Friday, February 6, 2026
Home Blog Page 85

ENTERTAINMENT : एयरपोर्ट पर विराट, अनुष्का से नहीं हटा ध्यान, केमिस्ट्री देखकर फैन्स बोले- नजर ना लगे

कोई शक नहीं कि विराट-अनुष्का को इतने सारे फैंस सिर्फ उनके करियर की वजह से नहीं, फैन्स उन्हें उनके अटूट रिश्ते की वजह से पसंद करते हैं. बॉलीवुड और क्रिकेट जैसे प्रोफेशन में जहां रिश्ते जल्दी टूट जाते हैं, वहां विरुष्का का प्यार और कमिटमेंट बेमिसाल उदाहरण है.

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा देश के सबसे प्यारे लोकप्रिय और प्यारे कपल में से एक हैं. उनके छोटे-छोटे पल भी इंटरनेट पर धूम मचा देते हैं. हाल ही में ऐसा ही कुछ हुआ, जिससे फैंस फिर से उनके दीवाने हो गए हैं. एक वायरल वीडियो में कपल एयरपोर्ट के अंदर चलते दिख रहे हैं. विराट का अनुष्का की तरफ छोटा सा लेकिन बहुत प्यारा इशारा सबकी नजरों में आ गया.

वीडियो में अनुष्का एयरपोर्ट पर अचानक पीछे मुड़कर कुछ देखती हैं. विराट तुरंत पलटकर उन्हें देखते हैं, ये जानने के लिए कि अनुष्का का ध्यान किस चीज पर है. विराट आगे जा रहे थे, लेकिन वो अनुष्का के लिए वो वहीं ठहर जाते हैं. वो तब तक अनुष्का के लिए रुकते हैं, जब तक वो आगे नहीं बढ़ जातीं. इसके बाद दोनों साथ में एयरपोर्ट पर आगे बढ़ते हैं.

अनुष्का के लिए विराट का ये छोटा सा एक्शन लोगों की नजरों में आ गया. शायद कुछ लोगों के लिए छोटी बात हो सकती है, लेकिन विराट-अनुष्का के फैन्स ने इसे बहुत गंभीरता से नोटिस किया. क्योंकि देश के सबसे बड़े क्रिकेटर जब अपनी पत्नी के लिए ये करते हैं, तो यही चीज उन्हें स्पेशल बनाती है.

विराट-अनुष्का हाल ही में फिर से प्रेमानंद जी महाराज से मिलने गए थे. जैसी उम्मीद थी, उनकी मुलाकात का वीडियो तेजी से वायरल हो गया. बातचीत में आध्यात्मिक गुरु ने कपल को सलाह दी कि अपना काम भगवान की सेवा समझें और सफलता मिलने पर भी हमेशा जमीन से जुड़े रहें, घमंड न करें.विराट और अनुष्का बहुत सम्मान और ध्यान से सुनते दिखे. ये इस साल उनकी वृंदावन की तीसरी यात्रा थी. पहले वो जनवरी और फिर मई में वृंदावन आए थे, जब विराट ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा की थी.

कोई शक नहीं कि विराट-अनुष्का को इतने सारे फैंस सिर्फ उनके करियर की वजह से नहीं, बल्कि कपल के तौर पर उनकी एकजुटता और मजबूत रिश्ते की वजह से पसंद करते हैं. बॉलीवुड और क्रिकेट जैसे प्रोफेशन में जहां रिश्ते जल्दी टूट जाते हैं, वहां विरुष्का का प्यार और कमिटमेंट बेमिसाल उदाहरण है.

NATIONAL : बहराइच में भेड़ियों का आतंक: घर के आंगन से मासूम को उठा ले गया आदमखोर, परिजनों ने दौड़ाया तो झाड़ी में घायल छोड़कर भागा

0

बहराइच के कैसरगंज में आदमखोर भेड़ियों का खौफ जारी है. देर शाम आंगन में खेल रही 3 साल की बच्ची को भेड़िया उठा ले गया, जिसे परिजनों ने पीछा कर छुड़ाया. वहीं, पिछले हफ्ते भी एक मासूम को भेड़िया अपना शिकार बना चुका है. वन विभाग लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है.

