Monday, February 9, 2026
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महाकुंभ : मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ लोग कर सकते हैं संगम में स्नान, श्रद्धालुओं पर होगी पुष्प वर्षा

महाकुंभ 2025 में पिछले 17 दिनों में 15 करोड़ से अधिक लोग गंगा और संगम में स्नान कर चुके हैं तथा बुधवार को मौनी अमावस्या पर और 10 करोड़ लोगों के गंगा स्नान करने की संभावना है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कहा कि प्रशासन ने मौनी अमावस्या के लिए पूरी तैयारी कर ली है।

मौनी अमावस्या पर भारी भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र के चप्पे चप्पे पर सुरक्षा के उपाय किए गए हैं और एआई से युक्त सीसीटीवी कैमरे तथा ड्रोन से लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। मेला क्षेत्र को अगले कुछ दिनों के लिए पहले ही नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है, प्रयागराज जिला प्रशासन ने भी स्थानीय लोगों से चार पहिया वाहनों के उपयोग से बचने तथा वरिष्ठ नागरिकों को संगम पर ले जाने के लिए केवल दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल करने की अपील की है।

प्रदेश सरकार के मुताबिक, मकर संक्रांति (14 जनवरी) को 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं, संतों और कल्पवासियों ने अमृत स्नान में हिस्सा लिया। वहीं आगामी मौनी अमावस्या के लिए आठ से 10 करोड़ लोगों के 28 से 30 जनवरी तक स्नान करने की संभावना है। अकेले मंगलवार को 4.80 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। यह संख्या मकर संक्रांति को अमृत स्नान में डुबकी लगाने वाले 3.5 करोड़ लोगों से भी अधिक है। राज्य सरकार ने कहा कि उसने मौनी अमावस्या के अवसर पर बुधवार को सुबह पौने सात बजे श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा करने की योजना बनाई है।

अमृत स्नान (पूर्व में शाही स्नान), महाकुंभ मेले का सबसे पवित्र और सबसे बड़ा स्नान पर्व होता है जिसमें दुनियाभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए आते हैं। अमृत स्नान का मुख्य आकर्षण विभिन्न अखाड़ों के साधुओं का स्नान होता है। अमृत स्नान की तिथियां सूर्य, चंद्र और बृहस्पति के ज्योतिषीय मेल पर आधारित होती हैं और माना जाता है कि इनके योग से पवित्र नदियों की अध्यात्मिक शक्ति बढ़ जाती है। यह भी माना जाता है कि मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदियों का जल अमृत में परिवर्तित हो जाता है। मौनी अमावस्या का स्नान पारंपरिक रूप से मौन रहकर किया जाता है।

जगद्गुरु साई मां लक्ष्मी देवी ने मीडिया को बताया, ‘‘मौनी अमावस्या न केवल संतों के लिए बल्कि सभी हिंदुओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि लोग इस तिथि पर मौन रहते हुए अध्यात्मिक वृद्धि की कामना करते हैं। मौनी अमावस्या पर गंगा नदी में स्नान करने से शारीरिक और मानसिक लाभ होता है।” इस बीच, प्रयागराज जिला प्रशासन ने पूरे कुंभ क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बलों की तैनाती की है।

जिला मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार मांदड़ ने कहा, दुनियाभर से आ रहे श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए प्रयागराज के लोगों से दोपहिया वाहनों का उपयोग करने या हो सके तो पैदल चलने का अनुरोध है। भारी भीड़ को देखते हुए प्रयागराज में कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूल 28, 29 और 30 जनवरी को बंद रहेंगे। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी मौनी अमावस्या के अवसर पर अवकाश घोषित कर दिया है। हर 12 साल में होने वाला महाकुंभ मेला 13 जनवरी को प्रारंभ हुआ और यह 26 फरवरी तक चलेगा। इस मेले में 40 से 50 करोड़ लोगों के आने की संभावना है।

‘डर और बहादुरी पर उपदेश मत दीजिए, देश जानता है कि कायर कौन है’: केजरीवाल का राहुल गांधी पर पलटवार

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आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा पलटवार करते हुए नेशनल हेराल्ड मामले और रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े कथित भूमि हड़पने के मामले को लेकर उन पर निशाना साधा और इस तरह एक प्रकार से विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में गहराते आपसी मतभेद और उजागर हुए। केजरीवाल मंगलवार को दिल्ली में एक चुनावी रैली में राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणियों का जवाब दे रहे थे।

