पंजाब भारत का दूसरा सबसे कर्जदार राज्य बन गया है, जहां कर्ज-राज्य जीडीपी अनुपात 46.6% है. मार्च 2025 तक पंजाब की देनदारियां ₹3.78 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है.

चंडीगढ़: पंजाब का बढ़ता कर्ज सरकार और जनता के लिए बड़ी चिंता का कारण बन रहा है. राज्य पहले से ही भारत के सबसे ज्यादा कर्ज में डूबे राज्यों में शामिल था, लेकिन अब हालात और खराब हो रहे हैं. मार्च 2025 तक पंजाब की कुल देनदारियां यानी liabilities ₹3.78 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है. इसका मतलब है कि पंजाब का कर्ज-राज्य जीडीपी (GSDP) अनुपात 46.6% हो जाएगा. जिससे पंजाब भारत का दूसरा सबसे ज्यादा कर्जदार राज्य बन जाता है. इस लिस्ट में पहला स्थान अरुणाचल प्रदेश का है, जहां यह अनुपात 57% है.
कौन-कौन से राज्य कर्ज में डूबे हैं?
हाल ही में संसद में सांसद मनीष तिवारी ने सवाल पूछा, जिसके जवाब में सरकार ने यह आंकड़े जारी किए. रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के अलावा कई अन्य राज्य भी भारी कर्ज तले दबे हैं. केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को जो आंकड़े पेश किए, उनके मुताबिक पंजाब देश का दूसरा सबसे ज्यादा कर्जदार राज्य है. यह आंकड़ा राज्य की कुल आर्थिक उत्पादन (GSDP) के मुकाबले कर्ज की तुलना में निकाला गया है.
पंजाब पर बढ़ता कर्ज
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब का कर्ज भारत के ज्यादातर राज्यों से ज्यादा हो चुका है. हिमाचल प्रदेश तीसरे स्थान पर है, जहां कर्ज-राज्य जीडीपी (GSDP) अनुपात 45.2% है. यह आंकड़े सरकार ने संसद में पेश किए. चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में सवाल पूछा था कि राज्यों की वित्तीय स्थिति (Financial position) और उनके बकाया कर्ज (Outstanding debt) की क्या स्थिति है?
उन्होंने यह भी पूछा कि ऑफ-बजट उधारी और अन्य देनदारियों का राज्यों के कर्ज पर क्या असर पड़ता है. मंत्री चौधरी के लिखित जवाब के अनुसार, पंजाब का कुल बकाया कर्ज इस वित्तीय वर्ष के अंत तक ₹3.78 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा. उन्होंने बताया कि सभी राज्यों ने वित्तीय जिम्मेदारी और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम लागू किया हुआ है. इसके पालन की निगरानी राज्य की विधानसभा करती है. राज्य की कुल जनसंख्या करीब 3 करोड़ है. इस हिसाब से हर व्यक्ति पर औसतन ₹1.26 लाख का कर्ज बैठता है.
सबसे कम कर्ज वाले 5 राज्य (Debt-to-GSDP Ratio – Budget Estimates)
ओडिशा – 16.3%
गुजरात – 17.9%
महाराष्ट्र – 19%
उत्तराखंड – 24.2%
तेलंगाना – 26.2%
सबसे ज्यादा कर्ज वाले 5 राज्य (Debt-to-GSDP Ratio – Budget Estimates)
अरुणाचल प्रदेश – 57%
पंजाब – 46.6%
हिमाचल प्रदेश – 45.2%
नागालैंड – 40%
मेघालय – 39%


