Monday, February 9, 2026
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कुंभ में पहले भी हो चुके हैं ऐसे कई हादसे, सैंकड़ों लोगों की हुईं दर्दनाक मौतें… जानें कब-कब मची भगदड़?

प्रयागराज महाकुंभ में बुधवार तड़के मौनी अमावस्या के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे कई लोगों के घायल होने की सूचना है। हालांकि ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई है, इससे पहले भी भगदड़ से अलग-अलग कुंभ क्षेत्र में ऐसे कई हादसे हो चुके हैं। आइए, जानते हैं कि कुंभ क्षेत्र में कब-कब हुए ऐसे हादसे?

2013 में 42 लोगों की हुई थी मौत 
इससे पहले 2013 में प्रयागराज कुंभ में हादसा हुआ। ये हादसा इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर एक फुटब्रिज पर रेलिंग गिरने के बाद भगदड़ मचने से हुआ था। इस हादसे में 42 लोगों की मौत हो गई थी और 45 लोग जख्मी भी हो गए थे।

हरिद्वार कुंभ में 7 लोगों ने गंवाई जान
इसी तरह साल 2010 में हरिद्वार में कुंभ मेला हो रहा था। जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल 2010 को शाही स्नान के दौरान साधुओं और श्रद्धालुओं के बीच झड़प के बाद भगदड़ मच गई, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 15 लोग घायल हो गए।

नासिक कुंभ हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया
वहीं 2003 में नासिक कुंभ में भी हादसा हुआ। नासिक में आयोजित कुंभ मेले के दौरान एक भयानक भगदड़ मच गई थी, जिसमें 39 तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी। इस हादसे में 100 लोग जख्मी हो गए थे। इस घटना ने लाखों लोगों को झकझोर कर रख दिया था।

1986 में हुई थी सैंकड़ों लोगों की मौत 
1986 में हरिद्वार में कुंभ मेला लगा था। बताया जाता है कि 14 अप्रैल 1986 को इस मेले में यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह, कई राज्यों के सीएम और सांसदों के साथ हरिद्वार पहुंचे थे। इस कारण आम लोगों की भीड़ को तट पर पहुंचने से रोका गया। इससे भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। जानकारी के अनुसार, इस हादसे में भी सैंकड़ों लोगों की मौत हो गई थी।

आजादी के बाद पहली बार 1954 में हुआ था हादसा
वहीं आजादी के बाद पहली बार 1954 में प्रयागराज कुंभ में बड़ा हादसा हुआ था। 3 फरवरी 1954 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई थी। इस दौरान 800 लोगों की जान चली गई थी।

कुंभ मेले की परंपरा के मुताबिक, सन्यासी, बैरागी और उदासीन अखाड़े भव्य जुलूस के साथ संगम तट पर पहुंचकर एक तय क्रम में अमृत स्नान करते हैं जिसमें क्रम में पहले स्थान पर पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी अमृत स्नान करता है। त्रिवेणी संगम – गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम – हिंदुओं द्वारा सबसे पवित्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि महाकुंभ के दौरान और विशेषकर मौनी अमावस्या जैसी विशेष स्नान तिथियों पर इसमें डुबकी लगाने से लोगों के पाप धुल जाते हैं और उन्हें मोक्ष मिलता है।

कहीं फैशन बिगाड़ न दे आपकी सेहत, स्टाइल के चक्कर में आप तो नहीं कर रहे ऐसी गतलियां ?