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में आदमखोर भेड़ियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीती रात कैसरगंज क्षेत्र में एक साल की मासूम बच्ची को भेड़िया उसकी मां के पास से उठाकर ले गया. वन विभाग और पुलिस की टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं.बहराइच के कैसरगंज स्थित गोड़हिया नंबर दो में देर शाम घर के आंगन में खेल रही 3 साल की मासूम बच्ची पर आदमखोर भेड़िए ने हमला कर दिया. भेड़िया बच्ची को मुंह में दबाकर भागा, लेकिन परिजनों के खदेड़ने पर 300 मीटर दूर झाड़ी में घायल छोड़कर भाग निकला. फिलहाल, घायल बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना से क्षेत्र के लोग डरे-सहमे हैं.

आपको बता दें कि पिछले हफ्ते थाना कोतवाली कैसरगंज अंतर्गत गोड़हिया नंबर चार के मजरा जरूआ गांव में रात करीब तीन बजे रामकुमार की एक वर्षीय पुत्री आरवी को भेड़िया अपना शिकार बना ले गया. बरामदे में मां के साथ सो रही बच्ची को भेड़िया मुंह में दबाकर गन्ने के खेत की ओर भाग निकला.

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) डॉक्टर राम सिंह यादव ने बताया कि रात साढ़े तीन बजे सूचना मिलते ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. हालांकि, रात के समय घने कोहरे और गन्ने के ऊंचे खेतों के कारण ड्रोन कैमरों को भी परेशानी हुई. दिन का उजाला होते ही फिर से कांबिंग तेज कर दी गई. वन विभाग इस आदमखोर भेड़िए को खोजने और समाप्त करने के प्रयास में जुटा है.

बहराइच में पिछले तीन महीनों से भेड़ियों का कहर जारी है. 10 सितंबर को शुरू हुआ यह खूनी सिलसिला थम नहीं रहा है. अब तक 9 मासूम बच्चों और एक बुजुर्ग दंपत्ति सहित कुल 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 33 लोग घायल हुए हैं. विभाग का दावा है कि उन्होंने अब तक चार भेड़िए मार गिराए हैं, लेकिन बचे हुए भेड़िए लगातार नई वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. 28 और 29 नवंबर को भी दो मासूमों को भेड़ियों ने अपना निवाला बनाया था.

BHAKTI : नए साल पर घर को बुरी नजर से बचाने के लिए करें ये खास उपाय, वास्तु दोष भी हो जाएगा दूर!

0

नया साल शुभ बनाने और घर को बुरी नजर से बचाने के लिए वास्तु शास्त्र में कई आसान उपाय बताए गए हैं. माना जा रहा है कि इन उपायों को करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और अच्छी आर्थिक स्थिति बनी रहेगी. आने वाला साल भी मंगलमयी रहेगा.

New Year 2026 Upay: कुछ ही वक्त में नया साल शुरू होने वाला है. इस नए वर्ष को शुभ बनाने के लिए वास्तु शास्त्र में कई बातों का जिक्र किया गया है. इसके अलावा, नए साल पर कई लोग नए घर भी खरीदते हैं, जिसको लेकर अक्सर बुरी नजर का सबसे ज्यादा डर लगा रहता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब भी किसी को बुरी नजर लगती है तो इसका प्रभाव सबसे ज्यादा आर्थिक जीवन और स्वास्थ्य पर पड़ता है. आज हम कुछ ऐसे ही खास उपायों से परिचित करवाने वाले हैं जिनको अपनाने से नए साल पर आपके घर को बुरी नजर जैसे दोष का सामना नहीं करना पड़ेगा. आइए जानते हैं.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, नए साल के पहले दिन अपने घर के मुख्य द्वार पर लाल रंग से स्वास्तिक जरूर बनाएं. आप चाहें तो बाजार से लाकर भी स्वास्तिक भी घर के मुख्य द्वार पर लगा सकते हैं. इसके अलावा, मुख्य द्वार पर गणेश जी प्रतिमा या चित्र लगाना भी बहुत ही शुभ माना जाता है. कहते हैं कि इस एक उपाय को करने के सभी घर में सिर्फ सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव रहेगा.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, नए साल पर मुख्य द्वार पर काले घोड़े की नाल टांगना भी शुभ माना जाता है. कहते हैं कि घोड़ी का नाल टांगने का सबसे शुभ है शनिवार. इस दिन यह काम करने के बाद एक दीपक प्रज्वलित करें और शनिदेव के मंत्रों का जाप करें. इस एक उपाय को करने से बुरी नजर कोसों दूर भाग जाएगी.

