Friday, February 6, 2026
Home Blog Page 82

GUJARAT : बच्ची मिलते ही बिलख-बिलखकर रो पड़ी मां, निःसंतान दंपति ने किया था किडनैप

0

सूरत के कड़ोदरा इलाके में संतान की चाह में एक निःसंतान दंपति ने पड़ोस की एक साल की बच्ची का अपहरण कर लिया. दंपति बच्ची को लेकर बिहार चला गया था. सूरत पुलिस ने बिहार से दोनों को गिरफ्तार कर बच्ची को सुरक्षित बरामद किया और माता पिता को सौंपा.

सूरत जिले से एक भावुक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां संतान की चाह में एक निःसंतान दंपति ने पड़ोस में रहने वाली एक साल की बच्ची का अपहरण कर लिया. यह घटना सूरत ग्रामीण के कड़ोदरा पुलिस थाना क्षेत्र के तातीथैया गांव की है.

बच्ची की माता ने 16 दिसंबर 2025 को कड़ोदरा थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी. उन्होंने बताया कि पड़ोस में रहने वाले कुंदन पुरी और उनकी पत्नी मोनी देवी शाम के समय उनके घर आए और कहा कि वे बाजार जा रहे हैं और बच्ची को घुमा कर ले आएंगे. दोनों परिवार एक दूसरे को जानते थे, इसलिए माता ने बच्ची को उनके साथ भेज दिया.

जब दो से तीन घंटे तक दंपति वापस नहीं लौटा और फोन भी बंद मिला, तो बच्ची के माता पिता को शक हुआ. पड़ोसी के घर जाकर देखा गया तो वह भी बंद था. इसके बाद माता पिता सीधे कड़ोदरा पुलिस थाने पहुंचे और पूरी घटना बताई.

मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरत रेंज आईजी प्रेमबीर सिंह और जिला पुलिस अधीक्षक राजेश गढ़िया के निर्देश पर लोकल क्राइम ब्रांच, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और कड़ोदरा थाना पुलिस की अलग अलग टीमें बनाई गईं. तकनीकी निगरानी और ह्यूमन इंटेलिजेंस से पता चला कि आरोपी दंपति ट्रेन से बिहार अपने गांव चला गया है.कड़ोदरा पुलिस बिहार पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से कुंदन पुरी और मोनी देवी को गिरफ्तार कर लिया गया. अपहृत बच्ची को सुरक्षित बरामद कर 23 दिसंबर को सूरत लाया गया.

कड़ोदरा जीआईडीसी पुलिस थाने के निरीक्षक भाविक शाह ने बताया कि दंपति की शादी को छह से सात साल हो चुके हैं और संतान न होने के कारण उन्होंने यह अपराध किया. जब बच्ची को थाने में उसकी मां को सौंपा गया, तो मां बिलख पड़ी. खुशी और राहत के आंसुओं से पूरा थाना भावुक हो गया. बच्ची के पिता ब्रजेश ने पुलिस का आभार जताया और कहा कि उनकी बच्ची को सुरक्षित वापस लाने से उनका विश्वास फिर लौटा है.

NATIONAL : रमीज की पत्नी मानसी सक्सेना… मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के लव जिहाद वाले कांड की नई कहानी

0

KGMU की महिला डॉक्टर को तब गहरा झटका लगा, जब उसकी अचानक मुलाकात आरोपी डॉक्टर रमीज की पत्नी मानसी सक्सेना से हुई. इसी मुलाकात में उसे पता चला कि रमीज पहले से शादीशुदा है. इस खुलासे ने शादी के झांसे और धोखे की पूरी परत खोल दी. पत्नी से आमना-सामना होने के बाद पीड़िता मानसिक रूप से टूट गई और मामला सामने आया.

लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में लव जिहाद का मामला सुर्खियों में है. पीड़िता खुद एक महिला डॉक्टर है, जिसने आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, जबरन गर्भपात, धमकी और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं.

पीड़िता की तहरीर के मुताबिक, आरोपी का नाम डॉ. रमीज है, जो उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के खटीमा का निवासी बताया गया है. जांच में उसका सहारनपुर से भी संबंध सामने आया है. रमीज ने आगरा मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी और NEET PG 2023 क्वालीफाई करने के बाद KGMU लखनऊ में MD पैथोलॉजी में दाखिला लिया था. DGME के काउंसलिंग लेटर के अनुसार, उसकी स्टेट रैंक 2007 थी और उसे बैकवर्ड क्लास ओपन कैटेगरी के तहत प्रवेश मिला था.