फैशन और स्टाइलिंग के चक्कर में हम कई बार ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो हमारी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। दिखने में ये फैशन चॉइस ट्रेंडी लग सकती हैं, लेकिन लंबे समय तक इन्हें अपनाने से शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसी फैशन मिस्टेक्स जो सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।

लंबे समय तक टाइट कपड़े पहनने से ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे पैरों में दर्द और सुन्नपन हो सकता है। इस कारण  एसिडिटी और ब्लोटिंग भी हो सकती है। कुछ लोगों को  बॉडी-हगिंग कपड़े पहनने से त्वचा में इंफेक्शन और रैशेज हो जाते हैं। ऐसे में हमेशा अपनी कमर और हिप्स के साइज के अनुसार सही फिटिंग की जीन्स और कपड़े पहनें। बहुत ज्यादा टाइट कपड़ों से बचें, खासकर गर्मी के मौसम में।

ऊंची हील्स

ऊंची हील्स पहनने से पीठ और घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे दर्द हो सकता है। लगातार हाई हील्स पहनने से स्पाइन प्रॉब्लम और कमर दर्द की समस्या भी हो सकती है इसके अलावा। एड़ी और पैर की उंगलियों पर असंतुलित दबाव पड़ने से गठिया (Arthritis) का खतरा बढ़ सकता है। बेहतर होगा कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हाई हील्स पहनने से बचें,। अगर पहनना जरूरी हो तोब्लॉक या वेज हील्स का चुनाव करें और लंबे समय तक खड़े रहने से बचें।

भारी ईयररिंग्स और टाइट एक्सेसरीज़

भारी ईयररिंग्स से कान के लटकने  और दर्द की समस्या हो सकती है। वहीं टाइट बेल्ट, नेकलेस या घड़ियां ब्लड सर्कुलेशन पर असर डाल सकती हैं। ऐसे में हल्के और आरामदायक एक्सेसरीज़ चुनें। बहुत ज्यादा भारी ईयररिंग्स पहनने से बचें, खासकर लंबे समय तक।

गलत इनरवियर पहनना

बहुत ज्यादा टाइट ब्रा पहनने से ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और ब्रेस्ट टिशू को नुकसान पहुंच सकता है। टाइट अंडरवियर पहनने से स्किन रैशेज, फंगल इंफेक्शन और पसीने की बदबू हो सकती है। गलत साइज के इनरवियर से बैक पेन और खराब बॉडी पोस्चरहो सकता है। खुद के बचाव के लिए हमेशा सही साइज और अच्छी क्वालिटी के इनरवियर चुनें। बहुत ज्यादा टाइट अंडरगारमेंट्स पहनने से बचें।

PM Suryaghar Yojana के तहत सस्ती बिजली के लिए नई पहल: अब उपभोक्ताओं को खर्च की चिंता से मिलेगी राहत

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नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने पीएम सूर्यघर योजना के तहत तीन किलोवाट क्षमता का रूफटॉप लगाने पर आने वाले खर्च की चिंता को दूर करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इस पहल में रेस्को और बिजली कंपनियों के लिए एक नया मॉडल ‘यूएलए (यूटिलिटी लैड एग्रीगेशन)’ जोड़ा गया है जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिल सके। मंत्रालय के दिशा-निर्देशों को लागू करने के लिए अब तीनों बिजली कंपनियों के बीच मंथन शुरू हो गया है।

चिंता का कारण खर्च, उपभोक्ता रुचि नहीं दिखा रहे

वर्तमान स्थिति यह है कि राज्य की तीनों बिजली कंपनियों के तहत पीएम सूर्यघर योजना के तहत तीन किलोवाट क्षमता का रूफटॉप लगाया जा रहा है लेकिन उपभोक्ताओं की ओर से इस योजना में रुचि नहीं दिखाई दे रही है। सब्सिडी मिलने के बावजूद खर्च को लेकर उपभोक्ता इस योजना के तहत रूफटॉप लगाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इससे योजना का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है।

नवीन पहल: सस्ती बिजली और आसान भुगतान

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार रेस्को मॉडल के तहत वेंडर (रूफटॉप लगाने वाली कंपनियां) और उपभोक्ता के बीच करार होगा। इसके तहत वेंडर द्वारा छत पर रूफटॉप लगाने के बाद उपभोक्ता को सस्ती बिजली मिलेगी। करार के दौरान बिजली की दरें उपभोक्ता और वेंडर के बीच सहमति के आधार पर तय की जाएंगी। अतिरिक्त बिजली को वेंडर डिस्कॉम (बिजली कंपनियां) को बेच कर मुनाफा कमा सकेंगे।

