Saturday, June 27, 2026
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NATIONAL : ऑल वेदर तकनीक से लैस होगी जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन:30 अप्रैल से चलेगी, 6 घंटे में पूरा करेगी सफर; पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

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वंदे भारत ट्रेन में पहली बार ऐसी विंटराइजेशन (शीतकालीन) तकनीक का उपयोग किया गया है जो इसे माइनस डिग्री तापमान में भी सुचारू रूप से चलाने में सक्षम बनाएगी। -वंदे भारत ट्रेन में पहली बार ऐसी विंटराइजेशन (शीतकालीन) तकनीक का उपयोग किया गया है जो इसे माइनस डिग्री तापमान में भी सुचारू रूप से चलाने में सक्षम बनाएगी।

रेलवे ने जम्मू-कश्मीर के बर्फीले और ठंडे मौसम के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई वंदे भारत ट्रेन लॉन्च की है, जो 30 अप्रैल से जम्मू से श्रीनगर तक चलेगी। यह महज 6 घंटे में यह सुहाना सफर पूरा करेगी।

विशेष वंदे भारत ट्रेन में सिग्नेचर सेमी-हाई-स्पीड बरकरार रहेगी। इसमें पहली बार ऐसी विंटराइजेशन (शीतकालीन) तकनीक का उपयोग किया गया है जो इसे माइनस डिग्री तापमान में भी सुचारू रूप से चलाने में सक्षम बनाएगी। ट्रेन का जम्मू से श्रीनगर के लिए ट्रायल किया गया, जो 6 घंटे में श्रीनगर पहुंची।

नई वंदे भारत ट्रेन कई विशेषताओं से पूर्ण है-

ट्रेन में अत्याधुनिक हीटिंग सिस्टम

जम्मू-कश्मीर के बर्फीले मौसम को देखते हुए ट्रेन में कई अत्याधुनिक हीटिंग सिस्टम लगाए गए हैं। पहली बार पानी की पाइपलाइनों को जमने से बचाने के लिए सेल्फ-रेगुलेटिंग हीटिंग केबल का उपयोग किया गया है। ये केबल बाहरी तापमान के अनुसार अपनी गर्मी को घटा या बढ़ा सकती है।

पानी के टैंकों में 1800 वोल्ट के सिलिकॉन हीटिंग पैड लगाए गए हैं। साथ ही, बायो-टैंकों और सहायक टैंकों में भी विशेष हीटिंग व्यवस्था की गई है ताकि स्वच्छता प्रणाली प्रभावित न हो।

यात्रियों की सुविधा के लिए मुख्य एयर कंडीशनिंग यूनिट से विशेष डक्ट्स के जरिए शौचालयों तक गर्म हवा पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। भारतीय शैली के शौचालयों में हीटर और थर्मल इंसुलेशन लगाया गया है ताकि वैक्यूम निकासी प्रणाली काम करती रहे।

सीसीटीवी कैमरों से लैस है एसी 20 कोच वाली ट्रेन

इस ट्रेन की गति 160 किमी प्रति घंटे की होगी। पूरी तरह से एयरकंडीशन 20 कोच वाली ट्रेन स्वचालित प्लग दरवाजे और एलईडी लाइटिंग से लैस होगी। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और ऊर्जा बचाने वाली पुनर्योजी ब्रेकिंग प्रणाली लगी है।

जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल का कहना है कि जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में इस विशेष वंदे भारत का संचालन पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की मांग को ध्यान में रखकर की गई है। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा प्रदान करना है।

WORLD : ‘ट्रंप पर तो गोली चलनी थी, भारत में भी ऐसा ही माहौल’, महाराष्ट्र से कांग्रेस विधायक का विवादित बयान

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के डिनर में हुई गोलीबारी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को निशाने पर लिया। कांग्रेस नेता ने कहा कि उनके शासन करने के तरीके को देखते हुए ये होना ही था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इसकी तुलना भारत से भी की। कांग्रेस के पांच बार के विधायक वडेट्टीवार ने कहा, “ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर अपना दबदबा बनाने और दूसरे देशों को अस्थिर करने की कोशिश की। जैसी करनी, वैसी भरनी… चूंकि चीजें वैसी नहीं हुईं जैसी उन्होंने उम्मीद की थी, इसलिए ऐसा होना ही था।”

उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप के फैसलों से अमेरिका को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि भारत में भी लोगों का मिजाज कुछ अलग नहीं है। हालांकि, वडेट्टीवार ने किसी नेता या संवैधानिक पद का नाम लेने से परहेज किया।

उन्होंने कहा, “चूंकि यहां लोग सड़कों पर नहीं उतर रहे हैं, इसलिए यह भ्रम बना हुआ है कि सब कुछ ठीक है। लेकिन लोगों की भावना अभी भी वही है कि भारत को नुकसान पहुंचा है।”

वडेट्टीवार ने कहा कि गोलीबारी की घटना अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्होंने कहा, “इतने ऊंचे पद पर आसीन किसी व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था। लेकिन जनता की प्रतिक्रिया अक्सर नेतृत्व के स्वरूप को दर्शाती है।”

NATIOANL : PM मोदी की रैली से पहले जगद्दल में भारी हिंसा, BJP-TMC के समर्थक आपस में भिड़े; बमबाजी में 3 घायल

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पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में प्रधानमंत्री मोदी की रैली से पहले भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच हिंसक झड़प हुई। जगद्दल में हुई इस हिंसा में पत्थरबाजी, बमबाजी और फायरिंग हुई। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी है।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में रविवार रात को भारी हिंसा भड़क गई। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को होने वाली जनसभा से कुछ घंटे पहले हुई। मामले में जगद्दल पुलिस स्टेशन के सामने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थक आपस में भिड़ गए। इस संघर्ष में पत्थरबाजी, बमबाजी और फायरिंग की खबरें सामने आई हैं।

हिंसा की शुरुआत प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए राजनीतिक झंडों और पोस्टरों को फाड़ने से हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने जगद्दल इलाके में उनके प्रचार सामग्री का अपमान किया। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक पुलिस स्टेशन के सामने जमा हो गए। वहां उनके बीच तीखी बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय पुलिस इस स्थिति को संभालने में काफी मशक्कत करती दिखी।

इस संघर्ष के दौरान भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और विधायक पवन सिंह के आवास पर बम फेंके गए। विधायक के घर पर हुए इस हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। इस धमाके में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह ने कहा कि यह विवाद पिछले दिन एक नुक्कड़ सभा के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में टीएमसी के लोगों ने भाजपा के कार्यक्रमों में बाधा डाली। पवन सिंह के मुताबिक, जब वे पुलिस स्टेशन से शिकायत करके घर लौट रहे थे, तब उन पर पत्थरों और बमों से हमला किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान हुई फायरिंग में एक सीआईएसएफ (CISF) जवान के बाएं पैर में गोली लग गई।

दूसरी ओर, भाटपारा से टीएमसी उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विवाद अचला बागान वार्ड में शुरू हुआ था। उनके मुताबिक, टीएमसी कार्यकर्ता शांति से झंडे लगा रहे थे, तभी गुड्डू और पिंटू सिंह नाम के व्यक्तियों ने उनके कार्यकर्ता बिट्टू के साथ मारपीट की और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि जब वे शिकायत करने पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर स्टेशन के अंदर ही टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।

प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं। जगद्दल और भाटपारा इलाकों में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है ताकि हिंसा और न बढ़े। पुलिस ने बमबाजी और झड़पों के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगा रही हैं।

NAGPUR : बाबा बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री ने शिवाजी महाराज पर दिए बयान पर मांगी माफी, कहा- मेरे खिलाफ हुई साजिश

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महाराष्ट्र में विरोध के बीच बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज पर अपनी टिप्पणी को लेकर गहरा खेद जताते हुए कहा कि उनके बयान को सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान शास्त्री के छत्रपति शिवाजी महाराज के बयान पर विवाद खड़ा हो गया था।

