शिमला में पर्यटन कारोबार मंदा, डिस्काउंट देकर ग्राहकों को आकर्षित करने का प्रयास

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पहाड़ों की रानी शिमला में पर्यटन कारोबार मंदा पड़ गया है। स्थिति यह है कि अब कारोबारियों के लिए रोजाना के खर्चे पूरे करना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अब दुकानदारों के अलावा होटल व रेस्तरां संचालक डिस्काऊंट देने को मजबूर हो गए हैं। रेस्तरां में ग्राहकों को 10 से 20 प्रतिशत तक का डिस्काऊंट इन दिनों देना शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा होटलों में कमरों के किराए में भी 20 से 40 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।

बीते करीब 1 माह से शिमला व आसपास के पर्यटन स्थलों की पर्यटकों की आमद बेहद कम हो गई है। होटलों व अन्य पर्यटन इकाइयों में ऑक्यूपेंसी में काफी गिरावट दर्ज की गई है। सप्ताह भर ऑक्यूपेंसी कम रहने के बाद वीकेंड पर भी ऑक्यूपेंसी में कोई खास इजाफा नहीं हो रहा है। बीते जनवरी माह पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों के अलावा स्थानीय दुकानदारों के लिए काफी मंदा रहा। अब फरवरी माह की शुरूआत वीकेंड से शुरू होने के बावजूद पर्यटन स्थल खाली नजर आए।

आमतौर पर विंटर सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थल पर्यटकों से गुलजार रहते थे, लेकिन इस बार ऐसा नजर नहीं आ रहा है। जनवरी माह में पर्यटकों की चहल-पहल काफी कम रही और स्थानीय निवासियों की आवाजाही ही अधिक शहर के बाजारों में और घूमने योग्य स्थलों पर देखने को मिल रही है। रविवार को कार्ट रोड शिमला स्थित पर्यटन निगम की लिफ्ट से रिज व मालरोड की ओर आने वाले लोगों की संख्या भी काफी कम दिखी। शिमला व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने कहा कि पर्यटकों की आमद बेहद कम है। इससे कारोबार काफी मंदा पड़ गया है। उन्होंने कहा कि नववर्ष की शुरूआत में शिमला में पर्यटक पहुंचे थे, लेकिन अब पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है।

वर्ष 2025 में अब तक नहीं हुई अच्छी बर्फबारी, पर्यटक नहीं हो रहे आकर्षित

वर्ष 2025 में अब तक पहाड़ों की रानी शिमला सहित आसपास के स्थानों पर अच्छी बर्फबारी नहीं हुई है। बर्फबारी न होने के चलते पर्यटक आकर्षित नहीं हो रहे हैं। हालांकि बीते दिनों में विदेशी पर्यटकों की आमद में हल्का इजाफा हुआ है, लेकिन इससे भी पर्यटन उद्योग पटरी पर नहीं आया है।

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