकी में जीवित युवक को फांसी पर लटका कर प्रदर्शन किया गया. जेल में वासुदेव की गोद में कृष्ण भी दिखाई दिए. झांकी के ऊपर एक पंचलाइन भी लिखी गई- ‘कृष्णकाल से मोहनकाल तक जेलें परिवर्तन की ओर.’

अतिउत्साह में लगाई गई इस प्रदर्शनी को देखकर जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी खुद हैरान रह गए. झांकी में जिंदा युवक को फांसी के फंदे पर लटकाकर रखा गया था.यही नहीं, युवक के पास खुद जेलर साहब खड़े होकर अपनी तस्वीर खिंचवा रहे थे. जेल विभाग ने झांकी निकालकर खुद अपनी पीठ थपथपा ली, लेकिन ‘कृष्णकाल से मोहनकाल तक’ की पंचलाइन अब विवादों के घेरे में है.

जेल विभाग चाहता तो जिंदा युवक के स्थान पर पुतले को भी लटका सकता था, लेकिन झांकी में जान डालने के लिए जान लेने की कारिस्तानी को बढ़ावा दिया गया.इस मामले में जेल के आला अधिकारियों से जब सवाल किया गया तो कुछ भी कहने से बचते रहे. ऑफ द कैमरा बताया कि फांसी केवल प्रतीकात्मक दी गई थी. झांकी में पहले से बेहतर होती जेल व्यवस्था को दर्शाया गया था.

झांकी में जीवित युवक को फांसी पर देखकर प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी हैरान रह गए. हालांकि, मंत्री जी ने बात को संभालते हुए सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई देकर मामले से पल्ला झाड़ लिया.

UP : बॉयफ्रेंड और उसके दोस्त से एक साथ बात करती थी 16 साल की लड़की, दोनों ने बुलाकर कर दिया मर्डर

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लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी की प्रेम प्रसंग में साजिश रचकर हत्या कर दी गई. आरोपी अंशू गौतम और उसके साथियों ने किशोरी को बुलाकर चलती गाड़ी में गला घोंट दिया और शव रेलवे ट्रैक पर रखकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की. पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

उत्तर प्रदेश में लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 16 साल की नाबालिग लड़की की बेरहमी से हत्या कर दी गई. 13 जनवरी को घर से लापता हुई किशोरी को अंशू गौतम उर्फ लक्की ने फोन करके मिलने के लिए बुलाया था. परिजनों को बताया गया कि वह नैनीताल घूमने गई है, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा खौफनाक निकली. आरोप है कि अंशू ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर साजिश रचते हुए किशोरी की हत्या कर दी.

पुलिस जांच में सामने आया कि अंशू गौतम किशोरी से प्रेम करता था, लेकिन बाद में उसे शक हुआ कि लड़की उसके दोस्त आशिक यादव से भी बात कर रही है. दोनों दोस्तों ने इसे अपना अपमान मानते हुए किशोरी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. 13 जनवरी की शाम फोन कर उसे बुलाया गया, टाटा सफारी में बैठाया गया और चलती गाड़ी में ही मारपीट के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी गई.

हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के लिए शव को सरोजनी नगर क्षेत्र के रेलवे ट्रैक पर इस तरह रखा कि मामला आत्महत्या लगे. ट्रेन की चपेट में आने से किशोरी का सिर धड़ से अलग हो गया. पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने अपने और मृतका के मोबाइल फोन भी तोड़कर फेंक दिए. पुलिस ने अंशू गौतम को 25 जनवरी और उसके तीन साथी- आशिक यादव, रिशू यादव और वैभव सिंह राजपूत को 26 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

मृतका की मां का आरोप है कि उन्होंने 14 जनवरी को ही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस लगातार कहती रही कि बेटी मिल जाएगी. जब चारों आरोपियों की गिरफ्तारी हुई तो परिजन थाने पहुंचे और फांसी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. महिलाएं हाथ जोड़कर इंसाफ की गुहार लगाती दिखीं. एसएचओ सुरेश सिंह का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की.