पीड़िता का कहना है कि रमीज से उसकी पहचान पहले दोस्ती के रूप में हुई. धीरे-धीरे यह दोस्ती नजदीकियों में बदल गई. आरोपी ने खुद को अविवाहित बताया और शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाए. पीड़िता का आरोप है कि रमीज ने भावनात्मक रूप से उसे इस कदर बांध लिया कि वह उसकी बातों पर आंख मूंदकर विश्वास करती रही. सितंबर महीने में पीड़िता को अपनी प्रेग्नेंसी का पता चला. आरोप है कि इस जानकारी के बाद रमीज ने उसे दवाइयां खिलाकर जबरन गर्भपात करा दिया. इसके बावजूद उसने शादी का भरोसा बनाए रखा और पीड़िता को लगातार भ्रम में रखकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा. पीड़िता का कहना है कि वह शादी को लेकर गंभीर थी, लेकिन आरोपी हर बार किसी न किसी बहाने से बात टाल देता था.

अक्टूबर में जब पीड़िता ने साफ तौर पर शादी की बात रखी, तब रमीज ने शर्त रख दी कि शादी तभी होगी जब वह धर्म परिवर्तन करेगी. पीड़िता के अनुसार, उसने इस शर्त को मानने से साफ इनकार कर दिया. इसके बाद आरोपी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया. मानसिक प्रताड़ना शुरू हो गई और बात-बात पर धमकियां दी जाने लगीं. पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया. यही नहीं, उसने पीड़िता की सुरक्षा को भी खतरे में बताया है. शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने कई बार खुलेआम कहा कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी, तो उसका करियर और सामाजिक जीवन दोनों बर्बाद कर देगा.

मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब पीड़िता की अचानक आरोपी की पत्नी मानसी सक्सेना से मुलाकात हुई. इसी मुलाकात में पीड़िता को पता चला कि रमीज पहले से शादीशुदा है. इस खुलासे ने पीड़िता को अंदर से तोड़ दिया. जिस व्यक्ति पर उसने भरोसा किया, वह न सिर्फ झूठ बोल रहा था, बल्कि दोहरी जिंदगी भी जी रहा था. मानसिक तनाव, धोखे और लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर पीड़िता ने 17 दिसंबर को आत्महत्या की कोशिश की. उसने करीब 30 टैबलेट खा लीं. उसके दोस्त शुभम और उर्वशी ने समय रहते उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जिससे उसकी जान बच सकी.

अस्पताल से स्वस्थ होने के बाद पीड़िता ने अपने पिता को पूरी आपबीती बताई. परिवार के सहयोग से उसने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई. पीड़िता मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हावड़ा की रहने वाली है और फिलहाल लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में रहकर KGMU में MD पैथोलॉजी की पढ़ाई कर रही है. पीड़िता का आरोप है कि मुस्लिम रेजिडेंट डॉक्टर रमीज ने न सिर्फ उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाया, बल्कि इनकार करने पर उसे मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया. उसके अनुसार, धर्म परिवर्तन के दबाव और ब्लैकमेलिंग ने ही उसे आत्महत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया.

मामला सामने आने के बाद पीड़ित महिला डॉक्टर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक KGMU में एक गैंग बनाकर धर्मांतरण की गतिविधियों को अंजाम दे रहा था. इस आरोप के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर हलचल तेज हो गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है. उन्होंने साफ कहा है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा. योगी सरकार ने पूरे प्रकरण पर KGMU प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. इसके बाद KGMU प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है. विश्वविद्यालय परिसर में उसके प्रवेश पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. साथ ही आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

ENTERTAINMENT : धुरंधर की सक्सेस के बाद अक्षय खन्ना ने बढ़ाई फीस, विवाद के बाद छोड़ी दृश्यम 3?

0

चर्चा है फिल्म धुरंधर की जबरदस्त सफलता के बाद अक्षय खन्ना ने सुपरहिट फ्रेंचाइजी दृश्यम 3 से वॉकआउट कर लिया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, फीस बढ़ोतरी और क्रिएटिव डिफरेंस के कारण एक्टर ने फिल्म छोड़ने का फैसला किया है. हालांकि इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

फिल्म धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा रही है. मूवी में अक्षय खन्ना ने ऐसा स्वैग दिखाया कि लोगों के लिए उनसे नजरें हटाना मुश्किल हो गया. डांस हो या दमदार डायलॉग डिलीवरी, हर सीन में अक्षय खन्ना छाए हैं. फिल्म की सक्सेस के बाद मेकर्स के बीच एक्टर की डिमांड बढ़ गई है. लेकिन इस बीच एक चौंकाने वाली खबर आई है.

