भारतीय रेलवे टिकटों की बुकिंग में धांधली को रोकने के लिए कई बड़े कदम उठा रहा है. इसी को लेकर रेलवे बोर्ड में ईडीप (Executive Director Project) दिलीप कुमार ने आजतक से बात की. उन्होंने कहा कि हमें बीच-बीच में शिकायत प्राप्त होती रहती थी कि कुछ लोगों ने वेबसाइट पर अपनी फेक आईडी बनाई है और उसका इस्तेमाल गलत तरीके से कर रहे हैं. हमने ऐसे लोगों की पहचान की. हमने बोट डिटेक्शन टूल्स लगाए हैं, इसके माध्यम से उन सारे अकाउंट को आईडेंटिफाई करके उनको क्लोज कर रहे हैं. अब तक कई अकाउंट्स को क्लोज किया जा चुका है.

भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग को आधार से भी वेरीफाई करने की कोशिश की है. एक मिनट में टिकट बुकिंग की क्षमता को भी बढ़ाया गया है. बीच-बीच में हमारे पास शिकायत आती रही है कि कुछ लोग खास करके, जो एजेंट हैं और हमारे ऑथराइज्ड एजेंट नहीं हैं, वह भी रेलवे की टिकट बुकिंग को लेकर दूसरे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे थे.
हालांकि, जब ये मामला हमारे संज्ञान में आया तो हमने कुछ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके इन सब खातों को वेरीफाई करवाना चालू किया. जिसके बाद से यह पकड़ में आया है. अब हम ऐसी स्थिति में हैं कि अधिक से अधिक यात्रियों को तत्काल कंफर्म टिकट प्रोवाइड कर सकते हैं.हम प्रतिदिन 16 लाख टिकट यात्रियों को कंफर्म टिकट प्रोवाइड कर सकते हैं. ई-टिकटिंग के माध्यम से प्रतिदिन करीब-करीब 13 लाख यात्रियों ने टिकट बुकिंग करनी शुरू कर दी है. हमारी कोशिश यह है कि जो टिकट जारी किए जाएं, वह जेनुइन पैसेंजर को जारी किया जाए.