ENTERTAINMENT : ‘बड़ा बजट, बड़ा स्केल’, बॉर्डर 2′ के बीच अमीषा पटेल ने ‘गदर 3’ को लेकर दे दिया बड़ा अपडेट, बोलीं- ‘पहले दिन 60 करोड़ के पार…’

इन दिनो सनी देओल अपनी लेटेस्ट रिलीज बॉर्डर 2 से बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रहे हैं. ये फिल्म रिलीज के चार दिनों में भारत में 180 करोड़ कमा चुकी है जबकि वर्ल्डवाइड इसने 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है. वहीं बॉर्डर 2 की धुआंधार परफॉर्मेंस का जश्न मनाते हुए अमीषा पटेल ने अब अपनी सनी संग ब्लॉकबस्टर फ्रैंचाइजी गदर के तीसरे पार्ट को लेकर भी बड़ा हिंट दिया है औ साथ ही गदर 3 के बॉक्स ऑफिस केलक्शन पर भी भविष्यवाणी कर डाली है.

बता दें कि अमीषा पटेल ने रविवार शाम को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक Q&A सेशन होस्ट किया था. इस दौरान उन्होंने फैंस से कई टॉपिक्स पर बात की थी. ‘रेस 2’ में काम करने के अपने वक्त को याद करने से लेकर बॉलीवुड के बदलते ट्रेंड्स के बारे में बात करने तक, एक्ट्रेस ने फैंस द्वारा पूछे गए कई मुद्दों पर बात की. इस बीच कई फैंस ने अमीषा पटेल की बॉलीवुड में वापसी पर एक्साइटमेंट ज़ाहिर की, और कहा कि वे उन्हें बड़े पर्दे पर और देखना चाहते हैं. वहीं एक फैन ने पूछा, “ सभी फैंस गदर 3 का इंतजार कर रहे हैं कब? तारा और सकीना की जोड़ी को कब देखेंगे?

इस सवाल का जवाब देते हुए अमीषा ने लिखा, “मुझ पर भरोसा करें, जब भी फैंस गदर 3 में तारा सकीना को देखेंगे, भगवान की मर्ज़ी से, यह बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा देगी, इस बार जब भी होगा, बिग बजट, बड़ा स्केल पर और बड़ा कंटेंट (थम्ब्स अप इमोजी) पहले दिन 60 करोड़ से ज़्यादा का बड़ा धमाका लोड हो रहा है… अगर और जब भी ऐसा होता है.”

बता दें कि अमीषा पटेल ने कहो ना प्यार है से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. उनके करियर में गदर एक प्रेम कथा और गदर 2 खास पहचान रखती हैं. गदर फ्रैंचाइजी में अमीषा ने सकीना और सनी देओल ने तारा का लीड रोल प्ले किया था. ये किरदार दर्शकों के फेवरेट हैं.बता दें कि ‘गदर एक प्रेम कथा’ साल 2001 में आई थी और इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड 132 करोड़ की कमाई की थी. वहीं साल 2023 में आई इसकी सीक्वल ‘गदर 2’ ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 691 करोड़ का कलेक्शन किया था.

SPORTS : बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप विवाद पर BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने पाकिस्तान पर लगाया गंभीर आरोप, जानिए क्या कहा

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश के बाहर होने के बाद विवाद गहराता जा रहा है. बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने पाकिस्तान पर बांग्लादेश को उकसाने का गंभीर आरोप भी लगाया है.ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश के बाहर होने के बाद विवाद और गहराता जा रहा है. अब इस पूरे मामले पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने साफ कहा है कि भारत ने बांग्लादेश टीम को पूरी सुरक्षा का भरोसा दिया था, लेकिन आखिरी समय में पूरे टूर्नामेंट का शेड्यूल बदलना संभव नहीं था. इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं.

राजीव शुक्ला ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले में बेवजह कूद रहा है और खुद को बांग्लादेश का “हमदर्द” बताकर उसे गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने ANI से बातचीत में कहा, “पाकिस्तान इस पूरे मुद्दे में अनावश्यक रूप से घुसा हुआ है. वह बांग्लादेश को उकसा रहा है. पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान का बांग्लादेश के साथ इतिहास कैसा रहा है. अब वही पाकिस्तान सहानुभूति दिखाने का नाटक कर रहा है.”

