Thursday, February 12, 2026
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प्लेन क्रैश में मारे गए सवार सभी लोगों के शव बरामद, बर्फ से ढके समुद्र में मिला विमान का मलबा

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अमेरिका के अलास्का में विमान दुर्घटना (Alaska Plane Crash) में मारे गए सभी 10 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो कर बेरिंग सागर में गिर गया था। नोम वालंटियर दमकल विभाग ने शनिवार दोपहर अपने फेसबुक पेज पर यह जानकारी दी। क्षेत्र में बर्फीली आंधी आने से पहले ही बचाव दलों ने शवों को निकालने के प्रयास शुरू कर दिए थे। दमकल विभाग ने दोपहर करीब तीन बजे सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “बेरिंग विमान हादसे में मारे गए सभी 10 लोगों के शव निकाल लिए गए हैं।”

विभाग ने कहा कि विमान को निकालने के प्रयास जारी हैं। अलास्का के नागरिक सुरक्षा विभाग के अनुसार ‘बेरिंग एयर’ के विमान ने बृहस्पतिवार दोपहर को उनालाक्लीट से उड़ान भरी थी और यह नोम जा रहा था। विमान का मलबा शुक्रवार को बर्फ से ढके समुद्र में मिला था। ‘बेरिंग एयर’ के संचालन निदेशक डेविड ओल्सन ने बताया था कि ‘सेसना कारवां’ ने अपराह्न दो बजकर 37 मिनट पर उनालाक्लीट से उड़ान भरी थी और एक घंटे से भी कम समय बाद उसका संपर्क टूट गया था। ‘नेशनल वेदर सर्विस’ के अनुसार उस समय हल्का हिमपात हो रहा था और कोहरा छाया हुआ था, साथ ही तापमान शून्य से नीचे 8.3 डिग्री सेल्सियस था।

7.6 तीव्रता भूकंप के झटकों से दहला कैरेबियाई द्वीप, सुनामी से तबाही की चेतावनी

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केमैन द्वीप के दक्षिण-पश्चिम में कैरेबियन सागर में 7.6 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए जिसके बाद आसपास के कुछ द्वीपों तथा देशों ने सुनामी की आशंका के कारण तट के निकट रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण विभाग (यूएसजीएस) ने यह जानकारी दी। यूएसजीएस ने बताया कि स्थानीय समयानुसार शनिवार शाम छह बजकर 23 मिनट पर समुद्र के अंदर तेज हलचल महसूस की गई। यूएसजीएस के अनुसार भूकंप का केन्द्र केमैन द्वीप के जॉर्ज टाउन से 130 मील (209 किलोमीटर) दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में 10 किलोमीटर की गहराई में था।

अमेरिकी राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा कि अमेरिकी मुख्य भूभाग के लिए सुनामी की कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन प्यूर्तो रिको और अमेरिकी वर्जिन द्वीप समूह के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। केमैन द्वीपसमूह के प्रबंधन विभाग ने तट के पास रहने वाले लोगों से आग्रह किया है कि वे अंदरूनी इलाकों अथवा ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। विभाग के अनुसार सुनामी के कारण ऊंची लहरें उठने का अनुमान है। प्यूर्तो रिको की गवर्नर जेनिफर गोंजालेज ने एक बयान में कहा कि वह सुनामी की चेतावनी के बाद आपातकालीन एजेंसियों के संपर्क में हैं।

डोमिनिका की सरकार ने भी सुनामी की चेतावनी जारी की है और तट पर रहने वाले लोगों को ‘‘20 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले” इलाकों में चले जाने की सलाह दी है। सरकार ने जहाजों से भी अगले कुछ घंटों तक समुद्र से दूर रहने को कहा है क्यूबा की सरकार ने लोगों से समुद्र तट वाले इलाकों से दूर जाने का अनुरोध किया है। अमेरिकी सरकार के राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन ने कहा कि ‘‘ क्यूबा के कुछ तटों पर सुनामी के कारण ऊंची लहरें उठने की आशंका हैं।”

चीन ने 30 दिनों में तकनीकी और सैन्य क्षेत्रों में हासिल की बड़ी उपलब्धियां

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चीन ने पिछले 30 दिनों में कई महत्वपूर्ण तकनीकी और सैन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। इसमें ओमनीह्यूमन-1 एआई जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का लॉन्च और हाइपरसोनिक मिसाइलों के परीक्षण जैसे कदम शामिल हैं। इसके साथ ही चीन ने छठी पीढ़ी के लड़ाकू जेट के विकास में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