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, नए साल के पहले दिन मुख्य द्वार के बाहर आम के पत्तों या अशोक के पत्तों का वंदरवार लटकाना बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है. जानकारी के अनुसार, वंदरवार हर 15 दिन में बदलना चाहिए. कहते हैं वंदरवार भी बुरी नजर से बचाव का एक साधन होता है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिन एक सफेद कपड़े में थोड़ा सा नमक, गेहूं या सेंधा नमक भी मिला सकते हैं, इसके बाद इनकी एक पोटली तैयार कर लें. फिर, इस पोटली को मुख्य द्वार के बाहर छुपाकर लटका दें, ऐसा करने से किसी की बुरी नजर घर पर नहीं पड़ेगी. लेकिन, ध्यान रहे कि इस पोटली को हर 2-3 महीने में बदलते रहना होगा.

NATIONAL : बिहार के इस क्रिकेटर पर KKR ने लगाई 1 करोड़ की बोली, झूम उठा पूरा गांव

0

रोहतास के सासाराम निवासी भारतीय तेज गेंदबाज आकाशदीप को आईपीएल 2026 के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स ने एक करोड़ रुपये में खरीदा है. इस खबर से उनके गांव में खुशी है. आकाशदीप इन दिनों गांव में ही हैं और सादा जीवन जीते हुए युवाओं के लिए प्रेरणा बने हुए हैं.

बिहार के रोहतास जिले के सासाराम से ताल्लुक रखने वाले भारतीय क्रिकेटर Akash Deep को Kolkata Knight Riders ने एक करोड़ रुपये की बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया है. इस खबर के सामने आते ही रोहतास जिले और उनके गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है.

आकाशदीप मूल रूप से सासाराम के पास स्थित एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं. बताया जा रहा है कि वे पिछले दो से तीन दिनों से अपने गांव में ही समय बिता रहे हैं. गांव के लोग उन्हें अपने बीच देखकर बेहद खुश हैं. गांव में हर तरफ उनकी सफलता की चर्चा है.आकाशदीप का कहना है कि वे लगातार बंगाल की टीम से खेलते आए हैं. ऐसे में कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीम के साथ खेलना उनके लिए काफी खास रहेगा. उन्होंने कहा कि क्रिकेट संभावनाओं का खेल है, लेकिन उन्हें पूरी उम्मीद है कि आईपीएल 2026 में KKR का प्रदर्शन शानदार रहेगा.

दो दिन पहले आकाशदीप का जन्मदिन भी था, जिसे उन्होंने अपने गांव में ही सादगी के साथ मनाया. गांव में वे एक सामान्य युवक की तरह घूमते नजर आए. लोग बताते हैं कि आकाशदीप बेहद सादा जीवन जीते हैं और किसी तरह का दिखावा पसंद नहीं करते.आकाशदीप कहते हैं कि जब भी उन्हें क्रिकेट से समय मिलता है, वे सीधे अपने गांव आ जाते हैं. गांव का शांत और सादा जीवन उन्हें बहुत पसंद है. उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे रोहतास जिले को गर्व महसूस हो रहा है. गांव के युवाओं के लिए आकाशदीप आज एक प्रेरणा बन गए हैं.

NATIONAL : गांजा पीने की शिकायत बुजुर्गों से की, नाबालिगों ने तीन छोटे बच्चों को बेरहमी से पीट दिया, वीडियो वायरल

0

विरुधुनगर के ओंडिपुलिनायकनूर में नाबालिग लड़कों द्वारा तीन छोटे बच्चों की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ है. बच्चों ने गांजा पीने की शिकायत गांव के बुजुर्गों से की थी. नाराज नाबालिगों ने बच्चों को सुनसान जगह ले जाकर पीटा. परिवार ने अमाथुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है.

विरुधुनगर जिले के ओंडिपुलिनायकनूर इलाके से सामने आए एक वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. इस वीडियो में नाबालिग लड़कों का एक समूह तीन छोटे बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट करता दिखाई दे रहा है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पूरे इलाके में चर्चा और चिंता का माहौल है.

