SIROHI : लाल मिर्च से इस गांव की बनी पहचान, गुजरात और महाराष्ट्र में भारी डिमांड, जानें खासियत

0
100

राजस्थान में सबसे पहले जोधपुर की मथानिया मिर्च का नाम लिया जाता है. अब सिरोही के सिलवणी गांव की लाल मिर्च भी पहचान बना रही है. गांव के लोग मिर्च की खेती करते हैं.

सिरोही के सिलवणी गांव ने लाल मिर्च से पहचान बनाई है. गांव में सभी परिवार मुख्य रूप से मिर्च की खेती करते हैं. मिर्च की खेती से सालाना लाखों की कमाई भी होती है. आम तौर पर जोधपुर की मथानिया मिर्च प्रसिद्ध है. सिरोही के सिलवणी गांव की मिर्च भी भारी डिमांड में है. डिंगार और तेलपुर के पास बसे गांव में करीब 50 परिवार निवासरत हैं. सभी परिवार मिर्च की खेती करते हैं.

लाल मिर्च खरीदने के लिए लोग सिलवणी पहुंचते हैं. मिर्च की खेती कर रहे परिवारों को अन्य जगह जाने की जरूरत नहीं पड़ती है. गांव में एक महीने तक जगह-जगह लाल मिर्च नजर आती है. घर की छतों और खुली जगह पर मिर्च सूखते दिखाई पड़ती है.

एक बुजुर्ग ने बताया कि सिलवणी की मिर्च खरीदने के लिए गुजरात और महाराष्ट्र से भी व्यापारी आते हैं. ये खरीदार मूल रूप से सिरोही के निवासी हैं. अन्य राज्यों में व्यापार और कामकाज के लिए पलायन कर गए हैं. फरवरी-मार्च के दौरान सिलवणी में मिर्च खरीदारों की भीड़ उमड़ती है.

गांव का माहौल मिर्च मंडी जैसा बन जाता है. सिलवणी गांव की लाल मिर्च को क्वालिटी और तीखेपन की वजह से पसंद किया जाता है. किसान खेतों से मिर्च को लाकर सुखाते हैं. सूखने के बाद लाल मिर्च को रख दिया जाता है. सिलवणी की मिर्च खरीदने वाले लोग बताते हैं इसका रंग जल्दी फीका नहीं पड़ता है. साथ ही इसका तीखापन भी बरकरार रहता है. इस वजह दूरदराज से लोग मिर्च खरीदने सिलवणी आते हैं.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here