Friday, February 6, 2026
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NATIONAL : लातूर मेंं तालाब में उतराती मिली महिला और शख्स की लाश, जांच में जुटी पुलिस

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महाराष्ट्र के लातूर जिले के नालेगांव में तालाब से एक महिला और एक पुरुष के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. दोनों शव घरणी नदी के पास बने तालाब में तैरते हुए पाए गए. मृतकों की पहचान हो चुकी है. पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

महाराष्ट्र के लातूर जिले में एक गांव के तालाब से महिला और पुरुष के शव मिलने का मामला सामने आया है. पुलिस के अनुसार, दोनों शव सोमवार को चाकूर तहसील के नालेगांव गांव में घरणी नदी पर बने एक पुल के पास स्थित तालाब में तैरते हुए पाए गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.

मृतकों की पहचान 35 साल की अनीता लक्ष्मण तेलंगे और राजकुमार श्रंगारे के रूप में हुई है. दोनों मूल रूप से नालेगांव गांव के निवासी बताए जा रहे हैं. पुलिस ने बताया कि अनीता लक्ष्मण तेलंगे दिहाड़ी मजदूरी करती थीं, जबकि राजकुमार श्रंगारे वर्तमान में चाकूर तहसील के ही अष्टमोड़े गांव में रह रहा था.पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों की अलग-अलग शादी हो चुकी थी और उनके परिवार भी हैं. ऐसे में दोनों शव एक साथ मिलने के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि, पुलिस ने फिलहाल किसी भी तरह के निष्कर्ष से इनकार करते हुए कहा है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है.

UP : 70 दिनों तक घर में कैद, एक – एक हरकत पर नजर…कानपुर में कपल को डिजिटल अरेस्ट कर 53 लाख की ठगी

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साइबर ठगों ने 70 दिनों तक एक रिटायर्ड इंजीनियर दंपती को डिजिटल अरेस्ट में रखकर 53 लाख रुपये की ठगी कर ली. ठगों ने सीबीआई जांच और सुप्रीम कोर्ट का डर दिखाकर हर कदम पर निगरानी रखी. इलाज, बच्चों और भविष्य को लेकर धमकियों से डरे दंपती चुप रहे और अपनी जीवनभर की कमाई गंवा बैठे.

उत्तर प्रदेश के कानपुर में रानीघाट इलाके से सामने आया है, जहां उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के सेवानिवृत्त सुपरिटेंडेंट इंजीनियर रमेश चंद्र और उनकी पत्नी नीलम को साइबर ठगों ने पूरे 70 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा. इस दौरान ठगों ने उन्हें डर, धमकी और झूठे कानूनी मामलों में फंसाने का भय दिखाकर कुल 53 लाख रुपये की ठगी कर ली.

पीड़ित रमेश चंद्र ने ‘आज तक’ से बातचीत में बताया कि ठगी के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई. इलाज के लिए दिल्ली जाना था, लेकिन हालत यह हो गई कि जेब में एक पैसा भी नहीं बचा. उन्होंने भावुक होकर कहा कि वे जीवन में हमेशा मजबूत रहे, लेकिन बच्चों की सुरक्षा की धमकी ने उन्हें तोड़ दिया. फिलहाल उनके खाते में सिर्फ 11 हजार रुपये बचे हैं, जबकि वे गंभीर रूप से बीमार हैं.

रमेश चंद्र ने बताया कि उनकी दोनों किडनियां खराब हैं और उन्हें सप्ताह में दो बार डायलिसिस कराना पड़ता है. ठगी के बाद इलाज कराना भी मुश्किल हो गया है. बातचीत के दौरान वे बेहद कमजोर नजर आए और पत्नी नीलम का सहारा लेकर बोलते दिखे. नीलम ने बताया कि उन्होंने कभी अपना घर नहीं खरीदा और उम्मीद थी कि बच्चे पढ़-लिखकर घर बनाएंगे, लेकिन ठगों ने जीवनभर की ईमानदार कमाई लूट ली.