दरअसल चुनावी रैली में राहुल ने अरविंद केजरीवाल पर तीखा प्रहार किया था और आरोप लगाया कि साफ-सुथरी राजनीति की बात करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सबसे बड़ा शराब घोटाला कर दिया और वह ‘शीशमहल’ में रहने लगे। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि केजरीवाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ‘डरते’ हैं।

केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘डर और बहादुरी पर उपदेश मत दीजिए। देश जानता है कि कौन कायर है और कौन बहादुर है।” ‘आप’ प्रमुख ने गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा शासन के तहत उनके परिवार को जांच से कथित छूट के बारे में सवाल उठाए।

केजरीवाल ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘मोदी तो शराब घोटाले जैसा फर्जी मामले बनाकर भी लोगों को जेल में डाल देते हैं। आप और आपका परिवार नेशनल हेराल्ड जैसे मामले में अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए? रॉबर्ट वाड्रा को भाजपा से क्लीन चिट कैसे मिल गई? डर और बहादुरी पर ज्ञान ना ही दें तो अच्छा है। देश जानता है कौन कायर है और कौन बहादुर।”

केजरीवाल ने राहुल गांधी का एक छोटा क्लिप भी साझा किया जिसमें गांधी कह रहे हैं, ‘‘मुझे अन्य पार्टी के नेताओं के बारे में नहीं पता कि वे प्रधानमंत्री मोदी से डरते हैं या नहीं, लेकिन अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री के सामने कांपते हैं।”

बीमा के एक करोड़ रुपए के लिए बड़े भाई ने की छोटी बहन की हत्या, जानें पूरा मामला

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आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में एक रियल एस्टेट व्यवसायी को एक करोड़ रुपये की बीमे की राशि के लालच में अपनी तलाकशुदा एवं निःसंतान छोटी बहन की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने मंगलवार को बताया कि दो फरवरी 2024 को पूडिली में एक पेट्रोल स्टेशन के पास हुए इस अपराध के लिए मालपति अशोक कुमार (30) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि कुमार कर्ज में डूबा हुआ था, उसने कथित तौर पर अपनी बहन का विभिन्न बीमा कंपनियों से एक करोड़ रुपये का बीमा कराने, उसकी हत्या करने और बीमा राशि का दावा करने के लिए मौत को दुर्घटना का रूप देने की योजना बनाई थी।

उन्होंने बताया कि घटना के दिन कुमार अपनी बहन को अस्पताल ले जाने के बहाने अपनी कार से ओंगोल ले गया फिर उसे नींद की गोलियां दीं और वापस आते समय गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि कुमार को 120 (बी), 302 और 201 तथा आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।

अमेरिका का WHO से अलग होना क्या भारत के लिए बुरी खबर है?, जानें क्या बोले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका के विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से बाहर निकलने की घोषणा से भारत में इस वैश्विक संस्था के साथ साझेदारी में संचालित हो रहीं परियोजनाओं पर असर नहीं पड़ेगा।

नड्डा ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत पिछले 10 साल में हुई प्रगति पर संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमारी परियोजनाएं और कार्यक्रम जारी रहेंगे। जहां तक स्वास्थ्य की बात है तो हम किसी पर आश्रित नहीं हैं।”

उन्होंने कहा, ‘‘कई ऐसे कार्यक्रम हैं जिनमें डब्ल्यूएचओ हमारा साझेदार है और कोई अवरोध पैदा नहीं होगा। भारत डब्ल्यूएचओ में योगदान करने वाला प्रमुख देश है।”

ISRO श्रीहरिकोटा से आज अपना 100वां मिशन GSLV-F15 करेगा लांच; NVS-02 से रीजनल नेविगेशन क्षमता बढ़ेगी

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इसरो के 100वें मिशन जीएसएलवी-एफ 15 रॉकेट के साथ सैटेलाइट एनवीएस-02 को लॉन्च करने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। स्वदेशी क्रायोजेनिक स्टेज वाले रॉकेट को 29 जनवरी को सुबह 6.23 बजे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया जाएगा। 27 घंटे का काउंटडाउन पूरा करने के बाद रॉकेट सैटेलाइट को लेकर रवाना होगा। इसके साथ ही यह इसरो के नए अध्यक्ष वी नारायणन का पहला मिशन होगा।

