राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नौकरी गंवाने वाले पश्चिम बंगाल के शिक्षकों के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने ममता बनर्जी का समर्थन किया है.

कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक बार फिर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन में उठ खड़े हुए हैं. उन्होंने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हजारों शिक्षकों की नौकरी बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. राहुल गांधी ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है. इस पत्र में उन्होंने उन शिक्षकों के लिए न्याय की गुहार लगाई है. राहुल का कहना है कि इन लोगों ने निष्पक्ष तरीके से चयन प्रक्रिया पास की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनकी नौकरी छिन गई.
राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, ‘मैंने भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में हजारों योग्य स्कूल शिक्षकों के मामले में उनकी दयालु हस्तक्षेप की मांग की है, जिन्होंने न्यायपालिका द्वारा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया रद्द करने के बाद अपनी नौकरी खो दी है. मैंने उनसे आग्रह किया है कि सरकार को निर्देश दें कि जो उम्मीदवार निष्पक्ष तरीके से चुने गए थे, उन्हें अपनी नौकरी पर बने रहने की अनुमति दी जाए.’
पश्चिम बंगाल में स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) की ओर से 2016 में आयोजित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगने के बाद कोलकाता हाई कोर्ट ने इस भर्ती को रद्द कर दिया था. इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बरकरार रखा, जिसके बाद 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द हो गईं.
सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार को नई चयन प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया. इस फैसले के बाद प्रभावित शिक्षकों ने ‘जोग्यो शिक्षक एवं शिक्षिका अधिकार मंच’ नामक संगठन बनाकर अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाया और 21 अप्रैल को नबन्ना अभियान की घोषणा की. हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 15 अप्रैल तक उनसे मुलाकात करती हैं, तो वे इस अभियान को वापस ले लेंगे.
राहुल गांधी का यह कदम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था, ‘हम उन लोगों के साथ खड़े हैं जिन्होंने अपनी नौकरी खो दी है.’ राहुल गांधी ने इस मामले में ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है.
राहुल गांधी ने अपने पत्र में राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि वह सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दें कि जिन उम्मीदवारों ने निष्पक्ष तरीके से चयन प्रक्रिया पास की थी, उनकी नौकरी बरकरार रहे. यह मांग सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक नया सियासी मोड़ ला सकती है, क्योंकि यह मामला न केवल शिक्षकों की आजीविका से जुड़ा है, बल्कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ TMC और विपक्षी दलों के बीच तनाव को भी बढ़ा सकता है.

