Sunday, March 29, 2026
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UP : रस्मों के बीच भौंका दुल्हन का पालतू कुत्ता, युवक ने पीट दिया तो हुआ बवाल… बारात में चलीं कुर्सियां-लाठी, टूटी शादी

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यूपी के फतेहपुर में शादी का मंडप सजा था, रस्में चल रही थीं और खुशियों का माहौल था, लेकिन एक छोटी-सी घटना ने सबकुछ पलट दिया. दुल्हन के पालतू कुत्ते को पीटने पर ऐसा विवाद भड़का कि बारात और घरातियों के बीच जमकर मारपीट हो गई. हालात इतने बिगड़े कि दुल्हन ने शादी से ही इनकार कर दिया और मामला थाने तक पहुंच गया.

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक शादी समारोह उस वक्त बवाल में बदल गया, जब दुल्हन के पालतू कुत्ते को लेकर विवाद खड़ा हो गया. देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडे व कुर्सियां चलने लगीं. इस घटना में कई लोग घायल हो गए और अंत में दुल्हन ने शादी से ही इनकार कर दिया.

पूरा मामला खागा कोतवाली क्षेत्र के एक गेस्ट हाउस का है. यहां बुधवार रात धूमधाम से शादी समारोह आयोजित किया गया था. लड़की पक्ष प्रयागराज से बारातियों के स्वागत के लिए पहुंचा था, जबकि दूल्हा पक्ष भी पूरे उत्साह के साथ बारात लेकर आया था. शुरुआती कार्यक्रम बेहद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए. जयमाल की रस्म हंसी-खुशी पूरी हुई और दोनों परिवारों में खुशी का माहौल था.

रात बीतने के बाद भोर करीब चार बजे मंडप में जेवर चढ़ाने की रस्म चल रही थी. इसी दौरान मंडप से कुछ दूरी पर बंधा दुल्हन का पालतू कुत्ता, जिसे परिजन साथ लेकर आए थे, भौंकने लगा. आरोप है कि वर पक्ष के एक युवक ने कुत्ते को पीट दिया. यहीं से पूरा मामला बिगड़ गया.इस पर वधू पक्ष ने नाराजगी जताई, जिससे विवाद बढ़ गया. देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई. गेस्ट हाउस में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे.

विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे और कुर्सियां तक फेंकी गईं. इस मारपीट में वधू पक्ष के एक महिला सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके सिर में चोट आई. वहीं दूल्हा पक्ष के भी दो लोग घायल हुए.शादी का पूरा माहौल कुछ ही मिनटों में जंग के मैदान में बदल गया. स्थिति बिगड़ते देख किसी ने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को काबू में किया. कई लोग मौके से भाग निकले, जबकि घायलों को अस्पताल भेजा गया.

घटना के बाद दोनों पक्षों को खागा कोतवाली ले जाया गया. वहां पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी ली और दोनों पक्षों से बातचीत की. इस दौरान पुलिस ने दुल्हन से भी उसकी राय पूछी.

सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब दुल्हन ने साफ तौर पर शादी करने से इनकार कर दिया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई, जिसमें आपसी सहमति से मामला सुलझाने की कोशिश की गई. तय हुआ कि जो भी दान-दहेज और उपहार दिए गए थे, उन्हें वापस कर दिया जाएगा. दोनों पक्षों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के आपसी समझौते से मामला खत्म करने का फैसला लिया.

दूल्हे ने कहा कि हम लोगों के बीच प्रेम-प्रसंग था. लड़की अपने घर को छोड़कर मेरे घर आ गई थी, जिसके बाद हमने कानपुर में आर्य समाज से शादी कर ली थी. लड़की पक्ष ने दोनों की शादी करने का वादा किया था और इसी तहत हम लोग बारात लेकर आए. वरमाला का कार्यक्रम अच्छी तरह से निपट गया, लेकिन सुबह के समय शादी की अन्य रस्मों के दौरान कुत्ते को मारने को लेकर विवाद हो गया.

कोतवाली प्रभारी आरके पटेल ने कहा कि कुत्ते को मारने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया था. दोनों पक्ष थाने आए थे. समझौता हो गया है. जो भी दान दहेज का सामान था, दोनों लोग आपस में लौटा दिए हैं. मारपीट के दौरान दोनों पक्ष के 5 से 6 लोग घायल हुए थे, जिनका उपचार अस्पताल में कराया गया है. लड़की पक्ष प्रयागराज वापस लौट गया है.