नागपुर : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर बाबा) ने माफी मांगी है। नागपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर विवाद पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि विवाद और मीडिया का ध्यान उनके भाग्य का हिस्सा बन गया है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि नागपुर में जब भी हम आते हैं, कुछ न कुछ हो ही जाता है। पिछली बार हमने कुछ नहीं कहा था, फिर भी विवाद खड़ा हो गया। इस बार हमने सम्मान के बारे में सकारात्मक बातें कीं कि छत्रपति शिवाजी महाराज कितने संत-तुल्य और समर्पित थे, लेकिन उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया।

नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि शिवाजी महाराज युद्ध से थककर अपनी जिम्मेदारियां छोड़ना चाहते थे। वह अपने ‘गुरु’ समर्थ रामदास के पास मुकुट लेकर पहुंचे थे। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि शिवाजी महाराज के बारे में उनकी बातों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन पर शिवाजी महाराज का अपमान करने के आरोप से उन्हें पीड़ा हुई है। उन्होंने कहा कि वह शिवाजी का अपमान करना तो दूर, सपने में भी किसी को छत्रपति शिवाजी महाराज की आलोचना करते नहीं देख सकते। उन्होंने कहा कि ‘हिंदू राष्ट्र’ का उनका संकल्प ‘हिंदवी स्वराज’ की अवधारणा से प्रेरित है।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वह छत्रपति शिवाजी महाराज की संतों, महंतों और देवी तुलजाभवानी के प्रति श्रद्धा को रेखांकित करना चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि समर्थ रामदास ने शिवाजी महाराज द्वारा दिए गए मुकुट को वापस उनके सिर पर रखकर उन्हें शासन जारी रखने की सलाह दी थी। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कुछ लोग लगातार सनातन और संतों का विरोध करते रहे हैं। उनका मकसद संतों और महंत को नीचा दिखाना है। उन्होंने कहा कि यह भी संभव है कि इसके पीछे कोई साजिश हो, क्योंकि जो कोई पूरा बयान सुनेगा और सही अर्थ समझेगा, वह इसे गलत नहीं मानेगा।

हमने कुछ भी अनुचित नहीं कहा। हमने सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से बात की थी। इसके बावजूद हमने खेद व्यक्त किया और माफी भी मांगी है। कुछ लोगों ने मेरी बातों को गलत तरीके से पेश किया। यदि मेरी बातों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं इसके लिए बेहद क्षमाप्रार्थी हूं। मैं चाहता हूं कि मेरे बयान को गलत ढंग से प्रस्तुत न किया जाए, क्योंकि मैं शिवाजी महाराज के लिए जीता और मरता हूं।

बाबा बागेश्वर धाम ने आस्था और अंधविश्वास के बीच के अंतर पर भी विस्तार से बात की। कहा कि आस्था और अंधविश्वास के बीच बहुत बारीक लकीर होती है। समझ पर आधारित विश्वास ही आस्था है, जबकि बिना समझ के किया गया विश्वास अंधविश्वास है। हम कभी यह नहीं कहते कि लोग हमारी पूजा करें। हर सभा और प्रवचन में हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि हम लोगों को खुद से जोड़ने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें भगवान बालाजी हनुमान से जोड़ने के लिए हैं।

छत्रपति शिवाजी महाराज पर दिए गए बयान के संदर्भ को स्पष्ट करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि संदर्भ बिल्कुल अलग था। हम एक शिष्य की अपने गुरु के प्रति भक्ति के बारे में बात कर रहे थे। ठीक वैसे ही जैसे महाभारत में अर्जुन ने भगवान कृष्ण से कहा कि वह अपने ही लोगों से युद्ध नहीं करेंगे, तब कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया। हमने संतों और महान विभूतियों से सुना है कि छत्रपति शिवाजी महाराज की संतों के प्रति अगाध श्रद्धा और अपने गुरु समर्थ रामदास स्वामी के प्रति गहरी निष्ठा थी। हमने यह बात किसी का अपमान करने के लिए नहीं कही थी। हमारा उद्देश्य केवल उनकी महानता को उजागर करना था कि वे संतों के प्रति कितने गहरे रूप से समर्पित थे, लेकिन एक छोटा सा अंश संदर्भ से काटकर फैला दिया गया।

NATIONAL : भारत-न्यूजीलैंड के बीच सोमवार को होगा FTA साइन, व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

