Thursday, February 5, 2026
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BHAKTI : लोहड़ी से लेकर गुरु नानक जयंती तक….यहां जानें 2026 में सिख त्योहारों की सभी डेट

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सिख धर्म के प्रमुख धार्मिक पर्व अब नानकशाही कैलेंडर के अनुसार स्थिर तिथियों पर मनाए जाते हैं, जिससे समुदाय में एकरूपता और स्थिरता आई है. तो आइए जानते हैं कि साल 2026 में कब कब सिख के त्योहार मनाए जाएंगे.

Sikh Festivals 2026 Calender: सिख धर्म दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा धर्म है. इसकी नींव एकता, भाईचारे और एक ओंकार की मान्यता पर आधारित है, जिसका अर्थ है ईश्वर एक है. लंबे समय तक सिख धर्म के धार्मिक पर्व विक्रम संवत (विक्रमी कैलेंडर) के अनुसार मनाए गए. इस वजह से गुरुपर्व और अन्य त्योहारों की तारीखें हर साल बदल जाती थीं, जिससे लोगों में भ्रम बना रहता था. इस समस्या को दूर करने के लिए साल 2003 में नानकशाही कैलेंडर को औपचारिक रूप से अपनाया गया. नानकशाही कैलेंडर लागू होने के बाद गुरुपर्व जैसे प्रमुख धार्मिक पर्व तय तारीखों पर मनाए जाने लगे. इससे सिख समुदाय के पर्वों को स्थिरता और एकरूपता मिली.

नानकशाही कैलेंडर का महत्व

सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के नाम पर रखे गए नानकशाही कैलेंडर ने सिख समुदाय को एक अलग पहचान दी. इस कैलेंडर के जरिए दुनिया भर में सिख पर्वों को एक ही तारीख पर मनाने में आसानी हुई और धार्मिक आयोजनों में एकरूपता बनी. हालांकि, कुछ सिख पर्व जैसे दिवाली और होला मोहल्ला आज भी विक्रमी कैलेंडर के अनुसार मनाए जाते हैं, क्योंकि इनका संबंध हिंदू परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है.

सिख धर्म का एक प्रमुख पर्व लोहड़ी साल के पहले महीने में आता है, जिसे आमतौर पर 13 या 14 जनवरी को मनाया जाता है. इसके बाद में होला मोहल्ला, बैसाखी और गुरु नानक जयंती जैसे महत्वपूर्ण पर्व आते हैं. गुरु नानक जयंती कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है. आइए अब जानते हैं साल 2026 में सिख धर्म के प्रमुख त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के बारे में विस्तार से.

साल 2026 में आने वाले सिक्ख धर्म के त्योहार

जनवरी 2026 पर्व

13 जनवरी 2026 (मंगलवार): लोहड़ी
31 जनवरी 2026 (शनिवार): गुरु हर राय जयंती

मार्च 2026 पर्व

4 मार्च 2026 (बुधवार): होला मोहल्ला की शुरुआत
6 मार्च 2026 (शुक्रवार): होला मोहल्ला का समापन
17 मार्च 2026 (मंगलवार): गुरु हर राय गुरुगद्दी
19 मार्च 2026 (गुरुवार): गुरु अमर दास गुरुगद्दी
22 मार्च 2026 (रविवार): गुरु अंगद देव ज्योति जोत
23 मार्च 2026 (सोमवार): गुरु हरगोबिंद सिंह ज्योति जोत

अप्रैल 2026 पर्व

1 अप्रैल 2026 (बुधवार): गुरु हरकृष्ण सिंह ज्योति जोत
1 अप्रैल 2026 (बुधवार): गुरु तेग बहादुर गुरुगद्दी
7 अप्रैल 2026 (मंगलवार): गुरु तेग बहादुर जयंती
9 अप्रैल 2026 (गुरुवार): गुरु अर्जन देव जयंती
14 अप्रैल 2026 (मंगलवार): बैसाखी
18 अप्रैल 2026 (शनिवार): गुरु अंगद देव जयंती
30 अप्रैल 2026 (गुरुवार): गुरु अमर दास जयंती

मई 2026 पर्व

10 मई 2026 (रविवार): गुरु हरगोबिंद सिंह गुरुगद्दी

जून 2026 पर्व

18 जून 2026 (गुरुवार): गुरु अर्जन देव ज्योति जोत
30 जून 2026 (मंगलवार): गुरु हरगोबिंद सिंह जयंती

