Thursday, February 5, 2026
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ENTERTAINMNET : खुद से नफरत करने लगा था धुरंधर एक्टर, डेब्यू फिल्म में एक्टिंग नहीं लुक्स पर मिली अटेंशन

अर्जुन रामपाल ने एक्टिंग में अपने शुरुआती स्ट्रगल पर बात की और बताया कि उन्हें उनके गुड लुक्स पर खूूब अटेंशन मिलती थी. लेकिन उन्हें एक्टिंग नहीं आती थी. इस वजह से वो खुद से नफरत करने लगे थे.

धुरंधर फिल्म में मेजर इकबाल का किरदार निभाकर वाहवाह बटोर रहे अर्जुन रामपाल एक नेशनल अवॉर्ड विनर एक्टर हैं. फिल्म रॉक ऑन में एक टूटे-हारे म्यूजिशियन का किरदार निभाने के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का सम्मान मिला था. इसके अलावा वो ओम शांति ओम, डी-डे, रा-वन जैसी कई बेहतरीन फिल्में वो कर चुके हैं. लेकिन अर्जुन को हमेशा अपनी डेब्यू फिल्म से शिकायत रही. वो उसके लिए खुद से नफरत कर बैठे थे.

अर्जुन खुद मानते हैं कि वो हमेशा से इतने अच्छे एक्टर नहीं थे. जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब कई लोगों ने उनकी एक्टिंग को काफी सख्त और अलग बताया था, और खुद अर्जुन ने भी कहा है कि उस समय उन्हें खुद से नफरत हो गई थी.ग्रेजिया से बातचीत में अर्जुन ने अपनी पहली शूट की गई फिल्म मोक्ष को याद किया. उन्होंने कहा- मुझे खुद से नफरत हो गई थी. मैं बहुत सख्त और अकड़ा हुआ था. मैंने खुद को एक मॉडल की तरह ट्रेन किया था, एक एक्टर की तरह नहीं.

मोक्ष कई सालों तक अटकी रही, और अर्जुन ने 2001 में प्यार इश्क और मोहब्बत से बड़े पर्दे पर डेब्यू किया. करियर के शुरुआती दौर में उन्हें एक ऐसे मॉडल के तौर पर देखा जाता था जो एक्टिंग में आया है. ज्यादातर बातें उनकी शक्ल-सूरत और स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी को लेकर होती थीं.

इस बारे में अर्जुन ने कहा- मेरे लिए बातचीत करना मुश्किल था. अचानक सब कुछ लुक्स के बारे में हो गया, और मुझे बहुत ज्यादा ध्यान मिलने लगा. अटेंशन जरूरी हो जाता है, क्योंकि अगर आपको नहीं मिल रहा है, तो आप शायद गलत फील्ड में हैं. ये चीज इंसान को थोड़ा कन्फ्यूज कर देती है. लेकिन जैसे-जैसे आप समझदार होते हैं, आपको एहसास होता है कि आपकी शक्ल-सूरत का आपसे कोई लेना-देना नहीं है. इसके लिए आपको अपने माता-पिता का शुक्रिया अदा करना चाहिए.

हाल ही में अर्जुन को आदित्य धर की फिल्म धुरंधर में देखा गया, जहां उन्होंने एक बेहद बेरहम ISI मेजर का किरदार निभाया और खूब तारीफें बटोरीं. धुरंधर एक स्पाई थ्रिलर है, जिसमें रणवीर सिंह पाकिस्तान में एक भारतीय जासूस की भूमिका निभा रहे हैं. अक्षय खन्ना इसमें एक पाकिस्तानी गैंगस्टर बने हैं, संजय दत्त कराची के एसपी चौधरी असलम के रोल में हैं, और आर. माधवन भारतीय खुफिया एजेंसी के चीफ के किरदार में नजर आते हैं.

अर्जुन धुरंधर 2 में भी अपना किरदार निभाते दिखेंगे, जो रणवीर के किरदार हमजा उर्फ जसकीरत की कहानी को पूरा करेगी. इसका दूसरा भाग 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगा.

NATIONAL : कौन है अंबेडकर नगर की स्नेहा का कातिल? जिस सौरभ पर आरोप, उसने लगाई फांसी; घरवालों पर शक, पुलिस पर भी सवाल

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इश्क और इल्जाम के बीच अंबेडकर नगर के सौरभ ने जेब पर “मैंने हत्या नहीं की” लिखकर जान दे दी. 2 दिसंबर को लापता स्नेहा का शव 17 दिन बाद घर के पास ही मिला, जिसे पुलिस ढूंढ नहीं पाई थी. हत्या के आरोपी प्रेमी सौरभ का शव बाद में आजमगढ़ में पेड़ से लटका मिला.