करार की अवधि और छत का स्वामित्व

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार रेस्को मॉडल के तहत वेंडर पांच साल तक उपभोक्ता की छत का उपयोग कर सकेगा। इसके बाद छत का स्वामित्व पूरी तरह से उपभोक्ता का हो जाएगा। अगर करार बढ़ाया जाता है तो वेंडर फिर से छत पर रूफटॉप प्लांट लगाकर बिजली का उत्पादन कर सकेगा।

जयपुर जिले का लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा

जयपुर जिले की बात करें तो पीएम सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप लगाने का लक्ष्य इस वर्ष पूरा होता हुआ नहीं दिख रहा है। योजना के तहत गत वर्ष फरवरी में 35,500 रूफटॉप लगाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन अब तक केवल 21,000 रूफटॉप ही लगाए जा सके हैं। बिजली विभाग के इंजीनियर इसे खर्च और मुफ्त बिजली मिलने के कारण उपभोक्ताओं की रुचि में कमी को मुख्य कारण मान रहे हैं।

रूफटॉप सोलर से 80 प्रतिशत तक बिजली बिल में कमी

रूफटॉप सोलर एक्सपर्ट का कहना है कि छत पर रूफटॉप लगाने से उपभोक्ताओं को कई फायदे होंगे। इससे बिजली बिल में 80 प्रतिशत तक की कमी आएगी और साथ ही ग्रीन एनर्जी का दायरा बढ़ने से पर्यावरण को भी लाभ होगा।

तीनों डिस्कॉम में रूफटॉप उपभोक्ता की संख्या

अजमेर डिस्कॉम: 27,950 उपभोक्ता
जयपुर डिस्कॉम: 38,210 उपभोक्ता
जोधपुर डिस्कॉम: 18,930 उपभोक्ता

वहीं इस पहल से पीएम सूर्यघर योजना के तहत लोगों को सस्ती और पर्यावरण अनुकूल बिजली मिलने की उम्मीद है।

अमेरिका में खत्म होगा इनकम टैक्स, अब लोग जितना पैसा कमाएंगे, उतना ही आएगा जेब में

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27 जनवरी को फ्लोरिडा के डोरल में आयोजित 2025 रिपब्लिकन इश्यूज कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयकर खत्म करने और इसे विदेशी वस्तुओं और नागरिकों पर लगाए गए टैरिफ (शुल्क) से बदलने का प्रस्ताव रखा। ट्रंप ने इस बदलाव को अमेरिका की आर्थिक ताकत को बढ़ाने के लिए जरूरी बताया और कहा कि टैरिफ प्रणाली के जरिए अमेरिका फिर से समृद्ध हो सकता है, जैसा कि पहले हुआ करता था।

ट्रंप का तर्क, आयकर से ज्यादा फायदा टैरिफ में है
ट्रंप ने कहा, “अमेरिका को उस प्रणाली में लौटने की जरूरत है, जिसने हमें अमीर और शक्तिशाली बनाया। 1913 से पहले अमेरिका में कोई आयकर नहीं था और हम टैरिफ के जरिए बहुत समृद्ध हुए थे।” उन्होंने 1870-1913 के बीच के समय का उदाहरण दिया, जब टैरिफ के कारण अमेरिका ने अपनी सबसे अमीर अवधि देखी। ट्रंप के अनुसार, विदेशी उत्पादों पर शुल्क लगाकर अमेरिका अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकता है।

ट्रेजरी सेक्रेटरी का भी समर्थन
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भी ट्रंप के विचारों का समर्थन किया और कहा कि वह आयकर खत्म करने, इसे एक उपभोग कर से बदलने और सोने पर आधारित मुद्रा प्रणाली अपनाने के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा, “हम कर्ज को मिटाएंगे और नई तकनीकों को बढ़ावा देंगे, जिससे समृद्ध भविष्य की शुरुआत होगी।”