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भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच 27 अप्रैल को होने वाला FTA समझौता व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खोलते हुए दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को मजबूत करेगा।भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद दोनों देश 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करना है।

यह समझौता पिछले साल 22 दिसंबर को बातचीत पूरी होने के करीब चार महीने बाद साइन किया जा रहा है। इस मौके पर भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के ट्रेड और इन्वेस्टमेंट मंत्री टॉड मैक्ले मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का आयोजन भारत मंडपम में किया जाएगा।

इस समझौते से भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजार में बिना शुल्क के पहुंच मिलेगी। साथ ही अगले 15 साल में करीब 20 अरब डॉलर का निवेश आने की उम्मीद है। भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार वीजा की सुविधा भी बढ़ेगी। इसके अलावा दवाइयों और मेडिकल डिवाइस के निर्यात को भी आसान बनाया जाएगा।

दूसरी तरफ न्यूजीलैंड के करीब 95 प्रतिशत उत्पादों पर भारत टैरिफ कम या खत्म करेगा। इनमें ऊन, कोयला, लकड़ी, वाइन, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे सामान शामिल हैं। हालांकि भारत ने अपने किसानों और घरेलू उद्योग को ध्यान में रखते हुए डेयरी, प्याज, चीनी, मसाले, खाद्य तेल और रबर जैसे उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा है।

इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में करीब 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। यह निवेश मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवाओं, इनोवेशन और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा।

दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में आपसी व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक हालात और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है। इससे भारत को ओशिनिया क्षेत्र में अपने निर्यात को बढ़ाने का मौका मिलेगा। इससे पहले भारत ऑस्ट्रेलिया के साथ भी इसी तरह का समझौता कर चुका है।

समझौते के तहत न्यूजीलैंड को कई उत्पादों पर शुल्क में राहत मिलेगी। इसमें कीवी फल और सेब के लिए कोटा आधारित टैरिफ कटौती शामिल है। इसके अलावा भेड़ का मांस, ऊन, कोयला और लकड़ी से जुड़े 95 प्रतिशत से ज्यादा उत्पादों को भारत में शुल्क मुक्त प्रवेश मिलेगा।

कुछ अन्य उत्पादों जैसे वाइन, समुद्री खाद्य पदार्थ, चेरी, एवोकाडो, पर्सिमन, बल्क इंफेंट फॉर्मूला, मनुका शहद और मिल्क एल्ब्यूमिन पर भी शुल्क में छूट दी जाएगी।

हालांकि भारत ने अपने किसानों और छोटे उद्योगों के हितों को ध्यान में रखते हुए डेयरी सेक्टर को इस समझौते से बाहर रखा है। दूध, क्रीम, व्हे, दही और पनीर जैसे उत्पादों पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।

इसके अलावा कुछ अन्य संवेदनशील उत्पादों को भी इस समझौते में शामिल नहीं किया गया है। इनमें प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, चीनी, कृत्रिम शहद, तेल, हथियार, रत्न और आभूषण, तांबा और एल्युमिनियम जैसे उत्पाद शामिल हैं।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए नए समझौते से सेवाओं, कृषि और व्यापार के कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड भारतीय पेशेवरों के लिए हर साल 5,000 वीजा का एक विशेष रास्ता खोलेगा। इन वीजा के जरिए लोग अधिकतम तीन साल तक वहां काम कर सकेंगे।

इस योजना में आयुष विशेषज्ञ, योग प्रशिक्षक, भारतीय शेफ और संगीत शिक्षक जैसे पारंपरिक पेशों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, शिक्षा और निर्माण जैसे क्षेत्रों के पेशेवरों को भी अवसर मिलेगा। इससे दोनों देशों के बीच रोजगार और सेवाओं का आदान-प्रदान मजबूत होगा।

कृषि क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। न्यूजीलैंड की ओर से कीवी, सेब और शहद को लेकर एक विशेष एग्री-टेक एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। इसका मकसद भारतीय किसानों को बेहतर तकनीक, अच्छी पौध सामग्री और प्रशिक्षण देकर उनकी उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाना है। इसके साथ ही फसल के बाद की प्रक्रिया, सप्लाई चेन और खाद्य सुरक्षा को भी बेहतर बनाया जाएगा।