इसरो ने बताया कि जीएसएलवी-एफ15, एनवीएस-02 सैटेलाइट को भू-स्थिर स्थानांतरण कक्षा में स्थापित करेगा। इसकी 27.30 घंटे की उल्टी गिनती मंगलवार सुबह 02.53 बजे शुरू हुई। इसरो के अनुसार, NavIC (नेविगेशन विद इंडियन कंस्टीलेशन) भारत का स्वतंत्र क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम है। इसका उद्देश्य भारत और भारतीय जमीन से 1,500 किमी तक फैले क्षेत्र में उपयोगकर्ताओं को सटीक पोजीशन, वेलोसिटी और टाइमिंग सेवाएं प्रदान करना है।

इसरो ने बताया कि यूआर सैटेलाइट सेंटर द्वारा डिजाइन और विकसित एनवीएस-02 उपग्रह का वजन लगभग 2250 किलोग्राम है। इसमें एल1, एल5 और एस बैंड में नेविगेशन पेलोड के साथ-साथ सी-बैंड में रेंजिंग पेलोड भी लगाया गया है, जैसा कि इसकी पहली पीढ़ी की सैटेलाइट एनवीएस-01 में था।

कम्यूनिकेशन और वेदर प्रिडिक्शन के लिए खास सैटेलाइट
GSLV-F15 रॉकेट के जरिए जाने वाले सैटेलाइट NVS-02 जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) तक पहुंचाएगा, जिसका सबसे पास वाला पॉइंट (Perigee) लगभग 200 किलोमीटर और सबसे दूर वाला पॉइंट (Apogee) लगभग 36,000 दूर है। यह एक हाईली एलिप्टिकल ऑर्बिट है, जो सैटेलाइट को जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में जाने के लिए सक्षम बनाती है। यह सैटेलाइट खास तौर पर कम्यूनिकेशन और वेदर प्रिडिक्शन के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इन्हें विशेष क्षेत्रों पर नज़र रखने की जरूरत होती है। आसान शब्दों में कहें तो इस ऑर्बिट में सैटेलाइट अपने ही स्थान पर स्थिर रहते हैं, जिससे वो किसी भी स्थान पर लगातार नज़र रख सकते हैं।

विश्व की सबसे ताकतवर वायु सेनाओं की लिस्ट जारी, टॉप पर अमेरिका, जानें भारत की रैंकिग

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ग्लोबल फायरपावर डॉट कॉम ने 2025 की दुनिया की सबसे ताकतवर वायु सेनाओं की लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में भारतीय वायु सेना (IAF) ने अपनी जगह दुनिया की टॉप-5 ताकतवर वायु सेनाओं में बनाई है। इस रैंकिंग का आधार वायु सेनाओं के पास मौजूद फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और अन्य सहायक विमानों की क्षमता पर रखा गया है। ग्लोबल फायरपावर की रिपोर्ट में भारतीय वायु सेना का चौथे स्थान पर आना यह दर्शाता है कि भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया है।

अमेरिकी वायु सेना अभी भी बेजोड़ है, लेकिन भारत की प्रगति वायु शक्ति के क्षेत्र में उसकी महत्ता को उजागर करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वायु सेना (USAF) को दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायु सेना के रूप में मान्यता मिली है। अमेरिका की वायु सेना रूस, चीन, भारत और दक्षिण कोरिया की संयुक्त वायु क्षमता से भी अधिक है। इसके बाद क्रमशः रूस, चीन और भारत का नाम आता है। दक्षिण कोरिया पांचवें स्थान पर और जापान छठे स्थान पर है।

अमेरिका (USAF) 
–  कुल विमान:  5737 हेलीकॉप्टर, 1854 फाइटर जेट, 3722 सहायक विमान
– सैन्य बजट:  800 अरब डॉलर (वैश्विक सैन्य खर्च का 40%)

2. रूस 
कुल विमान:  4292
फाइटर जेट: 809
हेलीकॉप्टर: 1554
रूस की वायु शक्ति अमेरिका की केवल एक तिहाई है।

 3. चीन 
चीन अपनी वायुसेना के आधुनिकीकरण में लगातार निवेश कर रहा है और तीसरे स्थान पर काबिज है।

4. भारतीय वायु सेना (IAF)   
भारतीय वायु सेना ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान प्राप्त किया है।
–  कुल विमान:  2229
–  फाइटर जेट:  53
–  हेलीकॉप्टर:  899
–  सहायक विमान: 831

 5. दक्षिण कोरिया 
कुल विमान: 1592

 6. जापान 
कुल विमान 1443

पाकिस्तान की स्थिति 
ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स में पाकिस्तान की वायु सेना भारत से तीन पायदान पीछे सातवें स्थान पर है।
-कुल विमान: 1399
-फाइटर जेट: 328
– हेलीकॉप्टर: 373
– सहायक विमान: 750

