पाकिस्तान की ओर से की जा रही फायरिंग पर NC के विधायक सज्जाद शफी ने कहा कि कोई भी अपना घर नहीं छोड़ना चाहता. अगर ये लोग अपने घर छोड़कर चले गए हैं, तो स्थिति की कल्पना कर सकते हैं.

पाकिस्तानी सेना की ओर से जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलाबारी की जा रही है, जिसका भारतीय सेना भी मुंहतोड़ जवाब दे रही है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एयर स्ट्राइक किए जाने के बाद पाकिस्तानी सेना ने जम्मू कश्मीर के सीमावर्ती गांवों को निशाना बनाकर भीषण गोलाबारी की और मोर्टार दागे. खतरे को देखते हुए उरी जिले के सीमावर्ती इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है. लगातार गोलीबारी के कारण स्थानीय प्रशासन को वहां के निवासियों को हटाना पड़ा है.
इस बीच जेकेएनसी विधायक सज्जाद शफी ने कहा, “हालात बहुत गंभीर हैं और कोई भी अपना घर नहीं छोड़ना चाहता. अगर ये लोग अपने घर छोड़कर चले गए हैं, तो आप उन इलाकों की स्थिति की कल्पना कर सकते हैं. आप भी अपने आपको सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. ये चीजें हम पिछले 70 साल से देख रहे हैं.”
उन्होंने आगे कहा, ”हम चाहते हैं कि इसका हमेशा के लिए एक परमानेंट हल निकल जाए ताकि हमारे लोगों के घर न उजड़ें. माताएं अपने बच्चों को दफनाएं नहीं. बुजुर्ग अपने घर वालों को छोड़कर कब्रों न जाएं. हम बस यही चाहते हैं कि स्थिति सामान्य हो जाए, ताकि लोग अपने घर वापस जा सकें, अपनी जमीन पर खेती कर सकें और देश के दूसरे हिस्सों के लोगों की तरह जीवन जी सकें.”
उन्होंने आगे कहा, ”जब भी जंग होती है तो हम बॉर्डर पर रहने वाले लोगों को फेस करना पड़ता है. हमलोगों के सामने मुसीबतें आती हैं. हम जानमाल गंवाते हैं. हम यही आग्रह करते हैं कि उनलोगों को बाहर करना चाहिए जो हमें लड़ने के लिए उकसाते हैं.”
उरी के नोडल अधिकारी एजाज अहमद ने लोगों के सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किए जाने को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “फिलहाल दो गांवों से लोग यहां पहुंचे हैं, जिनकी कुल संख्या 73 है, जिनमें 45 पुरुष और बाकी महिलाएं हैं, साथ ही कुछ बच्चे भी हैं. सरकार और प्रशासन ने उनके भोजन, आवास और सुरक्षा की व्यवस्था की है. सीमा पर हो रही क्रॉस-बॉर्डर गोलाबारी के कारण लोग अपने घर छोड़कर यहां शरण ले रहे हैं.”
उरी के स्थानीय लोगों ने कहा, “जब गोलाबारी होती है, तो हर कोई खतरे में होता है, यहां तक कि छोटे बच्चे भी खतरे में होते हैं, वो काफी डरे हुए हैं. हमने पहले भी कई लड़ाई देखी हैं लेकिन ऐसा मंजर नहीं देखा है.”