BCCI उपाध्यक्ष ने साफ किया कि भारत चाहता था कि बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप खेले. उन्होंने कहा, “हमने बांग्लादेश को पूरी सुरक्षा देने का भरोसा दिया था, लेकिन जब उन्होंने खुद ही खेलने से इनकार कर दिया, तो आखिरी समय में पूरे टूर्नामेंट का शेड्यूल बदलना बहुत मुश्किल हो गया. इसी वजह से स्कॉटलैंड को शामिल करना पड़ा.”आईसीसी ने 24 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर ऐलान किया था कि बांग्लादेश की जगह अब स्कॉटलैंड टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलेगा. यह फैसला बांग्लादेश सरकार द्वारा टीम को भारत भेजने की अनुमति न देने के बाद लिया गया.

आईसीसी ने इस मुद्दे पर तीन हफ्तों से ज्यादा समय तक बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) से बातचीत की थी. वीडियो कॉन्फ्रेंस और आमने-सामने बैठकों के जरिए सुरक्षा को लेकर उठाई गई चिंताओं पर चर्चा भी हुई. आईसीसी ने स्वतंत्र सुरक्षा एजेंसियों से भी रिपोर्ट मंगवाई और केंद्र व राज्य स्तर पर सुरक्षा इंतजामों की पूरी जानकारी साझा की.

इन सभी आकलनों में यह निष्कर्ष निकला कि भारत में बांग्लादेश टीम, उसके अधिकारियों और समर्थकों के लिए कोई ठोस या विश्वसनीय सुरक्षा खतरा नहीं है. इसके बावजूद आईसीसी ने टूर्नामेंट की निष्पक्षता और तय शेड्यूल को बनाए रखने को प्राथमिकता दी.

आईसीसी ने बीसीबी को 24 घंटे का समय दिया था कि वह साफ बताए कि टीम टूर्नामेंट खेलेगी या नहीं. तय समय सीमा में कोई जवाब न मिलने के बाद आईसीसी ने नियमों के तहत स्कॉटलैंड को रिप्लेसमेंट टीम के रूप में शामिल कर लिया. स्कॉटलैंड इस समय टी20आई रैंकिंग में 14वें नंबर पर है और कई क्वालीफाइड टीमों से ऊपर है.

NATIONAL : सनकी आशिक का खूनी खेल, प्रेमिका के घर में घुसकर मां-भाई पर चाकू से हमला, खुद सोफे पर बैठा रहा

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इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक युवक ने प्रेमिका के घर में घुसकर उसके परिजनों पर चाकू से वार किया. हमले में युवती के भाई की मौत हो गई, मां गंभीर रूप से घायल है और आरोपी हिरासत में है.इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. 60 फीट रोड इलाके में 26 जनवरी की रात उस समय सनसनी फैल गई, जब एक युवक ने घर में घुसकर प्रेमिका के परिजनों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. इस हमले में युवती के भाई की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि युवती की मां गंभीर रूप से घायल है.

मृतक की पहचान वेदांश लुनावत के रूप में हुई है. वहीं युवती की मां अनीता लुनावत को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की जानकारी मिलते ही एरोड्रम थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि आरोपी वेदांत खुद को चाकू से घायल कर हाथ में चाकू लिए बैठा है. करीब एक घंटे की समझाइश देने के बाद उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए भेजा गया, जिसका वीडियो भी बनाया गया है.

मौके पर पहुंचे डीसीपी लालकृष्ण चंदानी के अनुसार आरोपी वेदांत सोलंकी अपनी दोस्त विधि लुनावत के साथ करीब एक साल से लिव-इन में रह रहा था, जिससे नाराज विधि के परिवारजनों ने विधि को समझाइश देकर अपने साथ घर ले गए थे. इससे नाराज आरोपी वेदांत सोमवार रात करीब 10 बजे विधि के घर पहुंचा, जहां बातचीत के दौरान कहासुनी हुई, जिसके बाद उसने चाकू से विधि की मां और भाई पर हमला कर दिया.