आर्थिक विशेषज्ञों की चिंता
हालांकि ट्रंप और बेसेंट का यह विचार आकर्षक लगता है, लेकिन अर्थशास्त्रियों का मानना है कि टैरिफ एक अच्छा विकल्प नहीं है। उनका कहना है कि टैरिफ वस्तुओं की कीमत बढ़ाते हैं, जिससे आम आदमी को अधिक भुगतान करना पड़ता है। इसके अलावा, टैरिफ से विदेशी देशों से अमेरिका में आयात होने वाली वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि होती है, जो अंत में उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचाती है।

आयकर के बिना सरकार को कैसे मिलेगा पैसा?
ट्रंप का यह प्रस्ताव सवाल खड़ा करता है कि यदि आयकर खत्म कर दिया जाए तो सरकार को पैसे की कमी कैसे पूरी होगी। सरकार का अधिकांश राजस्व आयकर से आता है और इसे खत्म करने से राजकोषीय घाटा बढ़ सकता है। ऐसे में टैरिफ से मिलने वाली रकम कितनी प्रभावी होगी, यह बड़ा सवाल है।

उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में तेल टैंकरों के काफिले पर अज्ञात हथियारबंद लोगों का हमला

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उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में अज्ञात हथियारबंद लोगों ने कुर्रम जिले में डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति बाधित करने के लिए तेल टैंकरों के काफिले पर हमला कर दिया। सोमवार को बागान इलाके में बंदूकधारियों ने वाहनों के काफिले पर गोलीबारी की। हालांकि कोई नुकसान नहीं हुआ। टैंकर बाद में जिले के अलीजई इलाके में पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि टैंकरों का काफिला जब पुलिस और सुरक्षा बलों की निगरानी में बागान बाजार पहुंचा, तो बदमाशों ने पास के तालु कुंज इलाके से गोलीबारी शुरू कर दी।

अधिकारियों ने बताया कि तीन काफिलों ने हांगू जिले के थाल क्षेत्र से कुर्रम तक खाद्य और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाईं। उन्होंने बताया कि पहले काफिले में 62 वाहन थे जबकि दूसरे में 58 बड़े मालवाहक ट्रक थे। अधिकारियों ने बताया कि पांच टैंकरों सहित तीसरे काफिले ने मार्गों के बंद होने के बाद पहली बार सोमवार को सफलतापूर्वक पेट्रोलियम उत्पादों को कुर्रम पहुंचाया। ‘अमन’ जिरगा के सदस्यों ने बताया कि वे हाल ही में हुए शांति समझौते के उल्लंघन, खासकर बागान में तेल टैंकरों पर गोलीबारी को लेकर चर्चा करेंगे और उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की रूपरेखा तय करेंगे।

Earthquake: भूकंप के तेज झटकों से हिली धरती, डरे-सहमे लोग घरों से निकले बाहर

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तिब्बत में सोमवार को एक और भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र 29.10 N अक्षांश और 87.66 E देशांतर पर था, और इसकी गहराई 5 किलोमीटर थी। भूकंप के झटकों के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। लोगों के बीच डर का माहौल बन गया। लेकिन गनीमत रही कि किसी की जानमाल हानि के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

भूकंप जब उथले होते हैं, तो यह गहरे भूकंपों की तुलना में ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। इसका कारण यह है कि उथले भूकंपों में अधिक ऊर्जा सतह तक पहुंचती है, जिससे ज्यादा तीव्रता और नुकसान होता है। यह क्षेत्र हाल ही में भूकंप के झटकों से प्रभावित रहा है। 24 जनवरी को इस इलाके में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। हालांकि, अभी तक किसी प्रकार के नुकसान या चोट की कोई खबर नहीं आई है।