अगस्त 2026 पर्व

7 अगस्त 2026 (शुक्रवार): गुरु हरकृष्ण सिंह जयंती

सितंबर 2026 पर्व

12 सितंबर 2026 (शनिवार): गुरु ग्रंथ साहिब जयंती
13 सितंबर 2026 (रविवार): गुरु अर्जन देव गुरुगद्दी
14 सितंबर 2026 (सोमवार): गुरु राम दास ज्योति जोत
24 सितंबर 2026 (गुरुवार): गुरु राम दास गुरुगद्दी
26 सितंबर 2026 (शनिवार): गुरु अमर दास ज्योति जोत

अक्टूबर 2026 पर्व

1 अक्टूबर 2026 (गुरुवार): गुरु अंगद देव गुरुगद्दी
5 अक्टूबर 2026 (सोमवार): गुरु नानक देव ज्योति जोत
27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार): गुरु राम दास जयंती

नवंबर 2026 पर्व

3 नवंबर 2026 (मंगलवार): गुरु हरकृष्ण सिंह गुरुगद्दी
3 नवंबर 2026 (मंगलवार): गुरु हर राय ज्योति जोत
11 नवंबर 2026 (बुधवार): गुरु ग्रंथ साहिब गुरुगद्दी
14 नवंबर 2026 (शनिवार): गुरु गोबिंद सिंह ज्योति जोत
24 नवंबर 2026 (मंगलवार): गुरु नानक देव जयंती

दिसंबर 2026 पर्व

12 दिसंबर 2026 (शनिवार): गुरु गोबिंद सिंह गुरुगद्दी
14 दिसंबर 2026 (सोमवार): गुरु तेग बहादुर ज्योति जोत

NATIONAL : थाना सिटी कोतवाली राजनंदगांव की सराहनीय पहल: गुम हुए 20 मोबाइल फोन बरामद कर धारकों को सौंपे।

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थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए निरंतर की जा रही प्रभावी एवं तकनीकी कार्यवाही के अंतर्गत गुम मोबाइलों की पताशाजी कर उन्हें बरामद किया गया और आज कोतवाली पुलिस द्वारा गुम हुए 20 नग मोबाइल फोन, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹3,75,000/- है, को बरामद कर संबंधित आवेदकों को विधिवत सुपुर्द किया गया।

ये सभी मोबाइल फोन CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की सहायता से तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से जिले से, जिले के बाहर सहित अन्य राज्यों से रिकवर किए गए।

यह उपलब्धि आम नागरिकों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ पुलिस की तकनीकी दक्षता को भी दर्शाती है।

थाना सिटी कोतवाली द्वारा भविष्य में भी आमजन की सुविधा, सुरक्षा एवं विश्वास को ध्यान में रखते हुए इसी प्रकार आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर कार्यवाही निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई गई है।

हेमंत वर्मा, संवाददाता राजनांदगांव

HEALTH : शराब पीने वालों के लिए बुरी खबर! एक पेग से भी हो सकता है मुंह का कैंसर, इस रिसर्च में सामने आया डराने वाला सच

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देश में पुरुषों में होने वाले कैंसर में मुंह का कैंसर एक है. आमतौर पर मुंह का कैंसर होने की वजह तंबाकू मानी जाती है, लेकिन मुंबई के टाटा मेमोरियल सेंटर की नई स्टडी आपके होश उड़ा देगी. इस स्टडी में बताया गया है कि भारत में मुंह के कैंसर के 62 पर्सेंट मामलों की वजह शराब है. वहीं, शराब के साथ तंबाकू का सेवन करने वालों के लिए खतरा बढ़ जाता है.

कब हुई थी यह स्टडी?

दिसंबर 2025 में BMJ Global Health जर्नल में पब्लिश स्टडी 2010 से 2021 के दौरान 3706 पुरुषों पर की गई. इनमें मुंह के कैंसर के 1803 मरीज और 1903 हेल्दी लोगों को शामिल किया गया. ये लोग टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई और ACTREC (खारघर) से लिए गए थे.

क्या कहती है यह रिसर्च?

