सरकार का निर्देश है कि जुलाई 2025 तक दिल्ली के सभी मेडिकल स्टोर में CCTV कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं. इससे उन दवाओं की बिक्री पर नजर रखी जा सकेगी जिनका उपयोग नशे, इंसानों और जानवरों पर गलत तरीके से या कपड़ा, रसायन और खाद्य पदार्थों में हो रहा था.

दिल्ली सरकार ने नशे की रोकथाम और दोहरे उपयोग वाली दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब राजधानी के सभी मेडिकल स्टोर पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे ताकि इस तरह की दवाओं की निगरानी की जा सके. यह फैसला नेशनल नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन पोर्टल के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया है.
सरकार का निर्देश है कि जुलाई 2025 तक दिल्ली के सभी मेडिकल स्टोर में CCTV कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं. इससे उन दवाओं की बिक्री पर नजर रखी जा सकेगी जिनका उपयोग नशे, इंसानों और जानवरों पर गलत तरीके से या कपड़ा, रसायन और खाद्य पदार्थों में हो रहा था.अब दोहरे उपयोग वाली दवाएं बिना डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बेची जा सकेंगी. इसके तहत खासतौर पर Schedule H, H1 और Schedule X श्रेणी की दवाएं शामिल हैं.
ये सबसे आम दवाइयां होती हैं जैसे कि पेनकिलर और सीजनल फ्लू की दवाएं. आमतौर पर मेडिकल स्टोर में बिना ज्यादा रोकटोक बिक जाती हैं.इन पर नियम थोड़े सख्त होते हैं. इन्हें बेचते समय मेडिकल स्टोर को रजिस्टर मेंटेन करना होता है.ये सबसे कड़ी निगरानी वाली दवाएं होती हैं, जिनमें आमतौर पर साइकोटिक ड्रग्स आते हैं. इन्हें बिना डॉक्टर की लिखित अनुमति (प्रिस्क्रिप्शन) के बेचना पूरी तरह से प्रतिबंधित है.


