बदलते वक्त के साथ ऑनलाइन प्रॉपर्टी सर्च की संख्या भी बढ़ती जा रही है. अब तो किराए पर घर देने के नाम पर भी घोटाला ज्यादा होने लगा है. कई बार घर लेते वक्त ऐसे धोखेबाजों के झांसे में आ जाते हैं, जो नकली प्रॉपर्टी के लिए पैसे लेते हैं. ऐसे में घर खरीदने या किराए पर लेते वक्त अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है.

किराए पर घर लेने की तलाश करने वालों से कई बार ऐसी प्रॉपर्टी के नाम पर पैसे ले लिए जाते हैं, जो या तो सच में होते नहीं है या जिनमें पहले से किराएदार रह रहे हैं. ऐसी प्रॉपर्टी के गलत या नकली डॉक्यूमेंट दिखाकर लोगों से धोखाधड़ी की जा रही है. इनके झांसे में आकर कई बार लोग एडवांस में पैसा दे देते हैं और अपना ही नुकसान कर बैठते हैं. ऐसे में किराए पर घर लेते वक्त कौन सी सावधानियां बरतनी है आइए इस पर जरा नजर डालते हैं-
अगर आपको कोई घर उसी लोकेशन के दूसरे घरों से सस्ते में ऑफर किया जा रहा है, तो तुरंत सचेत हो जाए. कई बार स्कैमर्स किराएदारों को लुभाने के मकसद से कम रेट पर अच्छा घर ऑफर करने की बात कहते हैं.
मकान मालिक हमेशा किराए पर घर देने से पहले किराएदारों को घर देखने या जांचने की इजाजत देता है. अगर कोई यह कहकर इससे इंकार करता हे कि वह अभी घर पर नहीं है या शहर से बाहर है, तो मामला गड़बड़ हो सकता है.
कई बार किराएदारों को डिपॉजिट जल्द से जल्द भरने का दबाव डाला जाता है. अगर बिना वेरिफिकेशन के आपको पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा जाता है, तो सावधान रहें. इसी के साथ अगर मकान मालिक लीज या ओनरशिप डॉक्यूमेंट देने से कतराता है, तो इस स्थिति में भी सावधानी से आगे बढ़ने की जरूरत है. इसलिए हमेशा किराए पर घर लेने से पहले मकान मालिक की विश्वसनीयता और प्रॉपर्टी के बारे में ऑनलाइन सर्च करें. देखें कि कहीं उनके बारे में कोई शिकायत या रिव्यू तो नहीं है. लिस्टिंग के वेरिफिकेशन के लिए भरोसेमंद रियल एस्टेट वेबसाइट को चुनें.
हमेशा लोकेशन पर जाकर प्रॉपर्टी की जांच करें. इसके अलावा, पेमेंट करते वक्त सिक्योर बैंकिंग मेथड का ही इस्तेमाल करें और लेनदेन रिकॉर्ड या रसीद प्राप्त करें. इसी के साथ, एक भी पैसा देने से पहले एग्रीमेंट की अच्छे से जांच करें ताकि कोई छिपी हुई शर्त आपकी नजरों से न बच जाए.