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नाबालिग लड़के पहले बच्चों से किसी मुद्दे को लेकर पूछताछ करने की कोशिश करते हैं. कुछ ही देर बाद वे बच्चों को थप्पड़ मारना शुरू कर देते हैं और लात-घूंसे बरसाते हैं. बच्चे लगातार रोते और खुद को बचाने की कोशिश करते नजर आते हैं, लेकिन हमलावर उनकी एक नहीं सुनते.

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिन छोटे बच्चों के साथ मारपीट की गई, उन्होंने गांव के बुजुर्गों को कुछ नाबालिगों द्वारा गांजा पीने की सूचना दी थी. इसी बात से नाराज होकर आरोपित नाबालिग लड़के बच्चों को एक सुनसान जगह पर ले गए. वहां उनसे पूछताछ करने के बहाने उन्होंने बच्चों के साथ मारपीट शुरू कर दी.

घटना का वीडियो सामने आने के बाद बच्चों के परिवार में भारी आक्रोश है. परिजनों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है. बच्चों के परिवार ने आमतुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और अब पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं.इस घटना ने इलाके में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. वायरल वीडियो को लेकर लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.

NATIONAL : दो साल की सजा मिलते ही महाराष्ट्र के खेल मंत्री ‘गायब’, अरेस्ट वारंट जारी

0

कोर्ट ने महाराष्ट्र के खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है. कोर्ट ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास स्कीम के तहत फ्लैट घोटाले में दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी और फैसले को तुरंत लागू करने के आदेश दिए थे.

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. नासिक डिस्ट्रिक्ट और सेशंस कोर्ट ने राज्य के खेल मंत्री और अजित पवार गुट की एनसीपी के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है॥ यह कार्रवाई उस फैसले के एक दिन बाद हुई है, जिसमें कोर्ट ने कोकाटे और उनके भाई विजय कोकाटे को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट घोटाले में दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी.

डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज पी.एम. बदर ने एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रूपाली नरवाडिया को आदेश दिया था कि सजा पर तुरंत अमल किया जाए. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि अगर जुर्माना अदा नहीं किया गया तो दोषियों को एक महीने की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी. इसी आदेश के आधार पर गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की गई है.

हालांकि, कोर्ट के फैसले के बाद से ही माणिकराव कोकाटे और उनके भाई नॉट रीचेबल बताए जा रहे हैं. यह जानकारी सामने आई है कि दोनों किसी निजी अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन उनकी ओर से कोई आधिकारिक मेडिकल विवरण या बयान सामने नहीं आया है. इस वजह से कोर्ट के आदेशों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

कोकाटे भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने नासिक शहर के कनाडा कॉर्नर जैसे प्रमुख इलाके में मुख्यमंत्री आवास स्कीम के 10 प्रतिशत रिजर्व कोटे का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी से चार फ्लैट अपने नाम कराए. यह मामला 1997 से अदालत में चल रहा था और इसमें कुल चार आरोपी बनाए गए थे. इस केस की शुरुआत 1995 के दस्तावेजों में कथित जालसाजी और धोखाधड़ी से जुड़ी बताई गई है.

इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है. जानकारी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मुद्दे पर मुलाकात कर चर्चा की है, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला है. एनसीपी शरद पवार गुट के नेता रोहित पवार ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से सवाल किया है कि जब कानून के तहत अन्य जनप्रतिनिधियों की सदस्यता रद्द हो सकती है, तो माणिकराव कोकाटे की विधानसभा सदस्यता पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही. उन्होंने इसे कानून की समानता से जोड़ते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

NATIONAL : मोबाइल, सिम कार्ड, चाकू और गांजा… कर्नाटक की जेलों में छापेमारी के दौरान क्या-क्या मिला

0

कर्नाटक की जेलों में विशेष अभियान के तहत अवैध सामानों की बड़ी बरामदगी हुई है. पिछले 36 घंटों में राज्य की विभिन्न जेलों में मोबाइल फोन, गांजा और अन्य प्रतिबंधित चीजें जब्त की गईं. पुलिस ने बताया कि इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि जेलों के भीतर अवैध गतिविधियों पर लगाम कसी जा सके.

कर्नाटक की जेलों में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. कर्नाटक पुलिस (जेल) के महानिदेशक आलोक कुमार ने बताया कि राज्यभर की जेलों में पिछले 36 घंटों के भीतर चलाए गए विशेष तलाशी अभियान में मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चाकू और गांजा जैसे सामान बरामद किए गए हैं.

