हार्दिक शर्मा, जिनपर द्वारका एक्सप्रेसवे पर 4 लोगों ने हमला किया, ने गुरुग्राम और बाइकिंग छोड़ने का फैसला लिया है. उन्होंने पुलिस की देरी से कार्रवाई पर नाराजगी भी जताई है.कुछ ही दिन पहले गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर एक बाइकर पर हमले की घटना की वीडियो वायरल हुआ था. इसके घटना के बाद पीड़ित हार्दिक शर्मा (27) ने यह तय किया है कि वह गुरूग्राम छोड़ देंगे और बाइकिंग से भी तौबा कर लेंगे.

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हार्दिक का कहना है कि उनके माता-पिता ने उन्हें बाइक चलाने और गुरुग्राम में रहने से मना कर दिया है. हार्दिक कहते हैं, ‘मेरे माता-पिता मुझे गुरुग्राम में नहीं रहने देंगे और ना अब कोई बाइक चलाने देंगे. मैं अब अपना सामान पैक कर रहा हूं और तुरंत अपने होम टाउन हिसार जाने का फैसला कर चुका हूं.’
दरअसल, यह घटना रविवार (20 अप्रैल) को हुई, जब हार्दिक अपने बाइकिंग ग्रुप के साथ मानेसर जा रहे थे. वे और उनके साथी स्पोर्ट्स बाइक पर एक नियमित ब्रेकफास्ट आउटिंग पर थे. अचानक 4 लोग SUV में सवार होकर उनके पास पहुंचे और बिना किसी कारण के उन्हें गालियां देना शुरू कर दिया. इसके बाद उन्होंने हार्दिक को रोक कर उसे बुरी तरह से पीटा.
एक वायरल वीडियो में हार्दिक को आरोपियों से अपनी जान छोड़ने की गुजारिश करते हुए देखा जा सकता है. इसके अलावा भी एक वीडियो वायरल है जिसमें सभी आरोपी हार्दिक की स्पोर्ट्स बाइक को नुकसान पहुंचाते दिख रहे थे.
सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, इस घटना ने काफी हलचल मचाई. शनिवार (26 अप्रैल) को, हार्दिक ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि वह अब अपने घर हिसार लौटने का फैसला कर चुके हैं. हाल ही में उनके घायल हाथ का मेडिकल परीक्षण हुआ, जिसमें गहरे नुकसान की जानकारी मिली. उन्होंने बताया, ‘डॉक्टर ने कहा कि हड्डियों के अलावा, बोन मैरो भी चोटिल हुआ है.’
बता दें कि घटना के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई और घटना के तीसरे दिन ही मंगलवार (22 अप्रैल) को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपियों की पहचान भानु शर्मा (33), दीपक सिंह (24), प्रज्ञा शर्मा (23), और राजत सिंह (24) के रूप में हुई है. इन्हें एक दिन बाद कोर्ट से जमानत मिल गई.
इस बीच, हार्दिक ने पुलिस की कार्यवाही पर असंतोष व्यक्त किया था, क्योंकि उसे अपनी शिकायत दर्ज कराने में 12 घंटे का समय लगा. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से समय पर अपडेट नहीं मिल रहे थे. ‘यह पुलिस का काम था. देखो इन लड़कों को, ये ठग हैं. पार्टी करते हैं, अपनी स्टोरीज़ पोस्ट करते हैं, इन्हें कुछ फर्क नहीं पड़ता,” हार्दिक ने कहा.
हार्दिक ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि आरोपियों ने कोर्ट में उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए और डराने के लिए 35 से अधिक लोग लाए. उन्होंने कहा कि आरोपियों की जमानत याचिका की सुनवाई अगस्त में होगी. वे अपनी निर्दोषता का दावा कर रहे हैं, जबकि सोशल मीडिया पर पार्टी कर रहे हैं. हार्दिक ने लोगों से अपील की है कि अगर पुलिस न्याय नहीं देती, तो सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपियों को उनकी गलती का अहसास कराएं.