  • शराब पीने से खतरा बहुत बढ़ जाता है: चाहे ब्रांडेड बियर, व्हिस्की, वाइन हो या देसी शराब जैसे महुआ, टॉडी, ठर्रा पीते हैं तो मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
  • एक भी पेग काफी है: दिन में सिर्फ 9 ग्राम शराब (यानी एक स्टैंडर्ड ड्रिंक) पीने से खतरा 50 पर्सेंट तक बढ़ जाता है. 2 ग्राम से कम बियर भी खतरा बढ़ाती है.  
  • शराब भी खतरनाक: मुंह के कैंसर के 17 पर्सेंट मामले सिर्फ शराब से होते हैं.  
  • तंबाकू कितनी खतरनाक? गुटखा, खैनी जैसी तंबाकू से मुंह के कैंसर के 37 पर्सेंट मामले सामने आते हैं.
  • दोनों साथ में: शराब और तंबाकू का सेवन एक साथ करने से 4-5 गुना खतरा बढ़ जाता है और 62 पर्सेंट मामले इससे होते हैं.
  • शराब से क्या पड़ता है असर?: शराब से शरीर में एसिटाल्डिहाइड बनता है, जिससे डीएनए को नुकसान होता है. भारत में ज्यादातर लोगों के जीन ऐसे हैं, जो शराब को धीरे-धीरे तोड़ते हैं. इसके चलते यह जहरीला पदार्थ ज्यादा देर तक शरीर में रहता है और कैंसर का खतरा बढ़ाता है.

क्या कहते हैं डॉक्टर?

मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल सेंटर में मुंह-गले के कैंसर डिपार्टमेंट के हेड डॉ. पंकज चतुर्वेदी के मुताबिक, शराब को ग्रुप-1 कैंसर पैदा करने वाला माना जाता है. भारत में तंबाकू पर पॉलिसी है, लेकिन शराब पर नहीं. सेलिब्रिटी विज्ञापन और सरोगेट विज्ञापन बंद होने चाहिए. थोड़ा पीना ठीक है वाली बात गलत है. शराब की कोई सेफ लिमिट नहीं है.

कैसे होते हैं मुंह के कैंसर के लक्षण?

  • मुंह में घाव या छाला, जो 2 हफ्ते तक बरकरार रहे
  • होंठ या मुंह में सफेद या लाल पैच  
  • मुंह में गांठ या सूजन  
  • निगलने या बोलने में दिक्कत
  • गर्दन में गांठ
  • मुंह से बदबू या खून आना.  

कैसे करें बचाव?

  • शराब और तंबाकू पूरी तरह बंद करें  
  • गुटखा, खैनी, पान मसाला, सुपारी से दूर रहें
  • मुंह की सफाई रखें, नियमित ब्रश और चेकअप  
  • हेल्दी डाइट लें, जिसमें फल-सब्जियां ज्यादा हो

TECHNOLOGY : हर काम के लिए यूज करते हैं AI तो तुरंत बदल लें आदत, वरना दिमाग हो जाएगा कमजोर

आजकल के युवा AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) पर काफी ज्यादा निर्भर हो चुके हैं. कई लोग तो इसका प्रयोग अपने अकेलापन को दूर करने के लिए भी करते हैं. एग्जाम, छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज से लेकर ऑफिस में कोई वर्क, इन सभी में लोग AI इस्तेमाल करते हैं. कुछ कामों में तो यह काफी यूजफुल हो जाता है, लेकिन वैज्ञानिकों ने इसे जितना सुविधाजनक उतना ही खतरनाक बताया किया है. उन्होंने उसके पीछे कई कारण दिए है.  

दिमाग पर असर

वैज्ञानिकों ने कई शोध करके साबित किया है कि AI टूल्स का इस्तेमाल करने वाले लोगों के मस्तिष्क की सोचने की शक्ति और काम करने की शक्ति पर ज्यादा असर पड़ता है. एक स्टडी में 54 वॉलंटीयर्स का ग्रुप जिन में ज्यादातर लोग 18 से 19 वर्ष की आयु के थे, उन्हें निबंध लिखने को दिया गया. इन 54 लोगों में तीन लोगों का ग्रुप बनाया गया. एक ग्रुप को Chatgpt का यूज करने को कहा गया और दूसरे ग्रुप को google ai तीसरे ग्रुप को निंबध खुद से लिखने को दिया. वैज्ञानिकों ने इस दौरान ईईजी हेटसेट का प्रयोग करके मस्तिष्क की गतिविधि को ट्रेक किया. उन्होंने इसका इस्तेमाल इसलिए किया ताकि लोगों के दिमाग की गतिविधि पर नजर रख सके. 