इश्क, इल्जाम और फिर मौत का एक ऐसा खौफनाक मंजर सामने आया है, जिसने पुलिसिया कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. ‘मैंने नहीं की स्नेहा की हत्या…’, अपनी पैंट की जेब पर ये आखिरी अल्फाज लिखकर अंबेडकर नगर निवासी प्रेमी सौरभ ने आजमगढ़ के एक पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी.

कहानी शुरू होती है 2 दिसंबर को अंबेडकर नगर के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र से, जहां एक लड़की स्नेहा अचानक गायब हो जाती है. घरवाले परेशान थे, दर-दर भटक रहे थे. 4 दिसंबर को थाने में गुमशुदगी दर्ज हुई, लेकिन पुलिस की जांच की सुई कछुआ चाल से चलती रही. हैरानी तब हुई जब 17 दिन बाद स्नेहा का शव उसके अपने ही घर से महज 100 मीटर की दूरी पर बरामद हुआ. इस बरामदगी ने पुलिस की मुस्तैदी की पोल खोल दी कि जिस लाश को वो खाक छानकर नहीं ढूंढ पाए, वो घर के बगल में ही सड़ रही थी.

स्नेहा की मौत का सीधा आरोप पदुमपुर निवासी सौरभ पर लगा, जो उसका प्रेमी बताया जा रहा था. सौरभ पहले भी स्नेहा से छेड़छाड़ के आरोप में जेल जा चुका था और कुछ समय पहले ही बाहर आया था. लड़की के परिजनों ने उसे ‘कातिल’ करार दिया. पुलिस सौरभ की तलाश में दबिश देने का दावा करती रही, लेकिन वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा. इस बीच सौरभ के परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया.

तलाश का अंत 24 दिसंबर को हुआ, लेकिन बेहद खौफनाक तरीके से. आजमगढ़ के अतरौलिया में एक पेड़ से सौरभ का शव लटकता मिला. मरने से पहले उसने अपनी पैंट की जेब को ही सुसाइड नोट बना लिया. उस पर साफ शब्दों में लिखा था कि उसने स्नेहा की हत्या नहीं की है. उसने अपनी बेगुनाही की चीख उस कपड़े पर छोड़ दी और साथ में प्रेमिका का मोबाइल नंबर भी लिख दिया.

सौरभ की मौत ने अब इस गुत्थी को और उलझा दिया है. अगर सौरभ बेगुनाह था, जैसा उसने मरने से पहले दावा किया, तो फिर स्नेहा का असली गुनहगार कौन है? 15 दिनों तक राजेसुल्तानपुर पुलिस क्या करती रही कि न लड़की मिली और न आरोपी? क्या पुलिस के दबाव और बदनामी के डर ने एक युवक को जान देने पर मजबूर कर दिया? अब सवाल यह है कि क्या खाकी इन दो मौतों के पीछे छिपे असली सच को बेनकाब कर पाएगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा.

बताया जा रहा है कि सौरभ और स्नेहा के बीच एक साल से प्रेम संबंध थे. पिछले साल स्नेहा के घर पकड़े जाने पर सौरभ जेल गया था और नवंबर में ही जमानत पर बाहर आया. 2 दिसंबर को स्नेहा के लापता होने पर परिजनों ने सौरभ पर केस दर्ज कराया. 20 दिसंबर को स्नेहा का शव घर के पास मिलने के बाद पुलिस ने सौरभ के खिलाफ हत्या की धारा बढ़ा दी थी.

AHMEDABAD : ‘अल्लाह की आवाज आती है- जा उसे खींच ला…’, भाभी से एकतरफा प्यार में कमरे में जा घुसा देवर

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अहमदाबाद में भाभी से एकतरफा प्रेम के चलते पीछा और छेड़खानी करने वाले आरोपी एहराज हुसैन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. जमानत पर छूटने के बाद भी उसने महिला को धमकाया और केस वापस लेने का दबाव बनाया. हिरासत में आरोपी ने दावा किया कि उसने ‘अल्लाह के कहने पर’ ऐसा किया. पुलिस ने मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई शुरू की है.

भाभी के लिए एक तरफा प्रेम में पागल शख्स द्वारा अपनी उसके साथ छेड़खानी किए जाने का मामला सामने आया है. इस मामले में जब पुलिस ने शख्स को गिरफ्तार किया तो शख्स द्वारा पुलिस को चौंकाने वाली बात कही जा रही है. शख्स अपने बचाव में पुलिस को बार बार कह रहा है कि, अल्लाह के कहने पर मैंने हाथ खींचा है.