उन्होंने बताया कि हमले में वेदांश को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तुरंत अरविंदो अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपी ने खुद को भी चाकू मार लिया. उसे भी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. विधि के परिवारजनों ने इसकी शिकायत एक दिन पहले थाने आकर दी थी. आरोपी वेदांत द्वारा एक राजीनामा भी दिया गया था, जिसमें लिखा था कि वह लड़की को परेशान नहीं करेगा. बावजूद इसके उसने घटना को अंजाम दिया.

बता दें कि आरोपी वेदांत सोलंकी इंदौर के बिजासन रोड इलाके का निवासी है. उसके माता-पिता नहीं हैं और वह चाचा-चाची के साथ रहता था. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.

BUSINESS : कैफे में अब नहीं कर पाएंगे मीटिंग! 1 घंटे से ज्यादा समय पर लगेगा 1000 रु. प्रति घंटे एक्स्ट्रा चार्ज, नोटिस वायरल

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एक यूजर शोभित बकलीवाल द्वारा रेस्टुरेंट के नोटिस की तस्वीर पोस्ट किए जाने के बाद कुछ ही मिनटों में हजारों व्यूज और प्रतिक्रियाएं आने लगीं. कई लोग इस कदम को ग्राहकों के प्रति कठोर बताते हुए नाराज़गी जता रहे हैं.बेंगलुरु के कैफे और रेस्टुरेंट्स में लंबे समय तक बैठकर मीटिंग करने या दोस्तों के साथ घंटों बातचीत करने की आदत अब विवाद का कारण बन गई है. आईटी और स्टार्टअप हब माने जाने वाले इस शहर में कैफे अक्सर अनौपचारिक ऑफिस या मीटिंग स्पेस के तौर पर इस्तेमाल किए जाते हैं, जहां लोग एक कप कॉफी के साथ लैपटॉप खोलकर घंटों बैठे रहते हैं.

इसी वजह से कई रेस्टुरेंट मालिकों को नुकसान झेलना पड़ता है, क्योंकि उनकी टेबल लंबे समय तक भरी रहती हैं, लेकिन ऑर्डर कम होते हैं या धीरे-धीरे दिए जाते हैं, जिससे नए ग्राहकों को जगह नहीं मिल पाती और वे वापस लौट जाते हैं. इस समस्या से निपटने के लिए कुछ लोकल रेस्टुरेंट्स ने नियम लागू किया है कि एक घंटे से ज्यादा बैठने पर ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा.

इस फैसले की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई. बेंगलुरु के एक रेस्टुरेंट की दीवार पर लगे नोटिस में साफ लिखा था कि मीटिंग की अनुमति नहीं है और यदि कोई ग्राहक एक घंटे से अधिक समय तक बैठता है, तो उससे प्रति घंटे 1000 रुपये अतिरिक्त चार्ज लिया जाएगा. इस नोटिस की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट होते ही हजारों लोग इस पर प्रतिक्रिया देने लगे.

    कई यूजर्स ने इसे ग्राहकों के साथ अन्याय बताते हुए नाराज़गी जताई और कहा कि कैफे हमेशा से बातचीत और मीटिंग्स के लिए सामाजिक स्थान रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, कई लोगों ने रेस्टुरेंट मालिकों का समर्थन करते हुए कहा कि बिना पर्याप्त ऑर्डर किए घंटों टेबल घेरकर बैठना गलत है और इससे छोटे व्यवसायों को आर्थिक नुकसान होता है.

    कुल मिलाकर, यह मामला सिर्फ एक रेस्टुरेंट के नियम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलते शहरी जीवन, वर्क-फ्रॉम-कैफे कल्चर और बिज़नेस के व्यावहारिक पक्ष के बीच टकराव को दर्शाता है. एक तरफ ग्राहक कैफे को आरामदायक और खुली जगह मानते हैं, तो दूसरी तरफ रेस्टुरेंट मालिकों के लिए हर टेबल की एक आर्थिक कीमत होती है. यही वजह है कि यह फैसला लोगों को दो हिस्सों में बांट रहा है और कैफे संस्कृति को लेकर एक नई बहस को जन्म दे रहा है.

