सर्वर हैक की घटना उस समय उजागर हुई जब कंपनी के कर्मचारी और अधिकारी अपने आंतरिक सिस्टम में लॉगिन नहीं कर पा रहे थे. पासवर्ड रीसेट करने की कोशिश में पता चला कि सर्वर से डेटा गायब है.

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के कुर्ला इलाके से साइबर क्राइम की बड़ी घटना सामने आई है. इस घटना ने महानगर की साइबर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक निजी विज्ञापन कंपनी के सर्वर में सेंध लगाकर साइबर हैकरों ने महत्वपूर्ण डेटा चुरा लिया और उसके बदले 4.25 लाख रुपये के बिटकॉइन की मांग की.
यह वारदात उस समय उजागर हुई जब कंपनी के कर्मचारी और अधिकारी अपने आंतरिक सिस्टम में लॉगिन नहीं कर पा रहे थे. पासवर्ड रीसेट करने की कोशिश में उन्हें पता चला कि सर्वर से पूरा डेटा गायब हो चुका है.
कंपनी से साइबर विशेषज्ञों मदद ली तो जांच में सामने आया कि हैकरों ने नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज को हैक कर सभी फाइलों को एन्क्रिप्ट कर दिया है. इसके बाद एक वर्ड डॉक्युमेंट मिला, जिसमें धमकी भरे संदेश के साथ एक लिंक था, जिससे डेटा फिर से प्राप्त किया जा सकता था. बशर्ते कंपनी बिटकॉइन में फिरौती चुकाए.
हैकरों ने खुद को “पेशेवर” बताते हुए लिखा कि भुगतान के बाद न सिर्फ डेटा मिलेगा, बल्कि भविष्य में साइबर हमलों से बचने की तकनीकी सलाह भी दी जाएगी. कंपनी को भुगतान का प्रमाण एक विशेष ईमेल पर भेजने का निर्देश भी दिया गया. घटना की गंभीरता को देखते हुए कंपनी ने सेंट्रल रीजन साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने आईटी एक्ट की धाराएं 65, 66, 43 (एफ), 43 (ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
फिलहाल, यह साफ नहीं है कि इस हमले के पीछे कौन है, लेकिन इस घटना ने यह दिखा दिया है कि अब निजी कंपनियां भी साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं. इस केस से यह स्पष्ट होता है कि साइबर सुरक्षा को लेकर लापरवाही किसी के लिए महंगी साबित हो सकती है.