उत्तर प्रदेश का रहने वाला 46 साल का एहराज हुसैन तीन साल पहले गुजरात के अहमदाबाद आया और जमालपुर में रहता है. एहराज अपनी बुआ से मिलने उनके घर जाया करता था, साल 2024 में एहराज ने अपनी बुआ की बहू यानी भाभी का पीछा करना शुरू कर दिया था. इसके बाद विवाद होने पर एहराज ने अपनी बुआ के बेटे यानी महिला के पति को साफ कह दिया था कि वह उसकी बीवी से प्रेम करता है. उसे देखने के लिए उसका पीछा करता है और पीछा करता रहेगा. कोई अगर बीच के आया या रोकने की कोशिश करेगा तो उसकी हत्या कर देगा.

इस बात को लेकर एहराज के खिलाफ साल 2024 में अहमदाबाद के दानीलीमड़ा पुलिस थाने में एफ़आईआर दर्ज हुई थी और कोर्ट में ट्रायल जारी है. लेकिन इस बीच उसे जमानत मिलने पर जब वह जेल से छूटा उसके बाद भी उसकी हरकत में कोई बदलाव नहीं आया और उसने दोबारा अपनी भाभी का पीछा करना शुरू कर दिया. इन सबके बीच अहराज 23 दिसंबर के दिन अपनी बुआ के घर पर जा पहुंचा था. भगाने पर भी नहीं माना और अपनी भाभी का हाथ पकड़कर कहने लगा कि ‘मैं तुम्हें प्यार करता हूं, तुम मेरे साथ चलो. तुमने मेरे खिलाफ जो केस किया है, वह गलत है. ऐसा जज से बताकर केस को वापस ले लो. मैं तुम्हें अपने साथ रखूंगा.’

इन बातों के बीच अहराज अपनी भाभी को अपनी तरफ खीचकर ले जाने लगा.महिला को उसकी सास ने छुड़वाया. आक्रोशित एहराज ने तब महिला को धमकी दी कि वह उसके पति की हत्या कर देगा. इसके बाद महिला ने एक बार फिर एहराज के खिलाफ छेड़खानी की शिकायत गायकवाड़ हवेली पुलिस थाने में दर्ज करवाई है.

पुलिस हिरासत में मौजूद एहराज हुसैन शेख का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें एहराज कह रहा है कि ‘मुझे दो बार आवाज आ चुकी है, दिवाली वाले दिन मुझे तीसरी बार भी ख्वाब आया था की एहराज, जा उसे खींच ला. मैंने यह बात मजिस्ट्रेट साहब को भी बताई थी लेकिन मैं जाता हूं तो मुझे मारा जाता है. तो मुझे कमिश्नर के पास जाने के लिए कहा गया, जिस पर मैंने कहा था कि वही जाना होता तो मैं कोर्ट से गुहार क्यों लगता. मुझे आवाज आती थी कि एहराज तू इधर-उधर कहां घूम रहा है, इस मैटर की बागडोर तेरे ही हाथ में है. यह आवाज मुझे डेढ़ साल के पहले आई थी. दूसरी बार शुक्रवार के दिन अजान शुरू हुई उस समय मुझे यही आवाज सुनाई दी थी. तो जब में गया तो मुझे मार के भगा दिया गया था. लेकिन दो दिन बाद फिर मुझे वही आवाज सुनाई दी. मुझे सुनाई दिया कि एहराज तू फिर वहीं जा… फिर मैं वही गया. यह अल्लाह की आवाज है. अल्लाह कहते हैं कि एहराज तू फिर वहीं मुझे कहा जाता है कि, जा उसे खींच लाओ.’

एसीपी वाणी दुधात ने कहा,’दानीलीमड़ा में रहनेवाले एहराज हुसैन के खिलाफ महिला का पीछा करने, महिला को धमकाना और महिला पर कोर्ट में गलत जुबानी देने का प्रेशर किए जाने का मामला दर्ज किया गया है. एहराज महिला को एक तरफा प्रेम करता था. एक साल पहले महिला का पीछा करके एहराज ने छेड़खानी की थी. जिसे लेकर एफआईआर दर्ज हुई थी. जिसकी ट्रायल कोर्ट में जारी है. एहराज इस केस को लेकर बार – बार महिला पर दबाव बनाता था और उसकी तरफ अपना बयान दर्ज करवाने के लिए कहता था. इस मामले पर जरूरी कानूनी कार्यवाही की जा रही है.’