भूकंप से हुई थी 126 लोगों की मौत 
इससे पहले 8 जनवरी को तिब्बत में 6.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 126 लोगों की जान गई थी और 188 लोग घायल हुए थे। इसके बाद इस क्षेत्र में 640 से ज्यादा छोटे-बड़े झटके महसूस किए गए थे। 13 जनवरी को भी शिगाजे क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस हुए थे।

दक्षिण कोरियाई हवाईअड्डे पर विमान में लगी आग, 169 यात्री थे सवार

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दक्षिण कोरिया की एयर बुसान एयरलाइन का एक एयरबस विमान मंगलवार को गिम्हे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आग लगने के कारण नुकसान का शिकार हो गया। विमान हांगकांग के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था।

अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि विमान में सवार सभी 169 यात्री और चालक दल के सात सदस्य सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। हालांकि, एक यात्री को मामूली चोटों के कारण अस्पताल भेजा गया। आग विमान के पिछले हिस्से में लगी थी।

यह घटना एक महीने बाद सामने आई है, जब एक घातक हवाई दुर्घटना हुई थी। उस हादसे में बैंकॉक से आ रहा जेजू एयर का विमान मुआन हवाई अड्डे के रनवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें अधिकांश लोग मारे गए थे।

एयर बुसान दक्षिण कोरिया की एशियाना एयरलाइंस का हिस्सा है, जिसे कोरियन एयर ने दिसंबर में खरीद लिया था। यह विमान एयरबस A321 मॉडल था, और एयरबस ने इस घटना की जानकारी दी है।

चीन के चिड़ियाघर में ₹600 में बिक रहा Tiger का मूत्र, दावा – दर्द और गठिया में देता है आराम

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चीन के सिचुआन प्रांत में स्थित ‘यान बिफेंगक्सिया वन्यजीव चिड़ियाघर’ ने बाघ के मूत्र से बनी एक दवा बेचने का दावा किया है। चिड़ियाघर का कहना है कि सफेद शराब और बाघ के मूत्र को मिलाने से यह मिश्रण गठिया, मांसपेशियों के दर्द और मोच में राहत देता है। इसे लगाने के साथ-साथ पीने की भी सलाह दी जा रही है।

बोतल में बंद बाघ का मूत्र, कीमत 600 रुपये

रिपोर्ट के मुताबिक चिड़ियाघर में 250 ग्राम मूत्र की एक बोतल 50 युआन यानी करीब 600 रुपये में बेची जा रही है। बोतल पर लिखा गया है कि इसे सफेद शराब में मिलाकर अदरक से मालिश करने से फायदा होता है।

कैसे जमा किया जाता है मूत्र?

चिड़ियाघर के एक कर्मचारी के अनुसार जहां बाघ पेशाब करते हैं वहां एक बेसिन लगाया जाता है जिससे मूत्र इकट्ठा किया जाता है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इसे बेचने से पहले किसी मेडिकल जांच से गुजारा जाता है या नहीं।

चिकित्सा विशेषज्ञों ने उठाए सवाल

सेंट्रल चीन के हुबेई प्रांतीय ट्रेडिशनल चीनी मेडिकल हॉस्पिटल के एक फार्मासिस्ट ने कहा कि इस दावे के पीछे कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। उनका कहना है कि इस तरह की चीजें पारंपरिक चिकित्सा की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं और बाघ संरक्षण के लिए भी खतरनाक हो सकती हैं।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस उत्पाद को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आई हैं। एक यूजर ने लिखा, “मैंने इसे अपने पिता के लिए खरीदा लेकिन कोई असर नहीं दिखा।” वहीं दूसरे यूजर ने सवाल उठाया, “क्या मूत्र से बैक्टीरिया नहीं फैलते? सोचकर ही घिन आती है।”

गौरतलब है कि चीन में बाघ को ताकत और बहादुरी का प्रतीक माना जाता है। कुछ पुराने चीनी ग्रंथों में दावा किया गया है कि बाघ के मूत्र से हड्डियों की बीमारियों और गठिया का इलाज संभव है लेकिन वैज्ञानिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

