आरोपी के परिजनों ने दस्तावेज पेश करते हुए बताया कि राहुल कौशिक ने 2008 में UPSC परीक्षा पास की थी और उन्हें इंडियन पोस्टल सर्विस मिली थी. फिलहाल पुलिस ने उन्हें जमानत दे दी. उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के नौचंदी थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है. पुलिस ने राहुल कौशिक नाम के व्यक्ति को फर्जी IAS अधिकारी बताकर गिरफ्तार किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका खुलासा भी कर डाला. पुलिस का दावा था कि वह खुद को IAS बताकर लोगों को धमकाता था और अधिकारियों को भी फोन कर गुमराह करता था.
लेकिन अब मामले में नया मोड़ आ गया. आरोपी के परिजनों ने दस्तावेज पेश करते हुए बताया कि राहुल कौशिक ने 2008 में UPSC परीक्षा पास की थी और उन्हें इंडियन पोस्टल सर्विस मिली थी. परिवार ने पुलिस को प्रशिक्षण की तस्वीरें, सर्टिफिकेट और UPSC रिजल्ट से जुड़ी अखबार की कटिंग भी दिखाई. इसके बाद पुलिस ने राहुल कौशिक का धारा 151 में चालान कर थाने से ही जमानत दे दी.

पुलिस अब अपना बचाव करते हुए कह रही है कि राहुल फिलहाल किसी पद पर तैनात नहीं हैं, और परिवार द्वारा दिए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है. इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. यहां बता दें कि यह मामला सोशल मीडिया पर भी काफी तूल पकड़ा था, जिसने पहले से ही पुलिस पर सवाल उठाए थे. अब परिवार के आरोपों पर पुलिस दोहरी घिरती हुई नजर आ रही है. चूंकि पुलिस सूत्रों के मुताबिक UPSC परीक्षा की भी अगर बात मानी जाए तो IAS नहीं थे राहुल कौशिक. अभी फिलहाल जांच जारी है.
खुद को IAS बताने वाले राहुल कौशिक ने भी अब इस मामले में पुलिस पर कई आरोप लगाए हैं. उनके मुताबिक पुलिस ने उन्हें बिना किसी कारण गिरफ्तार कर लिया और उनका फोन जब्त कर लिया. अब उन्होंने इस मामले में इन्साफ की गुहार लगाईं है. बहरहाल इस मामले में अब कई दावे आने बाकी है.