NATIONAL : अवैध शराब बेचने वाले के घर मिले 1 करोड़ 85 लाख, लाखों की शराब भी जब्त

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पुणे में अवैध शराब बेचने के एक आरोपी के घर से 1 करोड़ 85 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं. आरोपी के घर दो लाख से अधिक मूल्य की शराब की बोतलें भी जब्त की गई हैं, जिनपर अलग-अलग कंपनियों के रैपर लगे हुए हैं.

महाराष्ट्र के पुणे में पुलिस अवैध शराब के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने पुणे के कोंढवा इलाके से अलग-अलग कंपनियों के रैपर वाली लाखों रुपये की शराब की बोतलें बरामद की हैं. इस मामले में तीन को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी भी बरामद की गई है.

जानकारी के मुताबिक पुलिस को कोंढवा इलाके से अवैध शराब की तस्करी की सूचना मिली थी. मिली जानकारी के आधार पर पुणे पुलिस ने छापेमारी की. एपीआई अफरोज पठान की अगुवाई में कोंढवा पुलिस और डिटेक्शन ब्रांच की टीम ने छापेमारी कर दी. इस छापेमारी के दौरान टीम को भारी मात्रा में शराब की बोतलें मिलीं, जिनपर अलग-अलग कंपनियों के ब्रांड की रैपर लगी हुई थी.

बरामद शराब का अनुमानित बाजार मूल्य करीब दो लाख 5 हजार 900 रुपये बताई जा रही है. पुणे पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा भी. पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमर कौर उर्फ मुद्री कौर दादा सिंह जूना, दिलदार सिंह दादा सिंह जूना और देवश्री जूना सिंह बताई जा रही है. अवैध शराब बेचने के आरोप में हिरासत में लिए गए आरोपियों की तलाशी के दौरान उनके पास से नकदी भी बरामद हुई.

पुलिस और डीबी की संयुक्त टीम ने नकदी मिलने के बाद अमर कौर के घर की तलाशी ली. तलाशी के दौरान बेडरूम में रखी अलमारी और अन्य स्थानों से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई. बताया जाता है कि अमर कौर के घर से कुल एक करोड़ 85 लाख 95 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं. पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है.

पुलिस ने पंचनामा तैयार कर नकदी जब्त कर ली है और धनराशि के सोर्स और अवैध शराब नेटवर्क के दायरे का पता लगाने के लिए आगे की जांच, पूछताछ की जा रही है.

BIHAR : पीठ पर घायल बेटी को लादकर भटकता रहा पिता, मूकदर्शक बना सासाराम हॉस्पिटल का स्टाफ

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रोहतास जिले के सदर अस्पताल सासाराम में स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीन तस्वीर सामने आई है. नोखा थाना क्षेत्र के एक पिता को घायल बेटी के इलाज के दौरान व्हीलचेयर तक नहीं मिली. मजबूरी में उसे घंटों बेटी को पीठ पर लादकर अस्पताल के विभागों में भटकना पड़ा. इस घटना ने बुनियादी सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

रोहतास जिले के सदर अस्पताल सासाराम से स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता को उजागर करने वाली एक विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है. नोखा थाना क्षेत्र के तेनुआं गांव से बुधवार को एक पिता अपनी घायल जवान बेटी के इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचा था. बेटी का पैर फ्रैक्चर था और वह चलने में असमर्थ थी, लेकिन अस्पताल में उसे व्हीलचेयर जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं कराई गई.

पीड़ित पिता ने बताया कि उसने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्यकर्मियों से कई बार व्हीलचेयर देने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी. मजबूरी में उसे अपनी बेटी को पीठ पर लादकर कभी डॉक्टर के पास तो कभी एक्सरे जांच के लिए एक विभाग से दूसरे विभाग तक ले जाना पड़ा. घंटों तक यह सिलसिला चलता रहा और वह अस्पताल परिसर में अपनी बेटी को उठाए भटकता रहा.

यह पूरी स्थिति अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों के सामने होती रही, लेकिन किसी ने आगे बढ़कर मदद करना जरूरी नहीं समझा. जिले के सबसे बड़े अस्पताल में इस तरह की लापरवाही ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर मरीजों को व्हीलचेयर जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल पा रही है.

इस घटना ने न केवल अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि आम लोगों को सरकारी अस्पतालों में किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. एक घायल बेटी को कंधे पर उठाकर इलाज के लिए भटकता पिता स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत को सामने लाता है. इस मामले के बाद अब सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं.