सामने आए चौंकाने वाले नतीजे 

जब इसका परिणाम मिला तो वह काफी ज्यादा आश्चर्यजनक था. शिक्षकों ने उनके निबंध को चेक करते समय उनकी लिखावट में गहराई और भावनात्मकता की कमी पाई. इसके अलावा मस्तिष्क की उत्तेजना भी चैटजीपीटी प्रयोग करने वालों में कम पाई गई थी. गूगल का प्रयोग करके लिखने वाले लोगों में चैटजीपीटी यूज करने वाले लोगों के दिमाग से ज्यादा सक्रियता देखी गई थी. इसके अलावा टीचर का कहना था कि इन लोगों के निंबध में थोड़ी गहराई थी. वहीं, जिन लोगों ने खुद के दिमाग से निबंध को लिखा था. उनके निबंध से टीचर ने ज्यादा जुड़ाव महसूस किया था. इसके अलावा मानसिक गतिविधि भी उन लोगों में सबसे अच्छी और उच्चतम पाई गई थी. 
 
AI टूल्स पर कम निर्भर रहने के परिणाम

शोध के अनुसार, जो लोग इन AI टूल्स पर ज्यादा निर्भर होते हैं, उन के दिमाग में सबसे कम गतिविधि थी. साथ ही साथ उनकी याद्दाश्त भी काफी कमजोर हो गई थी. वह लोग जो शुरुआती सालों में जब दिमाग को ग्रोथ होता रहता है, उस समय इन टूल्स का प्रयोग करते हैं. उनका दिमाग शुरूआत से ही काफी कमजोर होता है. इसलिए AI के टूल्स का प्रयोग लिमिट के साथ करना चाहिए वरना दिमाग अपनी क्षमता को पूरी तरीके से खो देगा.  

NATIONAL : दुकान में आगजनी की घटना पीड़ित ने न्याय दिलाने की मांग की

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डोंगरगांव से महज कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित रतन भाट में निर्माणाधीन दुकान को तोड़फोड़ आगजानी करने का मामला सामने आया है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित नीतीश मिश्रा जो की रतनभाट के निवासी है उनके द्वारा जीवन यापन के लिए एक छोटे से दुकान का निर्माण किया जा रहा है गौरतलब है कि पूर्व में उक्त दुकान को कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा तोड़ दिया गया था जिसे पुनः निर्माण के लिए रां मटेरियल राड सीमेंट जगह पर मंगाया है जिसे कुछ विध्न संतोषी लोगों के द्वारा आगजनी एवं तोड़फोड़ किया गया है

इसकी शिकायत नीतीश मिश्रा निवासी रतनभाट ने डोंगरगांव थाना एवं तहसीलदार से भी किया है एवं न्याय दिलाने की मांग किया है नीतीश मिश्रा ने इस संवाददाता को बताया कि वह रतन भाट का निवासी है और बस स्टैंड में उनकी छोटी सी दुकान है जिसे कुछ कुछ असामाजिक तत्व द्वारा तोड़ दिया गया था जिसे पुनः निर्माण के लिए वह रां मटेरियल मंगाया हुआ था लेकिन पास में ही लगभग 10 एकड़ जमीन कब्जा कर चुके गांव के ही सखाराम निषाद एवं उनके पुत्र भूपेंद्र निषाद के द्वारा जबरदस्ती उसके दुकान में कांटा का घेरा कर दिया गया है और उन्हें धमकी चमकी लगाया जा रहा है की दुकान निर्माण करोगे तो ठीक नहीं होगा संभवतः दुकान में तोड़फोड़ उन्होंने किया होगा नीतीश मिश्रा ने शासन प्रशासन से आग्रह किया कि वह एक आम व्यक्ति है और छोटे से दुकान ही उनके जीवन यापन का साधन है कृपया इस जगह पर दुकान निर्माण करने की परमिशन दिया जाए व तोड़फोड़ करने वाले लोगों पर उचित कार्रवाई हो

हेमंत वर्मा ,संवाददाता
राजनंदगांव

NATIONAL : क्रिसमस पर सोने की कीमतें घटी या बढ़ी, जानें 25 दिसंबर को दिल्ली से पटना तक किस रेट पर बिक रहा है सोना

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सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार तेजी देखने को मिल रही है. सोना और चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं के दाम आसमान छू रहे हैं. गुरुवार, 25 दिसंबर क्रिसमस के दिन भी सोने की कीमतों में उछाल जारी है.