ENTERTAINMENT : रमजान के महीने में सना खान के शो पर पहुंचे किरेन रिजिजू, साथ में की इफ्तारी, बोले- खुशी हुई…

रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत में सना खान और उनके पति मुफ्ती अनस सैयद ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ पहली इफ्तारी की. इफ्तारी सना खान के शो ‘रौनक-ए-रमजान सीजन 2’ के दौरान हुई, जिसमें मंत्री ने सम्मानित मेहमान के रूप में हिस्सा लिया.

रमजान का पवित्र महीना शुरू हो गया है. नेता, अभिनेता और आम इंसान हर कोई पवित्र महीने में खुदा की इबादत में मशग़ूल है. इफ्तार के समय सभी परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर इफ्तारी करते हैं और रोजा खोलते हैं. सना खान और उनके हसबैंड मुफ्ती अनस सैयद ने पहली रमजान की पहली इफ्तारी केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ की.

रमजान के पहले दिन किरेन रिजिजू ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं. इन तस्वीरों में वो पूर्व एक्ट्रेस सना खान और उनके हसबैंड मौलाना अनस सैयद संग दिख रहे हैं. सना खान इफ्तारी के लिए खाना बना रही हैं. फोटोज देखकर फैन्स सोच में पड़ गए हैं कि आखिर केंद्रीय मंत्री, सना और उनके हसबैंड के साथ क्या कर रहे हैं.

बात ऐसी है कि कपल ने किरेन रिजिजू को अपने रौनक-ए-रमजान सीजन (2) के लिए न्योता दिया था. किरेन रिजिजू ने फोटो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा कि फ्यूचर स्टूडियो, गोरेगांव, मुंबई में रौनक-ए-रमजान सीजन (2) के शूट पर सम्मानित मेहमान के रूप में आमंत्रित होने पर खुशी हुई. सना खान और अनस सैयद के साथ अच्छी बातचीत हुई और गहराई के साथ विचार-विमर्श किया. पूरी टीम को शुभकामनाएं.

सना खान ने उनकी पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए लिखा कि हम भाग्यशाली हैं, जो आप हमारे शो पर आएं. आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई. अल्लाह आपको हमेशा सुरक्षित रखे. भारत के संसदीय कार्य मंत्री एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री, अरुणाचल प्रदेश के सांसद किरेन रिजिजू को सना खान के शो पर देखकर फैन्स खुश हैं. तस्वीर पर कमेंट करते हुए एक फैन ने लिखा कि खूबसूरत. कई लोग रमजान की मुबारकबाद दे रहे हैं. कुछ लोगों ने कहा कि बेस्ट शो.

ग्लैमर वर्ल्ड से तौबा कर चुकीं सना खान पूरी तरह से इस्लाम धर्म अपना चुकी हैं. उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल भी शुरू किया है. जिसमें वो धर्म से जुड़ी चीजें शेयर करती हैं. रमजान के महीने में रौनक-ए-रमजान सीजन (2) शुरू किया है, जिसमें वो सेलेब्स के साथ रमजान को लेकर बात करती हैं.

NATIONAL :हैदराबाद के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग, बालकनी से कूदकर कई छात्रों ने बचाई जान

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हैदराबाद के अमीरपेट में मैत्रीवनम स्थित एक कोचिंग सेंटर में आग लग गई. घटना के दौरान घना धुआं फैल गया, जिससे छात्र घबराकर इधर-उधर भागने लगे. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.हैदराबाद में अमीरपेट के एक कोचिंग सेंटर में आग लग गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. मैत्रीवनम स्थित नीलगिरी ब्लॉक भवन (चौथी मंजिल) पर लगी, जहां एक कोचिंग क्लास चल रही थी.

देखते ही देखते पूरी मंजिल पर घना धुआं छा गया, जिससे छात्र भयभीत हो गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगेहादसे के दौरान फ्लोर पर लगभग 90 छात्र मौजूद थे. की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया. इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. अधिकारी फिलहाल आग लगने के असल कारणों का पता लगाए जाने की कोशिश में जुटे हैं.