समझौते में भौगोलिक संकेत यानी जीआई उत्पादों को लेकर भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। न्यूजीलैंड ने अपने कानून में बदलाव कर भारतीय वाइन और स्पिरिट्स के पंजीकरण को आसान बनाने का भरोसा दिया है।

व्यापार को आसान बनाने के लिए गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने पर भी सहमति बनी है। इसमें कस्टम प्रक्रिया को सरल करना, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े नियमों में सहयोग बढ़ाना और तकनीकी मानकों को बेहतर बनाना शामिल है।

फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी इस समझौते से फायदा मिलेगा। न्यूजीलैंड अब अमेरिका, यूरोप और ब्रिटेन जैसे देशों के मानकों को मान्यता देगा, जिससे भारतीय दवाओं और उपकरणों को वहां तेजी से मंजूरी मिल सकेगी। इससे भारतीय कंपनियों के लिए बाजार के नए रास्ते खुलेंगे।

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से दवा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। इस समझौते के बाद एक ही तरह की जांच बार-बार नहीं करनी पड़ेगी, जिससे कंपनियों का खर्च कम होगा और उत्पादों को मंजूरी जल्दी मिल सकेगी। इससे भारत से न्यूज़ीलैंड को दवाओं और मेडिकल उपकरणों का निर्यात बढ़ने की संभावना है।

सरकार अब तक कई देशों के साथ ऐसे समझौते कर चुकी है। यूएई के साथ मई 2022 में, ऑस्ट्रेलिया के साथ दिसंबर 2022 में और ब्रिटेन के साथ जुलाई 2025 में समझौता हुआ। इसके अलावा ईएफटीए समूह के साथ अक्टूबर 2025 में, ओमान के साथ दिसंबर 2025 में और यूरोपीय संघ के साथ जनवरी 2026 में बातचीत पूरी होने की घोषणा की गई। मॉरीशस के साथ समझौता अप्रैल 2021 से लागू है।

भारत ने अब तक फाइव आईज समूह के तीन देशों ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और न्यूज़ीलैंड के साथ व्यापार समझौते पूरे कर लिए हैं। इस समूह में अमेरिका और कनाडा भी शामिल हैं, जिनके साथ भारत की बातचीत अभी जारी है।

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच व्यापार की बात करें तो 2024-25 में दोनों देशों के बीच सामान का व्यापार करीब 1.3 अरब डॉलर रहा। वहीं 2024 में कुल व्यापार, जिसमें सेवाएं भी शामिल हैं, लगभग 2.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया। सेवाओं के क्षेत्र में यात्रा, आईटी और बिजनेस सेवाओं का सबसे ज्यादा योगदान रहा।

NATIONAL : पीएम मोदी का आज सिक्किम दौरा, खास समारोह में होंगे शामिल, देंगे 4000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की सौगात

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पीएम के दौरे के कार्यक्रम के अनुसार, पीएम मोदी दोपहर करीब 3 बजे गंगटोक पहुंचेंगे और लिबिंग हेलीपैड पर उतरने के तुरंत बाद लोक भवन तक रोड शो करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो दिवसीय दौरे पर सिक्किम पहुंचेंगे, जहां वे रोड शो करेंगे और राज्य स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के समापन समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान वह 4,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए राज्य की राजधानी और आसपास के इलाकों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

पीएम के दौरे के कार्यक्रम के अनुसार, पीएम मोदी दोपहर करीब 3 बजे गंगटोक पहुंचेंगे और लिबिंग हेलीपैड पर उतरने के तुरंत बाद लोक भवन तक रोड शो करेंगे। प्रधानमंत्री अगले दिन गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा करेंगे। राज्य की पारिस्थितिक और पुष्प विरासत को प्रदर्शित करने के लिए, सिक्किम राज्य स्थापना की स्वर्ण जयंती पर एक विश्व स्तरीय ऑर्किड अनुभव केंद्र के रूप में “स्वर्णजयंती मैत्री मंजरी पार्क” विकसित किया गया है।

