गौरव खन्ना ने मास्टरशेफ में खराब शुरुआत के बावजूद मेहनत से जीत हासिल की. जज फराह खान ने उनकी पहली डिश को बेकार कहा था, लेकिन फिनाले में गौरव ने सबको चौंका दिया.

मास्टरशेफ जैसे बड़े मंच पर हर कंटेस्टेंट का एक अलग सफर होता है. लेकिन गौरव खन्ना की कहानी वाकई में सबसे अलग और प्रेरणादायक है. जहां कई लोग शुरुआत से ही तारीफें बटोरते रहे, वहीं गौरव की शुरुआत कुछ खास नहीं रही थी. उन्होंने जिस डिश से शो की शुरुआत की थी, उसे चखते ही जज फराह खान ने साफ कह दिया था कि “ये तो बिलकुल बेकार है!” इतना ही नहीं, उन्होंने डिश का स्वाद इतना खराब बताया कि चखते ही उनका रिएक्शन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. गौरव के लिए ये एक बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज वह सेलिब्रिटी मास्टरशेफ शो के विनर बन गए हैं.
गौरव ने उस वक्त खुद से एक वादा किया था कि वो इसी मंच पर जीतकर दिखाएंगे. उन्होंने दिन-रात मेहनत की, फ्लेवर कॉम्बिनेशन पर काम किया, प्रेजेंटेशन सीखा, और सबसे बढ़कर अपनी गलतियों से सीख ली. फिनाले में गौरव को एक बड़ी चुनौती मिली. शेफ रणवीर बरार की सिग्नेचर डिश “दक्षिण एक्सप्रेस” को बनाया. यह एक साउथ इंडियन थीम से जुड़ी डिश थी, जिसमें अलग-अलग एलिमेंट्स, टेक्सचर और स्मोक प्रेजेंटेशन शामिल था. इस डिश में ड्राय आइस थियेट्रिक्स का इस्तेमाल किया गया था. गौरव ने इस डिश को 150 मिनट में तैयार किया था. गौरव ने इस चुनौती को न सिर्फ पूरा किया, बल्कि इतनी खूबसूरती से प्रेसेंट किया कि जज रणवीर बरार तक दंग रह गए. उनके डिश का स्वाद, टेक्सचर और प्लेटिंग हर लिहाज़ से परफेक्ट था.
गौरव ने 20 लाख रुपए का इनाम भी जीता है. वहीं, इस शो की फर्स्ट रनर अप हैं निक्की तंबोली और दूसरी हैं तेजस्वी प्रकाश. यहां हैरानी कि बात यह है कि इन दोनों की डिश को काफी तारीफ मिलती थी, लेकिन अंत में गौरव ने बाजी मार ही ली. इसके अलावा उन्हें फराह खान से खूब तारीफ भी मिली है कि, मुझे बहुत अच्छा लगा कि तुमने मुझे गलत प्रूफ किया. उनकी यह जीत इसलिए और खास बन जाती है क्योंकि उन्होंने सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए उदाहरण पेश किया है जो एक बार फेल होने के बाद खुद पर शक करने लगते हैं. उन्होंने दिखा दिया कि अगर लगन और मेहनत हो, तो एक ही मंच पर जहां आप कभी नकार दिए गए थे, वहीं आप तालियों की गूंज में विजेता बनकर खड़े हो सकते हैं. उनकी मेहनत ने बता दिया कि ‘फर्स्ट इम्प्रेशन’ भले ही खराब हो, लेकिन ‘लास्ट परफॉर्मेंस’ ही असली पहचान बनाती है.