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नवीनतम तकनीकी प्रगति 

चीन ने हाल ही में ओमनीह्यूमन-1 एआई को लॉन्च किया जो एक अत्याधुनिक तकनीकी उपलब्धि है। यह एआई भविष्य की कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मदद करेगा जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य उद्योगों में कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए। इसके अलावा चीन की सैन्य ताकत में भी बढ़ोतरी हुई है जैसे हाइपरसोनिक मिसाइलों का परीक्षण और छठी पीढ़ी के लड़ाकू जेट का विकास। ये प्रगति चीन की सैन्य शक्ति को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

बड़ी निवेश परियोजनाएं 

चीन ने 137 अरब डॉलर की बांध परियोजना जैसे प्रमुख निवेशों की शुरुआत भी की है। यह परियोजना चीन के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेगी और जलवायु परिवर्तन और पानी की कमी जैसी समस्याओं के समाधान में मदद करेगी।

वैश्विक नवाचार में योगदान

चीन अपने नवाचार के क्षेत्र में भी लगातार कदम बढ़ा रहा है। यह देश वैश्विक नवाचार के भविष्य को आकार देने की दिशा में अग्रणी बना हुआ है और आने वाले समय में दुनिया के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चीन का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा।

मैक्सिको में ट्रेलर से टकराने पर बस में लगी आग, 41 लोगों की गई जान

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मैक्सिको में एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना उस समय हुई जब 48 यात्रियों से भरी एक बस हाईवे पर एक ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में तुरंत आग लग गई और वह जलकर पूरी तरह राख हो गई।

बस में आग लगने से मची अफरा-तफरी

रिपोर्ट के अनुसार, यह बस कैनकन से टैबस्को की ओर जा रही थी। यह हादसा शनिवार सुबह एस्कार्सेगा शहर के पास हुआ। दुर्घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन मैक्सिको के कोमाल्काल्को शहर के मेयर ओविडियो पेराल्टा ने हादसे की पुष्टि करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

ताबास्को सरकार ने दी जानकारी

ताबास्को राज्य की सरकार ने बताया कि टक्कर के तुरंत बाद बस में आग लग गई, जिससे वह पूरी तरह जल गई। इस हादसे में घायल यात्रियों की हालत स्थिर बताई जा रही है और उनकी जान को अब कोई खतरा नहीं है।

बस कंपनी ने जताया शोक, होगी कड़ी कार्रवाई

यह बस “टूर अकोस्टा” नामक ट्रैवल कंपनी की थी, जो यात्रियों को सफर पर लेकर जा रही थी। कंपनी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि बस में कुल 48 यात्री सवार थे, जिनमें से 41 की मौत हो गई। हादसे की पूरी जांच की जाएगी कि यह दुर्घटना कैसे हुई। यह भी पता लगाया जाएगा कि बस की गति कितनी थी और गलती किसकी थी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा

कंपनी ने यह भी घोषणा की है कि हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं घायलों को हर संभव मदद दी जा रही है।

 

घायलों का दर्दनाक बयान

इस हादसे से बचकर निकले कुछ घायलों ने बताया कि बस में आग कुछ ही पलों में फैल गई। आग इतनी तेज थी कि बस की पूरी बॉडी पिघलने लगी और अंदर बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके। यात्रियों की चीखें धीरे-धीरे शांत हो गईं, क्योंकि कोई भी उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं कर पाया।

चीन में भूस्खलन के बाद 30 लोग लापता

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दक्षिण-पश्चिमी चीन के सिचुआन प्रांत में शनिवार को भूस्खलन होने से 10 घर इसकी चपेट में आ गए, जिसके बाद 30 लोग लापता हो गए। देश के सरकारी प्रसारक ‘सीसीटीवी’ द्वारा जारी खबर में बताया गया कि आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने जुनलियान काउंटी में भूस्खलन के बाद अग्निशमनकर्मियों सहित सैकड़ों बचावकर्मियों को तैनात किया है जिसके बाद मलबे में दबे दो लोगों को जीवित बाहर निकाला गया।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ द्वारा जारी खबर में बताया गया कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अधिकारियों से लापता लोगों की तलाश करने तथा लोगों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया है। इसके अनुसार, चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने आस-पास के क्षेत्रों में संभावित भूवैज्ञानिक खतरों की जांच और निरीक्षण करने के लिए कहा है।

