WORLD : भारत से जंग पर साथ देने को तैयार नहीं इस्लामाबाद के लोग! लाल मस्जिद के वीडियो ने खोली पाकिस्तान की पोल

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लाल मस्जिद में छात्रों और अनुयायियों को संबोधित करते हुए मौलाना अब्दुल अजीज गाजी कहता हैं, ‘मेरे पास आपसे एक सवाल है. मुझे बताइए, अगर पाकिस्तान-भारत के खिलाफ लड़ता है तो आप में से कितने लोग पाकिस्तान का समर्थन करेंगे और उसके लिए लड़ेंगे?’ दिलचस्प बात ये है कि संबोधन सुन रहे व्यक्तियों में से कोई अपना हाथ नहीं उठाता. इसके बाद मौलाना कहते हैं कि लोग समझदार पैदा हो गई है.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के एक्शन से पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है. इसी बीच इस्लामाबाद की लाल मस्जिद का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मौलाना अब्दुल अजीज गाजी को कहते हुए सुना जा सकता है कि अगर भारत-पाकिस्तान का युद्ध होता है तो आप में से कितने लोग पाकिस्तान का साथ देंगे, लेकिन दिलचस्प बात ये है कि वीडियो में कोई भी व्यक्ति अपना हाथ खड़ा नहीं कर रहा है. हालांकि, इस वीडियो के सामने आने के बाद पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया है.

वहीं, पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत के एक्शन से पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है. जबकि पाक संभावित कूटनीतिक और भारत के खिलाफ बदले की कार्रवाई के लिए गीदड़भभकी दे रहा है तो दूसरी ओर पाकिस्तान के धार्मिक और सामाजिक ताने-बाने में असंतोष की स्थिति दिखाई दे रही है.

लाल मस्जिद में छात्रों और अनुयायियों को संबोधित करते हुए मौलाना अब्दुल अजीज गाजी कहता हैं, ‘मेरे पास आपसे एक सवाल है. मुझे बताइए, अगर पाकिस्तान-भारत के खिलाफ लड़ता है तो आप में से कितने लोग पाकिस्तान का समर्थन करेंगे और उसके लिए लड़ेंगे?’

दिलचस्प बात ये है कि संबोधन सुन रहे व्यक्तियों में से कोई अपना हाथ नहीं उठाता. इसके बाद मौलाना कहते हैं कि लोग समझदार पैदा हो गई है.उन्होंने पाकिस्तानी सरकार की आलोचना करते हुए कहा, ‘आज पाकिस्तान में जो व्यवस्था है, वो भारत से भी बदतर है. भारत में इतना जुल्म नहीं है, जितना पाकिस्तान में है.

मौलवी ने बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हो रहे अत्याचारों का भी हवाला दिया तथा पाकिस्तानी सरकार पर अपने ही लोगों पर बमबारी करने का आरोप लगाया.उन्होंने कहा, ‘बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में जो हुआ, ये अत्याचार हैं. जब लोग तैयार थे तो सरकार ने अपने ही नागरिकों पर बमबारी कर दी.’

दरअसल, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित लाल मस्जिद लंबे वक्त से चरमपंथ और सरकार से टकराव से जुड़ा स्थल रहा है. 2 मई 2025 को जामिया हफ्सा और लाल मस्जिद में रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो से पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया है. और लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं.

आपको बता दें कि लाल मस्जिद के मौलवियों को कभी कट्टरपंथी आह्वानों का पर्याय कहा जाता था, लेकिन अब भारत के खिलाफ युद्ध के लिए समर्थन नहीं मिल रहा है, तो ये पाकिस्तान के अंदर गहरी दरार का संकेत है.

इसके इतर विशेषज्ञों का मानना है कि ये पाकिस्तान के अंदर बढ़ते मोहभंग के कारण हुआ है जो न केवल पाकिस्तान के सिविल मिलिट्री नेतृत्व से बल्कि भारत पर उसके वैचारिक रुख के कारण पैदा हुआ है.पाकिस्तान में ये आंतरिक असंतोष हाल ही में परमाणु मुद्दे पर दी गई धमकी और आतंक से प्रेरित कूटनीति के साथ जुड़ा हुआ है. जो एक ऐसे देश की तस्वीर पेश करता है जो अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति को लेकर लगातार अनिश्चित होता जा रहा है.

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