GUJARAT : गुजरात के भुज एयरबेस के दौरे के लिए निकले राजनाथ सिंह, एयरबेस पर जवानों से करेंगे मुलाकात

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “नई दिल्ली से भुज के लिए रवाना हो रहा हूं. भुज वायु सेना स्टेशन पर हमारे साहसी योद्धाओं से बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं. इसके अलावा, मैं स्मृतिवन भी जाऊंगा.”

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) आज यानी शुक्रवार को इंडियन आर्मी, एयरफोर्स, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कर्मचारियों के साथ बातचीत करने के लिए भुज वायु सेना स्टेशन का दौरा करेंगे. सीनियर कमांडरों द्वारा उन्हें मौजूदा सुरक्षा स्थिति और ऑपरेशनल तैयारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी.

दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ इस दौरे के दौरान मौजूद रहेंगे और रक्षा मंत्री को भुज स्थित स्वतंत्र इन्फैंट्री ब्रिगेड के तहत भारतीय सेना और बीएसएफ द्वारा निभाई जा रही भूमिका के बारे में जानकारी देंगे.राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “नई दिल्ली से भुज (गुजरात) के लिए रवाना हो रहा हूं. भुज वायु सेना स्टेशन पर हमारे साहसी योद्धाओं से बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं. इसके अलावा, मैं स्मृतिवन भी जाऊंगा.”

रक्षा मंत्री का यह दौरा इलाके में महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सभी सुरक्षा बलों के मिली-जुली कोशिशों पर ध्यान खींचता है. भुज और नलिया के पास तैनात भारतीय सेना की एयर डिफेंस यूनिट ने हाल के दिनों में कई पाकिस्तानी ड्रोनों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया है, जिससे बड़े सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिशों को प्रभावी ढंग से फेल किया जा सका है.

रक्षा मंत्री की सैनिकों के साथ बातचीत का मकसद उभरते खतरों, विशेष रूप से ड्रोन युद्ध के क्षेत्र में उनके साहस, परिचालन उत्कृष्टता और उच्च मनोबल की सराहना करना है.

गुजरात का बॉर्डर पाकिस्तान के साथ 508 किलोमीटर लंबाई शेयर करता है. पिछले दिनों दोनों देशों के बीच तनातनी के दौरान गुजरात के इलाकों को भी ड्रोन का इस्तेमाल करके निशाना बनाया था. भुज पर कथित तौर पर पाकिस्तान द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल करके हमला किया गया था. हालांकि, भारतीय सशस्त्र बलों ने सफलतापूर्वक खतरे को बेअसर कर दिया.

राजनाथ सिंह ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा किया, जो सैन्य टकराव के दौरान सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्यों में से एक है. इस दौरान उन्होंने अपनी स्पीच में सवाल उठाते हुए कहा, “क्या पाकिस्तान के हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं?” उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की निगरानी संस्था अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को अपनी निगरानी में लेने की गुजारिश की.

रक्षा मंत्री ने श्रीनगर के बादामी बाग छावनी में भारतीय सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा, “पूरी दुनिया ने देखा है कि पाकिस्तान ने किस तरह गैर-जिम्मेदाराना तरीके से भारत को धमकाया है. आज श्रीनगर की धरती से मैं यह सवाल उठाना चाहता हूं कि क्या ऐसे गैर-जिम्मेदार और दुष्ट देश के हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं. मेरा मानना ​​है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में लिया जाना चाहिए.”

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