NATIONAL : ओटाराम देवासी और कृष्णावती नदी संघर्ष समिति के बीच वार्ता विफल, ग्रामीणों का फिर जावाल बंद का ऐलान

0
79

मंत्री ओटाराम देवासी ने कृष्णा नदी संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल से घंटों तक बातचीत की, लेकिन समस्या का समाधान निकालने में विफल रहे. ग्रामीण लीज निरस्त करने की मांग पर अड़े हैं.

राजस्थान के सिरोही जिले के कृष्णावती नदी में पॉकलैंड मशीनों से भारी मात्रा में किए जा रहे बजरी खनन के विरोध में धरना-प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा. दोपहर बाद कृष्णावती नदी संघर्ष समिति से जुड़े 22 गांवों के लोग भारी संख्या में जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस पहुंचे. सर्किट हाउस में राज्य मंत्री ओटाराम देवासी को कृष्णावती नदी संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने बजरी खनन लीज रद्द करने सहित अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा.

सिरोही के सर्किट हाउस में राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने ग्रामीणों से करीब आधा घंटा तक वार्ता की, लेकिन वो समस्या का हल नहीं निकाल पाए. तब कृष्णा नदी संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल को मंत्री ने वार्ता के लिए सर्किट हाउस के अंदर बुलाया. संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ने मंत्री ओटाराम देवासी से बातचीत की.

सर्किट हाउस के अंदर प्रतिनिधिमंडल और राज्य मंत्री ओटाराम देवासी के बीच करीब पांच घंटे तक विभिन्न मांगों को लेकर बातचीत हुई. इसके बावजूद सहमति नहीं बनी. इस बीच सांसद लुंबाराम चौधरी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उपखंड अधिकारी, डीएसपी, तहसीलदार भी बैठक में मौजूद रहे. वहीं, दो थानों की पुलिस समेत आरएसी के जवान मौके पर मौजूद रहे.

राजस्थान सरकार में मंत्री ओटाराम देवासी ने बताया की सिरोही एसडीएम को जांच के आदेश दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट मे जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी.सिरोही के कृष्णावती नदी सहित जावाल क्षेत्र मे बजरी खनन रोकने और लीज निरस्त करने को लेकर ग्रामीण पहले भी कई बार धरना दें चुके हैं. परंतु आलम यह है की क्षेत्र मे आज भी हालत जस के तस हैं. इस बात को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है.

वार्ता विफल रहने के बाद कृष्णा नदी संघर्ष समिति से जुड़े ग्रामीणों ने शनिवार को जावाल में पूर्ण बंद का ऐलान किया. इसको लेकर बकायदा गांव मे ऑटो घुमाकर प्रचार भी किया गया है. ग्रामीणों का आरोप खनन का का गैर कानूनी तरीके से हो रहा है. इसका नुकसान स्थानीय लोगों को भविष्य में भुगतने पड़ेंगे.

दूसरी तरु पट्टाधारक प्रतिनिधि ने विभाग के निदेशक से बजरी खनन जारी रखने के लिए सहयोग मांगा है. बजरी खनन लीज पट्टा धारक के प्रतिनिधि भरत सिंह शेखावत ने खान विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर अवैध खनन धारकों द्वारा उनका काम रोकने पर वैध खनन के लिए मदद की गुहार लगाई है.

उन्होंने बताया कि खनन पट्टे से 20 मई तक खनिज का कुल निर्गमन 3,87,394 टन ही किया है. जो खनन पट्टे से नाममात्र ही खनिज का निर्गमन है. जबकि वार्षिक उत्पादन 26,40,000 टन है.

दरअसल, कृष्णावती नदी संघर्ष समिति के नेतृत्व में 22 गांवों की जनता की ओर से कृष्णावती नदी में हो रहे खनन के विरोध में पिछले दो दिनों से धरना जारी है. धरना बुधवार को भी जारी रहा. दोपहर बाद एकत्रित ग्रामीण जावाल से जिला मुख्यालय के गोयली चौराहा पहुंचे. वहां से रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए सर्किट हाउस पहुंचे. ग्रामीणों ने सर्किट हाउस में तीन घंटे से ज्यादा समय तक प्रदर्शन किया.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here