अब अमेरिका से 487 भारतीयों का होगा Deport, फाइनल रिमूवल ऑर्डर जारी

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केंद्र सरकार ने आज घोषणा की कि अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया है कि 487 संभावित भारतीय नागरिकों के खिलाफ “फाइनल रिमूवल ऑर्डर” (अंतिम निर्वासन आदेश) जारी किए गए हैं। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब 104 भारतीय प्रवासियों को अमेरिका से निर्वासित कर एक C-17 अमेरिकी सैन्य विमान के जरिए भारत भेजा गया, जहां उनके हाथ-पैर जंजीरों में जकड़े हुए थे।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “हमें सूचित किया गया है कि 487 संभावित भारतीय नागरिकों के खिलाफ अंतिम निर्वासन आदेश जारी किए गए हैं। उनके कानूनी दर्जे और स्थिति के बारे में हमें कुछ जानकारी मिली है, और हम इन उपलब्ध आंकड़ों पर काम कर रहे हैं।”

अमेरिकी सैन्य विमान से भारत भेजे गए प्रवासी
104 भारतीय प्रवासियों को लेकर अमेरिकी सैन्य विमान जब अमृतसर पहुंचा, तो यह डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत पहली सामूहिक निर्वासन प्रक्रिया बन गई। ये प्रवासी अवैध तरीके से अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर निर्वासित किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, पूरी उड़ान के दौरान उन्हें हथकड़ियों और बेड़ियों से जकड़कर रखा गया था, और भारत पहुंचने के बाद ही उन्हें मुक्त किया गया।

अमेरिका द्वारा सैन्य विमान के इस्तेमाल पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “यह निर्वासन प्रक्रिया पहले की उड़ानों की तुलना में थोड़ी अलग थी। अमेरिकी प्रणाली में इसे राष्ट्रीय सुरक्षा अभियान के रूप में वर्णित किया गया है।”

निर्वासन पर केंद्र बनाम विपक्ष
निर्वासन और उसे लागू करने के तरीके को लेकर भारत में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष ने सवाल उठाया कि सरकार ने अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए अपनी शर्तों पर कोई प्रयास क्यों नहीं किया।

सरकार ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए अपने रुख का बचाव किया, लेकिन विपक्ष ने तर्क दिया कि सरकार ने पहले संकटग्रस्त क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की थी।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा, “हर देश को अवैध रूप से रहने वाले अपने नागरिकों को वापस लेने की जिम्मेदारी निभानी होती है। अमेरिका में यह निर्वासन प्रक्रिया 2012 से लागू मानकों के तहत की गई है। ICE (यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट) के नियमों के अनुसार, निर्वासन के दौरान हथकड़ी लगाने का प्रावधान है, लेकिन हमें सूचित किया गया है कि महिलाओं और बच्चों को नहीं बांधा गया।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार अमेरिकी अधिकारियों से लगातार संपर्क में है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्वासित भारतीयों के साथ दुर्व्यवहार न हो। उन्होंने कहा,”हम सभी के हित में वैध प्रवास को बढ़ावा देना और अवैध प्रवास को हतोत्साहित करना जरूरी है।”

प्रवासी भारतीयों के लिए नया कानून लाने की तैयारी
भारत सरकार नए प्रवास कानून पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिससे वैध, सुव्यवस्थित और सुरक्षित प्रवासन को बढ़ावा दिया जा सके। लोकसभा में सोमवार को विदेश मामलों पर संसदीय स्थायी समिति, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस सांसद शशि थरूर कर रहे हैं, ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में ‘ओवरसीज मोबिलिटी (सुविधा और कल्याण) विधेयक, 2024’ लाने की सिफारिश की गई है।

अमेरिका का पक्ष
अमेरिका ने भारतीय प्रवासियों को सैन्य विमान से निर्वासित करने के अपने फैसले का बचाव किया है। नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा, “हमारे देश के आप्रवासन कानूनों को लागू करना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।” अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, “मैं उड़ान के विवरण में नहीं जा सकता, लेकिन मैं यह साझा कर सकता हूं कि अमेरिका के आप्रवासन कानूनों को निष्पक्ष रूप से लागू करना हमारी नीति है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी अवैध प्रवासियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।”