पीड़ित दंपती ने बताया कि ठगों ने सबसे पहले उन्हें यह कहकर डराया कि जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल से जुड़े एक मामले में उनके खाते में 538 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए हैं और इसके बदले उन्हें 10 फीसदी कमीशन मिला है. इसके बाद उन्हें नजरबंद करने की बात कही गई और संपत्ति, शेयर, गहने व पीएफ फ्रीज करने की धमकी दी गई.

3 अक्टूबर को 21 लाख रुपये और 20 नवंबर को 23 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कराए गए. अलग-अलग किस्तों में कुल 53 लाख रुपये ठगों के खातों में चले गए. ठगों ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने पर सुप्रीम कोर्ट उन्हें मुआवजा दिलाएगा. 70 दिनों तक दंपती को एक ही कमरे में रहने को मजबूर किया गया. मोबाइल पर लगातार वीडियो कॉल चलती रहती थी. टीवी देखने, किसी से मिलने और घर से बाहर निकलने तक पर पाबंदी थी. बैंक जाने पर भी वीडियो कॉल से निगरानी की जाती थी. बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी के चलते दंपती किसी से मदद नहीं मांग सके.

ठगों ने भरोसा दिलाया था कि जांच पूरी होने पर और निर्दोष साबित होने की स्थिति में सुप्रीम कोर्ट नुकसान की भरपाई करेगा. इसके बाद दोनों को एक ही कमरे में कैद कर दिया गया. बेड के सामने रखी कुर्सी पर मोबाइल रखा रहता था, जिस पर लगातार वीडियो कॉल चलती रहती थी. दूसरे कमरे में जाने तक पर रोक थी. पांच दिनों तक नौकरानी को अंदर आने नहीं दिया गया. टीवी देखने की मनाही थी और वॉशरूम या रसोई जाने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती थी. करीब एक महीने तक दोनों फ्लैट से बाहर नहीं निकले.

नीलम ने बताया कि जब वे बैंक से पैसे निकालने जाते थे, तब एक मोबाइल से वीडियो कॉल के जरिए निगरानी की जाती थी और दूसरे मोबाइल पर लगातार व्हाट्सएप चैट चलती रहती थी. बाहर निकलते समय उन्हें यह बताना होता था कि कौन-से रंग के कपड़े पहने हैं और किस व्यक्ति से मिलने जा रहे हैं. यहां तक कि अमेरिका में रहने वाले एक पुराने दोस्त की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए भी ठगों से इजाजत लेनी पड़ी और किसी से बातचीत न करने की सख्त चेतावनी दी गई.

दंपती ने बताया कि 70 दिनों तक वे किसी से कुछ नहीं कह सके, क्योंकि ठगों ने धमकी दी थी कि उनके दोनों बेटों पर नजर रखी जा रही है. यदि किसी को जानकारी दी गई तो बेटों का भविष्य बर्बाद कर दिया जाएगा और बड़े बेटे को अमेरिका से वापस भेज दिया जाएगा. बच्चों की सुरक्षा के डर से वे चुप रहे.

रमेश ने बताया कि वीडियो कॉल के दौरान किसी का चेहरा साफ नजर नहीं आता था. कुछ लोग खुद को सर्विलांस अधिकारी बताते थे और संतोष, ए. अनंतराम व उमेश मच्छंदर जैसे नाम बताते थे. वे दिन-रात निगरानी का दावा करते थे और धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते थे. खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले एक युवक ने वीडियो कॉल पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई भी दिखाई, जिसमें पूरा माहौल अदालत जैसा ही नजर आ रहा था. यह मामला साइबर ठगी के बढ़ते और खतरनाक स्वरूप की चेतावनी है, जहां डर और तकनीक के जरिए लोगों को मानसिक रूप से कैद कर लिया जा रहा है.

NATIONAL : महाराष्ट्र के बीड में नौकरी का लालच देकर महिला से गैंग रेप, चार गिरफ्तार

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पुणे की एक महिला को बीड में नौकरी का लालच देकर गैंगरेप के मामले से सनसनी फैल गई है. तीन पुरुषों ने कथित तौर पर महिला को जाल में फंसाकर बलात्कार को अंजाम दिया. मामले में 4 युवकों को गिरफ्तार किया गया है.

