पंजाब में जानलेवा ‘चाइनीज डोर’ से हो रहे हादसों के बाद प्रशासन और पंचायतें सख्त हो गई हैं. बठिंडा के एक गांव ने पतंग उड़ाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है, वहीं पंजाब पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों को अपनी जान बचाने के लिए गले में मफलर लपेटने की अनोखी सलाह दी है.
पंजाब के बठिंडा जिले के भैनी चूहर सिंह गांव की पंचायत ने चीनी मांझे (चाइनीज डोर) से होने वाले हादसों को रोकने के लिए गांव में पतंग उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. हाल ही में लुधियाना के समराला में एक किशोर और अकालगढ़ की सरबजीत कौर की इस जानलेवा डोर की चपेट में आने से मौत और गंभीर चोटों के बाद यह कदम उठाया गया है.
अमृतसर में पुलिस ने खतरे को देखते हुए वाहनों को फ्लाईओवर से डायवर्ट करना शुरू कर दिया है. पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों से अपील की है कि वे अपनी गर्दन की सुरक्षा के लिए मफलर पहनें और सुरक्षित सवारी करें.बठिंडा के भैनी चूहर सिंह गांव ने एक मिसाल पेश करते हुए पतंगबाजी पर ही बैन लगा दिया है. पंचायत का मानना है कि चाइना डोर से गांव वालों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों को गंभीर चोटें लग रही थीं. लोगों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास किया गया है, जिससे किसी और की जान न जाए.

पंजाब में चाइना डोर काल बन रही है. रविवार को लुधियाना के बाजार में सरबजीत कौर की मौत ने सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है. इससे पहले शनिवार को समराला में एक किशोर का गला इस डोर से बुरी तरह कट गया था. पूरे पंजाब से लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आम जनता में डर का माहौल है.
पंजाब पुलिस ने अब अपनी सुरक्षा के लिए लोगों को खुद ही सावधानी बरतने को कहा है. पुलिस की सलाह है कि बाइक सवार गले में मफलर बांधें, जिससे डोर सीधे गर्दन को न काट सके. हालांकि, इस रणनीति पर सवाल भी उठ रहे हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार डोर की बिक्री रोकने के बजाय लोगों को मफलर पहनने की सलाह देकर अपनी जिम्मेदारी से बच रही है.