सौरभ शर्मा 4 फरवरी तक रिमांड पर, 5 घंटे की पूछताछ के बाद लोकायुक्त ने कोर्ट में किया पेश

RTO के पूर्व कांस्टेबल करोड़पति सौरभ शर्मा और उसके साथी चेतन गौर को कोर्ट ने चार फरवरी तक रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले उससे लोकायुक्त ने पांच घंटे तक पूछताछ की। जिसके बाद उसे जिला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में जज राम प्रताप मिश्र ने सौरभ और चेतन को 4 फरवरी तक रिमांड के ऑर्डर दिए।

बता दें कि लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार दोपहर को सौरभ शर्मा को कोर्ट के बाहर से गिरफ्तार किया था, जब वह कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था। वहीं सौरभ शर्मा के वकील ने इसे इलीगल बताया और शर्मा की जान को खतरा बताया था।

बता दें कि सौरभ शर्मा बीते 40 दिन से जांच एजेंसियों की पहुंच से बाहर था, सौरभ शर्मा पर ED, IT, लोकायुक्त ने जांच की है, सौरभ शर्मा के ठिकानों पर 19 दिसंबर को हुई छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति, सोना-चांदी दस्तावेज बरामद हुए थे जिसके बाद 19 दिसंबर की रात IT विभाग को भोपाल के पास मेंदोरी इलाके में 1 कार में 52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश मिला था, जो कार सौरभ शर्मा के करीबी चेतन गौर के नाम पर है, जिसके बाद 27 दिसंबर को ED ने भी सौरभ शर्मा और उसके करीबियों के ठिकानों पर छापा मारकर करोड़ों की नकदी और संपत्ति जब्त की थी। उसी मामले में सौरभ शर्मा आज कोर्ट में पेश हो रहा था पर उसके पहले ही लोकायुक्त पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या का खुलासा, दो दिन पहले पत्थरों से कुचला मिला था शव, पीएम रिपोर्ट ने खोले राज

इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र की बायपास में तीन दिन पहले मिले अज्ञात शव की पहचान पुलिस द्वारा कर ली गई है। मृतक पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल में इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ था जिसे पत्थरों से कुचलकर मारा गया। इसके बाद बदमाश ने उनके शव को बायपास पर एक गार्डन के पास फेंक दिया। सोमवार को मृतक के परिजन विजय नगर थाने गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे तो एक लावारिस शव के मिलने की सूचना पुलिस को मिली जहां शव पुलिसकर्मी का होना पाया गया है।

एडिशनल पुलिस डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि 24 जनवरी की सुबह 10 बजे खजराना थाना क्षेत्र में 42 वर्षीय व्यक्ति का खून से लथपथ शव मिला था। कपड़ों की तलाशी में कोई पहचान पत्र नहीं मिला। पुलिस ने अज्ञात शव मिलने का केस दर्ज कर मामले में पहचान के प्रयास किए तो 25 जनवरी को पता चला जो शव मिला है, वह पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल (पीआरटीएस) में पदस्थ इंस्पेक्टर प्रभात नारायण चतुर्वेदी का है। शव मिलने के बाद से ही खजराना पुलिस ने इलाके में घटना स्थल व उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पुलिस को तड़के 4 बजे के आसपास घटना स्थल से एक ऑटो रिक्शा निकलने का सुराग मिला है। इस रिक्शा की मदद से ही पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। सोमवार को मृतक की पहचान होने के बाद परिजन को पोस्टमॉर्टम रूम में पहचान करवाई गई। पीआरटीएस अधिकारियों की मानें तो इंस्पेक्टर चतुर्वेदी शराब पीने के आदी थे। वे अत्यधिक शराब पीते थे। इस कारण कई बार ड्यूटी से भी गैर हाजिर रहे हैं। जिस ढंग से हत्या हुई है उससे किसी से विवाद की भी आशंका पुलिस द्वारा जताई जा रही है।

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