पालजोर स्टेडियम में सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस के समापन समारोह में भाग लेते हुए, वे राज्य भर में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि सहित कई क्षेत्रों को कवर करती हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

पिछले वर्ष पालजोर स्टेडियम में सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस के वर्षभर चलने वाले समारोह के उद्घाटन समारोह में मोदी को उपस्थित होना था, लेकिन खराब मौसम के कारण वे कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच सके। हालांकि, उन्होंने पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभा को संबोधित किया था।

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NATIONAL : बंगाल में PM बोले- भाजपा की जीत तय:TMC सरकार में मां-माटी और मानुष का सम्मान नहीं; कोलकाता में काली मंदिर गए, रोड शो किया

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PM नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के बनगांव और हुगली के हरिपाल में रैली की। उन्होंने बनगांव में कहा, ‘पहले फेज के मतदान में TMC का घमंड टूट चुका है। दूसरे चरण में भाजपा की जीत तय होती दिख रही है।

PM ने कहा, ‘15 साल पहले TMC ‘मां, माटी, मानुष’ का नारा देकर सत्ता में आई थी, आज वे इन शब्दों को बोल भी नहीं पाते। अगर बोलेंगे, तो इनके पाप सामने आ जाएंगे। TMC के राज में मां-माटी और मानुष का सम्मान नहीं है।’

प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता के एतिहासिक 300 साल पुराने थंथनिया कालीबाड़ी मंदिर में मां सिद्धेश्वरी काली के दर्शन किए। यह मंदिर कोलकाता के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। इसके बाद उन्होंने रोड शो किया।

RASHIFAL : आज का राशिफल

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मेष
आज का दिन आपके लिए ऊर्जा और जोश से भरपूर रहेगा। आप नए कामों की शुरुआत करने के लिए प्रेरित होंगे और आपके प्रयासों से सफलता के संकेत भी मिलेंगे। कार्यस्थल पर आपकी नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति लोगों को प्रभावित करेगी। परिवार में माहौल सुखद रहेगा और पुरानी गलतफहमियाँ दूर हो सकती हैं। स्वास्थ्य मजबूत रहेगा, लेकिन अनावश्यक तनाव से बचें।

वृषभ
आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतना आवश्यक है। कोई बड़ा निर्णय लेने की जल्दी न करें, क्योंकि जल्दबाज़ी में उठाया गया कदम नुकसान पहुँचा सकता है। परिवार में किसी वरिष्ठ सदस्य की सलाह उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यक्षेत्र में गति धीमी रहेगी, लेकिन स्थिरता बनी रहेगी। रिश्तों में मिठास बढ़ेगी, और शाम का समय शांति प्रदान करेगा। सेहत सामान्य रहेगी, पर आहार संतुलित रखें।

मिथुन
आज आपकी बातचीत और तर्कशक्ति आपको कई नए अवसर दिला सकती है। आप अपनी बातों से लोगों को प्रभावित करेंगे और कोई महत्वपूर्ण व्यक्ति आपसे जुड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रगति के संकेत हैं, और नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। मानसिक रूप से आप सक्रिय रहेंगे, लेकिन अत्यधिक सोच के कारण हल्का तनाव संभव है। यात्रा लाभदायक हो सकती है।कर्क
आज आप भावनात्मक रूप से थोड़ा संवेदनशील महसूस कर सकते हैं, लेकिन परिवार की गर्माहट और सहयोग आपकी ताकत बनेगा। पुराने विवादों में सुधार और रिश्तों में मधुरता की संभावना है। कार्यक्षेत्र में स्थिरता रहेगी और कोई नया विचार आपको सफलता के मार्ग पर ले जा सकता है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और आप मानसिक रूप से हल्का महसूस करेंगे। दिन के अंत में शांति मिलेगी।

सिंह
आज आपका आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल अपने चरम पर रहेगा। आप कार्यस्थल पर महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे, जिनका सकारात्मक परिणाम मिलेगा। किसी नए प्रोजेक्ट या जिम्मेदारी का भार आप पर आ सकता है, जिससे आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। परिवार में खुशी का माहौल बनेगा। सेहत अच्छी रहेगी, बस अत्यधिक काम से बचें।

