माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर पंजाब सरकार ने पिछले माह 21 दिसंबर को जालंधर निगम के चुनाव संपन्न करवा लिए थे। जालंधर में 85 वार्डों के चुनाव दौरान आम आदमी पार्टी बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाई थी और इसके 38 पार्षद जीते थे। बहुमत तक पहुंचने के लिए आम आदमी पार्टी को 43 यानी पांच और पार्षदों की जरूरत थी जिसके बाद राजनीतिक उठापटक का दौर चला और आजाद रूप से जीते दो, कांग्रेस के दो और भारतीय जनता पार्टी के चिन्ह पर जीते 2 पार्षद आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे।

इस प्रकार इस समय आम आदमी पार्टी का आंकड़ा 44 तक पहुंच चुका है जो बहुमत के पार माना तो जा रहा है परंतु पता चला है कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में सेफसाइड को देखते हुए लोकल यूनिट को निर्देश दे रखे हैं कि कुछ और पार्षदों को तोड़कर आप में शामिल करवाया जाए ताकि यह आंकड़ा 50 के निकट पहुंच सके और आम आदमी पार्टी अपने मेयर , सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में अपने आप को कंफर्टेबल महसूस कर सके।
पार्टी नेतृत्व के ऐसे निर्देशों के बाद स्थानीय स्तर पर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने फिर राजनीतिक उठापटक का दौर चलाया। इसके बाद माना जा रहा है कि जल्द ही जालंधर के कुछ और पार्षद आम आदमी पार्टी के खेमे में शामिल हो सकते हैं। आप से जुड़े सूत्रों के अनुसार इसमें कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के कुछ पार्षद शामिल हैं जो शनिवार यानी 4 जनवरी को ही आम आदमी पार्टी में शामिल होने की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं।
यह भी एक तथ्य है कि किसी दूसरी पार्टी से जीता एक पार्षद पहले ही आम आदमी पार्टी को समर्थन देने का आश्वासन दे चुका है जिसके चलते जालंधर निगम के सदन में आम आदमी पार्टी के पार्षदों की संख्या 45 हो चुकी है। अगर शनिवार या रविवार को तीन और पार्षद आप में शामिल होते हैं तो यह आंकड़ा 48 तक पहुंच सकता है जो 43 के बहुमत वाले आंकड़े से पांच ज्यादा होगा।
हाऊस की पहली बैठक में क्रॉस वोटिंग के भी चांस
जालंधर नगर निगम के पार्षद हाऊस की पहली बैठक दौरान मौजूद पार्षदों के हाथ खड़े करके ही मेयर , सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव किया जाएगा, ऐसे में पूरी पूरी संभावना है कि जरूरत पड़ने पर आप के पक्ष में क्रॉस वोटिंग तक हो सकती है। आम आदमी पार्टी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इस समय मेयर पद का जो सशक्त दावेदार बना हुआ है, उसके कई निकटतम साथी ऐसे हैं जो दूसरी पार्टियों के चिन्ह पर चुनाव जीते हैं। ऐसे में वह पार्षद भी जरूरत पड़ने पर बेखौफ होकर निगम सदन में अपने मित्र और मेयर पद के दावेदार का समर्थन कर सकते हैं। परंतु आप नेतृत्व यह मान कर भी चल रहा है कि अगर उसके पास 48 पार्षदों का आंकड़ा हो जाता है तो क्रॉस वोटिंग की नौबत ही नहीं आएगी। इतना अवश्य हो सकता है कि विपक्ष के दो चार पार्षदों को गैर हाजिर करवा लिया जाए ताकि हाउस में बहुमत को साबित करना और आसान हो जाए।
कुल मिलाकर परिस्थितियां यह बन रही हैं कि जल्द ही कुछ दिनों में जालंधर नगर निगम के पार्षद हाउस की पहली बैठक बुला ली जाएगी जिसमें मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर को चुन लिया जाएगा जो तीनों ही आम आदमी पार्टी से संबंधित होंगे। यह भी लगभग तय है कि पार्टी नेतृत्व मेयर पद के लिए जिस नाम को करीब 10 दिन पहले फाइनल कर चुका है उसी के नाम पर मोहर लगाई जाएगी और साफ छवि को प्राथमिकता दी जाएगी। पता चला है कि सीनियर डिप्टी मेयर का पद एक महिला जबकि डिप्टी मेयर की पोस्ट एक पुरुष को दिए जाने की संभावना है। उनके नाम भी लगभग फाइनल किए जा चुके हैं।