सुनने में आया है कि एक्टर ने सुपरहिट फ्रेंचाइजी दृश्यम 3 से हाथ पीछे खींच लिए हैं. बॉलीवुड मशीन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्टर ने अजय देवगन की फिल्म से वॉकआउट कर लिया है. इसकी वजह फीस को लेकर इश्यू और क्रिएटिव डिफरेंस बताए जा रहे हैं. रिपोर्ट में दावा है कि अक्षय खन्ना ने धुरंधर की जबरदस्त सफलता के बाद अपनी फीस में भारी बढ़ोतरी की मांग की है.

पैसों के अलावा, उन्होंने दृश्यम 3 में अपने ऑनस्क्रीन लुक में बड़े बदलाव करने को कहा है. जानकारी के मुताबिक, अक्षय की इन डिमांड्स की वजह से मेकर्स के साथ उनकी अहमति हुई. जिसके चलते एक्टर ने फिल्म से पीछे हटने का फैसला किया है.

लेकिन अभी भी आस बाकी है. अंदरूनी सूत्र कहते हैं कि अक्षय खन्ना और मेकर्स के बीच बातचीत अभी चल रही है. एक्टर के फिल्म से बाहर होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है. इसलिए फैंस फिल्म में अक्षय खन्ना को लेकर उम्मीद बनाए रख सकते हैं. धुरंधर की सफलता के बाद अक्षय की हाई डिमांड को देखते हुए उन्हें फिल्म से जाने देना मेकर्स के लिए घाटे का सौदा हो सकता है. हाल ही में फिल्म की पहली झलक सामने आई थी. मूवी को अगले साल 2 अक्टूबर को रिलीज किया जाएगा.

वहीं बात करें फिल्म धुरंधर की कमाई की तो, इसने 19 दिनों में 590 करोड़ का बिजनेस कर लिया है. मूवी जल्द 600 करोड़ का आंकड़ा छूने वाली है. आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अक्षय के अलावा संजय दत्त, राकेश बेदी, रणवीर सिंह, सारा अर्जुन अहम रोल में नजर आए. फिल्म को क्रिटिक्स और पब्लिक दोनों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है.

Railway News : दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर चलने वाली दर्जनों ट्रेनें आज भी कई घंटे लेट, देखें लिस्ट

0

देश भर में जारी शीतलहर और घने कोहरे की वजह से रेल यातायात प्रभावित हो रहा है. राजधानी एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनें कई घंटे की देरी से चल रही हैं. रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है.

देश भर में पिछले कई दिनों से शीतलहर और घने कोहरे ने कोहराम मचाया है. कोहरे का सीधा असर रेल यातायात पर भी पड़ रहा है. दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर चलने वाली ट्रेनों का परिचालन भी लगातार प्रभावित हो रहा है. आलम यह है कि आज (बुधवार), 24 दिसंबर को भी दर्जनों ट्रेनें कई घंटे की देरी से चल रही हैं. जिनमें अपने सही समय से चलने के लिए जानी जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन भी शामिल है.

दरअसल, पहाड़ों पर हुई बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों में जबरदस्त ठंड पड़ रही है. साथ ही नॉर्थ इंडिया में घने कोहरे ने भी अपना डेरा जमा रखा है. एक तरफ शीतलहर से जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है तो वहीं, दूसरी तरफ घने कोहरे से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है. अलग-अलग इलाकों में कोहरे की वजह से ट्रेनों की रफ्तार थम गई है. ट्रेनों के इंतजार में रेलवे स्टेशनों पर ठंड में रेल यात्रियों का हाल बेहाल हो रहा है.

दिल्ली हावड़ा रेल रूट के सर्वाधिक बिजी रेलवे स्टेशनों में शुमार पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों की बात करें तो इस स्टेशन से होकर गुजरने वाली नई दिल्ली-पटना तेजस, राजधानी-नई दिल्ली सियालदह एक्सप्रेस, नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस और हावड़ा राजधानी सहित दर्जनों मेल एक्सप्रेस ट्रेनें कई घंटे की देरी से चल रही हैं.