कन्या
आज आपके विश्लेषण और निर्णय लेने की क्षमता शानदार रहेगी। अटके हुए काम पूरे होने के योग हैं, और पुराने प्रोजेक्ट्स में भी गति आएगी। आर्थिक मामलों में लाभ मिलने की संभावना है। परिवार के साथ समय बिताने से मन को शांति मिलेगी। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें, खासकर पेट से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें। दिन सकारात्मक रहेगा।

तुला
आज काम और परिवार के बीच अच्छा संतुलन बनाना आपके लिए जरूरी होगा। खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन निवेश के अवसर भी मिल सकते हैं। रिश्तों में मधुर संवाद की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में कोई नया अवसर आपके सामने आ सकता है, लेकिन उसे समझदारी से पकड़ना होगा। स्वास्थ्य में हल्की थकान संभव है, इसलिए आराम जरूरी है।

वृश्चिक
आज आपकी गहरी सोच और विश्लेषणात्मक क्षमता किसी महत्वपूर्ण समस्या का समाधान दे सकती है। धनलाभ के अवसर मिलेंगे, और कार्यक्षेत्र में आपकी दृढ़ता आपको आगे बढ़ाएगी। रिश्तों में भरोसा और समझ बढ़ेगी। आज मानसिक रूप से शांति बनी रहेगी, और आप सकारात्मक महसूस करेंगे। ध्यान और योग से लाभ मिलेगा।

धनु
आज यात्रा के योग प्रबल हैं, चाहे वह काम से हो या निजी कारणों से। नई जगह से कुछ महत्वपूर्ण सीख या अनुभव मिलेगा। कार्यक्षेत्र में प्रगति होगी और आपको सहयोग भी मिलेगा। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा और आपका उत्साह बढ़ा रहेगा।

मकर
आज मेहनत का पूरा फल मिलने वाला है। आपकी जिम्मेदारियाँ बढ़ेंगी, लेकिन आप उन्हें पूरी कुशलता से निभाएंगे। अचानक धन लाभ या नया अवसर मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और लोग आप पर भरोसा करेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन आराम भी जरूरी है।

कुंभ
आज आपके नए विचार और क्रिएटिव सोच लाभदायक साबित हो सकती है। तकनीक, ऑनलाइन काम, और इनोवेशन से जुड़े क्षेत्रों में विशेष सफलता मिलेगी। परिवार में खुशहाली रहेगी और दोस्तों का साथ आपके दिन को बेहतर बनाएगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, पर दिमाग पर अधिक भार न डालें।

मीन
आज आपकी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता उभरकर सामने आएगी। किसी शुभ समाचार की संभावना है, जिससे मन प्रसन्न होगा। कार्यक्षेत्र में नई दिशा या अवसर मिल सकता है। भावनात्मक रूप से आप मजबूत रहेंगे, लेकिन संवेदनशीलता भी बनी रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और ऊर्जा संतुलित रहेगी।

Summer Heatwave Tips: હીટવેવથી બચવા માટેનો ‘સલામતી મંત્ર’,જાણો ઉનાળામાં શરીરને ઠંડુ રાખવાની પ્રો ટીપ્સ

હાલમાં સમગ્ર દેશમાં સૂર્યદેવ પોતાનો પ્રકોપ વરસાવી રહ્યા છે. વધતા જતા તાપમાનને કારણે ડિહાઇડ્રેશન, હીટસ્ટ્રોક (લૂ લાગવી) અને ચક્કર આવવા જેવી સમસ્યાઓ સામાન્ય બની ગઈ છે.

ગરમીમાં બચવા આટલું કરો
હાલમાં સમગ્ર દેશમાં સૂર્યદેવ પોતાનો પ્રકોપ વરસાવી રહ્યા છે. વધતા જતા તાપમાનને કારણે ડિહાઇડ્રેશન, હીટસ્ટ્રોક (લૂ લાગવી) અને ચક્કર આવવા જેવી સમસ્યાઓ સામાન્ય બની ગઈ છે. જ્યારે પારો 40 ડિગ્રીને પાર કરે ત્યારે તે શરીર માટે જોખમી બની શકે છે. આ પરિસ્થિતિમાં તમારી નાની સાવધાની તમને ગંભીર બીમારીથી બચાવી શકે છે.