NATIONAL : करनाल में नीरज चोपड़ा का शाही रिसेप्शन, आशीर्वाद देने पहुंचे CM सैनी समेत कई दिग्गज

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करनाल में गुरुवार को ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा और उनकी पत्नी हिमानी का रिसेप्शन आयोजित हुआ. निजी पैलेस में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली और विधानसभा स्पीकर हरविंदर कल्याण शामिल हुए. नीरज क्रीम शेरवानी और हिमानी ग्रीन लहंगे में नजर आईं.

हरियाणा के करनाल में गुरुवार को ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा और उनकी पत्नी हिमानी का भव्य रिसेप्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया. यह रिसेप्शन करनाल के एक निजी पैलेस में हो रहा है, जहां देश-प्रदेश की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचीं. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली और विधानसभा स्पीकर हरविंदर कल्याण विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए.

वहीं, रिसेप्शन के दौरान नीरज चोपड़ा क्रीम कलर की शेरवानी में नजर आए, जबकि उनकी पत्नी हिमानी ने ग्रीन कलर का लहंगा पहन रखा था. दोनों की जोड़ी बेहद खूबसूरत लग रही थी और मेहमानों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही. बता दें कि नीरज और हिमानी की शादी 16 जनवरी 2025 को हिमाचल प्रदेश में हुई थी.

जानकारी के मुताबिक, नीरज चोपड़ा आज दो रिसेप्शन पार्टी दे रहे हैं. एक दिन के समय और दूसरी रात के समय आयोजित की गई है. रात के रिसेप्शन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत कई नेता शामिल हुए हैं. यह रात का कार्यक्रम करनाल के अमानी फार्म में आयोजित किया जा रहा है.

रिसेप्शन को पूरी तरह निजी रखा गया है. मीडिया को फिलहाल कार्यक्रम स्थल से दूर रखा गया है और कवरेज की अनुमति नहीं दी गई है. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके.

बताते चलें कि ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने अपनी पत्नी हिमानी मोर के साथ मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की थी. इस खास मुलाकात की कुछ तस्वीरें प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा भी कीं. पीएम ने अपने पोस्ट में बताया कि इस दौरान कई अहम मुद्दों पर बातचीत भी हुई.

मुलाकात के समय नीरज चोपड़ा आइवरी रंग की शेरवानी में नजर आए थे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काली धारियों वाले सफारी सूट में दिखाई दिए थे. वहीं, हिमानी मोर ने हरे रंग की वेलवेट जैकेट पहनी हुई थी और वह पूरी तरह पारंपरिक अंदाज में नजर आईं.

KANPUR : ‘मैम… मैंने पेन नहीं चुराया…’ नींद में बड़बड़ाने लगा 8 साल का बच्चा, तब खुला राज, क्या है कानपुर में स्कूल के टॉर्चर की कहानी?

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कानपुर में एक स्कूल से जुड़ी यह कहानी हैरान कर देने वाली है. कक्षा दो में पढ़ने वाला आठ साल का बच्चा अचानक बदलने लगा- कॉपी और दीवारों पर ‘HELP’ लिखने लगा और रात में नींद में बड़बड़ाता रहा, ‘मैम… मैंने पेन नहीं चुराया.’ जब मां ने वजह जानने की कोशिश की, तो सामने आया कि स्कूल में पेन चोरी के आरोप में बच्चे को इस कदर डराया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया कि वह खौफ में आ गया.

कानपुर के रमईपुर इलाके की एक सोसायटी… यहां रहने वाला आठ साल का मासूम रोज हंसते-खेलते स्कूल जाता था, उसका व्यवहार अचानक बदलने लगा. न उसकी आंखों में पहले जैसी चमक रही, न चेहरे पर मासूम मुस्कान.

यह कहानी है एक आठ साल के बच्चे की की, जो कानपुर के प्राइवेट स्कूल में दूसरी क्लास में पढ़ता है. मामला तब सामने आया, जब मां ने बेटे की कॉपी में एक ही शब्द बार-बार लिखा देखा- HELP… HELP… पहले तो उन्होंने इसे बच्चों की नादानी समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह एक डर से भरे बच्चे की चुपचाप लगाई गई गुहार है.

बच्चा सिर्फ कॉपी तक ही नहीं रुका. उसने घर की दीवारों पर भी ‘HELP’ लिखना शुरू कर दिया. मां-बाप समझ ही नहीं पा रहे थे कि उनका बच्चा अचानक ऐसा क्यों कर रहा है. सवाल पूछने पर वह चुप हो जाता, सहम जाता, जैसे किसी ने उसे बोलने से मना किया हो.लेकिन असली झटका तब लगा, जब एक रात आकाश अपनी मां के साथ सोते हुए नींद में बड़बड़ाने लगा- ‘मैम… मैंने पेन नहीं चुराया… मैम… पेन मैंने नहीं लिया…’ यह सुनते ही बच्चे की मां की नींद उड़ गई. एक मां के लिए इससे डरावना और क्या हो सकता है कि उसका बच्चा नींद में भी डरा हुआ हो?