 अन्य देश  
–  मिस्र:  8वां स्थान (1099 विमान)
–  तुर्की:  9वां स्थान (1083 विमान)
–  फ्रांस:  10वां स्थान (976 विमान)

CM हेमंत से मिले शिवरात्रि महोत्सव समिति के सदस्य, देवघर बाबा मंदिर की शिव बारात में शामिल होने का दिया का न्योता

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बीते मंगलवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में शिवरात्रि महोत्सव समिति, बाबा बैद्यनाथधाम, देवघर के सदस्यों ने मुलाकात की।

शिवरात्रि महोत्सव समिति, बाबा वैद्यनाथधाम, देवघर के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को 26 फरवरी को बाबा बाबा मंदिर, देवघर में आयोजित होने वाले शिव बारात में शामिल होने के लिए आमंत्रण पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में शिवरात्रि महोत्सव समिति देवघर के अध्यक्ष अभिषेक आनंद, पंडा धर्मरक्षिणी सभा देवघर के पूर्व महासचिव कार्तिक नाथ ठाकुर, मंत्री अरुणानंद झा, चंद्रशेखर खवाड़े, अपूर्वानंद झा और धर्मेंद्र सिंह शामिल थे।

बता दें कि शिवरात्रि महोत्सव समिति, देवघर की ओर से इस वर्ष भी शिव बारात भव्यता के साथ निकाली जायेगी। समिति के संयोजक बाबा बलियासे ने बताया कि शिव बारात के अध्यक्ष बाबा बैद्यनाथ हैं। बाबा बैद्यनाथ की प्रेरणा से देवघर में पिछले 2 वर्षों से बगैर किसी चंदा के शिव बारात भव्य तरीके से निकाली जा रहा है। इस वर्ष भी पुरानी परंपरा के साथ 26 फरवरी को बाबा बैद्यनाथ की अध्यक्षता में शिव बारात निकाली जायेगी। गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे इस बार भी देवघर के इस भव्य आयोजन में सहयोग करेंगे।

बाबा बलियासे ने बताया कि देवघर में शिव बारात पुराने रूट से निकाली जायेगी। इस वर्ष शिव बारात में पूरी तरह अध्यात्म व सनातन संस्कृति की झलक दिखेगी। महाकुंभ के तर्ज पर साधु, संत व अघोरी सहित कई झांकियों में अध्यात्म व सनातन संस्कृति की झलक दिखेगी। शिव बारात के लिए चंदन नगर से लाइट भी बुक कर लिया गया है।

95 वर्षीय किसान के बिस्तर में छिपे 3 लाख रुपए जलकर राख, अंतिम संस्कार के दौरान खुलासा

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पंजाब के दीनानगर में एक अनोखी घटना सामने आई, जहां एक 95 वर्षीय किसान दलबीर सिंह के अंतिम संस्कार के दौरान उनके बिस्तर में छिपाए गए ₹3 लाख जलकर राख हो गए। यह चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब जलते हुए बिस्तर से 50,000 रुपए की अर्धजली गड्डी गिर गई।

बता दें कि किसान दलबीर सिंह का सोमवार को निधन हुआ था और उनके परिवार को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उन्होंने अपने बैंक खाते से 3 लाख रुपए निकालकर बिस्तर में छिपा रखे थे।

उनके बेटे की सरकारी नौकरी थी और परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी थी, लेकिन यह रहस्य तब सामने आया जब अंतिम संस्कार के दौरान बिस्तर के सिरहाने से 500-500 के नोटों की गड्डी गिरी।

हालांकि, अधिकांश नोट जल चुके थे, फिर भी एक अर्धजला गड्डी मिलने पर परिवार ने जांच की। बाद में बैंक पासबुक की जांच से यह पता चला कि दलबीर सिंह ने तीन लाख रुपए अपने पास रखे थे, जो अब उनके साथ ही चिता में जल गए। इस घटना के बाद परिवार ने इस विषय पर अधिक बात करने से परहेज किया।

ट्रंप ने बाइडेन का एक और फैसला पलटा, 19 वर्ष से पहले लिंग परिवर्तन पर लगाया प्रतिबंध

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अमेरिका में 19 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिंग परिवर्तन किए जाने पर प्रतिबंध लगाने के मकसद से मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए।