  1. હાઇડ્રેશન છે સૌથી મોટું હથિયાર
    ઉનાળામાં પરસેવા વાટે શરીરનું પાણી અને ઇલેક્ટ્રોલાઇટ્સ સતત ઓછા થાય છે. તરસ લાગે ત્યાં સુધી રાહ જોયા વગર દર અડધા કલાકે પાણી પીવાની આદત પાડો. સાદા પાણી ઉપરાંત લીંબુ શરબત, નાળિયેર પાણી, તાજી છાશ અને ઓઆરએસ (ORS) નો ઉપયોગ કરો. કેફીનયુક્ત પીણાં જેમ કે ચા, કોફી કે વધુ પડતી ખાંડવાળા કોલ્ડ્રિંક્સ ટાળવા જોઈએ કારણ કે તે શરીરને વધુ ડિહાઇડ્રેટ કરે છે.
  2. બપોરના સમયે ઘરની બહાર જવાનું ટાળો
    સવારે 11 થી સાંજના 4 વાગ્યા સુધી સૂર્યના કિરણો સૌથી વધુ પ્રખર હોય છે. જો ખૂબ જ જરૂરી ન હોય તો આ દરમિયાન બહાર ન નીકળવું. જો નીકળવું પડે તેમ હોય તો છત્રી, ટોપી અને સનગ્લાસનો ઉપયોગ કરો. શરીરને ઢાંકવા માટે હળવા રંગના અને ઢીલા સુતરાઉ કપડાં પસંદ કરો, જે પવનની અવરજવર જાળવી રાખે.
  3. ઘરના વાતાવરણને ઠંડુ રાખો
    સીધા સૂર્યપ્રકાશને રોકવા માટે ઘરની બારીઓ પર ઘાટા રંગના પડદા લગાવો. પંખા, કુલર કે એસીનો ઉપયોગ કરો. દિવસમાં બે વાર ઠંડા પાણીએ સ્નાન કરવાથી અથવા ભીના કપડાથી શરીર લૂછવાથી શરીરનું તાપમાન નિયંત્રિત રહે છે.
  4. શરીરના સંકેતોને સમજો
    જો તમને અચાનક માથાનો દુખાવો, ઉબકા, વધુ પડતો પરસેવો કે ચક્કર આવે તો તેને સામાન્ય ન ગણો. આ હીટસ્ટ્રોકના પ્રારંભિક લક્ષણો હોઈ શકે છે. આવી સ્થિતિમાં તરત જ ઠંડી જગ્યાએ બેસી જાઓ અને પાણી પીવો. જો સ્થિતિ વધુ બગડે તો વિલંબ કર્યા વગર ડૉક્ટરનો સંપર્ક કરો.
  5. બાળકો અને વડીલોની ખાસ સંભાળ
    નાના બાળકો અને વૃદ્ધોની રોગપ્રતિકારક શક્તિ ઓછી હોય છે, તેથી તેમને ગરમીની અસર જલ્દી થાય છે. તેમને સતત પ્રવાહી આપતા રહો. એક ખાસ વાત યાદ રાખો: ક્યારેય પણ બાળકો કે પાલતુ પ્રાણીઓને બંધ વાહનમાં એકલા ન છોડો, કારણ કે બંધ ગાડીમાં તાપમાન મિનિટોમાં જીવલેણ હદે વધી શકે છે.
  6. ખાનપાનમાં ફેરફાર કરો
    ઉનાળામાં પાચનતંત્ર ધીમું પડે છે, તેથી તળેલા, મસાલેદાર અને ભારે ખોરાકથી દૂર રહેવું. તેના બદલે તરબૂચ, ટેટી, કાકડી અને દહીં જેવો હળવો અને પાણીયુક્ત ખોરાક લો. આહારમાં કુદરતી ઠંડક આપતી વસ્તુઓ ઉમેરવાથી શરીરની ગરમી ઓછી થાય છે. આ સરળ ઉપાયો અપનાવીને તમે ઉનાળાની આ ગંભીર ગરમીમાં પણ સ્વસ્થ અને સુરક્ષિત રહી શકો છો.
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