कुछ छात्रों ने खुद को बचाने की कोशिश की और वो बालकनी से कूदकर नीचे की मंजिलों तक उतर आए. जबकि कई छात्र आग वाली ऊपरी मंजिल पर ही फंसे रहे. पुलिस और अग्निशमन कर्मियों ने सीढ़ियों और अन्य आपातकालीन टूल्स की मदद से सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है.

RAJASTHAN : 21 से 28 फरवरी तक चलेगा खाटू श्याम लक्खी मेला, VIP कल्चर पर लगी रोक

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फाल्गुन मेला शनिवार (21 फरवरी) से शुरू हो रहा है जो शनिवार (28 फरवरी) तक चलेगा और इस मेले में तीस लाख से ज्यादा श्याम भक्तों के खाटू पहुंचने की उम्मीद है. बाबा श्याम के दरबार की भव्यता को बेहद भव्य बनाने की कोशिश की गई है. मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेले के दौरान वीआईपी दर्शनों की कोई व्यवस्था नहीं होगी. सभी भक्तों को एक ही व्यवस्था के तहत बाबा के दीदार करने होंगे.

मंदिर की सजावट के लिए विशेष रूप से 120 बंगाली कारीगरों की टीम बुलाई गई है, जिन्होंने अपनी कला से मंदिर परिसर को पौराणिक काल के दृश्यों से दरबार को सजाया है. श्याम मंदिर कमेटी प्रशासन ने बताया कि लक्खी मेले में आने वाले भक्तों के लिए बाबा श्याम के दर्शनों को लेकर जानकारी साझा की गई है.कमेटी प्रशासन की तरफ से बताया गया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दर्शनों के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. उन्होंने बताया कि कतारबद्ध होकर 14 अलग-अलग लाइनों से दर्शन कराए जाएंगे ताकि भीड़ का दबाव न बढ़े. साथ ही इस बार बाबा के दर्शन के लिए हर भक्त को तकरीबन 23 किलो मीटर पैदल की यात्रा करनी पड़ेगी.

प्रदेश में कोरोना काल के बाद लोगों की आस्था धार्मिक क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है. इसी श्रृंखला में मंदिरों में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और जब से भजनलाल सरकार ने राजस्थान में कमान संभाली है धार्मिक पर्यटन को तो मानो पंख ही लग गए हैं.प्रदेश की उपमुख्यमंत्री और पर्यटन विकास मंत्री दिया कुमारी लगातार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर पूरे प्रयास कर रही है. जिसके परिणाम भी अब देखने को मिल रहे हैं. सीकर जिले के खाटू श्याम में बाबा श्याम का मंदिर इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण है जहां अब प्रतिवर्ष 2 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.

भक्तों की इस बढ़ती संख्या ने खाटू श्याम मंदिर को प्रदेश में ही नंबर वन नहीं बनाया है, अपितु देश के टॉप 10 मंदिरों में शामिल कर दिया है. खाटू श्याम मंदिर ने वैष्णो देवी और शिर्डी के मंदिर को भी पीछे छोड़ दिया है. खाटू श्याम मंदिर में आने वाले भक्तों का भी मानना है कि बाबा श्याम कलयुग का अवतारी हैं. हारे का सहारा हैं.लोग अपनी मनौतिया यहां पूरी होते देखते हैं और उसी के चलते लगातार भक्तों की आस्था श्याम मंदिर में बनी हुई है. वही श्याम मंदिर कमेटी के द्वारा दर्शनों के लिए की गई व्यवस्था एवं जिला प्रशासन और स्थानीय नगर पालिका प्रशासन की व्यवस्थाएं भी इन श्रद्धालुओं की भीड़ को बढ़ाने में सहायक बन रही है.

खाटू श्याम में अगर रिंग रोड बन जाए, सीवरेज की लाइन डाल जाए, साफ सफाई की व्यवस्था और बेहतर हो जाए व रींगस से खाटू तक फोरलेन सड़क का निर्माण हो तो यह खाटू श्याम विश्व पर्यटन के मानचित्र पर भी और सुंदर स्वरूप में उभर सकता है.प्रदेश और केंद्र सरकार लगातार खाटू श्याम को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए कृत संकल्पित नजर आ रही हैं. केंद्र सरकार ने स्वदेश योजना 2.0 के तहत 87 करोड़ रुपए से ज्यादा खाटू धाम विकास के लिए पिछले बजट में दिए हैं.

