मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का एक बड़ा बिल्डर महज 4 माह में अर्श से फर्श पर पहुंच गया। उसकी 90 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी अटैच कर ली गई है। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा ने अकूत कमाई की और बिल्डर बन बैठा।हालांकि यह काली कमाई उसे रास नहीं आई। वह जेल पहुंच गया और अब करोड़ों की उसकी प्रॉपर्टियों को अटैच कर लिया गया है। परिवहन विभाग के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा के साथ ही उसके नजदीकी रिश्तेदारों के नाम की संपत्तियां भी अटैच की गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी ने यह बड़ी कार्रवाई की।

सौरभ शर्मा देश-प्रदेश में पिछले साल दिसंबर में उस समय चर्चा में आया जब लोकायुक्त पुलिस ने उसके ठिकानों पर छापे मारे थे। यहां से नकदी और चांदी की सिल्लियां जब्त की गई। इधर आयकर विभाग ने 19 और 20 दिसंबर की दरमियानी रात उसके साथी चेतन सिंह गौर की कार से 52 किलो सोना व 11 करोड़ रुपए नकद बरामद किए थे।
परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की काली कमाई देखकर हर कोई हैरान रह गया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय भी सक्रिय हुआ और 27 दिसंबर तथा 17 जनवरी को छापामार कार्रवाई की।जांच एजेंसियों के मुताबिक सौरभ शर्मा ने खुद के साथ ही अपने रिश्तेदारोें और सहयोगियों के नाम पर भी अनेक बेशकीमती प्रॉपर्टी बनाई। शर्मा की मां, पत्नी, सास के नाम से भोपाल सहित कई शहरों में प्रॉपर्टी खरीदी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब सौरभ शर्मा Builder Saurabh Sharma की काली कमाई से बनाई 92 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच कर ली है। इसी के साथ इन प्रॉपर्टियों की खरीद-फरोख्त पर पाबंदी लगा दी गई है। शर्मा की इन संपत्तियों को ट्रांसफर भी नहीं किया जा सकेगा। प्रॉपर्टी में सौरभ के साथ ही उसके रिश्तेदारों के नाम खरीदी गई संपत्तियां भी शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर की प्रॉपर्टी अटैच की गई है।
राजधानी भोपाल के अरेरा कॉलोनी के ई-7/78 को अटैच किया गया है। सौरभ Builder Saurabh Sharma यहीं रहता था। भोपाल में पत्नी दिव्या के नाम की जिस जमीन पर स्कूल बनाया जा रहा है उसे भी अटैच कर लिया गया है। अविरल कंस्ट्रक्शन कंपनी की 9 संपत्तियां अटैच की जिनमें से भोपाल में 7 और इंदौर में 2 संपत्तियां हैं।
सास रेखा तिवारी की भोपाल के मुगलिया कोट में 0.5 हेक्टेयर जमीन और भोपाल के कुशलपुरा में 2 हेक्टेयर जमीन भी जब्त की गई है। मां उमा शर्मा और पत्नी दिव्या की ग्वालियर में कृषि भूमि और प्लॉट अटैच किए गए हैं।सौरभ के सहयोगी शरद जायसवाल के नाम पर भोपाल का एक प्लॉट अटैच हुआ है जबकि हिनौतिया आलम में कृषि भूमि जब्त की गई है। कई अन्य प्लॉट भी अटैच किए गए हैं।