महाराष्ट्र के पुणे जिले की एक महिला को बीड में नौकरी का लालच देकर गैंगरेप के मामले से सनसनी फैल गई है. तीन पुरुषों ने कथित तौर पर महिला को जाल में फंसाकर बलात्कार को अंजाम दिया. पुलिस ने बताया कि यह घटना छह महीने पहले घटी थी और कुछ दिन पहले इस संबंध में एक महिला सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.आरोपी महिला ने पीड़िता को बीड जिले के अंबाजोगाई स्थित एक कला केंद्र में नौकरी दिलाने का झांसा देकर फुसलाया था.

अंबाजोगाई पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने पीड़िता की शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि उसके वहां पहुंचने पर महिला और दो अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की और उसे जबरन कस्बे के एक लॉज में ले गए. यहां तीन पुरुषों ने कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया. उन्होंने बताया कि उसे वेश्यावृत्ति में धकेलने का भी प्रयास किया गया.

पीड़िता ने हाल ही में किसी तरह अपनी मां से संपर्क किया तो वह तुरंत अंबाजोगाई पहुंची. अपनी बेटी को बचाया और उसे वापस बारामती ले आई. अधिकारी ने बताया कि इसके बाद बारामती पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और आगे की जांच के लिए मंगलवार को इसे अंबाजोगाई ग्रामीण पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया गया. मामले की आगे की जांच जारी है.

GUJARAT : सूरत की केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग, मौके पर पहुंचीं 10 दमकल गाड़ियां

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सूरत के पलसाना में श्री बालाजी केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई. ज्वलनशील केमिकल के कारण आग तेजी से फैल गई. दमकल की 10 से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है.

गुजरात में सूरत के पलसाना इलाके के मखिगा गांव में स्थित श्री बालाजी केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई. यह घटना आज सुबह की बताई जा रही है, जहां अचानक फैक्ट्री से ऊंची लपटें उठने लगीं. केमिकल फैक्ट्री होने की वजह से आग ने बहुत कम वक्त में विकराल रूप धारण कर लिया है. दमकल विभाग की दस से ज्यादा गाड़ियां घटनास्थल पर आग बुझाने के लिए पहुंचीं. फिलहाल इस हादसे में किसी की जान जाने या घायल होने की कोई जानकारी नहीं मिली है.

हादसा पलसाना के मखिगा गांव स्थित ‘श्री बालाजी केमिकल’ फैक्ट्री में हुआ है. चश्मदीदों के मुताबिक, आग इतनी भयानक थी कि इसकी लपटें दूर-दूर से देखी जा सकती थीं. फैक्ट्री के भीतर भारी मात्रा में ज्वलनशील केमिकल मौजूद था.

आग लगने की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीमें हरकत में आईं और 10 से ज्यादा गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. दमकलकर्मी आग को फैलने से रोकने के लिए लगातार पानी की बौछार करना शुरू कर दिए. फैक्ट्री के आसपास के इलाकों को एहतियातन खाली कराया गया, जिससे आग की चपेट में कोई और न आए. प्रशासन की पहली प्राथमिकता आग पर पूरी तरह काबू पाना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई व्यक्ति अंदर फंसा न रह जाए.

अभी तक मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस भीषण अग्निकांड में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है. प्रशासन और पुलिस की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति की निगरानी कर रही हैं. फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, जिसे आग बुझने के बाद जांच के दायरे में लिया जाएगा.

NATIONAL : 22 मुस्लिम परिवारों के मकानों पर चला बुलडोजर, SDM बोले- 22 फीट का रास्ता कब्जे के कारण 2 फीट रह गया था

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छतरपुर जिला अधिकारियों का दावा है कि जो रास्ता 22 फीट चौड़ा होना चाहिए था, वह अतिक्रमण के कारण महज 2 फीट का रह गया था. इस वजह से चौड़ीकरण की कार्रवाई की गई.