एजेंसी के अनुसार, डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि बेंगलुरु सेंट्रल जेल से छह मोबाइल फोन और चार चाकू जब्त किए गए हैं. वहीं मैसूर जेल में तलाशी के दौरान नौ मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड बरामद हुए. यह बरामदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि जेल के भीतर से भी अवैध गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिशें की जा रही थीं.

इसके अलावा बेलगावी जेल से चार मोबाइल और 366 ग्राम गांजा बरामद किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि गांजा जेल परिसर के बाहर से अंदर फेंका गया था, जिसे सतर्कता के चलते जब्त कर लिया गया. मंगलुरु जेल से चार मोबाइल फोन और विजयपुरा जेल से एक मोबाइल भी बरामद किया गया है.

डीजीपी आलोक कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि जेलों के भीतर अवैध गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के विशेष तलाशी अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे, ताकि जेलों के भीतर अनुशासन बनाए रखा जा सके.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल और सिम कार्ड का इस्तेमाल कैदी बाहर से संपर्क, अवैध लेन-देन और आपराधिक नेटवर्क के लिए करते हैं. ऐसे में इस तरह की बरामदगी जेल सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती है.

कर्नाटक पुलिस प्रशासन ने कहा है कि इस मामले में जेल कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रतिबंधित सामान जेल के भीतर कैसे पहुंचा.

BIHAR : संतान न होने की सजा, पति और ससुराल वालों ने ले ली जान, सबूत छुपाने के लिए झटपट जला दिया शव

0

बिहार के भोजपुर जिले में संतान न होने के कारण एक विवाहिता की बेरहमी से हत्या कर दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोप है कि पति और ससुराल वालों ने महिला की गला दबाकर हत्या की और सबूत मिटाने के लिए शव को श्मशान घाट में जला दिया. पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है.

बिहार के भोजपुर जिले से समाज को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां संतान नहीं होने के कारण एक विवाहिता की बेरहमी से हत्या कर दी गई. आरोप है कि पति और ससुराल वालों ने पहले महिला का गला दबाकर उसकी जान ली और फिर सबूत मिटाने के लिए उसके शव को आनन-फानन में श्मशान घाट ले जाकर जला दिया.

दरअसल, यह सनसनीखेज मामला भोजपुर जिले के अजीमाबाद थाना क्षेत्र के मेघरिया गांव का है. मृतका की पहचान 26 वर्षीय नीतू कुमारी के रूप में हुई है, जो मेघरिया गांव निवासी श्रीओम गुप्ता की पत्नी थी. आरोप है कि नीतू को संतान नहीं होने के कारण उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, और इसी वजह से उसकी हत्या कर दी गई. हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से आरोपियों ने शव को नगर थाना क्षेत्र के गांगी स्थित मुक्तिधाम श्मशान घाट में जला दिया. सूचना मिलने पर पुलिस हरकत में आई और मंगलवार को एफएसएल टीम मौके पर पहुंची. टीम ने श्मशान घाट से जले हुए शव के अवशेष, दांत, हड्डियों के टुकड़े और खोपड़ी के हिस्से जब्त किए हैं.

इसके साथ ही मृतका की सोने की चेन यानी आभूषण भी बरामद किए गए हैं. एफएसएल टीम सभी नमूनों को जांच के लिए अपने साथ ले गई है. पुलिस ने जांच के क्रम में मोबाइल फोन भी जब्त किया है. इस मामले में मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.

इस जघन्य वारदात के सामने आने के बाद आसपास के इलाकों में दहशत और आक्रोश का माहौल है. लोग इस घटना को समाज पर एक काला धब्बा बता रहे हैं. फिलहाल पुलिस और एफएसएल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. सवाल यह है कि क्या आज भी संतान न होना किसी महिला की जान लेने का कारण बन सकता है? मृतिका के चचेरे भाई रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि बहनोई ने झूठ बोला कि बहन की डिलीवरी में मौत हुई है, पुलिस को बताया कि आत्महत्या की है, हम लोगों को बताया कि तबीयत खराब थी जबकि उसी ने मेरी बहन की हत्या की है. पुलिस सख्ती करेगी तो सच्चाई बताएगा.