Arrah : ‘मम्मी-डैडी ध्यान रखिएगा…’, आरा में इंटर की छात्रा फंदे से लटकी, सुसाइड नोट मिला

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आरा के नवादा थाना क्षेत्र की घटना है. परिजनों का कहना है कि अनन्या अक्सर कहती थी कि बीमारी की वजह से उसकी तैयारी पूरी नहीं हो पाई है. वह परीक्षा नहीं दे पाएगी.

आरा में बीती (गुरुवार) रात एक इंटर की छात्रा ने आत्महत्या कर ली. आज (शुक्रवार) उसका फिजिक्स का पेपर था. घटना नवादा थाना क्षेत्र के क्लब रोड मोहल्ला की है. लड़की अनन्या कुमारी (उम्र करीब 17-18 साल) रेलवे कर्मचारी सतीश कुमार पांडेय की पुत्री थी. वह सीबीएसई बोर्ड से इंटरमीडिएट की परीक्षा दे रही थी. उसके कमरे से सुसाइड नोट मिला है.

परिजनों के अनुसार, गुरुवार की रात खाना खाने के बाद अनन्या अपने कमरे में सोने चली गई थी. देर रात जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई तो परिवार के लोगों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. संदेह होने पर दरवाजा तोड़ा गया तो वह दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी मिली.

कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें लिखा गया था, “बीमारी से परेशान हूं, एग्जाम नहीं दे पाऊंगी. मम्मी-डैडी ध्यान रखिएगा.” बताया जाता है कि अनन्या पिछले कुछ दिनों से जॉन्डिस से पीड़ित थी. शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो गई थी. साथ ही परीक्षा को लेकर भी मानसिक दबाव में थी.परिजनों ने बताया कि वह अक्सर कहती थी कि बीमारी की वजह से उसकी तैयारी पूरी नहीं हो पाई है और वह परीक्षा नहीं दे पाएगी. परिवार ने उसे समझाया भी था. इसके बावजूद उसने इस तरह का कदम उठा लिया. घर वालों ने ऐसा सोचा भी नहीं होगा.

घटना की सूचना मिलते ही नवादा थाना पुलिस मौके पर पहुंची. शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा. पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त किया है. बताया जाता है कि अनन्या दो बहनों और एक भाई में दूसरे स्थान पर थी. पिता रेलवे विभाग में सिग्नल सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं. घटना के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है.

NATIONAL : बूथ अध्यक्ष की बेटी के शादी समारोह में CM धामी ने तोड़ा प्रोटोकॉल, निभाई हल्दी की रस्म

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कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दूरदराज से आए नागरिकों की शिकायतें गंभीरता से सुनीं. उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चिन्यालीसौड़ में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में शामिल हुए. हेलीपैड पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया. कार्यक्रम का उद्देश्य सुदूर क्षेत्रों की जनता की समस्याओं को सीधे सुनना और मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना रहा. यही नहीं उन्होंने बूथ अध्यक्ष की बेटी की शादी समारोह में शामिल होकर हल्दी की रस्म भी निभाई और आशीर्वाद दिया.

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दूरदराज से आए नागरिकों की शिकायतें गंभीरता से सुनीं. उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता के बीच जाकर उनकी बात सुनने और पारदर्शी व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है. उनके नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और जनता का विश्वास भी निरंतर मजबूत हो रहा है.

इसी बीच कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि बीजेपी के बढ़ेथी बूथ अध्यक्ष उत्तम सिंह रावत की पुत्री आशिका रावत का विवाह समारोह चल रहा है. यह सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल से इतर मानवीय संवेदना का परिचय दिया. वे बिना औपचारिक कार्यक्रम के सीधे बूथ अध्यक्ष के घर पहुंचे और परिवार को शुभकामनाएं दीं. मुख्यमंत्री ने विवाह से पूर्व आयोजित हल्दी समारोह में भी परिजन की तरह सहभागिता निभाई. उनकी अचानक उपस्थिति से परिवारजन और स्थानीय कार्यकर्ता भावुक हो उठे. एक साधारण कार्यकर्ता के घर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पहुंचना सभी के लिए प्रेरणादायक क्षण रहा.