मां ने बेटे को सीने से लगाया, प्यार से सहलाया और पूछा कि बेटा, क्या हुआ है? तब जो कहानी सामने आई, उसने मां के पैरों तले जमीन खिसका दी. बच्चे ने बताया कि स्कूल में एक डिजिटल पेन गायब हुआ था. उसी चोरी का आरोप उस पर लगा दिया गया. क्लास टीचर, प्रिंसिपल और अन्य स्टाफ ने उसे डराया-धमकाया.
मासूम को कहा गया कि उसने पेन चुराया है और अब उसे कबूल करना होगा. आरोप यहीं नहीं रुके. बच्चे के अनुसार, उसे इतना डराया गया कि उसका कबूलनामा का वीडियो भी बनवाया गया. धमकी दी गई कि अगर उसने घर में कुछ बताया तो छत से फेंक देंगे.

च्चे ने मां से कहा कि मैंने इसलिए कुछ नहीं बताया, क्योंकि मैम ने मना किया था… आठ साल का बच्चा, जो ठीक से अपने डर को शब्दों में भी नहीं ढाल सकता, उसके मन पर यह खौफ किस कदर बैठा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. इसी डर की वजह से वह मदद मांग रहा था- कॉपी में, दीवारों पर, सपनों में.
अगले ही दिन बच्चे की मां बेटे को लेकर स्कूल पहुंचीं. उन्होंने क्लास टीचर, प्रिंसिपल, टीचर और डायरेक्टर से बात की. मां ने साफ कहा कि जिस दिन की आप बात कर रहे हैं, उस दिन मेरा बच्चा स्कूल आया ही नहीं था. फिर चोरी कैसे कर सकता है लेकिन आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने उनकी बात सुनने के बजाय बदतमीजी की. उल्टा यह कहा गया कि बच्चे ने खुद कबूल किया है और वीडियो भी है.

बेटे की हालत देख मां परेशान थीं. उन्होंने कानपुर के सेन पश्चिम पारा थाने में स्कूल के डायरेक्टर, प्रिंसिपल, क्लास टीचर और सहयोगी शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. उनका कहना है कि मेरे बच्चे को इस कदर डराया गया कि वह मानसिक रूप से टूट गया. वह आज भी सहमा रहता है.

बच्चे का कहना है कि मुझ पर पेन चोरी का झूठा आरोप लगाया गया. मेरा वीडियो बनाया गया. मुझे धमकाया गया, इसलिए मैंने घर में कुछ नहीं बताया. मैंने कॉपी में ‘HELP’ लिखा. एक मासूम की ये बातें कई सवाल खड़े करती हैं. क्या स्कूल बच्चों को सिखाने की जगह उन्हें डराने लगे हैं? क्या अनुशासन के नाम पर मानसिक प्रताड़ना सही है?

वहीं स्कूल प्रशासन का पक्ष बिल्कुल अलग है. स्कूल का कहना है कि एक इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल पेन गायब हुआ था. बच्चों से पूछताछ की गई, जिसमें इस बच्चे ने कथित तौर पर पेन उठाने की बात स्वीकार की और बताया कि पेन घर में कहां रखा है. स्कूल का दावा है कि बच्चे के माता-पिता स्कूल आए और नाराज होकर धमकी देने लगे, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. बच्चे का कबूलनामा का वीडियो है, जिसे जांच में पुलिस को सौंपा जाएगा.

कानपुर के डीसीपी डीएन चौधरी ने कहा कि बच्चे की मां की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है. सभी पक्षों को सुना जाएगा और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी.

सवाल है कि क्या आठ साल के बच्चे से इस तरह का ‘कबूलनामा’ लेना सही है? क्या डर और धमकी से सच निकलता है या सिर्फ खौफ पैदा होता है? लोगों ने सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि अगर स्कूल ही डर की जगह बन जाए, तो मासूम बच्चे कहां जाएं? शिक्षा का मतलब केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित और संरक्षित वातावरण भी होना चाहिए.

ENTERTAINMENT : धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ के लिए इमोशनल देओल परिवार, स्पेशल स्क्रीनिंग रखेंगे सनी-बॉबी!

श्रीराम राघवन की आने वाली फिल्म इक्कीस बहुत खास होने वाली है. यह दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र की बड़े पर्दे पर आखिरी फिल्म होगी. इसी को सेलिब्रेट करने के लिए सनी देओल और बॉबी देओल फिल्म की एक स्पेशल स्क्रीनिंग होस्ट करेंगे.

धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ 1 जनवरी, 2026 को रिलीज होने वाली है. अगस्त्य नंदा और सिमर भाटिया स्टारर ये फिल्म एक वॉर बायोपिक है, जिसे श्रीराम राघवन ने डायरेक्ट किया. देओल परिवार के लिए ये फिल्म काफी खास है क्योंकि ये धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म है. ऐसे में परिवार ने एक स्पेशल प्लान किया है.बता दें कि देओल परिवार फिल्म इक्कीस को सक्रिय रूप से सपोर्ट कर रहा है और फैंस से इसे सिनेमाघरों में देखने का आग्रह कर रहा है. ‘इक्कीस’ में धर्मेंद्र अगस्त्य के पिता का किरदार निभा रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक, धर्मेंद्र के बेटे सनी देओल और बॉबी देओल अपने दिवंगत पिता की याद में ‘इक्कीस’ की एक खास स्क्रीनिंग की प्लानिंग कर रहे हैं. ये कार्यक्रम अगले हफ्ते मुंबई में होगा. यह सनी और बॉबी के लिए एक इमोशनल पल होने वाला है, क्योंकि वो अपने पिता को आखिरी बार बड़े पर्दे पर एक्टिंग करते हुए देखेंगे.

ANI से बातचीत में फिल्म के डायरेक्टर श्रीराम ने बताया कि धर्मेंद्र ने बीमार होने के दौरान इक्कीस का पहला हाफ देखा था. उन्होंने कहा, ‘मैं अक्टूबर में उनसे मिलने गया था. उस समय वह ठीक थे, लेकिन उनकी सेहत बहुत अच्छी नहीं थी. उन्होंने पहला हाफ देख लिया था और दूसरे हाफ का इंतजार कर रहे थे. मैं चाहता था कि वह पूरी फिल्म देखें. दुर्भाग्य से, ऐसा नहीं हुआ. वह अब उस काम का आनंद लेने के लिए यहां नहीं हैं जिसमें उन्होंने योगदान दिया और लोग उस काम को महत्व देते हैं. यह एक पछतावा है जो हम महसूस करते हैं.’

वहीं ‘इक्कीस’ के प्रोड्यूसर दिनेश विजान ने बताया कि धर्मेंद्र के परिवार के किसी भी सदस्य ने अभी तक फिल्म नहीं देखी है. मुझे लगता है कि वे सिर्फ आंसू बहाएंगे. मैं बस उम्मीद करता हूं कि हमारे बच्चे हमसे उतना ही प्यार करें जितना वे उनसे करते थे. उन्हें देखना दिल तोड़ने वाला था. फिर भी, यह खूबसूरत भी था. क्योंकि इसी तरह किसी को अपने पिता को प्यार करना चाहिए.’

बता दें कि इक्कीस फिल्म अरुण खेत्रपाल की जिंदगी से प्रेरित है. जो भारत के सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र पाने वालों में से एक थे. वो 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में 21 साल की उम्र में शहीद हो गए थे. ये फिल्म नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली है.

NATIONAL : पत्नी का कहीं अफेयर है… शक में किया झगड़ा, फिर गला दबाकर मार डाला, घर के पीछे दफना दी लाश

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गोरखपुर के बेलघाट क्षेत्र में पति ने मोबाइल को लेकर हुए विवाद में पत्नी की हत्या कर शव को घर के पीछे दफना दिया. चार दिन तक आरोपी पुलिस और परिजनों को गुमराह करता रहा. पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया. उसकी निशानदेही पर शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के बेलघाट थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक युवक ने पत्नी के मोबाइल फोन को लेकर हुए विवाद के बाद उसकी हत्या कर दी और शव को घर के पीछे खाली पड़ी जमीन में करीब छह फीट गहरा गड्ढा खोदकर दफना दिया. आरोपी चार दिनों तक पुलिस और परिजनों को गुमराह करता रहा, लेकिन आखिरकार सच सामने आ ही गया.

घटना बेलघाट थाना क्षेत्र के बेइलीकुंड गांव की है. गांव निवासी 26 साल के अर्जुन की शादी करीब दो साल पहले 26 साल की खुशबू से हुई थी. अर्जुन लुधियाना में मजदूरी करता था और कुछ दिन पहले ही घर लौटा था. पुलिस के मुताबिक 21 दिसंबर की रात अर्जुन और खुशबू घर में अकेले थे. इसी दौरान खुशबू के पास एक मोबाइल फोन होने और किसी अन्य युवक से बात करने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया.