Trains Running Status: कोहरे के कारण देर से चल रही ट्रेनों की लिस्ट

गाड़ी संख्या 12302 नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस 11 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 22824 भुवनेश्वर तेजस राजधानी एक्सप्रेस 6:30 घंटे लेट
नई दिल्ली राजेंद्र नगर तेजस राजधानी एक्सप्रेस 8:30 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 12314 नई दिल्ली सियालदह राजधानी एक्सप्रेस 11:30 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 12260 बीकानेर सियालदह दुरंतो एक्सप्रेस 6 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 13258 दानापुर जनसाधारण एक्सप्रेस 7 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 12244 हल्दिया सुपरफास्ट एक्सप्रेस 5 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 12394 संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस 9 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 03242 बेंगलुरु दानापुर स्पेशल एक्सप्रेस 15 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 12875 नीलांचल एक्सप्रेस 2:30 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 22312 बेंगलुरु सहरसा सुपरफास्ट एक्सप्रेस 2 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 22361 राजेंद्र नगर नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस 9 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 13082 नई दिल्ली हावड़ा पूर्वा एक्सप्रेस ढाई घंटे लेट
गाड़ी संख्या 15483 अलीपुरद्वार दिल्ली सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस 26 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 12274 नई दिल्ली हावड़ा दूरंतो 12 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 15657 ब्रह्मपुत्र मेल 2 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 20802 नई दिल्ली इस्लामपुर मगध एक्सप्रेस 4 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 12878 नई दिल्ली रांची गरीब रथ एक्सप्रेस 12 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 12350 नई दिल्ली गोड्डा हमसफर एक्सप्रेस ढाई घंटे लेट
गाड़ी संख्या 06509 दानापुर क्लोन स्पेशल 9 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 12392 नई दिल्ली राजगीर श्रमजीवी एक्सप्रेस 10 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 22362 नई दिल्ली राजेंद्र नगर अमृत भारत एक्सप्रेस 6 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 15021 गोरखपुर एक्सप्रेस 4 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 04078 कामाख्या स्पेशल एक्सप्रेस 4:30 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 13240 कोटा पटना एक्सप्रेस 2 घंटे लेट
गाड़ी संख्या 12802 आनंद विहार पुरी पुरुषोत्तम एक्सप्रेस 4 घंटे लेट

NATIONAL : तड़पता रहा डिलीवरी बॉय… सड़क किनारे पार्सल का इंतजार कर रहा था मेहनतकश, रईसजादा सीने पर चढ़ा गया कार

0

हादसा इतना भयावह था कि कार डिलीवरी के सीने के ऊपर से गुजर गई. फिलहाल पीड़ित की हालत नाजुक बनी हुई है और पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है.पुणे के चांदनी चौक के पास शराब के नशे में गाड़ी चला रहे एक ड्राइवर ने एक डिलीवरी एग्जीक्यूटिव को टक्कर मारकर कुचल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल उसका इलाज जारी है.

यह घटना एक ईरानी कैफे के पास हुई. घायल युवक की पहचान प्रसाद दिलीप मिसाल (26) के रूप में हुई है, जो स्विगी डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम करता है.पुलिस के मुताबिक, मिसाल ने अपनी दोपहिया गाड़ी सड़क किनारे खड़ी की थी, क्योंकि उसे चांदनी चौक इलाके में एक डिलीवरी ऑर्डर देना था, तभी एक कार ने उसे पीछे से टक्कर मार दी.

मिसाल को शुरू में इलाज के लिए सह्याद्री अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में ससून जनरल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया. चूंकि उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी, इसलिए उसे आगे के इलाज के लिए एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया.बावधन पुलिस ने कार ड्राइवर की पहचान तेजस बाबूलाल चौधरी के रूप में की है. ड्राइवर के खिलाफ शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस सब-इंस्पेक्टर सारंग ठाकरे ने बताया कि दुर्घटना के समय चौधरी के शराब के नशे में होने का शक था. उसे मेडिकल जांच के लिए औंध अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि वह नशे में था. मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया है.

ENTERTAINMNET : ‘धुरंधर’ से पहले इन फिल्मों में कास्टिंग को लेकर मुकेश छाबड़ा ने लूटी वाहवाही, इंडस्ट्री को दिए कई स्टार

5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म धुरंधर की स्टारकास्ट सभी को पसंद आई है. हर किरदार अपने-अपने रोल पर एक दम परफेक्ट बैठे हैं. फिल्म की कास्टिंग मुकेश छाबड़ा ने की है. जानिए इससे पहले किन फिल्मों में वो सितारों को कास्ट कर चुके हैं.

आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘धुरंधर’ की हर जगह चर्चा हो रही है. फिल्म की कमाई के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं. इससे ये साबित हो रहा है कि फिल्म की कहानी तो लोगों को पसंद आई ही साथ ही फिल्म के कैरेक्टर्स ने खूब पॉपुलैरिटी हासिल की. जिन्हें तराशा कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने.

आमतौर पर कोई फिल्म रिलीज होती है तो उसके गाने, कहानी, एक्टर-एक्ट्रेस और विलेन की चर्चा की जाती है. लेकिन ये पहला ऐसा मौका है, जब फिल्म धुरंधर के कास्टिंग डायरेक्टर काफी सुर्खियों में है और हो भी क्यों ना फिल्म के कैरेक्टर्स भी खूब पॉपुलैरिटी हासिल कर रहे हैं. ऐसे में इसकी कास्टिंग डायरेक्टर की बात ना करना नाइंसाफी होगी.

आसान शब्दों में बताया जाए तो एक कहानी (फिल्म) में कई तरह के किरदार होते हैं, उसके लिए डायरेक्टर और कहानी के मूड के मुताबिक कलाकारों को चुनना और उसे कहानी में मिलाना होता है. किस किरदार में कौन सा कलाकार एक दम सही बैठेगा इसे तय करना ही कास्टिंग कहलाती है और इस काम को करने वाला कास्टिंग डायरेक्टर होता है. फिल्म के सारे किरदार इन्हीं के तराशे हुए होते हैं.

कौन हैं कास्टिंग डायरेक्टफैमिली में जन्मे मुकेश छाबड़ा के मां और पिता दोनों को फिल्मों का काफी शौक था. जब वो 11 साल के थे तो पिता ने उन्हें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के वर्कशॉप में भेजा था. नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में मुकेश थिएटर इन एजुकेशन कंपनी से जुड़े थे. जब वो 18 साल के हुए तो शाहरुख खान की ‘दिल से’ फिल्म का उनपर प्रभाव पड़ा और तय कर लिया कि उन्हें फिल्मी दुनिया में कदम रखना है.

मुकेश जब दिल्ली में NSD में थे तब वो डायरेक्टर विशाल भारद्वाज और राकेश ओमप्रकाश मेहरा के विज्ञापनों के लिए कलाकार तलाशते थे. ऐसा करते हुए वो उनकी फिल्मों में असिस्टेंट बन गए, जहां उन्होंने एक्टर्स को तलाश करना शुरू किया. थिएटर में एक्टिव रहे मुकेश दिल्ली से केवल पांच हजार रुपये लेकर 2005 में मुंबई पहुंचे थे.

करीब 400 से ज्यादा फिल्मों में कास्टिंग कर चुके मुकेश छाबड़ा को ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से शोहरत हाथ लगी. ये कहना भी सही होगा कि इस फिल्म से ये तय हो गया कि फिल्म इंडस्ट्री को नए कलाकारों की जरूरत थी.

फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से नवाजुद्दीन सिद्दकी, पंकज त्रिपाठी, ऋचा चड्ढा, हुमा कुरैशी, जयदीप अहलावत, राजकुमार राव, जीशान कादरी जैसे कलाकार जुड़े. जिसे सभी ऑडियंस ने जमकर प्यार किया. हालांकि ये इतना आसान नहीं था. मुकेश छाबड़ा को फिल्म की कास्टिंग में 1 साल से ज्यादा का वक्त लगा.

आज ‘कालीन भैया’ के नाम से फेमस हुए पंकज त्रिपाठी उस दौर में काफी स्ट्रगल कर रहे थे. इस फिल्म से उन्हें देशभर में पहचान मिली और आज वो सबसे महंगे कलाकारों में से एक है. वहीं राजकुमार राव हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अलग-अलग किरदारों को निभाने के लिए जाने जाते हैं, उन्हें मुकेश छाबड़ा ने ही तराशा है. विक्की कौशल भी मुकेश छाबड़ा की नजरों से नहीं बच सके. विक्की कौशल की पहली ही फिल्म ‘मसान’ को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया. इसके बाद ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’, ‘संजू’, ‘राजी’ जैसी फिल्मों में उन्होंने एक्टिंग से लोहा मनवाया है.

आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ बॉलीवुड इतिहास की सबसे कमाई वाली फिल्मों की लिस्ट में आज भी टॉप पर है. इस फिल्म की कास्टिंग भी मुकेश छाबड़ा के हाथ हुई. फिल्म इंडस्ट्री को फातिमा सना शेख, सान्या मल्होत्रा और जायरा वसीम जैसी एक्ट्रेस मिलीं. इन एक्ट्रेस को ढूंढने में मुकेश छाबड़ा को करीब डेढ़ साल लगे. 14 हजार लड़कियों के ऑडिशन हुए थे. हालांकि जायरा वसीम ने इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया लेकिन सान्या और फातिमा आज भी फिल्में कर रही हैं.

बता दें कि मुकेश छाबड़ा ने बॉलीवुड के तीनों ही खानों बड़ी फिल्मों में कास्टिंग का काम किया है. जिसमें शाहरुख खान की ‘जवान’, सलमान खान की ‘बजंरगी भाईजान’, आमिर खान की ‘दंगल’ का नाम है. वहीं सुशांत सिंह की ‘काई पो छे’, शाहिद कपूर की सुपरहिट फिल्म ‘कबीर सिंह’, रणबीर कपूर की ‘ब्रह्मास्त्र’ और ‘संजू’, जैसी फिल्में शामिल हैं. अब इस समय ‘धुरंधर’ ने सभी को हिला कर रखा हुआ है.

वहीं अगले साल यानी 2026 की नितेश तिवारी की आने वाली सबसे बड़ी फिल्म ‘रामायणम्’ के लिए कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ही हैं. जिन्होंने रणबीर कपूर (राम), साई पल्लवी (सीता), और यश (रावण) जैसे किरदारों के लिए चुना हैं. इसके अलावा शाहरुख खान की ‘किंग’ और सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ में भी मुकेश छाबड़ा ने कास्टिंग की है.

फिल्मों के अलावा मुकेश छाबड़ा ने कई सुपरहिट वेब सीरीज में एक्टर्स की कास्टिंग की है. खास बात ये रही कि जिन वेब सीरीज में मुकेश छाबड़ा ने कास्टिंग की, उनमे से अधिकतर रही है. जिमसें सीक्रेड गेम्स, द फैमिली मैन, महारानी, स्कैम, दिल्ली क्राइम, द नाइट मैनेजर आदि शामिल हैं.

दैनिक भास्कर से बात करते हुए मुकेश छाबड़ा ने फिल्मों में कास्टिंग के प्रोसेस पर बात करते हुए कहा था, ‘मैं सबसे पहले फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ता हूं, फिर उसका नेरेशन सुनता हूं. डायरेक्टर फिल्म का मुझे ब्रीफ देते है, जिसमें स्क्रिप्ट के हिसाब से एक्टर्स चुनने होते हैं. इसके बाद एक्टर्स की तलाश शुरू होती है.

NATIONAL : सतना में 6 बच्चे HIV पॉजिटिव, ब्लड बैंक प्रभारी डॉक्टर समेत तीन लोगों पर गिरी गाज

0

सतना के सरकारी अस्पताल में छह बच्चों के HIV पॉजिटिव पाए जाने के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. ब्लड बैंक प्रभारी डॉक्टर और दो लैब तकनीशियनों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूर्व सिविल सर्जन से जवाब तलब किया गया है. जांच रिपोर्ट में संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की आशंका जताई गई है.मध्य प्रदेश के सतना जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल में छह बच्चों के HIV पॉजिटिव पाए जाने के मामले में राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई की है. शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉक्टर और दो लैब तकनीशियनों को निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई गुरुवार को की गई.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि , राज्य के लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग ने 16 दिसंबर को इस मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की थी. समिति की शुरुआती रिपोर्ट में ब्लड ट्रांसफ्यूजन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही के संकेत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया.रिपोर्ट सामने आने के बाद ब्लड बैंक के प्रभारी डॉक्टर देवेंद्र पटेल और लैब तकनीशियन राम भाई त्रिपाठी तथा नंदलाल पांडे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. इसके अलावा, जिला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन मनोज शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है.