मुख्यमंत्री धामी का यह व्यवहार संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं के प्रति उनके आत्मीय संबंधों को दर्शाता है. उन्होंने यह संदेश दिया कि पार्टी की असली शक्ति बूथ स्तर का कार्यकर्ता है और उसका सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आत्मीयता से होना चाहिए. चिन्यालीसौड़ में जनसंवाद और एक कार्यकर्ता के परिवार में सहभागिता. इन दोनों घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री धामी प्रशासनिक दृढ़ता के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी समान महत्व देते हैं.

WORLD : ट्रंप ने किया इशारा तो तुरंत कुर्सी से खड़े हो गए शहबाज शरीफ, जलील करते हुए बोले- ‘पीएम मोदी मेरे…’

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वॉशिंगटन में बोर्ड ऑफ पीस के उद्घाटन सत्र में डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाक शांति का श्रेय खुद लिया. इस बीच उन्होंने शहबाज शरीफ को खड़ा कर पीएम मोदी को अपना करीबी दोस्त बताया.

वॉशिंगटन में आयोजित बोर्ड ऑफ पीस (Board of Peace) के उद्घाटन सत्र में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसकी चर्चा अंतरराष्ट्रीय मीडिया में तेजी से हो रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच शांति का पूरा श्रेय खुद को दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भाषण के बीच खड़ा होने के लिए कहा और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की. यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब ट्रंप भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष को रोकने के अपने दावे का जिक्र कर रहे थे.

संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘भारत और पाकिस्तान का एक बहुत बड़ा मामला था. मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की है. वह बहुत उत्साहित हैं और वास्तव में वह अभी इस कार्यक्रम को देख रहे होंगे.’ इसके बाद उन्होंने शहबाज शरीफ की ओर इशारा करते हुए उन्हें खड़ा होने के लिए कहा. शरीफ प्रोटोकॉल के तहत खड़े हो गए. उसी समय ट्रंप ने मंच से कहा, ‘भारत और पाकिस्तान, आप दोनों का बहुत शुक्रिया. मोदी एक महान व्यक्ति हैं और मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं.’

ट्रंप ने अपने पुराने दावे को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने पिछले वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को एक फोन कॉल के जरिए रोक दिया था. उन्होंने कहा, ‘जब मुझे पता चला कि दोनों देश लड़ रहे हैं और विमान गिराए जा रहे हैं तो मैंने फोन उठाया और कहा कि अगर युद्ध नहीं रुका तो मैं दोनों देशों पर 200 प्रतिशत का व्यापारिक टैरिफ लगा दूंगा.’ हालांकि, भारत पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि भारत-पाकिस्तान के बीच किसी भी संघर्षविराम या शांति प्रक्रिया में तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं रही. इंडिया लगातार यह दोहराता रहा है कि ऐसे मुद्दे द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाए जाते हैं.

कार्यक्रम में जिस तरह से ट्रंप ने सार्वजनिक मंच से शहबाज शरीफ को खड़ा किया और उसी समय पीएम मोदी की तारीफ की, उसे कई विश्लेषकों ने पाकिस्तान के लिए असहज स्थिति बताया है. पाकिस्तान हाल के समय में अमेरिका के साथ अपने संबंधों को मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ट्रंप के बयान में बार-बार भारत और मोदी को प्राथमिकता मिलती दिखी. इससे कूटनीतिक संतुलन पर सवाल उठे हैं.

MAHARASHTRA : गाड़ी में परिवार ही ले जा रहा था 20 साल की युवती का शव, रिक्शा चालक ने खोला राज! पढ़ें पूरा मामला

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छत्रपति संभाजीनगर के वाळूज महानगर क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. वडगांव कोल्हाटी निवासी साबळे परिवार गांव जा रहा था. तिसगांव चौफुली के पास उनकी गाड़ी में संदिग्ध रूप से कुछ लिपटा हुआ होने की सूचना पुलिस को मिली. सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और वाहन की जांच की. गाड़ी खोलकर देखने पर उसमें 20 वर्षीय युवती का शव मिला. इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.

मृतका की पहचान नंदिनी राजू धिवरे (उम्र 20 वर्ष), निवासी वडगांव कोल्हाटी के रूप में हुई है. पूछताछ के दौरान उसकी मां भारती उमेश साबळे और सौतेले पिता उमेश गोविंद उबाळे ने बताया कि युवती ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या की थी और वे उसके अंतिम संस्कार के लिए शव को गांव ले जा रहे थे.हालांकि परिस्थितियां संदिग्ध लगने के कारण पुलिस ने शव को तुरंत घाटी अस्पताल भेजकर पोस्टमार्टम के लिए रखवाया है. आगे की जांच के लिए मां और सौतेले पिता को हिरासत में लिया गया है. मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा.