    NATIONAL : टीना डाबी का ध्वजारोहण कर उल्टी दिशा में सलामी लेने का वीडियो वायरल, खुद बताई इसकी सच्चाई

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    बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी गणतंत्र दिवस के दौरान ध्वजारोहण से जुड़े एक वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। ध्वजारोहरण के बाद वह उल्टी दिशा में खड़ी होकर सलामी लेने लगी. तभी उनकी सुरक्षा में तैनात जवान ने इशारा किया. इसके तुरंत बाद वह सही दिशा में खड़ी हो गई. इसके बाद उन्होंने आजतक से इस वीडियो पर अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि आखिर ऐसी गलती कैसे हो गई थी.

    राजस्थान के बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी एक बार फिर सोशल मीडिया की सुर्खियों में हैं. इस बार वजह कोई प्रशासनिक फैसला, सरकारी अभियान या सम्मान नहीं, बल्कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराने से जुड़ा एक वीडियो है. जिसमें सलामी के दौरान कुछ पलों के लिए जिला कलेक्टर की दिशा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.

    गणतंत्र दिवस की सुबह की शुरुआत बाड़मेर में अन्य जिलों की तरह ही राष्ट्रभक्ति और गरिमा के साथ हुई. जिला कलेक्टर टीना डाबी ने सबसे पहले अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इसके बाद वह तय कार्यक्रम के अनुसार जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर पहुंचीं, जहां अधिकारी, कर्मचारी और स्कूली छात्राएं पहले से मौजूद थीं. पूरा परिसर राष्ट्रगान की तैयारी में अनुशासित और उत्सवपूर्ण माहौल में था. इसी दौरान जब तिरंगा फहराया गया और सलामी दी जा रही थी, तब कुछ क्षणों के लिए जिला कलेक्टर टीना डाबी विपरीत दिशा में खड़ी नजर आईं. हालांकि, यह स्थिति अधिक देर तक नहीं रही. मौके पर उनकी सुरक्षा में तैनात जवान के इशारे के बाद उन्होंने तुरंत अपनी दिशा ठीक कर ली और कार्यक्रम आगे बढ़ता रहा. उस समय वहां मौजूद अधिकांश लोगों ने इसे सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा मानते हुए कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी.

    लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, तो तस्वीर पूरी तरह बदल गई. कुछ ही घंटों में यह वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो के साथ तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं.

    यह पहला मौका नहीं है जब बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र में आई हों. इससे पहले भी उनके कार्यकाल से जुड़े कई मुद्दे ऑनलाइन बहस का विषय बन चुके हैं. ‘नवो बाड़मेर अभियान’ के जरिए जिले में विकास और बदलाव की कोशिशों को लेकर जहां उन्हें सराहना मिली, वहीं कुछ फैसलों पर उन्हें आलोचना और ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा. राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद भी सोशल मीडिया पर उनके नाम को लेकर बहसें थमी नहीं थीं. टीना डाबी उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं, जिनकी पहचान केवल प्रशासनिक पद तक सीमित नहीं रही है. यूपीएससी क्रैक करने से लेकर फील्ड में सक्रिय भूमिका निभाने तक, उनका सफर लगातार सार्वजनिक नजरों में रहा है. ऐसे में उनका हर कदम, हर फैसला और कभी-कभी हर छोटा दृश्य भी सोशल मीडिया की कसौटी पर कस दिया जाता है.

    इस ताजा विवाद के बीच जिला कलेक्टर टीना डाबी ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण के दौरान उनके दोनों ओर कर्मचारी खड़े थे. उन्हें देखते हुए वह स्वाभाविक रूप से थोड़ी तिरछी खड़ी हो गई थीं. हालांकि, अगले ही पल उन्होंने घूमकर अपनी दिशा ठीक कर ली. उन्होंने इसे एक सामान्य स्थिति बताते हुए कहा कि इसमें किसी तरह की असावधानी या अनादर का सवाल ही नहीं उठता.

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