BUSINESS : बैंक ने प्रीति जिंटा का माफ कर दिया था 1.55 करोड़ का लोन, न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले से जुड़ा है मामला

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7 जनवरी 2011 को प्रीति जिंटा को 18 करोड़ का लोन दिया गया था. इसके बदले में उन्होंने मुंबई में एक रेजिडेंशियल फ्लैट और शिमला में प्रॉपर्टी गिरवी रखी थी, जिनकी कुल कीमत 27.41 करोड़ थी.

बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा को कौन नहीं जानता. एक दौर था, जब बॉलीवुड में इनके नाम का सिक्का चलता था. कहा जाता था कि उस दौर में अगर प्रीति किसी फिल्म में हैं, तो उसका हिट होना लगभग तय है. हालांकि, अब उनका नाम न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के 122 करोड़ के घोटाले के मामले में सामने आ रहा है. मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग (EOW) के अनुसार, जिंटा को बैंक द्वारा दिए गए 18 करोड़ के लोन सेटलमेंट में 1.55 करोड़ की रियायत दी गई थी. यह लोन बैंक के लिए नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) बन चुका था.

7 जनवरी 2011 को प्रीति जिंटा को 18 करोड़ का लोन दिया गया था. इसके बदले में उन्होंने मुंबई में एक रेजिडेंशियल फ्लैट और शिमला में प्रॉपर्टी गिरवी रखी थी, जिनकी कुल कीमत 27.41 करोड़ थी.

नवंबर 2012 तक उन्हें 11.40 करोड़ चुकाने थे, लेकिन भुगतान में देरी के कारण 31 मार्च 2013 को यह लोन NPA घोषित कर दिया गया. उस समय बकाया राशि 11.47 करोड़ थी. बाद में, अप्रैल 2014 में बैंक ने 1.55 करोड़ की छूट देकर बाकी रकम चुकाने का प्रस्ताव दिया. जिंटा ने बाकी पैसा चुका दिया और खाता क्लियर कर दिया. लेकिन, अब यह रियायत बैंक में हुई संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की जांच का हिस्सा बन गई है.

EOW इस बैंक में 2010 से 2014 के बीच मंजूर किए गए कई लोन अकाउंट्स की जांच कर रही है. अब तक इस मामले में आठ लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें बैंक के पूर्व जनरल मैनेजर हितेश मेहता भी शामिल हैं. मेहता पर 122 करोड़ हड़पने का आरोप है और उनका पॉलीग्राफ टेस्ट भी हो चुका है. अब उनका ब्रेन मैपिंग टेस्ट करने की योजना है ताकि पैसे के ट्रैल और अन्य शामिल लोगों का पता लगाया जा सके. इसके अलावा, बैंक के पूर्व चेयरमैन हीरेन भानू और उनकी पत्नी गौरी भानू को भी इस मामले में वांटेड घोषित किया गया है.

इस घोटाले के बाद न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है और डिपॉजिटर्स को अपने पैसे की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है. बैंक के डिपॉजिटर्स के हितों की रक्षा के लिए एक संगठन ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि बैंक के ऑपरेशन्स फिर से शुरू किए जा सकें.अभी तक प्रीति जिंटा ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने बैंक को सारे पैसे चुका दिए थे और लोन सेटलमेंट बैंक की मंजूरी से हुआ था. हालांकि, यह मामला अभी और गहरा सकता है क्योंकि EOW की जांच जारी है.

 

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