ट्रंप ने एक बयान में कहा, ‘‘संयुक्त राज्य अमेरिका की नीति है कि वह किसी बच्चे के एक लिंग से दूसरे लिंग में तथाकथित ‘परिवर्तन’ को वित्तपोषित, प्रायोजित, बढ़ावा, सहायता या समर्थन नहीं देगा और वह इन विनाशकारी तथा जीवन बदलने वाली प्रक्रियाओं को प्रतिबंधित या सीमित करने वाले सभी कानूनों को सख्ती से लागू करेगा।”

ट्रांसजेंडर के लिए बाइडेन प्रशासन की निर्धारित नीतियों को पलटने के मकसद से ट्रंप द्वारा किया गया ये नया प्रयास है। ट्रंप ने सोमवार को पेंटागन को एक समीक्षा करने का निर्देश दिया, जिससे ट्रांसजेंडर को सैन्य सेवा से प्रतिबंधित किया जा सकता है।

ट्रंप ने अपनाई ‘ईनाम और सजा’ नीति, ‘मेक इन अमेरिका’ प्लान बन सकता भारत के लिए मुसीबत

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर जोर उन देशों के लिए बड़ा संदेश है जो अगला चीन बनने की दौड़ में हैं। उन्हें अपनी रणनीति दोबारा तैयार करनी होगी। भारत को भी अपने सप्लाई चेन सिस्टम को मजबूत करने और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की चुनौतियों को तेजी से हल करने की जरूरत है। ट्रंप ने ‘मेक इन अमेरिका’ को बढ़ावा देने के लिए ‘ईनाम और सजा’ वाली रणनीति अपनाई है। वह चाहते हैं कि कंपनियां अमेरिका में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करें, अन्यथा अमेरिकी बाजार में सामान बेचने पर ऊंचे शुल्क चुकाएं। दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर उन्होंने कहा,  “दुनिया की हर कंपनी के लिए मेरा संदेश साफ है अमेरिका में निर्माण करें, और हम आपको सबसे कम टैक्स देंगे।”  ट्रंप ने अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों के लिए 15% कॉर्पोरेट टैक्स की पेशकश की है।

 वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग पर असर 
पिछले कुछ दशकों में मैन्युफैक्चरिंग चीन, वियतनाम, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों में शिफ्ट हुई है। इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर कपड़ों तक, एशियाई देशों ने वैश्विक आपूर्ति चेन पर दबदबा बना लिया है। हालांकि, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग जैसे चिप निर्माण में अमेरिका ने फिर से निवेश बढ़ाया है। अमेरिका में श्रम लागत अधिक होने के कारण कई कंपनियां ठेके पर निर्माण कार्य करवाती हैं। उदाहरण के लिए, एनवीडिया अपने एआई चिप्स भारत और अन्य देशों में डिजाइन करता है, जबकि ताइवान में टीएसएमसी उन्हें बनाता है। एप्पल के उत्पाद भी अमेरिका में डिजाइन होते हैं लेकिन निर्माण चीन, भारत आदि में होता है।

भारत के लिए चुनौतियां 
इससे भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को कई बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।  भारत की लॉजिस्टिक्स लागत GDP का 14-15% है, जबकि इसे राष्ट्रीय रसद नीति 2022 के तहत 9% तक लाने का लक्ष्य है। इससे प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजना (PLI) मैन्युफैक्चरिंग सुधारने में मदद कर रही है, लेकिन इसकी गति अपेक्षाकृत धीमी है।

  • – पुरानी तकनीक और असंगत गुणवत्ता मानक
  • – कुशल श्रमिकों की कमी
  • – जटिल नियम और नीतियां
  • – अनुसंधान एवं विकास (R&D) में कम निवेश (GDP का केवल 0.64%)

 

अन्य एशियाई देशों की बढ़त  
नीति आयोग की दिसंबर 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, ‘चीन प्लस वन रणनीति’ का लाभ भारत को सीमित रूप से मिला है, जबकि वियतनाम, थाईलैंड, कंबोडिया और मलेशिया अधिक लाभान्वित हुए हैं। इन देशों ने सस्ते श्रम, सरल कर व्यवस्था, कम शुल्क और मुक्त व्यापार समझौतों के जरिये अपनी निर्यात हिस्सेदारी बढ़ाई है। अब, अमेरिका की सख्त व्यापार नीतियों के बीच भारत को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की अड़चनों को दूर करने के लिए तेजी से कदम उठाने होंगे, वरना यह अवसर भी हाथ से निकल सकता है।

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