गुड रिटर्न के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली में तो 24 कैरेट सोना 1,39,400 रुपये (प्रति 10 ग्राम) की कीमत पर बिक रहा है. चेन्नई में तो सोने की कीमत 1,39,860 रुपये तक पहुंच गई है. इस साल सोना करीब 74 फीसदी तक मजबूत हुआ है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाजिर भाव 4,525.96 डॉलर प्रति औंस पर है. वहीं, चांदी की कीमतों में भी 25 दिसंबर को तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली में चांदी 2,34,000 रुपये (प्रति किलो) के रेट पर बिक रही है. चांदी की दाम लगातार 2 लाख रुपये से ऊपर बने हुए है. इस साल चांदी ने निवेशकों को तगड़ा मुनाफा कमाने का अवसर दिया हैं.

आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)

दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,39,400 रुपए
22 कैरेट – 1,27,800 रुपए
18 कैरेट – 1,04,590 रुपए

मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,39,250 रुपए
22 कैरेट – 1,27,650 रुपए
18 कैरेट – 1,04,440 रुपए

चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,39,860 रुपए
22 कैरेट – 1,28,200 रुपए
18 कैरेट – 1,06,950 रुपए

कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,39,250 रुपए
22 कैरेट – 1,27,650 रुपए
18 कैरेट – 1,04,440 रुपए

अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,39,300 रुपए
22 कैरेट – 1,27,700 रुपए
18 कैरेट – 1,04,490 रुपए

लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,39,400 रुपए
22 कैरेट – 1,27,800 रुपए
18 कैरेट – 1,04,590 रुपए

पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,39,300 रुपए
22 कैरेट – 1,27,700 रुपए
18 कैरेट – 1,04,490 रुपए

हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,39,250 रुपए
22 कैरेट – 1,27,650 रुपए
18 कैरेट – 1,04,440 रुपए

अगर आप आज सोना खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो, आपको अपने शहर के ताजा भाव जरूर पता करना चाहिए. ताकि आपको किसी तरह का आर्थिक नुकसान न हो. साथ ही आपको अपनी खरीदारी पर बेस्ट डील मिल सके.

HEALTH : दिन में जरूरत से ज्यादा नींद आना हो सकता है नार्कोलेप्सी बीमारी का संकेत, जानें इसके लक्षण और लाइफस्टाइल केयर

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अक्सर हम दिन में नींद आने को थकान, तनाव या कम सोने का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर कोई व्यक्ति पूरी रात सोने के बाद भी दिन में बार-बार सो जाता है, बात करते समय या खाते समय झपकी लेने लगता है, तो यह एक गंभीर बीमारी नार्कोलेप्सी का संकेत हो सकता है. नार्कोलेप्सी एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो मस्तिष्क की नींद और जागने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है.डॉक्टरों के अनुसार, यह बीमारी कम लोगों में पाई जाती है, लेकिन इसके प्रभाव व्यक्ति की पढ़ाई, काम और सामाजिक जीवन पर गहरा असर डाल सकते हैं.नार्कोलेप्सी एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति को दिन में अचानक और ज्यादा नींद आने लगती है. यह नींद व्यक्ति की इच्छा के बिना आती है और कभी भी, कहीं भी आ सकती है. यह बीमारी आमतौर पर 10 से 30 साल की उम्र के बीच शुरू होती है और लंबे समय तक बनी रहती है.

इसके अलावा कुछ और लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. जैसे स्लीप पैरालिसिस सोते या जागते समय शरीर हिलाने या बोलने में असमर्थता, सोते या जागते समय डरावने या अजीब सपने दिखाई देना, रात की नींद खराब होना और ऑटोमैटिक बिहेवियर बिना होश के लिखना, टाइप करना और बाद में याद न रहना. इन लक्षणों की गंभीरता हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है.