मध्यप्रदेश के छतरपुर में लंबे समय से पसरे अतिक्रमण पर बुधवार सुबह बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई. जिन 22 मकानों पर प्रशासन बुलडोजर चलाया गया, उनमें मुस्लिम समुदाय के लोग रह रहे थे. इस कार्रवाई के दौरान नाराजगी देखी गई.कोतवाली थाना इलाके के गोपाल टोरिया के रास्ते पर अतिक्रमण कर घर बना लिए गए थे. जिन लोगों के घरों पर कार्रवाई हुई, उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

प्रभावितों ने मीडिया के सामने आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने हैं, फिर भी प्रशासन ने उन्हें तोड़ दिया है. अब हम बच्चे सहित बेघर हो चुके हैं.उधर, इस मामले में SDM अखिल राठौर का कहना है कि यह रियासत कालीन गोपाल टोरिया है, जिसके पहुंच मार्ग पर अतिक्रमण हो चुका था. इसके करीब 20 मकानों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें हटाकर मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है.

प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि 22 फीट का मार्ग मात्र दो फीट का बचा था और इन सभी लोगों को अप्रैल माह से लगातार नोटिस दिए जा रहे थे, मगर ये लोग खुद से मकान खाली करने को तैयार नहीं थे, इसलिए आज इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है.

GUJARAT : ‘B0mB BIast @1:11PM’, अहमदाबाद के स्कूलों को मिला धमकी भरा ई-मेल, मौके पर डॉग स्क्वॉड

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गुजरात के अहमदाबाद में प्रमुख स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद बच्चों की छुट्टी कर दी गई है. बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर है, सर्च ऑपरेशन जारी है.

गुजरात के अहमदाबाद शहर के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. धमकी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और इन स्कूलों में छात्रों की छुट्टी कर दी गई है. यह धमकी करीब 10 स्कूलों को मिली है. जिन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, उन स्कूलों में पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और फायर ब्रिगेड की टीमें पहुंच गई हैं. स्कूल बिल्डिंग को खाली कराकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

जानकारी के मुताबिक अहमदाबाद शहर के कई स्कूलों को एक ई-मेल मिला है. इन स्कूलों की संख्या 10 के करीब बताई जा रही है. इस ई-मेल में स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इस ई-मेल की सब्जेक्ट लाइन में ‘B0mB BIast @1:11PM’ लिखा गया है. यह धमकी भरा ई-मेल ‘Munro Quickel’ नाम वाली ई-मेल आईडी से भेजा गया है.

धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद एक्टिव हुए स्कूल प्रबंधन ने इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी. स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की जानकारी पाकर पुलिस-प्रशासन भी एक्टिव मोड में आ गया. पुलिस के साथ ही बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड, फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल स्कूलों में पहुंच गईं और जांच शुरू कर दी है.

ई-मेल अकाउंट और इसे भेजने वाले की तहकीकात भी साइबर क्राइम पुलिस ने शुरू कर दी है. जिन स्कूलों को धमकी मिली है, उनमें महाराजा अग्रसेन, जेबर, निर्माण, डिवाइन, देव इंटरनेशनल और शहर के अन्य नामी गिरामी स्कूल शामिल हैं. गौरतलब है कि हाल ही में जालंधर के स्कूलों को भी ई-मेल के जरिये बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसके बाद स्कूल खाली करा लिए गए थे.

ENTERTAINMENT : 6 एकड़ का सेट, 500 लोग, 20 दिन… PAK के बाहर कैसे बना ‘धुरंधर’ का ल्यारी?

धुरंधर फिल्म के लिए कैसे बैंकॉक में 6 एकड़ का ल्यारी सेट सिर्फ 20 दिनों में बनाया गया? जानिए रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म के पीछे की पूरी कहानी, शूटिंग लोकेशन, एक्शन सेट और मेकिंग डिटेल्स.

बड़ी एक्शन फिल्मों में एक विश्वास करने लायक दुनिया बनाना सबसे मुश्किल काम होता है. लेकिन ‘धुरंधर’ ने इस चैलेंज को पूरी ताकत से लिया. पाकिस्तान के कराची के सबसे जटिल और घनी आबादी वाले इलाके ल्यारी को बिल्कुल असली जैसा दिखाने के लिए मेकर्स ने बैंकॉक में सिर्फ 20 दिनों में 6 एकड़ का भव्य सेट बनाया. इसमें रोजाना लगभग 500 वर्कर्स काम करते थे. इस बड़े सेट का डिजाइन प्रोडक्शन डिजाइनर सैनी एस जोहर ने किया, जिन्होंने हाल ही में इस प्रोजेक्ट के स्केल और लॉजिस्टिक्स के बारे में बात की.

