‘सिक्सर किंग’ युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह आज (25 मार्च) 68 साल के हो गए. उनका जन्म चंड़ीगढ़ में आज के ही दिन 1958 में हुआ था. यह बात सभी को मालूम है कि युवराज को क्रिकेटर बनाने में उनके पिता योगराज सिंह का बहुत बड़ा हाथ था. जब युवराज सिंह सिर्फ 5-6 साल के थे, तब उनके पिता ने उनके मेडल और स्केट्स कार से बाहर फेंक दिए थे, क्योंकि वे उन्हें क्रिकेट चैम्पियन बनाना चाहते थे- जो एक दिन उनका बदला ले सके. दरअसल, खुद योगराज का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर ज्यादा लंबा नहीं रहा था.
युवराज ने कई इंटरव्यू में कहा है कि उनके पिता उनके लिए कभी सामान्य पिता जैसे नहीं रहे, बल्कि हमेशा एक सख्त कोच की तरह पेश आए. उन्होंने कहा कि बचपन में उनके पिता ने उन पर बहुत प्रेशर डाला था, इस वजह से भारतीय टीम में तो पहुंच गए, लेकिन उन्होंने वह ‘बचपन’ और पिता का प्यार बहुत मिस किया.योगराज सिंह ने पिछले साल एक इंटरव्यू में अपनी पहली पत्नी शबनम सिंह (युवराज सिंह की मां) से माफी मांगी. योगराज ने माना कि उन्होंने पत्नी और बेटे के साथ कई बार गलत व्यवहार किया. इसके बाद माफी मांगते हुए वे भावुक होकर रो पड़े.
68 साल के हुए योगराज अपने विवादित बयानों के लिए भी चर्चा में रहे. उन्होंने एक बार कहा था कि वह कपिल देव से इतने नाराज थे कि उन्हें गोली मारने तक की बात कह दी, क्योंकि उनका मानना था कि उन्हीं की वजह से वो टीम से बाहर हुए. उन्होंने 2015 वर्ल्ड कप टीम से युवराज सिंह के बाहर होने के लिए उन्होंने एमएस धोनी को दोषी ठहराया था. हालांकि बाद में उन्होंने एक इंटरव्यू में धोनी की तारीफ की थी और अपने बेटे की तरह बनाया था.

वैसे पिता को लेकर युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू में तो यहां तक कहा था कि उनके पिता को मानसिक समस्या है, भले वो इसे स्वीकार ना करें. 4 नवंबर 2023 को जारी किए गए एक पॉडकास्ट में युवराज ने कहा था- मुझे लगता है कि मेरे पिता को कोई मानसिक समस्या है, लेकिन वो इसे स्वीकार नहीं करेंगे. युवराज सिंह ने अपने पिता योगराज सिंह की सख्त ट्रेनिंग के कारण उन्हें ‘हिटलर’ और ‘ड्र्रैगन’ कहा था. योगराज ने बचपन में युवराज को क्रिकेटर बनाने के लिए बहुत कठोर नियम अपनाए थे. युवराज ने स्वीकार किया है कि उन दिनों उन्हें अपने पिता से नफरत भी हुई थी.
योगराज सिंह की बात करें तो वह भारत के लिए टेस्ट और वनडे में खेल चुके हैं. लेकिन उनके आंकड़े ज्यादा अच्छे नहीं रहे. योगराज ने भारतीय टीम के लिए 1 टेस्ट और 6 वनडे मैच खेले. उन्होंने टेस्ट डेब्यू 21 फरवरी 1981 को न्यूजीलैंड के खिलाफ किया, जो उनका एकमात्र टेस्ट रहा. इसमें उन्हें जॉन राइट को आउट किया. वहीं योगराज सिंह ने पहला वनडे 21 दिसंबर 1980 को ब्रिस्बेन में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला, यहां उन्होंने 2 विकेट निकाले.
योगराज ने भारत के लिए कुल 6 वनडे मैच खेले, जहां उनके नाम 4 विकेट हैं. इसके अलावा उन्होंने 30 फर्स्ट क्लास मैचों में 398 रन बनाए और 66 विकेट लिये. वहीं 13 लिस्ट ए मुकाबले में उनके नाम 39 रन और 14 विकेट शामिल हैं. को 1980-81 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे के लिए एक सरप्राइज चयन के तौर पर टीम में शामिल किया गया था. वह दाएं हाथ के मीडियम पेस गेंदबाज थे और अच्छी कद-काठी के खिलाड़ी थे.
2009 में हरियाणा विधानसभा चुनाव में योगराज सिंह ने पंचकूला सीट से इंडियन नेशनल लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़ा था. उन्हें कुल 16,932 वोट मिले, जो पड़े हुए कुल वोटों का लगभग 20.5% था. लेकिन वह यह चुनाव हार गए. उन्हें देवेंदर कुमार बंसल ने 12,230 वोटों के अंतर से हराया था. बंसल को 29,192 वोट मिले थे.
योगराज सिंह ने क्रिकेट के अलावा फिल्मों में भी अच्छी पहचान बनाई, खासकर पंजाबी सिनेमा में. उनकी प्रमुख हिंदी फिल्मों में भाग मिल्खा भाग, सिंह इज ब्लिंग, यमला पगला दीवाना भी शामिल हैं, वो अब भी एक्टिंग में सक्रिय हैं. वहीं वो वर्तमान में चंडीगढ़ में क्रिकेट एकेडमी चलाते हैं.