परिवार ने घर का सामान गांव ले जाने के लिए वडगांव से तिसगांव चौफुली तक एक ऑटो रिक्शा किराए पर लिया था. रिक्शा चालक ने ड्रम, कपड़े और अन्य सामान के साथ एक गट्ठर में कुछ संदिग्ध तरीके से लिपटा हुआ देखा. सामान लोड करते समय उसे शक हुआ. तिसगांव चौफुली पर परिवार को छोड़ने के बाद चालक ने आपातकालीन नंबर 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी कि गाड़ी में रखा सामान संदिग्ध है.

बताया जा रहा है कि युवती का किसी युवक के साथ प्रेम संबंध था. मां का कहना है कि इसी कारण उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की. वहीं यह भी जानकारी सामने आई है कि युवती एक दिन पहले पुलिस थाने में अपने माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने गई थी. इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है. मामले में साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है.

MAHARASHTRA : शादी के कार्ड पर नाम को लेकर विवाद, व्हाट्सऐप स्टेटस पर दी धमकी, फिर 3 की बेरहमी से हत्या

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महाराष्ट्र के धुले में एक सगाई समारोह के दौरान दो समूहों के बीच झगड़ा हो गया, जिसमें तीन लोगों की धारदार हथियारों से हत्या हो गई और तीन अन्य घायल हो गए. घायलों का इलाज चल रहा है और एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

महाराष्ट्र के धुले में एक सगाई समारोह मातम में बदल गया. सगाई और हल्दी की तैयारियों के बीच दो ग्रुप में बहस हो गई और इस दौरान तीन लोगों को धारदार हथियारों से मार दिया गया. वहीं, तीन लोग घायल हो गए जिनका इलाज चल रहा है.ये घटना धुले के पिंपलनेर तालुका के नीलकंठ नगर की है. शुरुआती जांच में पता चला है कि शादी के कार्ड में नाम छपने को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हुआ. मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि देवेंद्र ज्ञानेश्वर पवार, सुरेश मोजगीर गोसावी और साहिल सुरेश गोसावी पर धारदार हथियारों से हमला किया गया. इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई, जबकि पंकज अशोक गिर, सुरेश सुपदुगीर और सागर गोसावी घायल हो गए. इन्हें इलाज के लिए गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया.मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने जानबूझकर इस घटना को अंजाम दिया है. पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई कर रही है. पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में भी लिया है.

NATIONAL : 4 महीने बाद कबाड़ी ने लौटाई 15 लाख की अमानत… रद्दी में आ गया था 100 ग्राम सोना, दिल छू लेगी ये कहानी

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जहां एक ओर चोरी और ठगी की खबरें आम हो गई हैं, वहीं हरियाणा के फरीदाबाद से ईमानदारी की ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने लोगों का दिल जीत लिया. दिवाली पर सफाई के दौरान गलती से 100 ग्राम सोने के गहने कबाड़ में बेच दिए गए. करीब चार महीने बाद कबाड़ी ने वही सोना ढूंढकर न सिर्फ सुरक्षित रखा, बल्कि पुलिस के सामने असली मालिक को लौटा भी दिया.

घर की सफाई में अक्सर लोग पुराना सामान निकालते हैं, लेकिन अगर उसी कबाड़ में आपकी जिंदगी की सबसे कीमती चीज चली जाए तो? फरीदाबाद में ऐसा ही हुआ… एक परिवार ने अनजाने में 15 लाख का सोना कबाड़ समझकर बेच दिया. लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आया, जब 4 महीने बाद कबाड़ी ने जो किया, उसने हर किसी का दिल जीत लिया.

आज के दौर में जहां चोरी, ठगी और लालच की खबरें आम हो गई हैं, वहीं फरीदाबाद से आई यह कहानी इंसानियत और ईमानदारी की ऐसी मिसाल पेश करती है, जिसे सुनकर भरोसा फिर से जिंदा हो उठता है. यह कहानी है अशोक शर्मा और एक कबाड़ी व्यापारी हाजी अख्तर खान की.