‘धुरंधर’ की शूटिंग बैंकॉक, मुंबई और चंडीगढ़ में हुई. लेकिन ल्यारी के ज्यादातर सीन थाईलैंड में फिल्माए गए. हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया को दिए इंटरव्यू में जोहर ने बताया कि टीम ने कई देशों में लोकेशन रेकी के बाद बैंकॉक चुना.वो बोले- हमें 20 दिनों में 6 एकड़ का सेट बनाना था, वो भी ऐसे देश में जहां मैं भारत से ज्यादा लोगों को नहीं ले जा सकते. 500 लोगों को उड़ाकर सेट नहीं बना सकते. इसलिए वहां के आर्टिस्ट्स के साथ कोलैबोरेट किया. ये फैसला क्रिएटिव फ्रीडम और लॉजिस्टिक्स की वजह से लिया गया, ताकि स्पेस या शेड्यूल की दिक्कत न हो.

इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जबरदस्त को-ऑर्डिनेशन और 24 घंटे काम जरूरी था. जोहर ने बताया कि ज्यादातर मैनपावर लोकल था, साथ में छोटी इंडियन कोर टीम. जोहर बोले- थाई मैनपावर 300-400 लोगों का था, कुल मिलाकर 500 लोगों ने दिन-रात 20 दिनों तक काम करके 6 एकड़ का सेट बना दिया. नतीजा था ल्यारी की तंग गलियां, ऊंची इमारतें और गंदी बनावट का हू-ब-हू रीक्रिएशन, जो फिल्म के हाई-स्टेक्स एक्शन और स्पाई सीक्वेंस के लिए परफेक्ट था.

थाईलैंड में मुख्य ल्यारी पार्ट्स के अलावा मुंबई में भी बड़ा सेट बनाया गया. मड आइलैंड पर 4 एकड़ का सेट एक्शन सीन के लिए डिजाइन किया गया. जोहर ने कहा- वो बहुत बड़ा सेट था. इसमें ढेर सारा एक्शन था, कई ब्लास्ट सीक्वेंस भी. इन सेट्स से फिल्ममेकर्स ने सेफ्टी और विजुअल इम्पैक्ट के बिना बड़े सीक्वेंस शूट किए.

इन सब में शूटिंग का टाइमिंग बड़ा रोल प्ले करता. फिल्म जुलाई में शुरू हुई, जो मुंबई के मानसून सीजन के बीच था. जोहर बोले- हमारे स्टार्स और स्केल के साथ मुंबई में शूटिंग असंभव थी. हमें 6 एकड़ स्पेस चाहिए था, स्टूडियो ऑप्शन नहीं. जुलाई में मुंबई सेटअप मुश्किल था. थाईलैंड ने मौसम, स्पेस और इंफ्रास्ट्रक्चर का सही कॉम्बिनेशन दिया.

आदित्य धर डायरेक्टेड ‘धुरंधर’ पाकिस्तानी पॉलिटिशियन, गैंगस्टर्स और टेरर नेटवर्क्स के नेक्सस को दिखाती है. ल्यारी में सेट ये फिल्म एक इंडियन स्पाई की कहानी है जो क्रिमिनल गैंग्स और टेरर आउटफिट्स में घुसता है.

रणवीर सिंह के साथ अर्जुन रामपाल, अक्षय खन्ना और संजय दत्त हैं. फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. दूसरे हफ्ते में हाउसफुल शो चल रहे हैं. दूसरे सोमवार को भारत में करीब 29 करोड़ नेट कलेक्शन किया, जो इसे ऑल टाइम बड़ी हिंदी फिल्मों में से एक और रणवीर की सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म बनाता है.

JAIPUR : पलटकर 15 फीट दूर गिरी बच्चों से भरी स्कूल वैन, सामने आया SUV की भयानक टक्कर का

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जयपुर के मानसरोवर इलाके में रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहां स्कूली बच्चों से भरी एक निजी स्कूल वैन को तेज रफ्तार SUV ने टक्कर मार दी. हादसा इतना भीषण था कि वैन हवा में उछलकर पलट गई. इस पूरी घटना का CCTV फुटेज सामने आया है। हादसे में वैन चालक समेत 6 बच्चे घायल हुए हैं.