आरोप है कि झगड़े के दौरान अर्जुन ने खुशबू की गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद उसने घर के पीछे खाली जमीन में गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया. हत्या के बाद अर्जुन ने घरवालों और आसपास के लोगों को बताया कि खुशबू बिना बताए कहीं चली गई है. इसके बाद मायके और ससुराल पक्ष के लोग उसकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला.

चार-पांच दिन तक बहू का पता न चलने पर अर्जुन के पिता श्याम नारायण को पत्नी के गायब हो जाने की अपने बेटे की कहानी पर शक हुआ. गुरुवार सुबह वह बेलघाट थाने पहुंचे और अपने ही बेटे के खिलाफ तहरीर देते हुए बहू की हत्या की आशंका जताई. शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और घर पहुंचकर जांच शुरू की. अर्जुन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.

पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की. उसने कभी पत्नी के आत्महत्या करने और शव को नदी में बहा देने की बात कही, तो कभी अलग-अलग स्थानों पर पुलिस को लेकर गया. करीब दो घंटे तक पुलिस को इधर-उधर घुमाने के बाद जब सख्ती से पूछताछ हुई तो वह टूट गया और हत्या की बात कबूल कर ली.

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घर के पीछे खुदाई कराई, जहां से खुशबू का शव बरामद हुआ. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस के अनुसार अवैध संबंधों के शक और मोबाइल को लेकर हुए विवाद में हत्या की गई. मृतका के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है. घटना की सूचना पर उसका भाई और मायके पक्ष के लोग थाने पहुंच गए हैं. पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

NATIONAL : क्लब में घुसकर महिला को मारी गोली…शादी का प्रपोजल रिजेक्ट करने पर बौखलाया था युवक

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गुरुग्राम में शादी से इनकार करने पर 25 वर्षीय महिला पर गोली चलाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पीड़िता क्लब में काम करती है. आरोपी दोस्ती के बाद शादी का दबाव बना रहा था. इनकार पर जानलेवा हमला किया गया. पुलिस ने दोनों को उत्तर प्रदेश के बड़ौत से पकड़ा, मामले की जांच जारी है.

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में शादी से इनकार करने पर 25 वर्षीय महिला दोस्त पर गोली चलाकर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह वारदात थाना डीएलएफ सेक्टर-29 क्षेत्र की है, जहां पीड़िता को गंभीर हालत में मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश के बड़ौत से दबोच लिया.

पुलिस के अनुसार, 20 दिसंबर 2025 को पुलिस चौकी एमजी रोड को सूचना मिली कि एक युवती गोली लगने से घायल अवस्था में मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम में भर्ती है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और पीड़िता की मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) प्राप्त की. डॉक्टरों ने पीड़िता को बयान देने के लिए अस्वस्थ बताया. इस दौरान अस्पताल में मौजूद पीड़िता के पति ने पुलिस को लिखित शिकायत दी.

शिकायत में बताया गया कि पीड़िता कल्पना (25) निवासी नजफगढ़, दिल्ली है और गुरुग्राम के एक क्लब में नौकरी करती है. 19 दिसंबर की रात वह क्लब में ड्यूटी पर गई थी. देर रात करीब एक बजे उसने फोन कर बताया कि तुषार नामक युवक ने उसे गोली मार दी है और उसे अस्पताल लाया जा रहा है. शिकायतकर्ता के अनुसार, तुषार पहले भी उनके घर आकर झगड़ा कर चुका था और उसी रंजिश के चलते उसने यह हमला किया.

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी तुषार उर्फ जोंटी और उसका साथी शुभम उर्फ जॉनी वारदात के बाद फरार हो गए थे. उप-निरीक्षक ललित कुमार (अपराध शाखा सेक्टर-40) और उप-निरीक्षक मंगल सिंह (पुलिस चौकी एमजी रोड) की संयुक्त टीम ने 25 दिसंबर 2025 को दोनों आरोपियों को बड़ौत, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया.

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तुषार की पीड़िता से करीब छह महीने पहले दोस्ती हुई थी और वह उससे शादी करना चाहता था. पीड़िता के बार-बार मना करने पर आरोपी नाराज था. पुलिस के मुताबिक, 19-20 दिसंबर की रात तुषार अपने साथी शुभम के साथ क्लब पहुंचा और फिर से शादी का दबाव बनाया. इनकार पर आरोपी ने जान से मारने की नीयत से गोली चला दी और दोनों वहां से फरार हो गए. पुलिस ने आरोपियों को नियमानुसार गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. मामले में गहन पूछताछ जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है.

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