अशोक शर्मा ने बताया कि पिछले साल जनवरी में वह अपने परिवार के साथ कुंभ स्नान के लिए घर से बाहर गए थे. घर में चोरी का डर था, इसलिए परिवार ने अपने कीमती गहनों को सुरक्षित रखने के लिए एक डिब्बे में रखकर उसे एक बोरे में छिपा दिया. सोचा था कि यह सबसे सुरक्षित जगह होगी- जहां किसी को शक भी नहीं होगा. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. समय बीता, कुंभ से लौटे, जिंदगी सामान्य हो गई… और फिर आई दिवाली.

दिवाली की सफाई के दौरान घर के पुराने और बेकार सामान को अलग किया जा रहा था. उसी दौरान वह बोरा, जिसमें सोना रखा था, भी कबाड़ समझ लिया गया. बिना जांचे-परखे उसे बाकी रद्दी के साथ कबाड़ी को बेच दिया गया. किसी को अंदाजा तक नहीं था कि उस बोरे में करीब 100 ग्राम सोने के गहने रखे हैं, जिनकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये थी.दिवाली पूजा के दौरान अचानक परिवार को उस सोने की याद आई. जैसे ही बात समझ में आई, पैरों तले जमीन खिसक गई. अशोक शर्मा तुरंत कबाड़ी के पास पहुंचे. काफी तलाश की गई, लेकिन उस समय तक कबाड़ में से सोना नहीं मिल पाया. निराश होकर परिवार घर लौट आया. उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी.

करीब चार महीने बीत गए. इस बीच शायद ही किसी को उम्मीद रही हो कि वह सोना कभी वापस मिलेगा. लेकिन एक दिन, कबाड़ी व्यापारी हाजी अख्तर खान जब अपने गोदाम में कबाड़ छांट रहे थे, तभी उनकी नजर एक कागज में लिपटे पैकेट पर पड़ी. जब उसे खोला गया, तो अंदर सोने के गहने थे. यह वही सोना था, जो महीनों पहले गलती से बेच दिया गया था.

अब सबसे बड़ा सवाल था- क्या किया जाए? इतनी बड़ी रकम का सोना… जिसे कोई भी आसानी से अपने पास रख सकता था. न कोई गवाह, न कोई पहचान. लेकिन हाजी अख्तर खान ने वह रास्ता चुना, जो ईमानदारी का रास्ता था. उन्होंने बिना देर किए पुलिस से संपर्क किया और पूरा सोना लेकर एसीपी कार्यालय पहुंचे.कार्यालय में अशोक शर्मा और उनके परिवार को बुलाया गया. जैसे ही उन्हें उनका खोया हुआ सोना वापस मिला, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. यह सिर्फ गहनों की वापसी नहीं थी, बल्कि भरोसे की वापसी थी.

कबाड़ व्यापारी हाजी अख्तर खान ने कहा कि जब मुझे सोना मिला, तो मैंने तुरंत सोचा कि यह किसी की मेहनत की कमाई है. इसे उसके मालिक तक पहुंचाना मेरा फर्ज है. मेरे परिवार ने भी मेरा पूरा साथ दिया. उनके इस फैसले ने समाज के लिए एक मिसाल पेश कर दी.

एसीपी जितेश मल्होत्रा ने इस घटना की सराहना करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि आज भी समाज में ईमानदारी जिंदा है. उन्होंने लोगों को यह भी सलाह दी कि अपने कीमती सामान को संभालकर रखें और लापरवाही से बचें.यह कहानी सिर्फ खोए और मिले सोने की नहीं है. यह कहानी है एक छोटी सी गलती की, एक बड़े नुकसान की, और उससे भी बड़ी ईमानदारी की. जहां एक तरफ परिवार की चूक ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया, वहीं दूसरी तरफ एक आम इंसान की सच्चाई ने सब कुछ ठीक कर दिया.

लोगों का कहना है कि हर दिन खबरों में अपराध, धोखाधड़ी और लालच की कहानियां सुनने को मिलती हैं. लेकिन फरीदाबाद की यह घटना बताती है कि दुनिया अभी भी पूरी तरह बदली नहीं है. आज भी ऐसे लोग हैं, जो सही को सही और गलत को गलत मानते हैं- चाहे मौका कितना ही बड़ा क्यों न हो. और शायद यही उम्मीद इस समाज को जिंदा रखे हुए है.

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