थायराइड की दवा लेना कम करना चाहते हैं तो असरदार आयुर्वेदिक उपाय के बारे में जानिए, जो हार्मोनल बैलेंस सुधारें और शरीर को अंदर से स्वस्थ बनाएं.

सुबह-सुबह जब अलार्म बजता है, तो एक चीज जो कई लोगों को सबसे पहले याद आती है, वो है थायराइड की गोली. खाली पेट पानी के साथ गोली लेना, हर दिन वही रूटीन… ये जीवन का हिस्सा बन चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयुर्वेद में ऐसे उपाय मौजूद हैं जिनकी मदद से आप इस निर्भरता को धीरे-धीरे कम कर सकते हैं? आज के समय में थायराइड की समस्या महिलाओं में आम हो गई है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, इसे जड़ से सुधारने की कोशिश की जा सकती है. ये तरीके न सिर्फ आपके हार्मोनल बैलेंस को बेहतर बनाते हैं, बल्कि शरीर को अंदर से स्वस्थ करते हैं.
आयुर्वेदिक तरीके से कैसे करें ठीक?
त्रिफला का सेवन करें
रात में सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गर्म पानी के साथ लेने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर का टॉक्सिन बाहर निकलता है, जिससे थायराइड के लक्षणों में सुधार हो सकता है.
अश्वगंधा
अश्वगंधा एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक हर्ब है जो थायराइड हॉर्मोन को बैलेंस करने में मदद करता है. रोजाना एक पिंच अश्वगंधा चूर्ण दूध के साथ लें, लेकिन डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
योग और प्राणायाम
विशेष रूप से उज्जयी प्राणायाम, सिंहासन, सर्वांगासन और मत्स्यासन थायराइड ग्रंथि को उत्तेजित करते हैं और उसका संतुलन बनाए रखते हैं.
आयोडीन युक्त आहार लें
आयोडीन थायराइड हार्मोन के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है. आयोडीन युक्त नमक, समुद्री सब्जियां, केला आदि खाएं, लेकिन अधिक मात्रा से बचें.
इन बातों का ध्यान रखना चाहिए
ये उपाय तभी असर करेंगे, जब आप नियमितता और संयम रखें
आयुर्वेदिक इलाज को कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के शुरू या बंद न करें
थायराइड की परेशानी जीवनभर की मजबूरी नहीं है. अगर सही समय पर सही तरीके अपनाए जाएं, तो इसे प्राकृतिक रूप से संतुलित किया जा सकता है. आयुर्वेद सिर्फ इलाज नहीं, जीवनशैली है और अगर आप इसमें थोड़े बदलाव करें, तो रोज की दवाओं से छुटकारा भी मुमकिन है. लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले एक बार आप डॉक्टर की सलाह भी ले सकते हैं.