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि सिविल सर्जन का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ भी सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.बताया जा रहा है कि 12 से 15 साल की आयु के छह बच्चे अलग-अलग समय पर जिला अस्पतालों में रक्त चढ़ाए जाने के बाद HIV पॉजिटिव पाए गए. ये मामले जनवरी से मई के बीच सामने आए थे. इनमें से कुछ बच्चों को सतना और जबलपुर समेत अन्य जिलों के सरकारी अस्पतालों में रक्त चढ़ाया गया था.

इस मामले ने सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है. जांच में यह भी सामने आया है कि एक बच्चे के माता-पिता भी HIV संक्रमित पाए गए हैं. हालांकि, अधिकारी यह स्पष्ट कर रहे हैं कि सभी बच्चों का इलाज राष्ट्रीय HIV उपचार प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है.

सरकार ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ब्लड बैंक और ट्रांसफ्यूजन सिस्टम की व्यापक समीक्षा की जाएगी.

BIHAR : डॉक्टर को उठाने आए किडनैपर्स का एनकाउंटर, दूसरे डॉक्टर ने ही दिया था कॉन्ट्रैक्ट

0

छपरा में निजी नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर के अपहरण की कोशिश का सारण पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया. पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से दो का पुलिस ने हाफ इनकाउंटर किया है. अपहरण की साजिश व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता में रची गई थी. दिसंबर महीने में यह सारण पुलिस का तीसरा एनकाउंटर है.

बिहार के छपरा में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया. निजी नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर के अपहरण की कोशिश के महज 24 घंटे के भीतर सारण पुलिस ने इस वारदात में शामिल पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें से दो अपराधियों का पुलिस ने हाफ एनकाउंटर किया है.

घटना बीती रात नगर थाना क्षेत्र की है, जहां हथियारों से लैस चार-पांच अपराधियों ने निजी नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर सजल कुमार, उनके चालक और केयरटेकर का अपहरण करने की कोशिश की थी. अपराधी डॉक्टर की ही गाड़ी से उन्हें ले जा रहे थे, लेकिन शीशमहल होटल के पास मौके का फायदा उठाते हुए डॉक्टर सजल कुमार चलती गाड़ी से कूदकर भागने में सफल रहे. इसके बाद अपराधी चालक, केयरटेकर और गाड़ी को लेकर फरार हो गए.

बुधवार रात करीब 11 बजे कोहरे के कारण अपराधियों की गाड़ी सारण जिलाधिकारी के सरकारी आवास के पास एक बिजली ट्रांसफार्मर से टकरा गई. हादसे के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए, जबकि चालक और केयरटेकर घायल अवस्था में मिले.

गुरुवार सुबह डॉक्टर सजल कुमार ने नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर नगर थाना कांड संख्या 734/25 दर्ज कर जांच शुरू की गई. सारण एसएसपी डॉक्टर कुमार आशीष के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इनपुट के आधार पर सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस अपराधियों को हथियार बरामदगी के लिए एक बगीचे में ले गई, तभी अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो अपराधियों के पैर में गोली लगी, जबकि अन्य तीन को सुरक्षित गिरफ्तार कर लिया गया.

एसएसपी डॉक्टर कुमार आशीष ने बताया कि इस अपहरण की साजिश व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता के कारण रची गई थी. एक अन्य डॉक्टर ने कॉन्ट्रैक्ट देकर अपराधियों से अपहरण की योजना बनवाई थी, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उन्होंने बताया कि आरोपी पेशेवर अपराधी हैं और इनके आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है.

MP : पड़ोसियों ने कॉल पर कहा- इस घर से बदबू आ रही है… पुलिस ने गेट तोड़कर एंट्री की तो सन्न रह गए अफसर

0

मध्य प्रदेश के इंदौर में सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक बंद मकान से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को खबर दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने गेट तोड़कर एंट्री की तो अफसर हैरान रह गए. अंदर पति-पत्नी के शव पड़े थे. पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में दोनों की मौत करीब 15 दिन पहले होने की आशंका जताई जा रही है. इस पूरे मामले की जांच की जा रही है.

मध्य प्रदेश के इंदौर में लसूड़िया थाना इलाके से सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक मकान में पति और पत्नी के शव मिले हैं. यह घटना इंदौर के सेटेलाइट जंक्शन इलाके की है. घर से तेज बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला उजागर हुआ. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर जब घर के अंदर एंट्री की तो देखा कि कमरे में पति-पत्नी के शव पड़े हुए थे. शुरुआती जांच में दोनों शव करीब 15 दिन पुराने बताए जा रहे हैं.