बिहार में अनफिट और बीमार पुलिस वालों की जल्द होगी छुट्टी! ADG ने दिया ये निर्देश

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बिहार में पुलिसकर्मियों के लिए अब शारीरिक और मानसिक रूप से फिट (Fitness) रहना जरूरी हो गया है। फिटनेस में कमी आने पर पुलिस कर्मियों को जबरन रिटायर (Retire) कर दिया जा सकता है। इसे लेकर एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। पुलिस मुख्यालय ने असाध्य रोग से पीड़ित या फिजिकल तौर पर अनफिट पुलिसकर्मियों की लिस्ट मांगी है।

पुलिस कर्मियों को जबरन किया जाएगा रिटायर ।। Bihar Police News

एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह स्वास्थ्य संबंधी अयोग्य पुलिसकर्मी को चिन्हित करें आवश्यक प्रक्रिया के तहत उन्हें सेवानिवृत्त करने की कार्रवाई शुरू करें। अब बिहार पुलिस में वही रहेंगे, जो फिजिकली फिट है। यानी कि फिटनेस में कमी आने पर पुलिस कर्मियों को जबरन रिटायर कर दिया जा सकता है। इस आदेश का आधार 1978 के पुलिस नियम 809 को बनाया गया है।

नौकरी के लिए फिटनेस जरूरी  

इसके अलावा, पुलिस मुख्यालय के द्वारा यह भी आदेश दिया गया है कि जिले में हर महीने आयोजित होने वाली पुलिस सभा में सभी पुलिसकर्मियों को यह जानकारी दी जाएगी की फिटनेस उनकी नौकरी के लिए जरूरी है। एसपी और एसपीएस सुनिश्चित करेंगे कि हर पुलिसकर्मी को फिट रहने के लिए जागरूक किया जाए।

MP : 1000 पुलिसवालों संग 8 SDM और 1 KM तक बैरिकेडिंग… 110 दुकानों पर चला बुलडोजर

भोपाल के सुभाष नगर मार्केट में अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने रविवार, 9 फरवरी से बुलडोजर की कार्रवाई शुरू कर दी है। भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में करीब 110 दुकानों को ध्वस्त किया जा रहा है। इस कार्रवाई के पीछे शहर में ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए बनाई जा रही तीसरी लेन का निर्माण है। इस निर्माण कार्य के लिए दुकानदारों को 8 फरवरी तक अपना सामान हटाने का वक्त दिया गया था, और समय सीमा के बाद प्रशासन ने सख्ती से कार्रवाई शुरू की।

कड़ी सुरक्षा के बीच कार्रवाई

सुभाष नगर मार्केट में अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस प्रशासन ने 1000 पुलिसकर्मी, 8 एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की कई टीमें तैनात की हैं। इसके अलावा, पूरे इलाके को करीब 1 किलोमीटर तक बैरिकेड करके बंद किया गया है। मीडिया को भी घटनास्थल पर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस कड़ी सुरक्षा के बीच दुकानों को तोड़ा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम शहर की ट्रैफिक समस्या को सुलझाने और लोगों की आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

ब्रिज निर्माण के लिए उठाया गया कदम

प्रशासन ने बताया कि सुभाष नगर मार्केट में एक नया ब्रिज बनाने का काम किया जा रहा है, जो तीन लेन का होगा। इस परियोजना का उद्देश्य ट्रैफिक की समस्या को कम करना और स्थानीय लोगों को बिना रुकावट के आवाजाही की सुविधा प्रदान करना है। प्रशासन ने दुकानदारों को पहले ही नोटिस दे दिया था कि वे अपनी दुकानों से सामान हटा लें। लेकिन, तय समय सीमा तक जब सामान नहीं हटाया गया, तब प्रशासन ने बुलडोजर की कार्रवाई शुरू की।

बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित लोग

इसी बीच, ‘फ्रंटलाइन’ मैगजीन द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट ने इस प्रकार की कार्रवाई से प्रभावित लोगों की संख्या को लेकर एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने रखा है। हाउसिंग एंड लैंड राइट्स नेटवर्क (HLRN) के मुताबिक, 2017 से 2023 तक, देशभर में ऐसी कार्रवाइयों से कम से कम 16 लाख 80 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्यत: झुग्गियों को हटाने, लैंड क्लीयरेंस, अतिक्रमण हटाने और विकास योजनाओं के तहत की गई है।

क्या होंगे परिणाम?