वहीं आजिमाबाद थाना के थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार ने बताया कि कि दाह संस्कार के बाद पति खुद थाना आया था. उसने पुलिस से बताया कि हमारी पत्नी आत्महत्या कर ली है. लेकिन पुलिस को बिना सूचना दिए दाहसंस्कार कर दिया. हालांकि, हत्या की शिकायत मिली तो FSL की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की. घर से एक गमछा भी मिला है. घाट पर महिला की जली खोपड़ी, पैर के कुछ अवशेष बचे हैं. पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी.

NATIONAL : कोहरे में स्विफ्ट कार ने चेंज की लेन, टक्कर से उछलकर दूर गिरा बाइकर… गुरुग्राम में एम्बिएंस मॉल के सामने भीषण हादसा

0

वीडियो में साफ दिख रहा है कि घने कोहरे के बीच स्विफ्ट कार अचानक लेन बदलती है, जिससे बाइक सवार बाइकर को ब्रेक लगाने का मौका नहीं मिलता और वह कार से टकराकर सड़क पर कई फीट दूर उछल जाता है. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइकर कई पलटियां खाता हुआ दूर जा गिरा.

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग का कहर देखने को मिला. दिल्ली से गुरुग्राम आते समय AMBIENCE MALL के सामने एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक स्विफ्ट कार और बाइक के बीच टक्कर हो गई.

इस पूरे हादसे की तस्वीर उस बाइक पर लगे फ्रंट कैमरे में कैद हो गई, जो पीड़ित बाइकर्स के ठीक पीछे आ रहे थे. फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि दुर्घटना कार के अचानक लेन बदलने के चलते हुई. हादसे का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है. इस दुर्घटना में बाइक सवार युवक घायल हो गया, जिसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

NATIONAL : ‘मैं घर में पर्स ढूंढ रहा था, तभी मोबाइल की घंटी बजी…’, ईमानदार Uber ड्राइवर ने यात्री को लौटाया रुपयों से भरा पर्स

0

Uber ड्राइवर आनंद बावस्कर ने सवारी अजय फागरे का 10 हजार रुपए से भरा पर्स न केवल सुरक्षित रखा, बल्कि अगले दिन खुद संपर्क करके लौटा दिया.

मध्य प्रदेश की राजधानी में एक कैब ड्राइवर ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है. उसने रुपयों से भरा पर्स सवारी के दफ्तर जाकर लौटाया. जबकि खुद सवारी को नहीं पता था कि उनका पर्स कैब में छूट गया है.

दरअसल, भोपाल गीतांजलि कॉम्प्लेक्स निवासी कारोबारी अजय फागरे रात के समय उबर कैब से सफर कर रहे थे और अनजाने में अपना पर्स कैब में ही भूल गए. पर्स में लगभग 10 हजार रुपए नगद थे, जिसकी जानकारी अजय को अगली सुबह तक नहीं थी.अगली सुबह जब अजय घर में अपना पर्स तलाश रहे थे, तभी उन्हें एक फोन कॉल आया. दूसरी तरफ उबर ड्राइवर आनंद बावस्कर थे. आनंद ने खुद कॉल करके पर्स गुम होने की जानकारी दी और 30 मिनट के भीतर अजय के ऑफिस पहुंचकर पर्स वापस कर दिया.

अजय फागरे ने aajtak.in को बताया, पर्स में नगद राशि उतनी ही थी जितनी उन्होंने छोड़ी थी. आनंद बावस्कर किसी अमीर घराने से नहीं, बल्कि एक मध्यम वर्गीय परिवार से हैं, जिन्होंने अपनी नैतिकता से यह साबित किया कि ईमानदारी परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती.

अजय ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, इस मुलाकात को एक सौभाग्य माना जाना, क्योंकि ऐसे लोग समाज में दूसरों के प्रति विश्वास और उम्मीदों को जीवित रखते हैं.उन्होंने कहा कि आज के दौर में जहां लोग अपने स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं, वहीं आनंद बावस्कर जैसे लोग समाज में ईमानदारी और भरोसे की उम्मीद जगाते हैं. यह कहानी एक ऐसे सच्चे ईमानदार शख्स की है, जिसने अवसर होने के बावजूद बेईमानी का रास्ता नहीं चुना.

- Advertisement -