पुलिस के अनुसार, मृतक व्यक्ति का नाम कन्हैया बताया जा रहा है, जबकि उसकी पत्नी का नाम फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है. आसपास के लोगों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि मृतक पति को करीब चार महीने पहले लकवा मार गया था, जिसके बाद से वह पूरी तरह बिस्तर पर था और चलने-फिरने में असमर्थ था.

वहीं, मृतक की पत्नी की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं बताई जा रही है. पड़ोसियों के अनुसार, दोनों दंपति साल 2016 से इसी मकान में रह रहे थे और उनका ज्यादा मेल-जोल किसी से नहीं था. इसी वजह से लंबे समय तक किसी को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई.

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से घर से अजीब बदबू आ रही थी. पहले लोगों को लगा कि शायद नाली या किसी जानवर की वजह से बदबू है, लेकिन जब बदबू तेज होती चली गई, तब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस के पहुंचते ही दरवाजा तोड़ा गया और अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए.

मामले की जांच कर रहे अधिकारी नरेंद्र जायसवाल ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है, जिसमें स्वाभाविक मौत, बीमारी, भूख-प्यास या किसी अन्य कारण की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा. फिलहाल लसूड़िया थाना पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.

JAIPUR : रील का रियल रिएक्शन…जयपुर के इन्फ्लुएंसर की पिटाई कर निकाला जुलूस !

0

जयपुर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनवारी छेड़वाल की एक विवादित रील उन पर भारी पड़ गई. कथित गौ सेवकों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराज युवकों ने उसकी दुकान से उठाकर बाजार में जुलूस निकाला और मारपीट की. घटना का वीडियो वायरल हो गया. मामला तुंगा थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर स्थिति संभाली.

सोशल मीडिया पर चंद सेकंड की रील कब जिंदगी की सबसे बड़ी मुसीबत बन जाए, इसका ताजा उदाहरण जयपुर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनवारी छेड़वाल का मामला है. गौ सेवकों को लेकर बनाई गई एक विवादित रील ने ऐसा तूफान खड़ा किया कि बनवारी को अपनी ही दुकान से उठाकर भरे बाजार में घुमाया गया और सरेआम पिटाई का सामना करना पड़ा. इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

घटना 17 दिसंबर की है और तुंगा थाना क्षेत्र की बताई जा रही है. दोपहर के वक्त बनवारी छेड़वाल अपनी फुटवेयर की दुकान पर बैठा था. रोज की तरह दुकान पर चहल-पहल थी, लेकिन उसे क्या पता था कि सोशल मीडिया पर डाली गई उसकी रील, कुछ ही घंटों में हकीकत का ऐसा जवाब देगी. तभी कुछ युवक उसकी दुकान पर पहुंचे, पहले कहासुनी हुई और फिर देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया.

आरोप है कि युवाओं ने बनवारी की दुकान पर ही उसके साथ मारपीट शुरू कर दी. इसके बाद कॉलर पकड़कर उसे दुकान से बाहर निकाला गया और नंगे पांव पूरे बाजार में घुमाया गया. लोग तमाशबीन बने रहे और बनवारी से सरेआम माफी भी मंगवाई गई. यह पूरा दृश्य किसी सजा-ए-आम जैसा नजर आया, जिसे किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया.

असल में पूरे विवाद की वजह बनवारी द्वारा बनाई गई वही रील थी, जिसमें उसने कथित गौ रक्षकों को लेकर बेहद आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था. रील में बनवारी ने गौ सेवकों को गालियां देते हुए कहा था कि पहले अपने मां-बाप की चिंता करें, जो भूखे मर रहे हैं. उसने यह दावा भी किया था कि वह गौ रक्षा पर स्टडी कर रहा है और अपनी आंखों से कई गौ रक्षकों की हकीकत देख चुका है.

यहीं नहीं, रील में की गई टिप्पणियां यहीं तक सीमित नहीं रहीं. बनवारी ने कथित गौ रक्षकों की बहनों को लेकर भी बेहद आपत्तिजनक बयान दिए और उन पर गंभीर आरोप लगाए. उसने यह तक कह दिया कि चंदे के पैसों से नशा किया जाता है. रील सामने आते ही स्थानीय युवाओं में भारी आक्रोश फैल गया और गुस्सा सड़कों पर उतर आया. घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा. तुंगा थाना पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर समझाने की कोशिश की, जिसके बाद फिलहाल मामला शांत हो गया.

- Advertisement -

News of the Day