नार्कोलेप्सी का सटीक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन कुछ कारण माने जाते हैं. जैसे मस्तिष्क में हाइपोक्रेटिन (ओरेक्सिन) नामक रसायन की कमी, शरीर की इम्यूनिटी से खुद की कोशिकाओं पर हमला, जीन, संक्रमण, तनाव और हार्मोनल बदलाव. टाइप 2 नार्कोलेप्सी में हाइपोक्रेटिन का स्तर सामान्य रहता है, इसलिए इसके कारणों पर अभी शोध जारी है.नार्कोलेप्सी का पूरी तरह इलाज संभव नहीं, लेकिन सही देखभाल से इसे नियंत्रित किया जा सकता है. सतर्कता बढ़ाने वाली दवाएं, कैटेपलेक्सी और स्लीप पैरालिसिस के लिए एंटीडिप्रेसेंट, नई दवाएं जो मस्तिष्क के केमिकल्स पर असर करती हैं. इसके अलावा रोज एक ही समय पर सोना और उठना, दिन में तय समय पर छोटी झपकी, नियमित एक्सरसाइज और बैलेंस डाइट , कैफीन और शराब से दूरी, शांत और अंधेरा सोने का वातावरण शामिल हैं

SPORTS : वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में जगह नहीं मिलने पर भड़के शशि थरूर, जानिए क्या कहा

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साल 2025 में रोहित शर्मा या विराट कोहली सबसे ज्यादा गूगल पर सर्च किए जाने वाले खिलाड़ी नहीं है, बल्कि 14 साल के वैभव सूर्यवंशी को सर्वाधिक सर्च किया गया है. इससे पता चलता है कि उनकी बैटिंग के फैन अब भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में हो गए हैं. क्रिकेट फैंस से लेकर पूर्व क्रिकेटरों तक का एक ही सवाल है कि घरेलू से लेकर जूनियर लेवल पर इंटरनेशनल क्रिकेट में खुद को साबित कर चुके वैभव को टीम इंडिया में जगह कब मिलेगी?

वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में खेली धमाकेदार पारी

विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के पहले मैच में ही बिहार की ओर से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने धमाकेदार पारी खेली और वो एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. वैभव ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ महज 84 गेंद में 16 चौके और 15 छक्के की मदद से 190 रन की ताबड़तोड़ की पारी खेली. इस इनिंग के बाद वैभव के दीवानों में एक और चेहरा शुमार हो गया है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से पूछा है कि वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में जगह कब मिलेगी?शशि थरूर ने कहा-14 साल की उम्र में सचिन ने ही किया था ऐसा कारनामा

वैभव सूर्यवंशी के द्वारा विजय हजारे ट्रॉफी के पहले ही मैच में खेली गई धमाकेदार पारी को लेकर शशि थरूर ने अपने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट किया है. थरूर ने पोस्ट में लिखा, ‘पिछली बार जब किसी 14 साल के खिलाड़ी ने क्रिकेट में जबरदस्त प्रतिभा दिखाई थी तो वे सचिन तेंदुलकर थे. हम जानते हैं कि उन्होंने क्या किया. आप किसका इंतजार कर रहे हैं? भारत के लिए वैभव सूर्यवंशी!’

थरूर ने अपनी इस पोस्ट में बीसीसीआई के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर, हेड कोच गौतम गंभीर, बीसीसीआई और सचिन तेंदुलकर को भी टैग किया है. बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने 16 साल 205 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए पदार्पण किया था, लेकिन उन्होंने मुंबई के लिए पहला शतक 14 साल की उम्र में ही ठोक दिया था. इसी कारण वैभव सूर्यवंशी की तुलना सचिन से हो रही है.

BUSINESS : सोना-चांदी नहीं, तांबा बनने जा रहा बाजार का ‘अगला किंग’, इस साल 36% का दिया रिटर्न,

शेयर बाजार में जहां साल 2025 के दौरान जबरदस्त उतार–चढ़ाव देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर कीमती और औद्योगिक धातुओं ने निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर आकर्षित किया है. इस साल अब तक सोने ने करीब 70 प्रतिशत का मजबूत रिटर्न दिया है, जबकि चांदी ने तो सभी पारंपरिक निवेश विकल्पों को पीछे छोड़ते हुए लगभग 130 से 140 प्रतिशत तक की छलांग लगाई है, जिससे यह रिटर्न के लिहाज से साल की सबसे बेहतरीन एसेट बनकर उभरी है.

हाई रिटर्न्स की रेस में तांबा

हालांकि, इस रेस में तांबा (Copper) भी पीछे नहीं रहा और अपेक्षाकृत कम चर्चा में रहते हुए भी 2025 में करीब 36 प्रतिशत का दमदार रिटर्न देकर निवेशकों को चौंका दिया है. चांदी की कीमतों में तेज उछाल की सबसे बड़ी वजह औद्योगिक मांग का तेजी से बढ़ना माना जा रहा है, क्योंकि सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में इसके इस्तेमाल में लगातार इजाफा हो रहा है, जबकि इसके मुकाबले आपूर्ति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई है.