राजस्थान में जयपुर के मानसरोवर इलाके में मंगलवार सुबह रफ्तार का खौफनाक मंजर देखने को मिला. यहां स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक निजी स्कूल वैन को तेज रफ्तार SUV कार ने टक्कर मार दी. यह पूरा हादसा लाइव CCTV फुटेज में कैद हो गया है, जिसमें टक्कर के बाद वैन का हवा में उछलना और पलटी खाना साफ दिखाई दे रहा है. उस वक्त वैन में कुल 10 स्कूली बच्चे सवार थे, जिसमें वैन चालक इंद्र सिंह सहित 6 बच्चे घायल हो गए.

हादसा मानसरोवर के वीटी रोड पर सुबह करीब 11 बजे हुआ. CCTV फुटेज के मुताबिक, चौराहा पार कर रही स्कूल वैन में अचानक ओवर स्पीड SUV कार जा घुसी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूल वैन करीब 15 फीट दूर जाकर पलट गई. हादसे के तुरंत बाद वैन में सवार बच्चों की चीख-पुकार गूंज उठी और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई. हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बिना देर किए पलटी हुई वैन से बच्चों को बाहर निकाला और सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है.

CCTV फुटेज में यह भी साफ नजर आता है कि टक्कर के बाद SUV कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि स्कूल वैन का बीच का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया. हादसे के बाद आरोपी कार चालक मौके पर ही कार छोड़कर फरार हो गया. सूचना मिलते ही एक्सीडेंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त SUV को जब्त कर लिया गया है.

NATIONAL : સરકાર દ્વારા કરોડોનું આંધણ છતાં કેરળ સહિત અન્ય રાજ્યો કરતાં પણ ગુજરાતમાં બાળમૃત્યુદર વધુ

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કુપોષણના નામે કરોડોનું આંધણ કરવામાં આવી રહ્યુ છે, તેમ છતાંય બાળ મૃત્યુદરને ઓછો કરવામાં સફળતા મળી શકી નથી. કેરળ, કાશ્મીર સહિત અન્ય રાજ્યની સરખામણીમાં ગુજરાતમાં શિશુ મૃત્યુ દર વધુ રહ્યો છે. એક હજાર બાળક દીઠ પાંચ વર્ષથી ઓછી વયના 23 નવજાત મોતને ભેટી રહ્યાં છે.

ગુજરાતમાં શિશુ મૃત્યુ અટકાવવા માટે બાળ સખા યોજના, જનની સુરક્ષા અભિયાન સહિત ઘણી સરકારી યોજનાઓ અમલમાં છે. આ ઉપરાંત કુપોષણમુક્ત ગુજરાત બનાવવા રાજ્ય સરકાર લાખો કરોડોનું આંધણ કરી રહી છે. દર વર્ષે બજેટમાં ખાસ નાણાંકીય જોગવાઈ કરવામાં આવી રહી છે. સગર્ભા માતાઓ સુધી લાભ પહોંચાડવામાં આવી રહ્યો છે તેમ છતાંય હજારો નવજાત આજે પણ હોસ્પિટલના બિછાને આખરી શ્વાસ લઇ રહ્યાં છે.

રાજ્ય શિશુ મૃત્યુ દર
ગુજરાત 23 ટકા
કેરળ 8 ટકા
તમિલનાડુ 13 ટકા
હિમાચલ 17 ટકા
કાશ્મીર 15 ટકા
પ.બંગાળ 18 ટકા
આંધ્રપ્રદેશ 21 ટકા
કર્ણાટક 17 ટકા

ગુજરાતમાં આજે પણ બાળ મૃત્યુ દર 15 ટકા રહ્યો છે, જ્યારે દિલ્હીમાં 9 ટકા, કેરળમાં 4 ટકા, પશ્ચિમ બંગાળમાં 13 ટકા, તામિલનાડુમાં 9 ટકા, પંજાબમાં 12 ટકા અને કર્ણાટકમાં શિશુ મૃત્યુદર 11 ટકા રહ્યો છે. અન્ય રાજ્યો શિશુ મૃત્યુદર પર કાબૂ મેળવવામાં સફળ રહ્યાં છે જ્યારે આરોગ્ય ક્ષેત્રે હરણફાળ ભરતાં ગુજરાતને આ મામલે સફળતા સાંપડી નથી.

