ENTERTAINMENT : जाट अकड़ में रणदीप हुड्डा ने गंवाए कई प्रोजेक्ट, एक नहीं म‍िले थे 3 बड़ी फ‍िल्मों के ऑफर

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एक्टर रणदीप हुड्डा इंडस्ट्री में कई साल बिता चुके हैं लेकिन स्टारडम से दूर हैं. इसका कारण वो अपनी फिल्मों की सेलेक्शन को मानते हैं. जिसके लिए आज भी उन्हें काफी पछतावा हैं. इस बात को उन्होंने खुद एक्सेप्ट भी किया है.

एक्टर रणदीप हु्ड्डा इस समय अपनी लेटेस्ट फिल्म ‘जाट’ की सक्सेस को काफी एंजॉय कर रहे हैं. फिल्म में उनके विलेन वाले किरदार को भी दर्शकों द्वारा पसंद किया जा रहा है.रणदीप एक कमाल के एक्टर हैं इसमें किसी को शक नहीं है लेकिन ये बात अलग है कि वे इंडस्ट्री में कई साल बिताने के बाद भी स्टारडम से दूर हैं. इसका कारण वो अपनी फिल्मों के सेलेक्शन को मानते हैं. जिसके लिए आज भी उन्हें काफी पछतावा हैं.

दरअसल कम लोग इस बात को जानते हैं कि रणदीप हुड्डा और फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा के काफी करीबी हैं. अपने फिल्मी करियर के शुरुआती दिनों में दोनों ने साथ में ‘D’ जैसी फिल्मों में काम किया था. लेकिन निर्देशक की एक सलाह ने उनसे एक बड़ा मौका छीन लिया. जिसका उन्हें काफी अफसोस है और इस बात को उन्होंने खुद एक्सेप्ट भी किया है.

एक पॉडकास्ट में बात करते हुए रणदीप हु्ड्डा ने कहा कि ‘उन्हें एक ऐसे मौके को खोने का पछतावा है, जो उनके फिल्मी करियर को एक अलग लीग पर ले जा सकता था. रणदीप ने कहा कि उन्हें फिल्म में भगत सिंह के रोल के लिए संपर्क किया गया था. जो सिद्धार्थ को मिला था. उन्होंने कहा अगर मैंने रंग दे बसंती की होती, तो मैं एक अलग लीग में आता. मैंने इसके लिए ऑडिशन भी दिया और मुझे यह पसंद आया था. फिल्म के डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा कभी-कभी नशे में गाड़ी चलाते हुए मेरे पास आते थे और मुझसे कहते थे ‘कर ले, कर ले पिक्चर कर ले’.

रणदीप हुड्डा ने कहा कि मैं वह फिल्म करना चाहता था, लेकिन उस दौरान राम गोपाल वर्मा ने मुझसे कहा ‘मैं तुम्हें ‘D’ में लीड एक्टर में लेने के बारे में सोच रहा हूं और तुम पोस्टर में आमिर खान के पीछे जाकर खड़े हो जाओगे? एक्टर ने कहा कि मेरी जाट अकड़ निकल आई और मैंने भी कह दिया कि ‘मैं आमिर के पीछे नहीं खड़ा होऊंगा’ ऐसा ही हुआ और मैंने फरहान अख्तर की रॉक ऑन भी इसी तरह के कारणों से छोड़ दी.

एक्टर से पूछा गया तो उन्होंने अलग-अलग रोल के लिए करियर के प्रोजेक्ट क्यों छोड़े? रणदीप ने कहा कि मैंने हमेशा थोड़े अलग तरह के फिल्ममेकर्स और प्रोड्यूसर्स के साथ काम किया और इंडस्ट्री के अंदरूनी लोगों के साथ नहीं, शायद इसलिए मेरी ग्रोथ कम रही. मुझे लगता था कि मैं ही काफी हूं,एक्टिंग ही सबकुछ है लेकिन ऐसा नहीं है.

गौरतलब है कि साल 2006 में आई रंग दे बसंती फिल्म ने अपने दौर में लोगों को सरप्राइज-क्रेजी कर दिया था ‘बेस्ट पॉपुलर फिल्म’ का नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी ‘रंग दे बसंती’ को भारत की तरफ से ऑस्कर अवॉर्डस के लिए ऑफिशियल एंट्री भी बनाया गया था. रणदीप ने राम गोपाल वर्मा के साथ काम के चलते इस बड़ी फिल्म को मना कर दिया था. रणदीप आज भी इस बात को अपने करियर की सबसे बड़ी गलती मानते हैं

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