UP : बस्ती में पुलिस की प्रताड़ना से परेशान नाबालिग नदी में कूदा, जानें क्या है पूरा मामला

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बस्ती जनपद के लालगंज कस्बे से होकर गुजरने वाली कुआनो नदी के पुल से एक किशोर पानी में कूद गया. मछली पकड़ रहे मछुआरों ने किसी तरह से उसे बचाकर नदी से बाहर निकाला. इसके बाद किशोर लालगंज थाने और 112 नंबर पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाने लगा. उसका कहना है कि रात में पुलिस कर्मियों ने उसे निर्वस्त्र कर पीटा और वीडियो भी बना लिया. अब वह किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं है, इसलिए नदी में कूद गया था.

लालगंज क्षेत्र के कोप गांव निवासी 17 वर्षीय अखिलेश चौधरी पुत्र कृपाशंकर चौधरी कुआनो नदी के पुल पर पहुंचा. कुछ देर तक पुल पर खड़े रहने के बाद अचानक उसने पानी में छलांग लगा दी. आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो लोगों की भीड़ जुट गई. उसी समय पास में नाव लेकर मछली पकड़ रहे मछुआरों की नजर उस पर पड़ गई. मछुआरों ने अखिलेश को डूबने से पहले निकाल लिया. इधर, सूचना पाकर पुलिस भी पहुंच गई. कुछ देर तक अखिलेश अचेत पड़ा रहा. थोड़ी देर बाद चीख-चीखकर एसओ के सामने ही पुलिस पर आरोप लगाने लगा.

अखिलेश का कहना था कि उसके कपड़े उतरवाकर यूपी-112 की टीम ने बीती रात को पीटा और वीडियो भी बनाया है. वह वीडियो जो देखेगा क्या सोचेगा, इसलिए उसने जान देने की कोशिश की. पीड़ित अखिलेश के पिता कृपाशंकर चौधरी ने बताया कि बेटे अखिलेश चौधरी को लालगंज पुलिस थाने पर ले जाकर मारा पीटा गया. रात में गांव के पास धूपई चौधरी इंटर कॉलेज के पास नंगा कर पिटाई कर वहीं छोड़ दिया. इससे आहत होकर बेटे ने यह कदम उठाया है.

इस कदम के लिए लालगंज पुलिस और 112 के टीम जिम्मेदार है. जब कि पड़ोस में रहने वाले उनके पटीदारों से जमीन का विवाद है, नशे में वे लोग गाली दे रहे थे तो उनके बड़े बेटे ने डायल 112 को बुलाया, और विपक्षियों पर कार्यवाही के बजाए उनके दोनों बेटों को ही पुलिस पकड़ लाई और थाने से पहले छोटे बेटे को रास्ते में नंगा कर अभद्रता की.

मामला बस्ती के लालगंज थाना इलाके के कोप गांव का है. जहां पट्टीदार से जमीन को लेकर एक विवाद का मामला पुलिस तक पहुंचा था. मौके पर पहुंची पुलिस ने अपनी कारिस्तानी की. एक नाबालिग लड़के को धर लिया. फिर क्या उसके साथ बदसलूकी की सारी हदों को पार कर दिया. पहले उसके कपड़े उतरवाए उसके बाद उसे बेरहमी से पीटा. यहीं तक पुलिस रुक जाती तो बात ही क्या थी. उसके बाद आरोप है कि उसका वीडियो भी बना लिया. बस यही बात उस नाबालिग को इतनी बुरी लगी कि शर्म की वजह से उसने लालगंज पुल से कुआनो नदी में छलांग लगा दी. जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया और स्थानीय लोगों की मदद से उस लड़के को बचा लिया गया.

यही नहीं इसके बाद भी लालगंज के खाकीवाले सुनील कुमार गौंड ने बताया कि उसके भाई को 151 में अदालत भेज दिया है और उस नाबालिग को बाल कल्याणा समिति में भेजने की तैयारी है. सवाल सिर्फ इतना कि नैतिकता की दुहाई देने वालों को कहां भेजेंगे. रामराज के नाम पर घिनौना काम करने वाले खाकी वालों को कहां भेजेंगे. डीएसपी स्वर्णिमा सिंह से जब इस प्रकरण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच शुरू हो गई, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्यवाही होगी.

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