પાંચ વર્ષ કરતાં ઓછી વયના બાળકોના મૃત્યુ દરમાં ગુજરાતનું પ્રદર્શન ખરાબ છે. ગુજરાતમાં દર હજાર બાળકોએ 23 નવજાત મોતને ભેટી રહ્યાં છે જ્યારે કેરળમાં હજાર દીઠ 8, કાશ્મીરમાં 15, ૫.બંગાળમાં 18, કર્ણાટકમાં 17, મહારાષ્ટ્રમાં 16 અને તામિલનાડુમાં 13 શિશુ મૃત્યુ પામે છે.

ગુજરાતમાં સરકારી યોજનાઓ છેવાડા સુધી પહોંચી છે. એટલુ જ નહીં, કુપોષણ નાબુદ કરવા લાખો કરોડો રૂપિયા સરકારી તિજોરીમાંથી ખર્ચાઈ રહ્યાં છે પણ સામે છેડે વળતર મળતુ નથી. સરકારી યોજનાઓ જાણે બિનઅસરકારક બની રહી છે. સરકારી યોજનાઓ માત્રને માત્ર મળતિયાઓને લાભ પુરતી બની રહી છે જેથી ધાર્યુ પરિણામ મળતુ નથી.

NATIONAL : भाई-बहन ने बाहर खड़ी पड़ोसी की 2 कारों में लगाई आग, वजह कर देगी हैरान!

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गुरुग्राम में एक व्यक्ति और उसकी बहन ने पुरानी दुश्मनी को लेकर घर के बाहर खड़ी पड़ोसी के 2 कारों में आग लगा दी. जिससे दोनों गाड़ियां पूरी तरह जल गईं. वहीं इस घटना से घर के एक हिस्से को भी नुकसान पहुंचा है.

गुरुग्राम के सिधरावली गांव में एक घर के बाहर खड़ी दो कारों में भाई-बहन ने आग लगा दी. एक एजेंसी के मुताबिक यह घटना मंगलवार सुबह गाड़ी के मालिक रमन यादव के घर पर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई. उन्हें शक है कि एक आदमी और उसकी बहन, जिनकी उनके परिवार से पुरानी दुश्मनी है, इसके लिए जिम्मेदार हैं.

पुलिस ने बताया कि मामले को लेकर बिलासपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है. CCTV फुटेज में एक नकाबपोश आदमी सुबह करीब 2.07 बजे एक महिंद्रा थार में आग लगाता हुआ दिख रहा है. जिसके बाद आग पास में खड़ी एक मारुति सुजुकी वैगन R तक फैल गई. गाड़ियों में आग लगाने के बाद वह आदमी भागता हुआ देखा गया.

पुलिस ने बताया कि चूंकि गाड़ियां घर के पास खड़ी थीं, इसलिए आग से घर के एक हिस्से को भी नुकसान हुआ. यादव ने अपनी शिकायत में कहा कि वह और उनका परिवार सो रहे थे, तभी उन्हें बाहर शोर सुनाई दिया. बाहर निकलने पर उन्होंने देखा कि थार आग की लपटों में घिरी हुई थी. जिसके तुरंत बाद वैगन आर में भी आग लग गई. उन्होंने कहा कि आग बुझाने की कोशिशें नाकाम रहीं.

अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम और फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. लेकिन दोनों गाड़ियां पूरी तरह जल चुकी थीं. यादव ने आरोप लगाया कि गांव का एक आदमी शुभाष और उसकी बहन बबली, जिनसे उनके परिवार की पुरानी दुश्मनी थी, इस घटना के पीछे हो सकते हैं.

यादव ने यह भी दावा किया कि कुछ महीने पहले उसकी थार की खिड़कियां खराब हो गई थीं. जिसकी शिकायत दर्ज कराई गई थी. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपियों की पहचान के लिए CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी.

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