यही असंतुलन कीमतों को ऊपर ले गया है और चांदी के भाव आज करीब 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच चुके हैं, जिसमें सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर बढ़ती मांग ने भी अहम भूमिका निभाई है.

वहीं तांबे को अब बाजार का “अगला किंग” कहा जाने लगा है, क्योंकि तेज औद्योगिकीकरण के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने इसकी मांग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है.

जानें क्या बोले एक्सपर्ट्स

विशेषज्ञों के अनुसार, एआई के बढ़ते उपयोग के चलते बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर बनाए जा रहे हैं, जिनमें भारी मात्रा में तांबे की जरूरत होती है, और यही वजह है कि मांग के मुकाबले सप्लाई पिछड़ती जा रही है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स द्वारा कराए गए सर्वे में भी यह सामने आया है कि साल 2025 में तांबे की आपूर्ति करीब 1.24 लाख टन कम रही है और 2026 में यह कमी बढ़कर लगभग 1.5 लाख टन तक पहुंच सकती है.

बाजार के जानकारों का मानना है कि जिस तरह सोना और चांदी अपनी चमक दिखा चुके हैं, आने वाले समय में तांबा भी कीमतों के नए रिकॉर्ड बना सकता है और निवेशकों के लिए एक मजबूत अवसर बनकर उभर सकता है.

NATIONAL : सोना-चांदी की जबरदस्त रफ्तार, एक्सपर्ट्स ने बताया 2026 कितनी लंबी रहेगी छलांग, जानें कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न

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साल 2025 में सोना और चांदी ने निवेशकों को तगड़ा मुनाफा कमाने का अवसर दिया है. साल की शुरुआत से कीमतों में जो उछाल देखी गई, वो साल के आखिर तक बनी रही. दोनों ही बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में आई इस तेजी की वजह से निवेशक मालामाल हो गए. इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर, 2024 को चांदी 85,146 रुपये प्रति किलो बिक रही थी.

एक साल की सेम अवधि में इसमें करीब 144 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है. सोने के दाम भी करीब 73 प्रतिशत तक बढ़ गए है. जिस कारण निवेशक सोना-चांदी की तरफ आकर्षित हुए हैं. हालांकि, अब निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या साल 2026 में भी इन धातुओं में इसी तरह की तेजी बनी रहेगी या कोई बदलाव देखने को मिलेगा?

2026 में सोना-चांदी को लेकर एक्सपर्ट्स की राय

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स के डायरेक्टर नवीन माथुर के मुताबिक, साल 2026 में भी सोना और चांदी दोनों की स्थिति मजबूत बनी रह सकती है. हालांकि रिटर्न की रफ्तार थोड़ी नॉर्मल रहने की उम्मीद है.

नवीन का मानना है कि कम ब्याज दरों और वैश्विक हालात को देखते हुए सोना स्थिर प्रदर्शन कर सकता है. जबकि इंडस्ट्रियल डिमांड होने कारण चांदी रिटर्न के मामले में सोने से आगे निकल सकती है.

वहीं, 1BJA के अध्यक्ष पृथ्वीराज कोठारी का अनुमान है कि आने वाले समय में सोना 1.50 लाख से 1.65 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. साथ ही चांदी में भी अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है और इसके दाम 2.30 लाख से 2.50 लाख रुपये तक जा सकते हैं.

सोना-चांदी में तेजी की वजह

सोने और चांदी की कीमतों में जारी इस तेजी के पीछे कई अहम कारण हैं. दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोने की बड़ी खरीदारी कर रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर इसकी मांग बनी हुई है. वहीं दूसरी तरफ फैक्ट्रियों और औद्योगिक सेक्टर में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है. जिससे इन दोनों धातुओं की कीमत तेज है.

निवेश को लेकर एक्सपर्ट्स की राय

एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने में लंबे समय के लिए एसआईपी करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. ताकि औसत लागत पर फायदा मिल सके. सेनको गोल्ड के सुवंकर सेन ने बताया कि सोना स्थिरता देता है, जबकि चांदी में ज्यादा मुनाफा कमाने का अवसर है.

साथ ही सिद्धार्थ जैन ने भी चांदी में एसआईपी की सलाह दी है. उनका मानना है कि, इसकी कीमतों में बहुत तेजी से उतार-चढ़ाव आता है. इसलिए एसआईपी एक विकल्प हो सकता हैं.

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