प्रशासन का कहना है कि ब्रिज का निर्माण पूरा होने के बाद ट्रैफिक समस्या में काफी सुधार होगा। हालांकि, दुकानदारों के लिए यह कार्रवाई चुनौतीपूर्ण हो सकती है क्योंकि उन्हें अपनी दुकानों से सामान हटाने और व्यापार को फिर से शुरू करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके बावजूद, प्रशासन का तर्क है कि यह कदम शहर के समग्र विकास और लोगों की सुविधा के लिए जरूरी है।

बीजापुर मुठभेड़ में 31 माओवादी ढे़र, 2 सुरक्षाकर्मी हुए शहीद

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक और बड़ी मुठभेड़ हुई, जिसमें सुरक्षा बलों ने 12 माओवादी आतंकियों को ढेर कर दिया वहीं 2 जवान भी शहीद हो गए हैं। इस मुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ), जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और कोबरा बटालियन के जवान शामिल थे। इस ऑपरेशन में मारे गए माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं और इलाके में माओवादी संगठन के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। बीजापुर जिले में यह मुठभेड़ एक सप्ताह बाद हुई है, जब 31 जनवरी को सुरक्षा बलों ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान 8 माओवादी मारे थे। उस समय भी माओवादी संगठन के पश्चिम बस्तर संभाग के आतंकवादी सक्रिय थे। इस बार के अभियान में भी सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की, जिससे इस क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को शुरू हुए इस ऑपरेशन का उद्देश्य माओवादी आतंकवादियों की छिपने की जगहों का पता लगाना और उनकी नकेल कसना था। विशेष रूप से, इस अभियान का मकसद उन माओवादी समूहों को निशाना बनाना था जो पश्चिम बस्तर के इलाके में सक्रिय थे।

सुरक्षा बलों का बढ़ा हुआ उत्साह

इस ऑपरेशन में शामिल सुरक्षा बलों के जवानों ने माओवादियों के खिलाफ विशेष रूप से कार्रवाई की। माओवादी गतिविधियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए यह अभियान और भी महत्वपूर्ण बन जाता है। गृह मंत्री अमित शाह ने 6 जनवरी को बयान दिया था कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 2026 तक “नक्सलवाद को समाप्त करना” है, और इस दिशा में हो रही कार्रवाई का यह एक हिस्सा है। बीजापुर में पिछले कुछ महीनों में माओवादियों द्वारा की गई हिंसक घटनाओं के बाद, सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ अपनी रणनीतियों में और तेजी लाई है। 6 जनवरी को हुए आईईडी विस्फोट में आठ जिला रिजर्व गार्ड जवान और एक चालक की जान चली गई थी। यह हमला बीजापुर जिले के बेदरे-कुटरू रोड पर हुआ था, जहां माओवादियों ने सुरक्षा बलों के वाहन को उड़ा दिया था।

गृह मंत्री की संवेदना और प्रतिज्ञा

गृह मंत्री अमित शाह ने माओवादी हमले में शहीद हुए सुरक्षा बलों के जवानों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ट्वीट किया कि “बीजापुर में IED ब्लास्ट में शहीद हुए जवानों के बलिदान को शब्दों में बयां करना असंभव है, लेकिन मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।” इस ट्वीट के जरिए उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और समर्पण को सलाम किया और यह भी कहा कि माओवादियों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।

माओवादी गतिविधियां और सुरक्षा बलों की तैयारी

माओवादियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों का यह अभियान लगातार तेज हो रहा है। सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें अब माओवादियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही हैं। 26 अप्रैल, 2023 को दंतेवाड़ा जिले में माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलों के काफिले पर हमला किया गया था, जिसमें 10 पुलिसकर्मी और एक नागरिक चालक की जान गई थी। इस हमले के बाद, माओवादियों की गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई और तेज हो गई है।

गृह मंत्रालय और राज्य सरकार की तरफ से माओवादी गतिविधियों को समाप्त करने के लिए चलाए गए अभियानों को अब व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। बीजापुर जिले में माओवादी प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों का दबाव लगातार बढ़ेगा। अब यह देखना होगा कि क्या माओवादियों के खिलाफ यह रणनीति और भी अधिक प्रभावी साबित होती है, और क्या इन अभियानों के चलते माओवादी संगठन के समर्थन में कमी आती है।

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