जैसलमेर बस हादसे के बाद परिवहन विभाग की सख्ती से शुरू हुआ विवाद अब और गहराता जा रहा है. पहले प्राइवेट बस ऑपरेटर्स और अब बस बॉडी बनाने वाले बिल्डर्स भी मैदान में उतर आए हैं. ऑल राजस्थान बस ट्रक बॉडी बिल्डर्स एसोसिएशन ने परिवहन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि विभाग की कार्रवाई नियमों के नाम पर उत्पीड़न बनकर रह गई है.
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि जैसलमेर हादसे के तुरंत बाद प्रदेशभर में ज्यादातर बस बॉडी बिल्डिंग कारखानों को बंद करा दिया गया. सिर्फ इतना ही नहीं, कारखानों में तैयार खड़ी बसें और मरम्मत चल रही गाड़ियां भी सीज कर दी गईं.बिल्डर्स का कहना है कि वे सभी नियमों का पालन करने को तैयार हैं, लेकिन उनके कारखाने दोबारा शुरू ही नहीं होने दिए जा रहे. इससे छोटे कारोबारियों के साथ-साथ मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है.

एसोसिएशन का दावा है कि विभाग की ओर से कारखानों को खोलने के लिए लाखों रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है. उनका कहना है कि बस का सर्टिफिकेट तो परिवहन विभाग ही देता है, ऐसे में कारखाने बंद कर देना और बिना नोटिस सीज कर देना कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है. मजदूरों के पास रोजगार नहीं बचा है और छोटे व्यवसायियों की कमर टूटने लगी है.
बिल्डर्स ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, परिवहन मंत्री और डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा से हस्तक्षेप की अपील की है. एसोसिएशन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कारखाने नहीं खोले गए और उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो वे अपने कारखानों की चाबियां सीएम, डिप्टी सीएम या परिवहन कमिश्नर को सौंप देंगे.
महामंत्री महावीर प्रसाद शर्मा ने कहा कि जैसलमेर हादसे से उन्हें भी दुख है, लेकिन उसे सिर्फ बस बिल्डर्स और ऑपरेटर्स की गलती नहीं कहा जा सकता.उन्होंने कहा कि कई बार हवाई जहाजों, ट्रेनों और कारों में भी आग लगती है. क्या उन कंपनियों पर कार्रवाई होती है? नहीं, क्योंकि वह एक दुर्घटना होती है. फिर हमारे ऊपर ही सारी जिम्मेदारी क्यों डाल दी जा रही है?
एसोसिएशन का कहना है कि यदि छोटे कारखानों को इसी तरह बंद रखा गया तो यह काम सिर्फ बड़े पूंजीपतियों के हाथ में रह जाएगा. इससे हजारों लोगों की नौकरी खतरे में पड़ जाएगी.महावीर प्रसाद शर्मा ने कहा कि एसोसिएशन परिवहन विभाग की हर शर्त और नियम को मानने को तैयार है, लेकिन इसके लिए उन्हें थोड़ा समय और विभाग का सहयोग चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में वे लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे.

